सोहराबुद्दीन के संपर्क में था IPS अफसर!
गांधीनगर बहुचर्चित सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर प्रकरण में सीबीआई (मुंबई) के हाथ एक अहम सुराग लगा है। जांच में पता चला कि सोहराबुद्दीन व उसके भाई नईमुद्दीन के संपर्क में गुजरात का एक आईपीएस अधिकारी था। सूत्रों ने बताया कि एनकाउंटर से एक साल पूर्व आईपीएस अधिकारी और इन दोनों भाइयों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी।
सूत्रों ने बताया कि सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई (मुंबई) के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं। इस एनकाउंटर की जांच सीआईडी क्राइम के डीआईजी रजनीश राव को सौंपी गई थी। एनकाउंटर के एक साल पहले सोहराबुद्दीन व उसके भाई नईमुद्दीन के मोबाइल नंबरों के कॉल विवरण मंगवाए गए थे। इस बीच जांच जब सीबीआई को सौंपी गई थी तब उसमें कॉल विवरण नहीं था।
रजनीश राव को एयरटेल कंपनी के एक्जीक्यूटिव ने मेल किया था और उसकी एक प्रति कंपनी के अधिकारी विनोद तिवारी को भेजी गई थी। इसकी सूची सीबीआई को मिल गई। इसमें गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी की एनकाउंटर के एक साल पहले से दोनों भाइयों के साथ मोबाइल पर संपर्क होने का राज खुला है। इन दोनों भाइयों की ओर से भी फोन किए जाते थे। सूत्रों ने बताया कि आईपीएस अधिकारी जिस मोबाइल फोन का उपयोग बाचचीत के लिए करता था वह उसके नाम से नहीं था। यह मोबाइल किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत करवाई गई है। सूत्रों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति की पहचान भी सीबीआई ने कर ली है।
गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन का वर्ष 2005 में गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था। उसकी पत्नी कौसर बी की भी हत्या कर दी गई थी और बाद में सबूत छिपाने के इरादे से उसकी लाश को जला दिया गया था। सोहराबुद्दीन पर आतंकी संगठनों से साठगांठ व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन ने इस एनकाउंटर को फर्जी बताया था और इससे संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। इस मामले की जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच कर रही थी। बाद में इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई। इस फर्जी एनकाउंटर प्रकरण में एटीएस के तत्कालीन प्रमुख डीजी वंजारा सहित कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।



