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संपादकीय

सिंधु नदी करार पर जल्दबाजी में कदम उठाना ठीक नहीं

यही वजह है एक तरफ प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पाकिस्तान से सकारात्मक...
 

हम किसी के शब्दों से आहत क्यों होते हैं?

हम हमेशा खुद को हर चीज के केंद्र में मानने लग जाते हैं और उलझन में पड़ जाते हैं।

अर्थव्यवस्था पर मूडी की रेटिंग खारिज करना आसान नहीं

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था की अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडी के आकलन...

कल्पेश याग्निक का कॉलम : हे मेरे सैनिक- आओ, लहू का भीगा हुआ हाथ मुझसे मिलाओ

तुम्हारी मृत्यु का मुझे कोई दु:ख नहीं है। वह तो वीरगति है। उस पर तो तुम्हारे परिवार के समान...

महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन से मिले खतरनाक संकेत

पहले गुजरात फिर हरियाणा और अब महाराष्ट्र में उभरे शासक वर्ग के आंदोलन ने जहां राज्य सरकार...

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शरीफ के मंसूबे नाकाम करने होंगे

पाकिस्तान ने जितनी तेजी से संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्‌दे को उठाने की तैयारी की है...
 
 
 
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