संपादकीय

  • देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस
Home >> Abhivyakti >> Editorial

Editorial

अपग्रेड नहीं होंगे तो जॉब स्थायी रूप से अस्थायी ही रहेगा

मैं दूसरों के बारे में तो नहीं जानता लेकिन, मेरा पहला लाइफ लेसन मुझे नौ वर्ष की उम्र में मिला, जब मेरी मां ने कहा, यदि मैं अपना स्तर ऊंचा उठाकर पढ़ाई में अच्छा नहीं करता तो यही संभावना होगी कि मैं अपने जॉब को स्थायी रूप से अस्थायी बना दूंगा। यह उन दिनों सबसे ज्यादा सुना जाने वाला डायलॉग था। मेरा पहला जॉब लेने वाला शत्रु वह चमचमाता बर्तन था, जिसमें मेरी मां दूध उबाला करती थी। उसने बरसों तक किचन प्लेटफॉर्म पर स्थायी जगह बना रखी थी, जिसकी अपनी आवाज थी, सिटी जिससे वह मां को बताता था कि उसमें भरा दूध उबल...
07:45 AM

मायथोलॉजी में हैं बिज़नेस के कई आइडिया

इस पौराणिक कहानी के मामले में अगर मैं गलत हूं तो मुझे क्षमा कीजिएगा, लेकिन मुझे मालूम है कि मोटेतौर पर कहानी ऐसी ही है। किंतु, जब भी मैं किसी बच्चे को यह कहानी सुनाता हूं तो वह कभी भी इसकी सीख को सही तरीके से नहीं लेता। कहानी यूं है- नारद एक खास तरह के आम लेकर कैलाश पर्वत पर जाते हैं, जिसे किसी के साथ साझा नहीं किया जा सकता। गणेश और कार्तिकेय दोनों आम मांगते हैं। शिव इसका हल निकालते हैं- कहते हैं जो भी पृथ्वी के तीन चक्कर पहले पूरे करेगा उसे आम मिलेगा। कार्तिकेय तुरंत अपने टर्बोचार्ज्ड वाहन मोर पर...
May 27, 07:19 AM

बड़ी आबादी का विस्थापित होना हमारी हर समस्या का कारण

संयुक्त राष्ट्र संघ की नार्वे शरणार्थी परिषद (एनआरसी) की रिपोर्ट में विस्थापन की समस्या से सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत का तीसरा स्थान हैं, जहां 2016 में करीब 28 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। चार लाख से ज्यादा लोगों को तो हिंसा और संघर्ष की वजह से विस्थापित होना पड़ा तथा 24 लाख लोग आपदाओं की वजह से विस्थापित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की आर्थिक वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में सुधार के प्रयास असमानता को पाटने में नाकाम रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक दस में से हर तीसरा भारतीय आंतरिक...
May 27, 07:16 AM

लोकतांत्रिक समाज बनाने के लिए राष्ट्रपति का मंत्र

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने एक व्याख्यान में उचित ही कहा है कि मीडिया को सत्ता के बारे में सवाल पूछने चाहिए और शोर मचाकर उन लोगों की आवाज नहीं दबानी चाहिए जो असहमत हैं। उनका यह कहना मीडिया का सिद्धांत होना चाहिए कि हम इसी प्रकार से राष्ट्र को बचा सकते हैं और एक लोकतांत्रिक समाज को कायम रख सकते हैं। मीडिया खासतौर पर इलेक्ट्रिॉनिक मीडिया उनके संकेत को समझे और दायित्व के निर्वाह में लोकतांत्रिक मान्यताओं का पालन करे। यह अधिकार किसी भी राजनीतिक दल को है कि वह अपनी खास विचारधारा में यकीन...
May 27, 07:14 AM

बीजिंग को ग्लोबल सिटी बनाने के लिए मनमानी तोड़-फोड़

नेशनल आर्ट गैलरी से बीजिंग के मध्यवर्ती भाग में दोंगसी नॉर्थ स्ट्रीट तक सैलरी एली नाम की संकरी गली है। यह कम्युनिस्ट जमाने से पहले की संकरी गलियों में से हैं, जिन्हें हुतोंग कहते हैं। एक मंजिला मकान, ईंटों की धूसर रंग की दीवारें और ऊपर की ओर मुड़े छतों से निकले छज्जे। चीनी शहरों में जो बदलाव की लहरें चल रही हैं, यह उसके लघु संसार जैसा है। सैलरी एली गरीब बस्ती है। बड़े मकानों को और भी छोटे रहवासी हिस्सों में विभाजित किया गया है। कुछ ही घरों में किचन या बाथरूम हैं, इसलिए गली में बाथरूम और रेस्तरां...
May 26, 08:28 AM

