Home >> Abhivyakti >> Editorial
  • अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैसा समा बांधा है, इसकी झलक न्यूयॉर्क में देखने को मिली। उनके स्वागत में जैसा उम्दा आयोजन भारतीय मूल के अमेरिकावासियों ने किया, उसके निहितार्थ दूरगामी हैं। उल्लेखनीय है कि इस समारोह में तीन दर्जन से ज्यादा अमेरिकी सांसद भी मौजूद थे। उन्हें अवश्य ही यह संदेश मिला होगा कि उनके देश में भारतीय समुदाय आज कितना प्रभावशाली है। अमेरिका में 28 लाख से ज्यादा अनिवासी या प्रवासी भारतीय हैं। वहां उन्हें सबसे धनी समुदायों में गिना जाता है। उनके ही उत्साह और...
    07:12 AM
  • जयललिता शनिवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में बेंगलुरू आईं, लेकिन शाम होते-होते उनका रास्ता जेल पहुंच गया। उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी चली गई। कुछ ही घंटे के अंदर हालिया चुनावी सफलताओं से दमकती उनकी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईडीएमके) का भविष्य अनिश्चित हो गया। यह सब हुआ विशेष अदालत के फैसले से, जिसने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण कानून की धाराओं के तहत दोषी पाया। इस तरह आमदनी से ज्यादा संपत्ति पकड़े जाने का मुकदमा 18 साल बाद अंजाम पर पहुंचा और इस कानून के तहत...
    September 29, 06:52 AM
  • क्या आप भी मोदी की अमेरिका यात्रा पर ऐसी बातें कर रहे हैं?
    अमेरिकी कैसे हैं? आधे अमेरिकी अख़बार नहीं पढ़ते। आधे राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने नहीं जाते। उम्मीद है, दोनों आधे एक ही हैं! - अमेरिकी लेखक गोर विडाल अमेरिकी कारोबार कैसे चलता है? एक ही बॉस है : कस्टमर। जो चेयरमैन से लेकर किसी को भी बर्खास्त कर सकता है। सिर्फ अपना पैसा कहीं और लगाकर! - वॉल्मार्ट के सैम वॉल्टन इतने प्रधानमंत्री अमेरिका गए, क्या किसी यात्रा पर इतना माहौल बना? मोदी ने सिद्ध कर दिया है कि उनकी बात ही कुछ अलग है। आप मान क्यों नहीं रहे? समझ क्यों नहीं पा रहे? यही शुरुआत थी। वही कॉफी...
    September 27, 07:42 AM
  • महाराष्ट्र में अब सर्वथा नई परिस्थिति है। कांग्रेस वर्चस्व का युग समाप्त होने के बाद से राज्य की राजनीति दो ध्रुवों कांग्रेस (बाद में कांग्रेस-एनसीपी) और शिवसेना-भाजपा के बीच बंटी रही। मगर अब पहली बार ऐसा हो रहा है, जब विधानसभा चुनाव में वास्तव में चार-कोणीय मुकाबला होगा, जिसे कुछ क्षेत्रों में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव-निर्माण सेना पांच-कोणीय भी बना देगी। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र हैं, लेकिन अतीत में वहां कांग्रेस परंपरा (अथवा धर्मनिरपेक्ष वोटों)...
    September 27, 07:14 AM
  • गंगा की सफाई के लिए 51,000 करोड़ रुपए की 18 साल चलने वाली योजना पेश करने के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सिर्फ उसके प्रयासों से यह काम पूरा नहीं होगा। सॉलिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि गंगा को साफ रखने का विचार (आम जन के) अंदर से आना चाहिए। साथ ही गंगा बेसिन में आने वाले पांचों राज्यों उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल की सरकारों को राजनीतिक मतभेदों से उठकर काम करना होगा। इस पर न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने केंद्र और उन पांचों राज्यों की सरकारों के बीच के...
    September 26, 06:46 AM
  • भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) की सफलता यानी मंगलयान का मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित होना राष्ट्रीय गौरव का विषय है, मगर इस मौके पर भी ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो मानते हैं कि ऐसे अभियानों पर धन बर्बाद किया जा रहा है। उनकी दलीलें वही हैं, जो 1975 में भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट के छोड़े जाने या उसके एक वर्ष पहले भारत के पहले परमाणु परीक्षण के समय से हर वैज्ञानिक उपलब्धि के समय दी जाती रही हैं। यानी यह कि जहां करोड़ों लोग गरीब हों, वहां नाक ऊंची करने के लिए ऐसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।...
    September 25, 06:32 AM
  • आम भारतीय के मंगल का मिशन
    मंगलयान की कामयाबी ने एक बार फिर इस आलोचना को खारिज कर दिया है कि भारत जैसे देश में अंतरिक्ष कार्यक्रम चलाना पैसे की बर्बादी है। पहली बात तो हम भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन ( इसरो) के कार्यक्रमों पर हर साल 1 अरब डॉलर खर्च करते हैं, जो अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के बजट का सिर्फ 6 फीसदी है। मंगल अभियान की ही बात करें तो इस पर 450 करोड़ रुपए खर्च आया, जो देश के जीडीपी का सिर्फ 0.0038 प्रतिशत है। आधा बजट लोगों की मदद के लिए इसरो चेअरमैन के. राधाकृष्णन के मुताबिक इसरो अपने बजट का सिर्फ 7 फीसदी मंगल अभियान जैसे...
    September 25, 06:28 AM
  • राहत की खबर है कि सुप्रीम कोर्ट विजिटर्स डायरी मामले में इस बही को लीक करने वाले स्रोत का बिना नाम जाने सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ सुनवाई जारी रखने को तैयार हो गया है। व्हिसलब्लोअर्स (गड़बड़ियों का खुलासा करने वाले कर्मियों) के संदर्भ में गोपनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने ध्यान दिलाया था कि संबंधित स्रोत का नाम बताने से उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। वैसे भी मुद्दा यह है कि सामने आई जानकारी पुख्ता है या नहीं। वह कहां से आई या उसे किसने लीक किया,...
    September 24, 06:29 AM
  • राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच सत्ता विभाजन का समझौता करवा कर अमेरिका ने अफगानिस्तान में अपना तात्कालिक मकसद हासिल कर लिया है, लेकिन इस प्रक्रिया में लोकतांत्रिक निर्वाचन की अपेक्षाएं आहत हुई हैं। अब अशरफ गनी राष्ट्रपति बनेंगे, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला (अथवा उनके द्वारा मनोनीत व्यक्ति) को सरकार के मुख्य कार्यकारी का पद मिलेगा। यह पद प्रधानमंत्री जैसा होगा, जिसे काफी अधिकार होंगे, लेकिन क्या इस राष्ट्रीय एकता की सरकार की लोकतांत्रिक साख भी होगी? गौरतलब है कि...
    September 23, 06:18 AM
  • न्यूयॉर्क सहित पश्चिम के दर्जनों शहरों में रविवार को दुनिया में गर्मी बढ़ाने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के ठप पड़े प्रयासों के विरोध में हजारों लोग उमड़ पड़े। यह जनता के स्तर पर पैदा हो रही पर्यावरण-जागरूकता का सबूत है। इन प्रदर्शनों में वैज्ञानिक व पर्यावरण संगठनों के कार्यकर्ता तो थे ही मजदूर तथा धर्म गुरु तक शामिल थे। यह प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र में जलवायु पर होने वाले शिखर सम्मेलन के दो दिन पहले हुआ है, जिसमें वैश्विक सहमति का ढांचा तय होने की उम्मीद है। यदि ऐसा हुआ तो अगले साल पेरिस में...
    September 22, 07:42 AM
  • इन दो कलंक को मिटाकर पूछें कि कैसे होने चाहिए कुलपति?
    मैं पूर्ण शिक्षक नहीं हूं- चूंकि मुझे गाना गाना नहीं आता -पूर्ण शिक्षक के रूप में प्रशंसा के जवाब में वैष्णव विद्यालय के प्राचार्य (स्व.) बीरेश्वर चक्रवर्ती, अपने विदाई समारोह पर शांति निकेतन में विश्व भारती की स्थापना किसने की? कोई भी बता देगा। और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की? किसी को नहीं पता। इसीलिए पतन होता है। कुछ महान् हस्तियां, महान सपने साकार करती हैं। जैसा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने विश्व भारती के रूप में किया। किन्तु उनके बाद की नेतृत्व पंक्ति इतनी कमज़ोर रही कि उनका सपना तो...
    September 20, 08:16 AM
  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सतर्कता अायुक्त (सीवीसी) और सतर्कता आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव का उल्लेख करते हुए इन पदों पर सिर्फ नौकरशाहों के ही चयन पर सवाल उठाया है। गौरतलब है कि मौजूदा सीवीसी प्रदीप कुमार का कार्यकाल 28 सितंबर को पूरा हो रहा है। इन खबरों के बीच कि सरकार ने नया सीवीसी चुन लिया है, एक एनजीओ ने जनहित याचिका लगाकर आरोप लगाया कि एक वर्ग से ही इस पद पर नियुक्तियां की जा रही हैं। दरअसल, मौजूदा राजनीति से एक ऐसे वर्ग का उदय हुआ है, जो सारी सत्ता अपने हाथ में लेना...
    September 20, 07:19 AM
विज्ञापन
 
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

 

बॉलीवुड

 
 

जीवन मंत्र

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें