Aaj Ke Kalam
हास्य फिल्मों का गर्म बाजार
आज के दर्शकों को हास्य फिल्में पसंद आना यह साबित नहीं करता कि वे प्रेमल हृदय नहीं हैं। प्रतिस्पर्धा के वातावरण में युवा वर्ग नए दबाव और तनाव को झेल..

 

भिखारी भी हो सकता है ब्रांड एंबेसडर
आखिर इन अकर्मण्य, सुस्त भिखारियों को काम देते हुए हमारे उद्यमी इनका बेहतर इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते? वे इन्हें कारपोरेट इमेज प्रमोटर बना सकते हैं।

 

विचारोत्तेजक हिंसामय प्रेमकथा
करण जौहर और रेंसिल डीसिल्वा का साहस है कि उन्होंने ‘कुर्बान’ के रूप में एक विचारोत्तेजक थ्रिलर रचा।