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  • आज स्कॉटलैंड में हो रहे जनमत संग्रह के नतीजे से तय होगा कि कभी दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य का मालिक रहा ब्रिटेन अब अपना मौजूदा नक्शा भी कायम रख पाता है या नहीं, लेकिन इस जनमत संग्रह पर केवल संयुक्त राजतंत्र (यानी यूनाइटेड किंगडम) के रूप में ब्रिटेन का भविष्य ही दांव पर नहीं है। बल्कि इसके दूरगामी परिणाम यूरोपीय संघ (ईयू) के वर्तमान ढांचे, वहां जारी आर्थिक नीतियों और प्रकारांतर में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे। यह तो तय है कि 53 लाख आबादी वाले स्कॉटलैंड के लोग चाहे फैसला आजादी...
    08:04 AM
  • उपचुनावों के ताजा नतीजों का संदेश यही है कि भारतीय जनता पार्टी को अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा। खासतौर पर उत्तरप्रदेश और राजस्थान में उसे जो तगड़ा झटका लगा, उसके राजनीतिक सबक से उसे आंखें नहीं चुरानी चाहिए। उसे इस हकीकत से आंख मिलानी होगी कि सिर्फ चार महीनों में इन राज्यों में उसकी लहर काफूर होती नजर आई है। क्या इसलिए कि उत्तरप्रदेश की एक लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में उसका प्रचार अभियान विकास और सुशासन के मुद्दों से हट गया? इन मुद्दों की बदौलत ही लोकसभा चुनाव में...
    September 17, 07:39 AM
  • भारतीय संविधान ने उचित ही अलग-अलग मजहबों को विवाह, उत्तराधिकार, रस्म-रिवाज आदि जैसे मामलों में निजी कानूनों के मुताबिक चलने की अनुमति दी है, लेकिन इसमें यह अपेक्षा निहित है कि धीरे-धीरे इन कानूनों को बराबरी और इंसाफ के तकाजों के मुताबिक विकसित किया जाएगा। लैंगिक न्याय (यानी पुरुष और महिलाओं को समानता के धरातल पर लाना) ऐसा मुद्दा है, जिसका किसी खास महजब के लिए किए गए विशेष प्रावधानों के साथ टकराव खड़ा होता रहा है। एक ऐसे ही मामले में अब विधि आयोग ने सुधार की सिफारिश की है। मामला भारतीय...
    September 16, 07:32 AM
  • प्रधान न्यायाधीश जस्टिस आरएम लोढ़ा ने अगर यह याद दिलाने की जरूरत महसूस की कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई समझौता नहीं हो सकता, तो इसका एक संदर्भ है। फौरी बात तो न्यायिक नियुक्ति आयोग विधेयक का पारित होना है, जिसका मकसद उच्चतर न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को बदलना है। बहरहाल, इसका व्यापक संदर्भ यह है कि केंद्र में 25 वर्षों के बाद पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है, वहीं पूरा राजनीतिक वर्ग न्यायपालिका पर लगाम लगाने को आतुर दिखता है। बिना न्यायपालिका को भरोसे में लिए न्यायिक...
    September 15, 07:13 AM
  • यूपीए सरकार से उद्योग जगत की शिकायत थी कि वह पर्यावरण और आदिवासियों के वनाधिकार संरक्षण के मुद्दों पर जन-संगठनों के दबाव में आ गई। परिणामस्वरूप इतने सख्त कानून बनाए गए कि औद्योगिक विकास एवं खनन के लिए भूमि-अधिग्रहण अत्यधिक कठिन हो गया। कहा जाता है कि इससे निवेशक हतोत्साहित हुए और आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट आई। एनडीए सरकार उस माहौल को बदलने की कोशिश करे, यह लाजिमी है, लेकिन प्रासंगिक प्रश्न यह है कि ऐसा कैसे किया जाए? क्या पर्यावरण संरक्षण, वनाधिकार और भूमि अधिग्रहण कानून से संबंधित नियमों...
    September 13, 06:43 AM
  • यह अलग बहस का विषय है कि इराक और सीरिया को वर्तमान दुर्दशा तक पहुंचाने में अमेरिका की कितनी भूमिका है, लेकिन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) द्वारा खिलाफत (इस्लामी राज्य) की स्थापना के बाद जो हाल है, उसके मद्देनजर वहां सैनिक कार्रवाइयों में विस्तार के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास कोई और विकल्प नहीं था। तो 9/11 की बरसी पर ओबामा ने अपने देश को फिर एक युद्ध में झोंकने का एलान किया। हालांकि, इराक में आईएसआईएस चरमपंथियों के ठिकानों पर अमेरिकी वायु सेना पहले से बमबारी कर रही...
