मनोरंजन नहीं जिम्मेदारी भी है कविता : विद्यार्थी
फिरोजपुर से आए विख्यात पंजाबी शायर हरमीत विद्यार्थी जिला लिखारी सभा रोपड़ के ओहदेदारों एवं सदस्यों के साथ रूबरू हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा है कि आज कविता मनोरंजन का साधन न होकर एक जिम्मेवारी वाला काम बन गया है।
समकालीन कविता की दिशा एवं दशा पर तसल्ली प्रकट करते हुए विद्यार्थी ने कहा कि पंजाबी कविता पंजाबियों के स्वभाव की तरह अमानवीय सत्ता के साथ दस्त पंजा (कागजी लड़ाई) लेते हुए समकालीन समस्याओं को चिंता एवं चिंतन बनाते हुए अपना अस्तित्व ग्रहण करती है।
विद्यार्थी ने पंजाबी मनुुष्य के अस्तित्व के मसलों को साहित्य का अंग बनाने के साथ-साथ जनमानस की सोच का अंग बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लेखकोंं व बुद्धिजीवियों को अपनी समाजिक चेतना फैलाने के लिए आम लोगों के साथ जुडऩा चाहिए।
कवियों ने लूटी वाहवाही
रूबरू कार्यक्रम में एडवोकेट सोहन सिंह जौहल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिन्होंने सभा को 2100 रुपए की आर्थिक सहायता दी। जिला लिखारी सभा के अध्यक्ष बलेदव सिंह कोरे, शिअद के राष्ट्रीय ज्वाइंट सचिव सुखिंदर सिंह बॉबी बोला, जिला बार एसोसिएशन रोपड़ के महासचिव एडवोकेट वरिंदर सिंह, समिति सदस्य कुलविंदर सिंह ने प्रधानगी मंडल में शिरकत की।
सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा.शमशेर सिंह मोही ने केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के पूर्व महासचिव हरमीत विद्यार्थी के जीवन को बारे में उपस्थिति को बताया। कवि दरबार में गुरचरन कौर गंभीर, इंद्रजीत सिंह बाला, निर्मल प्रसन्न, दीदार सिंह बागी, प्रेम प्रकाश नाज, महिंदर सिंह भल्याण, बलजिंदर कौर, अमन इशाक, एडवोकेट सुरेश कुमार, सोहन सिंह जौहल, प्रो. निर्मल सिंह, गुरनाम सिंह बिजली, गुरइंद्र सिंह प्रीत, डा. अजमेर सिंह, तजिंदर सिंह खिजराबादी, केसर सिंह कंग व सुरजीत मंड भी उपस्थित थे तथा अधिकतर रचनाकारों ने अपने कला का प्रदर्शन किया।
मंच संचालन की भूमिका सभा की महासचिव प्रिं. यतिंदर कौर माहल ने बखूबी निभाई। इस दौरान पंजाबी लेखक डा. जोगिंदर सिंह राही एवं डा. टीआर विनोद की मौत पर दुख व्यक्त किया गया।
प्रकाश पर्व पर कार्यक्रम 14 को
राहों & पार्षद बलदेव भारती ने
बताया कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाश पर्व 14 फरवरी को गुरुद्वारा सचखंड साहिब मोहल्ला सराफां में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सांसद रवनीत सिंह बिट्टू विशेषतौर से शिरकत करेंगे।