मधेसियों के मामले में दखल देकर नेपाल में चीन को मौका दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब यहां चीन की यात्रा पर आए थे तो एशिया की दोनों शक्तियों में रिश्ते नई ऊंचाई पर जाने की उम्मीद बंधी थी। उस समय यहां और उन शहरों में जहां मोदी जाने वाले थे काफी सकारात्मक माहौल था। उसमें कोई बनावट नहीं थी। लेकिन वह पूरी यात्रा व्यापार पर केंद्रित रही। चीन का जोर भारत में व्यापार बढ़ाने और निवेश करने पर अधिक रहा। दोनों देशों के बीच संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर बहुत कम चर्चा हुई। यहां ऐसा महसूस किया गया कि भारत-नेपाल और भारत-पाकिस्तान संबंधों ने चीन के साथ रिश्तों को...
May 26, 08:16 AM

बुर्जुआ व्यवस्था में पिनाराई के विज्ञापन का वामपंथ

लगता है ज्योति बसु जैसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री बनने से रोकने वाले वामपंथी आंदोलन के भीतर भी सरकार पार्टी से बड़ी होती जा रही है। इसीलिए केरल के वामपंथी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपनी सरकार का साल पूरा होने पर स्थानीय मलयालम से लेकर दिल्ली के कई अखबारों में पहले पेज पर विज्ञापन देकर उपलब्धियों का बखान किया है। उन्होंने ऐसा ही विज्ञापन पिछले साल 25 मई को शपथ ग्रहण समारोह पर दिया था। तब माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आश्वासन दिया था कि वे देखेंगे कि ऐसा क्यों हुआ। उससे भी...
May 26, 08:11 AM

विदेश नीति पर व्यक्तिगत छाप छोड़ी

अफगानिस्तान से रिश्ते बढ़ाकर पाक फौज पर दबाव बढ़ाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीन वर्षों में विदेश नीति और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में उल्लेखनीय कौशल, कल्पनाशीलता और इनोवेशन दिखाया है। देश की विदेश नीति पर उन्होंने अपनी व्यक्तिगत छाप छोड़ी है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक और शक्तिशाली नेता की पहचान मिली है। उनके खिलाफ मिथ्या प्रचार ने इस्लामी देशों में चिंता पैदा की थी लेकिन, उन्होंने यूएई, सऊदी अरब, कतर और ईरान के शासकों को भरोसा जीता है। इन देशों और अमेरिका व...
May 26, 07:48 AM

डिजिटाइजेशन से जबर्दस्त फायदा मिला, पर विरोध बर्दाश्त न कर पाने की धारणा भी बनी

मोदी सरकार ने भारतीय मनोरंजन क्षेत्र को यदि कोई सबसे बड़ा बल दिया है तो वह है डिजिटाइजेशन को प्रोत्साहन। चाहे यह भारतीय घरों में पहले और दूसरे चरण में कैबल ऑपरेटरों के जरिये डिजिटल सेट टॉप बॉक्स को लाने की बात हो या उपभोक्ताओं को मोबाइल हैंडसेट, टैबलेट या कंप्यूटर पर इंटरनेट के उपयोग के लिए बढ़ावा देने की बात हो। केंद्र सरकार इस अभियान को आगे बढ़ाने में लगी है। इसका नतीजा यह हुआ है कि एंटरटेनमेंट के लिए लालायित भारतीय दर्शकों द्वारा यात्रा के दौरान वीडियो देखने में वृद्धि हुई है। इसके पहले...
May 25, 08:10 AM

सामाजिक ताना-बाना संतुलित रखने में भाजपा की नाकामी

उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शुरुआती जय जयकार अब हाहाकार में बदलने लगी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व की सोशल इंजीनियरिंग की राजनीति विभाजनकारी साबित हो रही है। हिंदू-मुस्लिम दंगे के रूप में शुरू हुआ सहारनपुर का तनाव अब हिंसक सवर्ण-दलित टकराव का रूप ले चुका है। यह सवर्ण राजनीति का उग्र चेहरा है, जो लंबे समय के बाद प्रदेश की सर्वोच्च सत्ता पर सवर्ण जाति के व्यक्ति के विराजमान होने पर प्रकट हुआ है। उसके परिणाम प्रशासनिक नियुक्तियों में दिखाई पड़ रहे हैं और सामाजिक...
May 25, 07:58 AM

‘बैड बैंक’ जैसे साहसी कदमों का इंतजार

देश के प्रति विदेशी निवेशकों का रुख बेहद सकारात्मक अर्थव्यवस्था ग्लोबल मांग में भारी गिरावट और नोटबंदी जैसे घरेलू आघात से निपटने में सफल रही। औसत आर्थिक विकास दर 7% के आसपास रही। वित्तीय घाटा, चालू खाता घाटा, उपभोक्ता मुद्रास्फीति, विदेशी मुद्रा भंडार और रुपए की विनिमय दर जैसे सूक्ष्म आर्थिक मापदंड एकदम दुरुस्त हैं। यह जुलाई-अगस्त 2013 की तुलना में एकदम उलट है, जब भारत को गंभीर संकट की कगार पर बैठी पांच कमजोर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया था। आज विदेशी बाजारों में भारत की पूछ-परख...
May 25, 07:53 AM

मैनचेस्टर आत्मघाती विस्फोट से बढ़ेगा दमन और हमला

ब्रिटेन के मैन्चेस्टर अरेना में अमेरिका की पाप गायिका अरियाना ग्रैंड का मनमोहक कार्यक्रम समाप्त होते ही आत्मघाती विस्फोट के हृदयविदारक हमले ने 20 से अधिक लोगों की जान लेकर और 59 लोगों को घायल करके यह जता दिया है कि दुनिया में ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जिनसे दूसरे हिस्से के युवाओं और बच्चों की खुशी देखी नहीं जाती। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के बेथलेहम में कहा है कि वे युवा और सुंदर लोग थे जिनका खूबसूरत जीवन कुछ लोगों को रास नहीं आया। वे लोग बुरी ताकतों द्वारा जीवन की लड़ाई हार गए।...
May 24, 04:45 AM

रेलवे में सुशासन लाना है तो ट्रेन देर से आने पर मुआवजा दें

भारतीय रेलवे ने हाल ही में बताया कि हर पांच में से एक ट्रेन देर से चलती है। कई ट्रेनें तो बीच के स्टेशनों पर देर से पहुंचती हैं और फिर वहां कम देर रुककर गंवाए वक्त की पूर्ति करती हैं। देर होने के चार प्रमुख कारण हैं। ट्रैक की कमी- कई मार्गों पर अब भी एकल ट्रैक ही है। रखरखाव की समस्या- जैसे इंजन फैल हो जाना। ठंड के दिनों में कोहरा और आखिरी कारण, कानून-व्यवस्था के मामले। अब ढांचागत वृद्धि में तो वक्त लगेगा। फिलहाल तो ट्रेनों के लिए कम से कम देरी सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को जवाबदेह बनाना चाहिए।...
May 22, 06:55 AM

योजना बनाते रहने से घटती है जोखिम लेने की क्षमता

कोई बिज़नेस या काम करने का फैसला लेने और योजना बनाने के बाद अक्सर ऐसा लगता है कि अभी वक्त नहीं आया है, थोड़ा और पैसा इकट्ठा हो जाए, स्थिति थोड़ी और अनकूल हो जाए। ऐसी सोच व्यक्ति को कोई कदम उठाने से रोकती है। सिर्फ प्लानिंग करते रहने से व्यक्ति की जोखिम लेने की क्षमता कम होती जाती है। जब मैं अपनी जिं़दगी को मुड़कर देखता हूं, तो मैं ऐसे बहुत से प्लान देख सकता हूं, जो मैंने अपनी जिं़दगी में बनाए थे। मुझे हमेशा से योजनाएं बनाना बहुत पसंद था। लेकिन, जब मैं देखता कि वास्तव में कितने प्लान मैंने अमल में लाए...
May 22, 06:51 AM

व्यवस्था के चूहे से अन्न की मौत

इस देश में आदमी की सहनशीलता जबर्दस्त और तटस्थता भयावह है। पूरी व्यवस्था में मरे हुए चूहे की सड़ांध भरी हुई है। चूहे सरकार के ही हैं और मजे की बात यह है कि चूहेदानियां भी सरकार ने चूहों को पकड़ने के लिए रखी हैं। लेकिन वे किसी की पकड़ में आते ही नहीं है। क्यों? जांच की तो पता चला कि चूहेदानी में घुसने के छेद से बड़ा छेद बाहर निकलने का है, कोई पकड़ में नहीं आता। बाजार में जब गेहूं का दाना न मिलता हो, तब कोई मित्र अगर 25-30 किलो गेहूं दे, तो देश का भविष्य एकदम उज्जवल दिखने लगता है। कल एक मित्र ने 25 से 30 किलो आटा एक...
May 20, 05:54 AM

