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  • कब धकेला जाएगा शिक्षक बने इन आतंकियों को सीखचों के पीछे?
    ये शिक्षक बच्चों को नहीं मार रहे हैं। बर्बरता से देश को मार रहे हैं। हावड़ा में उस शिक्षक ने जंजीर में बच्चे को नहीं, समूची संवेदनाओं को जकड़ दिया था। अब मुंबई में तीन बच्चों के शव दो शिक्षकों ने राष्ट्रीय पराक्रम की सलीब पर, सरेआम लटका दिए हैं। क्या न्याय को लकवा हो गया है? पाश्विक दुर्व्यवहार कर रहे ये शिक्षक, शिक्षक कैसे कहे जा सकते हैं? ये तो देश के बचपन को दहशत से कुचल रहे हैं। मनुष्य जीवन में सर्वाधिक घिनौना, घृणित और कुरूप क्या है? उत्तर है : भय। और इसका ठीक उल्टा यानी सर्वाधिक आकर्षक, प्रेम के...
    August 31, 07:40 AM
  • असंभव के विरुद्ध: पैसे अच्छे होते हैं या बुरे?
    पैसा सभी बुराइयों की जड़ है। पैसों की कमी सभी बुराइयों की जड़ है। -प्राचीन कहावतें किन्तु पैसे की जड़ में क्या है? - द फाउन्टनहेड की लेखिका एन रैंड आर्थिक छुआछूत एक अछूता जुमला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाए हैं। वे इस विधा में कुशल हैं। वे जन-धन योजना को तन-मन से लाए हैं। मूल में बचत है। माध्यम बैंक है। लक्ष्य पैसा है। हर व्यक्ति के पास ग़रीबी से लड़ने का पैसा। परिवार पालने का पैसा। बच्चों को आगे बढ़ाने का पैसा। संसार में जितना जटिल मसला पैसे का है, उतना किसी भी चल-अचल वस्तु-व्यक्ति या स्थान...
    August 30, 08:07 AM
  • यह सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के गृह मंत्री को लेकर कई दिनों तक अफवाहों का बाजार गर्म रहे, गृह मंत्री को सार्वजनिक रूप से उस पर दुख जताना पड़े और आखिरकार प्रधानमंत्री कार्यालय एवं सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष को स्पष्टीकरण जारी करने पड़े। अब चूंकि इस सारे स्रोतों से सफाई आ गई है तो यह बात स्वीकार कर ली जानी चाहिए कि जो अपुष्ट बातें राजनीतिक हलकों में घूमती रहीं, वे निराधार हैं। इस प्रकरण ने अनावश्यक एवं निरर्थक विवाद पैदा किया। बहरहाल, भारतीय जनता पार्टी के लिए यह अवश्य विचारणीय है कि आखिर...
    August 29, 07:43 AM
  • सत्ता में आने के बाद अपनी सबसे महत्वाकांक्षी और दूरगामी लक्ष्य वाली योजना नरेंद्र मोदी सरकार आज शुरू करेगी। हर घर को एक बैंक खाता और बीमा सुरक्षा मुहैया करने वाली प्रधानमंत्री जन-धन योजना एनडीए सरकार के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसे आरंभ करने के लिए की गई तैयारियों से लगता है। वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने अपनी म्यांमार यात्रा को रद्द करने का आधिकारिक कारण बताया कि वे इस अवसर पर उपस्थित रहना चाहती हैं, जबकि म्यांमार में आसियान देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत होने...
    August 28, 07:21 AM
  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के ताजा स्पष्टीकरण से यही लगता है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के ऊपर वर्चस्व कायम करने के इरादे पर वह अड़ा हुआ है। स्पष्टतः उसने काकोडकर समिति की इस सिफारिश की अनदेखी कर दी है कि उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थानों को नौकरशाही से मुक्त किया जाए। आईआईटी की स्वायत्तता पर सुझाव देने के लिए 2010 में परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोडकर की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति बनी थी। समिति ने कहा था कि हर आईआईटी के निदेशक मंडल को कोर्स तैयार करने, खर्च प्रबंधन, मानव संसाधन...
    August 27, 06:22 AM
  • चार राज्यों की 18 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे निर्विवाद रूप से भारतीय जनता पार्टी के लिए निराशाजनक हैं। स्वाभाविक रूप से सबसे ज्यादा निगाहें बिहार पर थीं, जहां उसके विजय रथ को रोकने के लिए दो दशक से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार ने हाथ मिलाया था। इस गठबंधन की कामयाबी आसान नहीं थी, क्योंकि नीतीश और लालू के समर्थकों में अतीत में तीखा वैर-भाव रहा है। चुनाव नतीजों से जाहिर है कि राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल (यूनाइटेड) और इस गठबंधन के तीसरे घटक कांग्रेस के समर्थक...
