बिजली के इंजन से बचेंगे 40 मिनट
कोटा. कोटा-बीना रेल खंड पर विद्युत इंजन से ट्रेन जून माह के बाद दौड़ने लगेगी। इससे रेल संचालन में सुधार के साथ ही ट्रेनों की गति बढ़ेगी। ट्रेन एक स्थान से दूसरे स्थान पर जल्दी पहुंच सकेगी। इससे इंजन बदलने के काम में भी समय की बचत होगी।
कोटा रेल विद्युतीकरण संगठन के महाप्रबंधक गुलशन राय विज ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कोटा-बीना 309 किमी क्षेत्र के रेल खंड के विद्युतीकरण का कार्य वर्ष 2006-07 में स्वीकृत किया गया था।
महाप्रबंधक ने बताया कि इस कार्य को मार्च माह में लगभग पूरा कर लिया जाएगा। मार्च में विद्युतीकरण का फिजिकल वर्क पूरा होगा। इसके बाद टेस्टिंग व कमीशन का काम बचेगा। विद्युत इंजन से ट्रेन संचालन के लिए चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सैफ्टी (सीआरएस) से अनुमति लेनी होगी। ये कार्य जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही विद्युत इंजन से ट्रेन दौड़ सकेगी। इस मौके पर मुख्य परियोजना प्रबंधक अवनेश कुमार मौजूद थे।
कार्य जून तक पूरा होगा
उज्जैन-इन्दौर रेल विद्युतीकरण कार्य जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा। महाप्रबंधक ने बताया कि उज्जैन-इन्दौर व देवास-मक्सी खंड के विद्युतीकरण के कार्य में देरी संबंधित फर्म की ओर से धीमी गति से काम करने के कारण हुई है। उज्जैन-इन्दौर रेल विद्युतीकरण के काम पर लगभग 67.71 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
राज्य का बड़ा भाग विद्युतीकृत होगा
राजस्थान के कई इलाके विद्युतीकृत नहीं होने के प्रश्न पर आरई के महाप्रबंधक विज ने कहा कि वेस्टर्न कोरीडोर आने पर राज्य का अधिकांश रेलमार्ग विद्युतीकृत हो जाएगा। इस कोरीडोर पर डबल स्ट्रेग कंटेनर चलेंगे। इस रेलमार्ग की (ओएचई) विद्युत वायर अधिक ऊंचाई पर होंगे। इसके लिए ट्रॉयल भी हो चुकी है। ट्रॉयल में 7.45 मीटर ऊंचे विद्युत तारों के आधार पर ट्रेन चलाकर देखी गई। ट्रॉयल सफल भी हो चुकी है। इस कार्य को डेलीगेटेड फ्रेट कोरीडोर लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।