टेक्नोलॉजी से दूर हो सकती है स्कूलों में शिक्षकों की कमी

नई शिक्षा नीति की बात की जा रही है लेकिन, केंद्रीय विद्यालयों में प्रिंसिपल के 200 पद और वाइस प्रिंसिपल के 24 फीसदी पद रिक्त हैं। इसके अलावा देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों के दस हजार से ज्यादा पद खाली हैं। यह समस्या जवाहर नवोदय विद्यालयों में भी हैं, जिनमें प्रिंसिपल के 125 एवं वाइस प्रिंसिपल के 53 पद खाली हैं। शिक्षकों के भी 1,734 पद रिक्त हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 50 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने और इनके लिए 650 पदों की मंजूरी दी है, जबकि पुराने स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की...
May 20, 05:52 AM

हेग के न्यायालय में जीत नई कूटनीति का नतीजा

कूटनीति में सबसे ज्यादा महत्व व्यावहारिकता का होता है लेकिन, पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मसलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर न उठाने की नीति के कारण जहां ऐसी जरूरत हो, वहां भी हम झिझक महसूूस करते रहे हैं। इसलिए कुलभूषण जाधव का मामला संयुक्त राष्ट्र की कानूनी इकाई नीदरलैंड्स के हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में ले जाने का फैसला मोदी सरकार के लिए आसान नहीं रहा होगा। इस न्यायालय का सत्र नहीं चल रहा था, तो कोर्ट याचिका की अनदेखी भी कर सकता था। याचिका स्वीकार होने के बाद भी भारत को अनुकूल...
May 20, 05:49 AM

गोपनीयता की चिंता से कहीं ज्यादा हैं आधार के फायदे

बीते कई महीनों से आधार कार्ड की गोपनीयता को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि यह नागरिकों की प्राइवेसी के अधिकार को छिन तो नहीं रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आधार पहचान-पत्र के डेटाबेस की सुरक्षा उच्च कोटि की होनी चाहिए। इसके साथ यह भी सही है कि आधार कार्ड के उपयोग गोपनीयता संबंधी चिंताओं से कहीं ज्यादा है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री पॉल रोमर ने कहां है कि आधार सफल व्यवस्था है तथा विश्व के सभी देशों को इसे अपनाना चाहिए। वर्ल्ड बैंक की डिजिटल डिविडेंड 2016 की रिपोर्ट में अनुमान लगाया...
May 19, 07:37 AM

जीएसटी की श्रीनगर घोषणा का राजनीतिक संदेश

प्रतीकों की राजनीति में माहिर भाजपा और उसके नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार ने वस्तु और सेवा कर(जीएसटी) लागू किए जाने से पहले श्रीनगर में जीएसटी परिषद की आखिरी बैठक आयोजित करके वहां के अलगाववाद से जूझ रही सरकार, सेना और समाज को सकारात्मक संदेश देने का कदम उठाया है। कश्मीर की वादियों के जिन गांवों और शहरों में पिछले सालभर से पत्थर चल रहे हैं, अब कम से कम दो दिन तक वहां से पूरी दुनिया के लिए भारतीय कर प्रणाली में होने वाले सबसे बड़े सुधार का संदेश जाएगा। संभव है कि कश्मीर के उन युवाओं पर भी इसका असर...
May 19, 07:31 AM

सरकार ने काम किया है तो प्रचार की क्या जरूरत?

मोदी सरकार आने वाले दिनों में अपने तीन वर्षों का रिपोर्ट कार्ड न्यू इंडिया के तहत रखने वाली है। सवाल यह है कि लोकतांत्रिक प्रणाली में अगर सरकार ने कार्य किए हैं, तो कामकाज पर प्रचार-प्रसार की संस्कृति क्यों हावी होती दिख रही है? क्या जनता को सरकारों द्वारा किए गए काम नहीं दिखते? देश इतना भी विकसित नहीं है कि व्यर्थ के विज्ञापनों पर अथाह धन बर्बाद किया जाए। देश में किसान आत्महत्याओं का दौर थमा नहीं है, बेरोजगारी अपने चरम पर है और एक करोड़ रोजगार निर्मित करने का वादा पूरा हुआ नहीं है। इन तीन...
May 18, 05:54 AM
पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

* किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.