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Wednesday, Mar 10th, 2010, 1:10 am [IST]  

danik bhaskarसौर ऊर्जा से चलेंगी फैक्ट्री

प्रवीन कौशिक

फरीदाबाद. बिजली किल्लत की समस्या से जूझ रहे उद्योग जगत, मॉल्स, अस्पताल, होटल, नर्सिग होम व अन्य बड़े संस्थानों को अब इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। बिजली की खपत वाले सभी बड़े संस्थानों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से बिजली के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने की एक योजना तैयार की गई है।



इस योजना के तहत लगाए गए प्लांट के बाद कम से कम 20 साल तक बिजली की किल्लत से छुटकारा मिल जाएगा। राहत भरी बात तो यह है कि इससे न केवल उद्योगपतियों व अन्य संचालकों को भरपूर बिजली मिलेगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा और इस प्लांट पर बस एक बार की लागत आएगी।



सरकार की तरफ से इस प्लांट के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी। आज कई बड़े देश व शहरों में बिजली की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है और बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। पर उस हिसाब से बिजली पैदा नहीं की जा रही है। इसके कारण आए दिन लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।



अगर केंद्र सरकार की बिजली बचत व किल्लत से बचने के लिए तैयार की गई योजना सिरे चढ़ गई तो शहर में तमाम उद्योगों सहित अन्य बड़े संस्थानों को काफी राहत मिलेगी। इसको रूफ टॉप सोलर फोटावाल्टिक सिस्टम का नाम दिया गया है। इस योजना में १क्क् किलोवाट तक की क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा।



क्या है योजना: केंद्र सरकार की इस योजना में बताया गया है कि शहर में मॉल्स, अस्पताल, नर्सिग होम, फैक्ट्रियां व बिलड़रों को सबसे अधिक बिजली की जरूरत होती है। अक्सर ये सभी बिजली के विकल्प के रूप में डीजल के जनरेटरों का प्रयोग करते हैं जिससे प्रदूषण तो होता ही है, खर्चा भी अधिक होता है इसलिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई।



इस योजना के तहत सरकार की तरफ से 25 से लेकर १क्क् किलोवाट तक की क्षमता का सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया जाएगा। १क्क् किलोवाट के प्लांट की कीमत तीन करोड़ रुपए रखी गई है। इसमें नॉन प्रॉफिट वाले संस्थानों के लिए एक करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी और प्रॉफिट वाले संस्थानों के लिए 75 लाख की सब्सिडी दी जाएगी। सरकार द्वारा इस प्लांट की दस साल की वारंटी भी दी जाएगी।



कैसे करें आवेदन : केंद्र सरकार की इस योजना के बारे में पूरा प्रारूप एडीसी कार्यालय में आ चुका है। यदि कोई संस्थान संचालक इस स्कीम का लाभ उठाना चाहता है तो वह एडीसी कार्यालय में संपर्क कर सकता है। इसके लिए उसको अपने संस्थान में बिजली के लोड की जानकारी देनी होगी और ये सभी आवेदन मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिए जाएंगे।



क्या कहते हैं प्रोजेक्ट आफिसर : जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के प्रोजेक्ट आफिसर पीसी शर्मा ने बताया कि उनके पास इस योजना के बारे में पूरा लेखा-जोखा आ गया है। शहर के तमाम उद्योगपतियों, अस्पताल संचालकों, मॉल्स प्रबंधकों सहित बड़े संस्थानों से आवेदन मांगे गए हैं। जो आवेदन आ जाएंगे, उनको मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा।



क्या कहते हैं एडीसी : एडीसी वीएस हुड्डा ने बताया कि सरकार की यह काफी राहतभरी योजना है। इस योजना का उद्योगपतियों समेत सभी को लाभ उठाना चाहिए। फरीदाबाद औद्योगिक शहर है, इसलिए यहां पर काफी संख्या में उद्योग स्थापित हैं और इनको चलाने के लिए काफी बिजली की आवश्यकता होती है। ऐसे में सौर ऊर्जा की यह योजना बिजली की बचत तो करेगी ही, साथ में प्रदूषण को भी कम करने में मदद करेगी।



उद्योगपतियों ने किया वेलकम



एफएसआईए के प्रधान राजीव चावला का कहना है कि सरकार की यह बेहतरीन योजना है और इससे ऐसे बड़े संस्थान संचालकों को काफी लाभ होगा। इस महत्वकांक्षी योजना से न केवल बिजली की किल्लत दूर होगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा और कम लागत में उद्योगपतियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।



एमएएफ के महासचिव रमणीक प्रभाकर ने सरकार की इस योजना को जनहित में बताया और कहा कि केवल निजी संस्थानों के लिए ही नहीं बल्कि सड़कों और सरकारी व निजी दफ्तरों में सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे बिजली पर निर्भरता कम हो सकेगी। इस योजना से उद्योग बाजार में एक बार फिर बूम आ जाएगा और लोगों को काफी राहत मिल सकेगी।

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