दिग्गजों को मिली पटखनी
मकराना पंचायत समिति मण्डल सदस्य चुनावों में पूर्ण प्रधान श्रीराम भींचर ने एक बार फिर अपना जनाधार साबित कर दिखाया है। भींचर की मेहनत के चलते बीजेपी को मण्डल चुनावों में २५ में से 16 सीटों पर जीत हासिल हुई है। इस चुनाव में भींचर की प्रतिष्ठïा पूरी तरह से दांव पर लगी हुई थी। कई बड़े नेताओं ने भींचर को चारों तरफ से घेर रखा था। यहां तक की उन्हें स्वयं को हराने के लिए भी जी तोड़ कोशिश की गई थी। इसके बावजूद भाजपा की झोली में २५ में से १६ सीटें डालकर भींचर चक्रव्यूह को भेदने में कामयाब रहे। दूसरी तरफ चुनाव लडऩे वाले अनेक दिग्गजों को पटखनी खानी पड़ी। मकराना प्रधान सीट इस बार ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व विधायक रूपाराम मुरावतिया के छोटे भाई लालूराम मुरावतिया की बहू लक्ष्मी देवी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भंवराराम डूडी की धर्मपत्नी छोटी देवी तथा पूर्व पंचायत समिति सदस्य भूराराम डूडी की पुत्र वधु मुन्नी देवी को प्रधान पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इन्हें जीताने के लिए पूर्व विधायक मुरावतिया व डूडी बंधुओं ने जी तोड़ कोशिश की थी परंतु तीनों ही महिलाऐं चुनाव हार गई। इसी प्रकार पंचायत समिति के वार्ड संख्या २२ से पूर्व विधायक बिरदाराम चौधरी की पुत्रवधु मात्र दो वोटों के अंतर से चुनाव हार गई। इस शानदार जीत के बाद पूर्व प्रधान भींचर के खेमे में उत्साह की लहर दौड़ गई। भींचर ग्रामीण हल्कों में एक बार फिर कांग्रेस पर भारी पड़े। उल्लेखनीय है ग्रामीण मतदाताओं से जुड़ाव के चलते भींचर पूर्व में दो बार मकराना प्रधान रह चुके हैं। तीसरी बार इस सीट पर वे अपने भतीजे रमेश की धर्मपत्नी मोहिनी को काबिज करवाना चाहते हैं। देखा जा रहा है कि बहुमत के बावजूद उनकी राह में रोड़े आ रहे हैं।










