फास्ट-ट्रैक सैन्य सौदे शक के घेरे में
नई दिल्ली.
मुंबई आतंकी हमले के बाद सेना द्वारा प्रतिस्पर्धी टेंडर प्रक्रिया अपनाए बिना किए गए फास्ट-ट्रैक सौदों को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर आरोप हैं कि उन्होंने निजी हितों को पूरा करने के लिए कुछ विशेष सौदों को आगे बढ़ाया और उनकी मंजूरी के लिए दबाव बनाया।
फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत सौदों को सामान्य प्रक्रिया की तुलना में जल्दी मंजूर कर दिया जाता है। ये आमतौर पर आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए होते हैं।
अधिकारी का तबादला :
इन सौदों के इंचार्ज रहे इन्फैंट्री (पैदल सेना) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल जसबीर सिंह का पिछले हफ्ते ही आनन-फानन में ट्रांसफर कर दिया गया। १३ मार्च को लेफ्टिनेंट जनरल एसएन हांडा ने उनसे चार्ज ले लिया। आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि सिंह ने दिल्ली में तीन वर्ष पूरे कर लिए थे, इसलिए उन्हें बाहर भेजा गया है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला सौदों में घालमेल के मद्देनजर लिया गया है।
क्या था आधार?
३१ मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे थल सेना अध्यक्ष जनरल दीपक कपूर को जानकारी मिली कि कुछ सौदों को मंजूर कराने में इन्फैंट्री अधिकारियों ने काफी ‘दिलचस्पी’ दिखाई है। कुछ ने तो अपने आवास पर हथियार बेचने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकातें भी कीं। यह जानने के बाद कपूर ने अपने उत्तराधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल वीके सिंह से चर्चा की और लेफ्टिनेंट जनरल सिंह को ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिया।
कुछ पर पुनर्विचार संभव :
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं या नहीं, लेकिन इनमें से कुछ सौदों पर पुनर्विचार लगभग तय है। मुंबई हमले के बाद कई फास्ट-ट्रैक सौदे हुए, जिनका उद्देश्य घातक यूनिट्स को बेहतर बनाना था। हर इन्फैंट्री यूनिट में एक घातक यूनिट होती है, जिसमें कमांडो ट्रेनिंग प्राप्त 20जवान होते हैं। इन्हें दुश्मन के ठिकानों पर घात लगा कर हमला करने में महारथ हासिल होती है।
इन पर भी संदेह :
इंन्फैंट्री निदेशालय के अन्य सौदों को लेकर भी संदेह है। इनमें आर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड की ‘इनसास’ असॉल्ट राइफल के स्थान पर विदेशी राइफल खरीदने का सौदा भी है। निदेशालय ने बिना कारण बताए इनसास कार्बाइन का प्रस्ताव भी रद्द कर दिया था।
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फास्ट-ट्रैक सौदे जो जारी हैं:
- स्निपर राइफल
- टीएआर-२१ एसॉल्ट राइफल
- टेलिस्कोप
- रात में लक्ष्य देखने में मदद करने वाले उपकरण
- ग्रेनेड लांचर
- हल्के वजन वाली बुलटप्रूफ वेस्ट आदि ।



