भारत ने ब्रिटिश फर्म से 1 करोड़ डॉलर का हर्जाना मांगा
नई दिल्ली. वायुसेना के लिए खरीदे गए हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर्स (एजेटी) के कल-पुर्जे को जोड़ने में आ रही दिक्कतों के चलते भारत ने ब्रिटिश कंपनी बीएई से एक करोड़ डॉलर से अधिक का हर्जाना मांगा है। 2004 में हुए सौदे के तहत 42 विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (हाल) में असेंबल होने थे, जबकि 24 विमानों की सीधी आपूर्ति का करार किया गया था।
लेकिन हाल के सूत्रों का कहना है कि विमान के कई कल-पुर्जे फिट नहीं हो पा रहे हैं, लिहाजा उन्हें फिर री-डिजाइन करना पड़ रहा है। इन परेशानियों के बारे में करार में कुछ भी नहीं कहा गया था। सूत्रों ने कहा कि कल-पुर्जे की समस्या के चलते परियोजना में विलंब हो रहा है। इसी को देखते हुए हाल ने बीएई को एक करोड़ पांच लाख डॉलर का हर्जाना देने की मांग की है।