    August 26, 07:40 AM
  • जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी बलों द्वारा जारी संघर्ष विराम उल्लंघन से भारत के सामने एक गंभीर सुरक्षा चुनौती खड़ी हो गई है। जम्मू इलाके में पाकिस्तान रेंजर्स की फायरिंग से दो नागरिकों की जान गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कुछ जवान और कई आम लोग जख्मी हुए हैं। इससे खास कर आरएस पुरा सेक्टर के बाशिंदों में भय और अफरातफरी का माहौल बन गया है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारतीय सेना पाकिस्तानी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं, जबकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को...
    August 25, 06:55 AM
  • यह सवाल देश के आम आदमी के मन में भी रहा है कि सत्ता संभालते ही काले धन के मुद्दे पर विशेष जांच दल गठित करने वाली एनडीए सरकार ने वैसी ही तत्परता लोकपाल के गठन को लेकर क्यों नहीं दिखाई? अब इससे ही जुड़े कुछ कठिन सवाल सुप्रीम कोर्ट ने उसके सामने रखे हैं। इसमें सबसे अहम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का प्रश्न है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन नियम और परंपराओं के आधार पर सदन में सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के नेता को यह दर्जा न देने का निर्णय सुना चुकी हैं, लेकिन अब सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि लोकपाल...
    August 23, 07:35 AM
  • असंभव के विरुद्ध: युवाओं को बीमार, बेकार  और बूढ़ा करने से रोकने वाला  निर्णय कहीं रुक न जाए
    मानव शरीर में शराब जाते ही सबसे पहले गलने वाली चीज़ है - उसकी गरिमा। - प्राचीन कथन जब हम कोच्चि सेे मुन्नार के मार्ग पर थे तो पलक झपकते पता चला कि केरल को ईश्वर की भूमि क्यों कहते हैं? गॉड्स ओन कंट्री। पलक झपके तो! भव्य फैले मैदान, छोटी-संकरी किन्तु निर्दोष-सी सड़क और चारों ओर आकाश को छूने को बेताब नारियल के पेड़ों के समूह। किन्तु इनसे भी अधिक ईश्वरीय आकर्षण : भोले, भले लोग। मानो कुछ चाहिए ही नहीं। किसी से। न सांसारिक चातुर्य। न आध्यात्मिक गांभीर्य। बस, अच्छे-सच्चे से मनुष्य।...
    August 23, 05:47 AM
  • देश को भूलकर ये कैसा जय-जयकार, बहिष्कार?
    कांग्रेस के क्रोध पर तो अब किसी को क्रोध भी नहीं आता। उसे अपने मुख्यमंत्रियों के अपमान की चिंता है। हार से उपजी चुनौतियों की नहीं। कांग्रेसी मुख्यमंत्री यदि भीड़, नारे और शोर का सामना नहीं कर पा रहे तो वे चुनाव में क्या करेंगे? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहिष्कार की घोषणा वास्तव में लोकतंत्र का अपमान है। भारतीय इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कई मुख्यमंत्री, दलगत राजनीति से उत्तेजित हो, प्रधानमंत्री का बहिष्कार कर दें। उधर, भाजपा की प्रसन्नता पर अवश्य क्रोध आता है। शक्तिशाली रूप से केंद्र...
    August 22, 07:42 AM
  • इरोम शर्मिला चानू को 14 वर्ष बाद पुलिस हिरासत से मुक्त, खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला है। सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) कानून के खिलाफ बेमिसाल अहिंसक संघर्ष के लिए अपने जीवनकाल में ही किंवदन्ती बन चुकीं इरोम की रिहाई मणिपुर ईस्ट सेशन कोर्ट के फैसले से संभव हुई। 2 नवंबर 2000 से अनशन पर बैठीं इरोम शर्मिला को भारतीय दंड संहिता की धारा 309 (आत्महत्या की कोशिश) के तहत गिरफ्तार किया गया था। तब से पुलिस नाक के जरिये उन्हें जबरन आहार दे रही थी, मगर कोर्ट की व्याख्या है कि अनशन पर बैठना आत्महत्या की कोशिश नहीं...
    August 22, 07:13 AM
  • प्रधानमंत्री के हत्यारों को किरदार बनाकर फिल्म बनाई जाए, बेशक यह बात आम संवेदना को आहत करने वाली है। इंदिरा गांधी के हत्यारों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह को लेकर बनाई गई फिल्म का नाम कौम दे (के) हीरे रखा गया है तो उस पर जनता के एक बड़े हिस्से में एतराज होना भी लाजिमी है। मुमकिन है कि फिल्म निर्माता के इस दावे में कुछ दम हो कि उनका कोई सियासी मकसद नहीं है और वे सिर्फ उन दो परिवारों की कहानी दिखाना चाहते हैं जिन पर अनजाने में बड़ी विपदा आ पड़ी थी। मगर हाल में पंजाब में कट्टरपंथी संगठनों द्वारा...
    August 21, 07:25 AM
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