किसान ने कीटनाशक निगला, राजिंदरा में भर्ती
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर जिला प्रशासन की ओर से गांव दूधड़ में 144 एकड़ जमीन पर जब से कब्जा लिया गया है तब से इस जमीन पर पिछले 40 सालों से खेती करते आ रहे 150 किसान परिवारों ने संघर्ष का राह पकड़ा हुआ है। वीरवार को इसी गांव के एक किसान जरनैल सिंह (50) ने कोई जहरीली चीज खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिसे गंभीर हालात में राजिंदरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जरनैल सिंह के अनुसार जब उसके पास खेती करने लायक कुछ बचा ही नहीं है तो वो जीना नहीं चाहता है और इसलिए वीरवार सुबह उसने अपने खेतों में जाकर फसलों पर छिड़कने वाली जहरीली दवाई पी ली है। उधर डाक्टर जरनैल सिंह की सेहत पर लगातार ध्यान रख रहे हैं।
कई दिनों से था परेशान: जरनैल सिंह के बेटे कुलवंत सिंह ने बताया कि जबसे उनकी 7 एकड़ जमीन पर जिला प्रशासन ने कब्जा लिया है तब से उनका पिता बेहद उदास था। वो कई दिनों से कुछ खा पी भी नहीं रहा था। आज सुबह वो चुपचाप खेतों में गया और वहां फसलों पर छिड़काव करने वाले दवाई को पी गया। जब उन्हें पता चला तो तुरंत डकाला में किसी प्राइवेट डाक्टर के पास लेकर गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। जरनैल सिंह के परिवार में 2 लड़के व 1 लड़की है। जरनैल सिंह भी उन 150 किसानों की तरह इस जमीन पर पिछले 40 सालों से खेती करता आ रहा था। अस्पताल में उपचाराधीन जरनैल सिंह ने बताया कि उसके परिवार की रोजी रोटी इसी जमीन के सहारे चलती थी। जब यह जमीन ही उनसे छीन ली गई है तो ऐसे में परिवार पालना अब उनके बस में नही है।
चारों तरफ से हिम्मत हार कर ही उसने आत्महत्या करने का फैसला किया था।



