Wednesday, Mar 10th, 2010, 7:19 am [IST]  
  • + comment
  • |
  • +Share

danik bhaskarप्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की तैयारी में निगम

भास्कर न्यूज

रायपुर. आय बढ़ाने में जुटा नगर निगम प्रापर्टी टैक्स की दरों में कम से कम 10 फीसदी की वृद्धि करने जा रहा है। एमआईसी की बैठक में इसे मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे 25 मार्च के आसपास होने वाली सामान्य सभा की बैठक में रखा जाएगा। जल, मल कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा।



महापौर किरणमयी नायक का कहना है कि पिछले 13 सालों से प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में संशोधन नहीं हुआ था। निगम तभी बेहतर सेवाएं दे पाएगा, जब उसकी कमाई अच्छी हो। रावणभाठा प्लांट में हुई एमआईसी की पहली बैठक में संपत्ति कर को न्यूनतम 10 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव पर सिद्धांतत: सहमति हो गई।



महापौर ने बताया कि एमआईसी की अगली बैठक 15 मई को होगी। 25 मार्च को सामान्य सभा में निगम का अगले वित्तीय वर्ष का बजट भी पेश कर दिया जाएगा। निगम को संपत्ति कर के रूप में इस समय करीब २७ करोड़ रुपए मिलते हैं, जिसे कर वसूली में सख्ती और कर निर्धारण में चोरी को रोककर 30 से 32 करोड़ करने का प्रयास किया जा रहा है।



बड़ी संपत्तियों के नए सिरे से असेसमेंट के अच्छे नतीजे मिले हैं। निगम को 1.64 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। 1.94 करोड़ रुपए पिछले साल का वसूलना बाकी है। निगम के अफसर भी मान रहे हैं कि राजधानी में टैक्स की जबर्दस्त चोरी हो रही है। तेलीबांधा के एक मैरिज पैलेस का मामला सामने आया है, जिसका टैक्स केवल 9 हजार रुपए तय किया गया था।



वास्तविक टैक्स इससे कम से कम पांच गुना होना चाहिए था। अफसरों ने इलाके के राजस्व अधिकारियों को फटकारा, तब नए सिरे से असेसमेंट शुरू हुआ। एमआईसी सदस्य और राजस्व विभाग के प्रभारी अमित दास का कहना है कि महापौर चाहती हैं कि निगम कर्मचारियों और अधिकारियों को छठवें वेतनमान का लाभ मिले। बिना निगम की कमाई बढ़ाए यह संभव नहीं है। निगम अपने टैक्स का निर्धारण ही सही तरह से कर ले, तो उसकी कमाई 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ जाएगी।



राजधानी में निगम ने संपत्ति कर 1997 से नहीं बढ़ाया है। हर साल 10 फीसदी की वृद्धि का नियमों में प्रावधान है। निगम आम लोगों की परेशानी को देखते हुए इस साल केवल 10 फीसदी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव सामान्य सभा में ला रहा है। - किरणमयी नायक, महापौर, नगर निगम

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: