Home >> Abhivyakti >> Editorial
  • सिविल सोसायटी की उन संस्थाओं की तारीफ की जानी चाहिए, जो सत्ताधारी राजनीतिक दलों द्वारा सरकारी खर्च से अपना प्रचार करने का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष ले आईं। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए जनता के धन का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने की पहल की है। इसके लिए तीन विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है। आशा है, समिति निर्धारित तीन महीनों की अवधि में अपनी सिफारिशें पेश कर देगी, जिससे भविष्य में इस अवांछित प्रवृत्ति पर रोक लग सकेगी। मुद्दा यह है कि सरकारें- चाहे वे किसी दल...
    04:24 AM
  • जब ये साफ हो गया कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के स्पॉट/मैच फिक्सिंग कांड की तह में जाने के बजाय उसके दोषियों पर परदा डालने में जुटा हुआ है, तो सर्वोच्च न्यायालय के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था कि विश्वसनीय जांच की व्यवस्था वह खुद करे। पिछले हफ्ते कोर्ट ने बीसीसीआई की संस्थागत स्वायत्तता में दखल देने के प्रति अनिच्छा जताई थी। इसीलिए उसने मौका दिया कि मुकुल मुदगल समिति ने जिन 13 लोगों का आचरण संदिग्ध माना था, उनके बारे में भरोसेमंद जांच की योजना खुद...
    April 24, 02:50 AM
  • हर्ष का विषय है कि आखिरकार बदलाव की बयार खाप पंचायतों तक पहुंचने लगी है। रूढिय़ों से ग्रस्त बताई जाने वाली खाप पंचायतें भी समय के तकाजे के मुताबिक खुद को ढालने को तत्पर हो रही हैं। हरियाणा की सतरोल खाप पंचायत ने अंतर-जातीय विवाहों को स्वीकार करने और विवाहों में गोत्र संबंधी नियमों को ढीला करने का दूरगामी महत्व का फैसला किया है। इसका असर यह होगा कि इस खाप के तहत आने वाले जाट समुदाय के नौजवान अपने गांव, अपने गोत्र और पड़ोसी गांव को छोड़कर कहीं भी, किसी जाति की लड़की से शादी कर सकेंगे। हालांकि शादी...
    April 23, 03:38 AM
  • भारतीय जनता पार्टी ने उचित किया कि उसने अपने बिहार के नेता गिरिराज सिंह के आपत्तिजनक बयान से खुद को अलग करने में देर नहीं लगाई। बिहार भाजपा के प्रमुख नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्विटर संदेश में कहा कि उनकी पार्टी सिंह के गैर-जिम्मेदाराना बयान का समर्थन नहीं करती। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने सुशील मोदी की राय का समर्थन किया। खबरों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी इस बयान को नापसंद किया है कि जो लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, उनकी जगह...
    April 22, 04:16 AM
  • भारतीय जनता पार्टी की इस मांग से सहज ही सहमत हुआ जा सकता है कि यूपीए-2 सरकार को लोकपाल नियुक्ति की प्रक्रिया रोक देनी चाहिए। जब यह सरकार अपने आखिरी दिनों में है, उस समय विवादास्पद हो चुकी प्रक्रिया से चिर-प्रतीक्षित भ्रष्टाचार विरोधी संस्था को स्थापित करने के प्रयास को अनुचित ही माना जाएगा। अत: इस मामले में भाजपा का निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाना वाजिब कदम है। मगर इसके साथ ही नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का मुद्दा जोड़कर उसने अवांछित हस्तक्षेप किया है। सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह अगली 31 जुलाई...
    April 21, 03:28 AM
  • यदि आपको मोदी से बहुत बड़ी उम्मीद है तो धक्का पहुंचेगा
    रुकावटें होंगी। संदेह होंगे। भूलें होंगी। आशाएं होंगी। अपेक्षाएं होंगी। आकांक्षाएं होंगी। संघर्ष की कहां कोई सीमा है? - अज्ञात मोदी आ रहे हैं। उनके बनते ही सबकुछ एकदम अच्छा हो जाएगा, कहते हुए उस युवा मैनेजमेंट प्रोफेशनल की आंखों में अलग ही चमक दिखी। मैं उसे काफी समय से जानता हूं। धीर-गंभीर। आज का काम आज ही पूरा करना। काम की ही बात करना। किन्तु वह इन दिनों मोदी की खूब बातें कर रहा है। इकोनॉमी देखिएगा, कैसे ठीक होती है। खूब उम्मीद है उसे। हर कंपनी में आपको उसकी तरह के युवा मिल जाएंगे। इन्हें...
    April 19, 08:38 AM
  • नरेंद्र मोदी की लहर बनने के दो प्रमुख कारण हैं। पहला उनकी हिंदू राष्ट्रवादी छवि, जिससे भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवार के समर्थक समूह उत्साहित एवं प्रेरित हुए। दूसरा कारण विकास का बहुचर्चित गुजरात मॉडल है, जिसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करने में मोदी कामयाब हैं। इससे मध्यमार्गी जन समूहों में उनके प्रति आकर्षण बना है। इसलिए ये अस्वाभाविक नहीं है कि इस आम चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी इन्हीं दो मुद्दों को लेकर उन पर खास हमले कर रहे हैं। हिंदू राष्ट्रवादी छवि पर जोर इस...
    April 19, 02:40 AM
  • चुनाव अभियान के मध्य में कांग्रेस में आई आक्रामकता साफ नजर आ रही है। पार्टी संभवत: इस नतीजे पर पहुंची है कि यूपीए शासनकाल के जन-कल्याणकारी कार्यों का प्रचार करने भर से उसकी वैतरणी पार नहीं लगेगी। तो अब उसने आम चुनाव को विचारधारात्मक संघर्ष में तब्दील करने की कोशिश की है। यह बात प्रियंका वाड्रा ने बेलाग ढंग से कही है, जिन्हें अब कांग्रेस का मुख्य रणनीतिकार बताया जा रहा है। टेलीविजन पर तीन मिनट के विज्ञापन संदेश में सोनिया गांधी का भी यही स्वर रहा। राहुल गांधी की चुनाव सभाओं में भी इसे दोहराया...
    April 18, 04:14 AM
  • सोलह मई को आम चुनाव के नतीजे आने के बाद जो भी सरकार सत्तासीन होगी, उसके सामने दो कारणों से गंभीर होती एक बड़ी समस्या पहले दिन से मौजूद होगी। यह चुनौती महंगाई की है। मार्च में मुद्रास्फीति दर न सिर्फ फिर चढ़ गई, बल्कि थोक मूल्य सूचकांक तीन महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। थोक मुद्रास्फीति फरवरी में 4.46 प्रतिशत थी, जो मार्च में 5.7 फीसदी हो गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई दर 8.03 फीसदी से बढ़ कर 8.31 प्रतिशत हो गई। ये आंकड़े फिर भी सामान्य चिंता की बात होते, अगर मानसून की बेहतर संभावनाएं...
    April 17, 02:35 AM
  • माओवादियों की यह पहली माफी होती तो मान सकते थे कि आखिरकार उनमें मानवीय भावना एवं राजनीतिक विवेक जगा है। लेकिन उन्होंने निहत्थे, निर्दोष लोगों की हत्या के बाद माफी का जैसा मखौल बना रखा है उससे उनकी मंशा पर सवाल और गहरे हुए हैं। पिछले हफ्ते छत्तीसगढ़ के बीजापुर और बस्तर जिलों में माओवादियों ने घात लगाकर हमले किए, जिनमें 14 लोग मारे गए। एक हमले में पांच शिक्षक और दो चिकित्साकर्मियों की जान गई। इसे सीपीआई (माओवादी) ने अपनी गलती माना है, लेकिन इस बयान की कोई कीमत इसलिए नहीं है, क्योंकि ऐसा उन्होंने...
    April 16, 02:01 AM
  • पहले संजय बारू और फिर पीसी पारख। दोनों ऐसे वक्त अपनी किताबें लेकर आए हैं, जब देश आम चुनाव के दौर में है। दोनों किताबों से विपक्ष को यूपीए- खासकर कांग्रेस- पर हमला करने के लिए नए मसाले मिल गए हैं। या कम से कम यह तो जरूर हुआ है कि विपक्ष ने पहले से जिन बिंदुओं पर सत्ताधारी गठबंधन को कठघरे में खड़ा कर रखा था, उसे और वजन मिला है। बारू प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार थे और पारख कोयला सचिव। दोनों ने जो कहानी प्रस्तुत की है, उनका सार यह है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भले और ईमानदार व्यक्ति हैं,...
    April 15, 02:27 AM
  • राजनेताओं की निजी जिंदगी की वो हद कहां तक है, जिसे सार्वजनिक बहस से अलग रखा जाए, यह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में विवादास्पद मुद्दा है। इसलिए कि जिन व्यक्तियों के आचरण से करोड़ों लोगों की जिंदगियां प्रभावित होती हों, उनके कार्य-व्यवहार उनके सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह असंबंधित नहीं रह सकते। इसीलिए कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच निजी जिंदगी को चुनावी चर्चा में लाने के मुद्दे पर छिड़ी बहस में आम जन को भी हस्तक्षेप करना चाहिए। प्रसंग यह है कि राहुल गांधी ने चुनाव सभा में नरेंद्र...
    April 14, 03:13 AM
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