August 29, 05:45

फैज अहमद फैज के अल्फाज- बोल के लब आजाद हैं तेरे, बोल जबां अब तक तेरी है- हर उस शख्स को ताकत देते हैं, जो बोलने की आजादी पर यकीन रखता है, जो लोकतंत्र पर विश्वास रखता है। लेकिन इन दिनों यही लब जहर उगल रहे हैं। नफरत की बाढ़ में खास समुदायों को निशाने पर लिया जा रहा है। कुछ...