‘हमें अफगानिस्तान से नहीं निकाला गया’
नई दिल्ली. भारत को अफगानिस्तान से निकाले जाने की खबरों को विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हम इस युद्धग्रस्त देश के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहां की जनता व सरकार ने भी इसे स्वीकार किया है।
इससे पहले आई मीडिया खबरों में कहा गया था कि अफगानिस्तान में पाकिस्तान का प्रभाव बढ़ रहा है। भारत को या तो दरकिनार कर दिया गया है या फिर बाहर निकाल दिया गया है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि हमने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के इस बयान को भी गंभीरता से लिया है कि भारत अफगानिस्तान का दोस्त है और पाकिस्तान जुड़वां भाई।
भारतीयों पर हमलों के बारे में पूछे जाने पर कृष्णा ने कहा कि जो लोग मानवीय कार्र्यो के लिए वहां गए हैं उनके पास हथियार नहीं हैं। इस वजह से वे आतंकियों का आसान लक्ष्य बन जाते हैं। विदेश मंत्री ने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि अमेरिकी प्रशासन अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी को कम करने की कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तान के साथ हुई विदेश सचिव स्तर की बातचीत के बारे में कृष्णा ने कहा कि इस वार्ता से किसी नाटकीय परिणाम की उम्मीद नहीं थी। लेकिन उस देश की वर्तमान सोच का आकलन करने के लिहाज से यह बातचीत सफल रही। विदेश मंत्री ने कहा, ‘हमने पाकिस्तान के विदेश सचिव को भारत आने के लिए आमंत्रित किया ताकि बातचीत शुरू हो सके । साथ ही हम जान सकें कि पाक का क्या रुख है।’ कृष्णा के मुताबिक, वे निराश नहीं हैं क्योंकि उन्होंने इस बैठक से बहुत अधिक अपेक्षाएं नहीं की थीं।



