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Madhya Pradesh
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अब कैद होंगी हरकतें
भास्कर संवाददाता & गरोठ
एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में शामिल गांधीसागर की सुरक्षा को लेकर विभाग ने गंभीरता दिखाई है। जिला व पुलिस प्रशासन के साथ जल संसाधन विभाग भी इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में मप्र व राजस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों की बांध की सुरक्षा व इसे टूरिज्म केंद्र बनाने की दिशा में बैठक हुई है। इसके साथ ही मप्र व राजस्थान के पुलिस अधिकारी भी सुरक्षा के उपायों एवं डेम से जुड़े अन्य मामलों पर बैठक करने जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा बांध व आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था जिसे स्वीकृति मिल गई है और २१ मार्च तक यह काम पूरा भी हो जाएगा। बांध क्षेत्र में ११ कैमरे लगेंगे, हालांकि विभागीय अधिकारी इस मामले में अभी खुलकर नहीं बता रहे हैं।
६५ सुरक्षाकर्मी होंगे नियमित- गांधीसागर बांध की सुरक्षा व्यवस्था के लिए ६५ लोगों के नियमितीकरण का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। अभी इस पर स्वीकृति नहीं मिली है लेकिन अगले साल तक यह प्रस्ताव भी स्वीकृत हो जाएगा। फिलहाल यहां कुछ निजी सुरक्षाकर्मी तैनात हैं लेकिन अभी उनको नियमित नहीं किया गया है।
बांध पर बना ब्रिज फिर लाइट से जगमगाएगा
जल संसाधन विभाग गांधीसागर बांध पर बने ब्रिज की लाइट व्यवस्था भी सुधारने का काम कर रहा है। विभागीय अधिकारियों ने इस महीने के अंत तक ब्रिज एवं बांध के आसपास की रोशनी की व्यवस्था को ठीक कराने का दावा किया है। तय योजना के अनुसार काम हुआ तो गांधीसागर बांध फिर से रोशनी से जगामगाएगा।
प्रयास किए जा रहे हैं
ञ्चबांध की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में गोपनीयता रखने के लिए हर बात नहीं बताई जा सकती लेकिन जल्द ही ६५ सुरक्षाकर्मी नियमित हो जाएंगे तथा मार्च के अंत तक कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बांध की सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे।
ए.के. जैन
कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग,गांधीसागर









