संभल कर करें पानी खर्च, नहरों में नहीं है पानी
भास्कर न्यूज& बहादुरगढ़
यदि आप जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग के उपभोक्ता हैं और सप्लाई के पानी को बर्बाद कर रहे हैं तो अभी से एहतियात बरतनी शुरू कर दें। ऐसा इसलिए बताया जाता है कि क्योंकि जिन वाटर टैकों के माध्यम से शहर व सेक्टरवासियों को
पेयजल की आपूर्ति होती है, वे सभी नहरों में पानी न होने के कारण सूखने की स्थिति में हैं। यदि कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा, तो पानी की किल्लत लोगों की दिनचर्चा पर भी असर डाल सकती है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शहर को जल आपूर्ति करने के लिए चार टंैक हैं, जबकि सेक्टर के लिए यह व्यवस्था अलग से बनाई गई है। इस प्रकार से दोनों ही क्षेत्रों के लिए पानी की आपूर्ति गुडग़ांव वाटर सर्विसेज के माध्यम से होती है। वैसे तो बहादुरगढ़ को मिलने वाले कुल ३५ क्यूसिक पानी में शहर को १५ और सेक्टर को २० क्यूसिक दिन जाने की व्यवस्था है, लेकिन सेक्टर में पानी की मांग कम होने के कारण पानी का अधिकांश हिस्सा शहर के लिए ही उपयोग में ले लिया जाता है। इस प्रकार से पानी की आवश्यकता को देखते हुए १५ क्यूसिक की बजाए शहर के लिए २५ क्यूसिक पानी तक उपलब्ध करा दिया जाता है। इसके बावजूद शहर में पानी की मांग पूरी नहीं होती है। अब गर्मी का मौसम आने के कारण पानी की मांग बढ़ गई है। जबकि टैकों में पानी का स्टाक आवश्यकता के मुताबिक नही है।



