किसानों को दी भूमि जल प्रबंधन की जानकारी
भास्कर न्यूज & झज्ज्र
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के उपक्रम कृषि विज्ञान केंद्र में सोमवार से सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसमें किसानों को भूमि जल प्रबंधन, जल संचयन, टपका सिंचाई प्रणाली, बरसाती पानी को सहेजने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला के संयोजक डा. रमेश वशिष्ठï ने बताया कि इस कार्यशाला में किसानों को शुष्क कृषि व पानी का घरेलु, पशुपालन व कृषि में सदुपयोग आदि विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने किसानों को मानव जीवन में पानी के महत्व पर विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि खेतों को समतल कर छोटे-छोटेे मेढ़ बना कर हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इस मौके पर
किसानों को सूखे इलाकों में खेती के लिए परामर्श की गई। किस्मों के प्रयोग करने का महत्व बताया। खेतों को खरपतवार रहित रखने तथा पानी को जमीन में संचित करने के लिए मल्चिंग
विधि करने का परामर्श दिया।
केंद्र के वरिष्ठï समायोजक डा. परमवीर यादव ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षणों के बारे में किसानों को बताया व रासायनिक खादों से हट कर जैविक खाद के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कीटनाशकों व खरपतवार नाशकों के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी। उन्होंने सब्जियों में टपका सिंचाई प्रणाली अपनाने की विधि व महत्व भी बताया। वरिष्ठï गृह विज्ञान विशेषज्ञ डा. शशि वशिष्ठï ने किसानों व कृषक महिलाओं को घरेलु स्तर पर पानी प्रबंधन व शुद्धिकरण के बारे में विस्तार से बताया। ब्लाक कृषि अधिकारी रमेश कुमार, एवं बलेराम ने किसानों को मिट्टïी व पानी की जांच का महत्व बताया व जांच के बाद ही फसल उगाने का आग्रह किया । इस कार्यशाला में 50 से अधिक
किसानों ने भाग लिया। 22 मार्च तक चलने वाली इस कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय से जुड़े कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को कृषि संबंधित जानकाारियां प्रदान करेंगे।



