अब होगी ब्लड व वैक्सीन की जांच
नगर संवाददाता & श्रीगंगानगर
वैक्सीन, सर्जरी तथा आयुर्वेद-यूनानी दवाओं व ब्लड के सैंपल लेते समय औषधि विभाग के अधिकारी अब कतराएंगे नहीं। वर्षों बाद सरकार ने औषधि विभाग की सुध लेते हुए जयपुर में ही इन दवाओं व ब्लड की जांच सुविधा शुरू कर दी है। इसके लिए लंबे समय बाद तीन राजकीय विश्लेषक लगाए गए हैं, साथ ही कई नए उपकरण भी मंगवाए हैं। इन विश्लेषक के लगने के बाद विभाग ने अब श्रीगंगानगर सहित प्रदेशभर के औषधि अधिकारियों को वैक्सीन, ब्लड व अन्य दवाओं के सैंपल लेने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार औषधि विभाग ने अभी दवाओं की जांच के लिए जयपुर में लैब बना रखी है, लेकिन यहां चुनिंदा दवाओं की जांच की जाती थी। लिहाजा, विभागीय अधिकारी भी उन्हीं दवाओं के ही सैंपल लेते थे।
रोचक यह भी है कि उक्त लैब में वैक्सीन, शीरा, सर्जरी की दवाओं समेत सैकड़ों ऐसी दवाएं थी, जिनकी जांच सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण औषधि अधिकारी उनके सैंपल लेते समय बगले झांकने लगते थे। हाल ही श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के कई जिलों में नकली दवाओं के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने अब जयपुर लैब में तीन राजकीय औषधि विश्लेषक तैनात किए हैं। इनमें एलोपैथी, आयुर्वेद व यूनानी दवाओं की जांच के लिए औषधि विश्लेषक डा.नवनंदसिंह को लगाया गया है, जबकि शीरा, वैक्सीन, सर्जरी व पशुओं की दवाओं की जांच के लिए विशेष रूप से चेन्नई की केंद्रीय औषधि प्रशिक्षण प्रयोगशाला के विश्लेषक डा.एन मुरुगेसन को यहां सरकारी विश्लेषक के रूप में तैनात किया है।
इसी तरह ब्लड व उसके तमाम उत्पादों की जांच की जिम्मेदारी एसएमएस मेडिकल कालेज के पैथोलोजी विभाग को सौंपी गई है। विभाग के प्रोफेसर को राजकीय विश्लेषक का दर्जा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि नकली दवाओं को लेकर औषधि विभाग ने पिछले माह पूरे प्रदेश में अभियान भी चलाया था।
इसी दौरान भास्कर ने 'औषधि विभाग बीमार, दवा की दरकारÓ समाचार प्रकाशित कर विभाग की इस लाचारी का खुलासा किया था। इसके बाद विभाग हरकत में आया था।



