बेहोश होकर गिरीं बच्चियां
रायपुर. राजधानी से आठ किलोमीटर दूर उरकुरा स्थित प्राथमिक शाला की 20 छात्राएं मंगलवार सुबह 11.30 बजे अचानक बेहोश हो गईं। शाला मैदान में प्रार्थना के समय हुई घटना से सब भौंचक रह गए। आनन-फानन में उन्हें आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों का अनुमान है कि बेहोशी की वजह तेज गर्मी है। विधान सभा में कांग्रेस विधायक धर्मजीत ंिसह ने सरकार से मांग की कि मामले की जांच कराई जाये। स्कूल परिसर की इस घटना की खबर चंद मिनटों में शिक्षा और प्रशासनिक महकमें में फैल गई। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. आर बाम्बरा और जिला प्रशासन के अधिकारी तत्काल आंबेडकर अस्पताल पहुंच गए।
बच्चियों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद में अफसरों ने उरकुरा गांव जाकर पूरे हालात की जानकारी ली। आंबेडकर अस्पताल प्रशासन ने भी बच्चियों के इलाज के लिए डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात कर दी थी। अस्पताल के सहायक अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने देर शाम बताया कि सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है।
ऐसे प्रतीत हो रहा है कि बच्चियां तेज धूप बर्दाश्त नहीं कर सकीं और बेहोश हो गईं। शाम तक 10 बच्चियों को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी। प्राथमिक शाला उरकुरा स्कूल में 410 विद्यार्थी हैं। स्कूल सुबह 11.30 से शाम 4.30 बजे की पाली में लगती है।
मंगलवार को सामान्य दिनों की तरह बच्चे स्कूल पहुंचे थे। बताते हैं कि पहले गेट के पास चार-पांच बच्चे बेहोश हुए। स्कूल के बच्चों ने यह बात शिक्षकों को बतायी। उन्होंने फौरन वहां पहुंचकर पानी के छींटे मारे।
इससे विद्यार्थियों को होश आ गया। उसके बाद जब बच्चों को प्रार्थना के लिए खड़ा किया गया, तब एक के बाद एक 20 बच्चियां बेहोश होकर गिर पड़ीं। इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के बेहोश होने से शिक्षकों और हेड मास्टर को सांप सूंघ गया।
बस्ती से दूर स्कूल : उरकुरा का स्कूल बस्ती से तकरीबन डेढ़ किमी दूर है। स्कूल आने-जाने के लिए पक्की कांक्रीट की सड़कें हैं। स्कूल के बच्चे नंगे पैर ही आते-जाते हैं। दो दिनों से तेज गर्मी पड़ रही है। माना जा रहा है।
अजीबोगरीब चर्चाएं
छात्राओं के बेहोश होने की घटना के बाद शिक्षा और प्रशासनिक महकमें के साथ-साथ उरकुरा में अजीबोगरीब चर्चाओं को दौर शुरू हो गया है। प्रशासनिक अमला काफी देर तक यही समझता रहा कि बच्चियों ने स्कूल परिसर में लगे हैंडपंप का पानी पिया था, उसमें कुछ गड़बड़ी थी। उरकुरा और आस-पास की बस्तियों में अनजाना भय व्याप्त है।