    September 12, 07:39 AM
  • दक्षिण कोरिया के शहर इनचियोन में 19 सितंबर से होने वाले 17वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल को मंजूरी देने में जो अफरा-तफरी हुई, उससे बचा जा सकता था। नरेंद्र मोदी सरकार से देश को त्वरित निर्णयों की अपेक्षा है, मगर केंद्र सरकार ने इस फैसले को इतनी देर तक लटकाए रखा कि इनचियोन में डेलिगेट रजिस्ट्रेशन की पूर्व-निर्धारित तारीख निकल गई। मंगलवार शाम तक यह तय नहीं था कि कितने खिलाड़ी जाएंगे और किन खेलों में भारत भाग लेगा। आखिरकार 516 एथलीट और 163 कोच तथा सपोर्ट स्टाफ के दल को मंजूरी मिली, मगर कई स्पर्द्धाओं...
    September 11, 07:31 AM
  • केंद्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक रंजीत सिन्हा के सामने कठिन चुनौती है। वे ऐसे दो घोटालों से जुड़े मामलों में घिर गए हैं, जिनकी वजह से पूर्व यूपीए सरकार की प्रतिष्ठा नष्ट हो गई थी। जनमत और न्यायपालिका की निगाहों में ये दोनों मामले बेहद संवेदनशील रहे हैं। यह सब जानते हुए भी सीबीआई प्रमुख 2-जी स्पेक्ट्रम और कोयला आवंटन घोटालों के आरोपियों से अपने निवास पर खुलेआम मिलते रहे। इसे अनजाने में हुई भूल मानने को शायद ही कोई तैयार होगा। इस प्रकरण का खुलासा होने पर उन्होंने एक तरफ उस लॉग-बुक की प्रामाणिकता...
    September 10, 07:45 AM
  • उत्तरप्रदेश में 25 वर्ष पहले उर्दू को दूसरी राजभाषा का दर्जा दिया गया, तो उससे महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न उठे थे। अब सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने उनका निपटारा यह व्यवस्था देते हुए किया है कि सरकारें अपना कामकाज जनता के विभिन्न समूहों की ज़ुबान में करें, तो इस राह में कोई वैधानिक रुकावट नहीं है। उर्दू को दूसरी राजभाषा बनाने के लिए विधानसभा से पारित कानून की वैधानिकता को चुनौती संविधान के अनुच्छेद 345 के आधार पर दी गई थी। इस अनुच्छेद में कहा गया है, राज्य की विधायिका कानून पारित कर एक या अधिक...
    September 9, 07:41 AM
  • इरादा अच्छा है, लेकिन उसे पूरा करने की राह आसान नहीं है। यह इतना सरल होता तो सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश देने के छह महीने बाद भी बात जहां की तहां पड़ी नहीं रहती। मुद्दा यह अपेक्षा है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ चल रहे मुकदमों को तय समय-सीमा के भीतर निपटा लिया जाए। केंद्रीय गृह और विधि मंत्रियों ने अपने ताजा पत्रों में मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश की याद दिलाई है। उनसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि जिन मुकदमों में कोर्ट में आरोप तय हो...
    September 8, 08:07 AM
  • असंभव के विरुद्ध: देश के मुख्य न्यायाधीश आखिर राज्यपाल बने ही क्यों?
    बस, एक ग़लती कर दीजिए- आपको हर कोई, आजीवन जज करता रहेगा। - प्राचीन कहावत जस्टिस पलानीसामी सत्शिवम् (सदाशिवम् भी लिखा जाता है) पूछ रहे हैं कि उनके राज्यपाल बनने में ग़लत क्या है? बिल्कुल सही है। यानी उनका प्रश्न सही है। उनका बनना ग़लत है। चूंकि यह भारतीय इतिहास की पहली घटना है, इसलिए इसे प्रश्नवार समझना आवश्यक है। - योर ऑनर, आप केरल के राज्यपाल निश्चित बन सकते हैं - यदि संविधान, विधि, नियम आदि की बात करें तो। किन्तु न्यायाधीशों को न्याय करना ही नहीं, करते हुए दिखना भी चाहिए। देश के मुख्य...
    September 6, 09:19 AM
  • एनडीए सरकार ने ऐसे तमाम विचाराधीन कैदियों को रिहा करने की पहल की है, जिन पर संगीन इल्जाम नहीं हैं और जिन्होंने उन्हें संभव अधिकतम कैद की कम से कम आधी अवधि जेलों में गुजार ली है। अब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे तमाम कैदियों की रिहाई के लिए 1 दिसंबर तक की समय-सीमा तय कर दी है। यानी ऐसे कैदियों को जेलों में न रखा जाए, इस पर न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों में सहमति है। जाहिर है, नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिहाज से यह बड़ी खबर है। गौरतलब है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता में भी ऐसे कैदियों की रिहाई का प्रावधान...
    September 6, 08:29 AM
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