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  • बजट में आज क्या हो?
    अब तक हमने इस शृंखला में विशेषज्ञों से जाना कि उनके क्षेत्रों में बजट से क्या अपेक्षाएं हैं और ऐसा क्या किया जाना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में रौनक आ जाए। आज संसद में वित्तमंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे। इस पृष्ठभूमि में विशेषज्ञ पूरी अर्थव्यवस्था का जायजा लेकर बता रहे हैं जनता पर बोझ डाले बगैर सरकार की आमदनी बढ़ाने के उपाय। दो अन्य विशेषज्ञ बता रहे हैं मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की अपेक्षाएं : सिटीजन टैक्स लेकर आयकर में राहत दें पिछले दो साल आर्थिक वृद्धि दर औसत पांच फीसदी रही। इससे कर...
    July 10, 06:54 AM
  • रेल बजट 2014-15: निवेश से आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा
    मोदी सरकार का पहला रेल बजट भारतीय रेलों को नई दिशा तो दिखा रहा है, लेकिन परियोजनाओं के लिए पैसा जुटाना एक बड़ी चुनौती है। रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने कौन-सी नई दिशा दी है और वे पैसा कैसे लाएंगे बता रहे हैं विशेषज्ञ : रेल बजट इस अपेक्षा पर बहुत हद तक खरा उतरा है कि यह भारतीय रेल को नई दिशा देगा। हमने पिछले दो दिनों में किराये-मालभाड़े और अन्य सुविधाओं की चर्चा से ऊपर उठकर यह विचार किया था कि कौन-सी चीजें रेलवे का रूपांतरण कर सकती हैं। हमने कहा था कि साहब, पहाड़ों पर रेल चलाइए। यह पर्यावरण के लिए भी ठीक...
    July 9, 07:30 AM
  • काउंटडाउन: 1 दिन शेष बजट में क्या हो?
    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नीतिगत ढांचा खड़ा करने के साथ आविष्कार आधारित सेवाओं की जरूरत है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं तो सुधरेंगी ही, बड़े पैमाने पर रोजगार भी निर्मित होंगे। विश्वस्तरीय इंक्यूबेटर सेंटर स्थापित हों स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसी चार चुनौतियां हैं, जिनका बजट में तुरंत समाधान होना चाहिए। एक तो सरकार को हर हालत में गैर-संक्रामक रोगों को काबू में लाने की दिशा में प्रभावी नीतियों को अमल में लाना चाहिए। कोशिश हो कि इन पर प्राथमिक और सुरक्षात्मक...
    July 8, 06:19 AM
  • काउंटडाउन: 2 दिन शेष बजट में क्या हो?
    सर्वशिक्षा अभियान के जरिये छात्र संख्या बढ़ाने के बाद शिक्षा में अब गुणवत्ता की चुनौती है। उधर बिजनेस में दुनिया में माहौल सुधार पर है। इन दोनों क्षेत्रों में हम फायदे में कैसे रहें, हमारी शृंखला में बता रहे हैं इन विषयों के विशेषज्ञ : प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता की चुनौती नई सरकार शिक्षा के राष्ट्रीय एजेंडे को उसी रूप में आगे लेकर जाए, जिस रूप में उसका विकास पिछले कुछ वर्षों में हुआ है। सालों के विचार-विमर्श के बाद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की सख्त जरूरत अब हमारी नीित में दिखाई...
    July 7, 02:25 PM
  • काउंटडाउन: 4 दिन शेष बजट में क्या हो?
    बिजनेस में सारे खर्च घटाने के बाद टैक्स चुकाना होता है तो वेतनभोगी को टैक्स चुकाने के बाद खर्च के लिए रकम मिलती है। अब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी नहीं है तो यह नाइंसाफी दूर होनी चाहिए। शिक्षा इतनी महंगी है कि 80 सी से राहत वास्तविकता से मेल नहीं खाती। इसके लिए अलग प्रावधान मध्यवर्ग को काफी राहत दे सकता है। आयकर व कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़ी ऐसी अपेक्षाएं बता रहे हैंं तीन विशेषज्ञ: एफडी पर ब्याज से आय पर राहत दें हमारे आम करदाता को केंद्र की नई मोदी सरकार से बहुत अपेक्षाएं हैं। देश के डेढ़ करोड़...
    July 5, 07:38 AM
  • यदि... यदि बजट में हम हैं, तो बताइए!
    यदि आप पहली बार में सफल नहीं होते - तो फिर कोशिश कीजिए - 18वीं सदी की ब्रिटिश कहावत यदि आप पहली बार में सफल नहीं होते - तो आसमान से छलांग लगाना आपके लिए नहीं है - अमेरिकी रूपांतर यदि आप उन अच्छे लोगों में हैं जो आशावादी कहे जाते हैं, तो आशा कीजिए कि बजट कितना भी बुरा हो - एक साल का ही होता है। यदि आप ईमानदारी से टैक्स देते हैं तो आपकी 2 लाख रु. सालाना छूट के 3 लाख रु. होने की आशा सही है। यदि आप वित्तमंत्री अरुण जेटली के चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्त विचार पर विश्वास कर, छूट के प्रति आश्वस्त...
    July 5, 07:25 AM
  • बीमा और पेंशन में विदेशी निवेश बढ़ाएं
    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अगले हफ्ते अपना पहला बजट पेश करने जा रही है। आज से शुरू भास्कर शृंखला में अर्थव्यवस्था के विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों से जानिए बजट से उनकी अपेक्षाएं और जनता की उम्मीदें पूरी करने के उपाय। ये बता रहे हैं कि कैसे अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर हो, नौकरियां बढ़ें और विदेशी निवेश में चमत्कारी इजाफा हो। बीमा और पेंशन में विदेशी निवेश बढ़ाएं पहली बात तो वित्तीय मजबूती की है और इसमें सबसे पहले सब्सिडी को तर्कसंगत बनाने की है। कुल सब्सिडी को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के...
    July 4, 06:02 AM
  • भारत इस समय दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार है। एक समय यह स्थिति चीन की भी थी, लेकिन आज चीन न सिर्फ रक्षा मामलों में आत्मनिर्भर है, बल्कि वह हथियारों का प्रमुख निर्यातक बनकर भी उभरा है। क्या भारत ऐसा नहीं कर सकता? इस प्रश्न पर विचार करने और इस उद्देश्य के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने का यह संभवत: सबसे उचित अवसर है, क्योंकि केंद्र में नई सरकार बनने के बाद से अस्त्र-शस्त्र विक्रेता देशों के नेताओं की भारत आने की कतार लगी हुई है। फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरां फेबियस अपने देश में निर्मित रफायल...
    July 2, 08:04 AM
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने यह स्पष्टीकरण देने में देर नहीं लगाई कि वे यौन शिक्षा के नहीं, बल्कि अश्लीलता के विरोधी हैं। इसके पहले उनकी वेबसाइट पर 2013 में लिखी गई बातों को लेकर विवाद उठा। उनकी सफाई के बाद उनकी राय के संदर्भ में इस विवाद को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है। मगर यौन शिक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिस पर साफ समझ बनाने की जरूरत लगातार बनी हुई है। सबसे पहली बात तो यही स्पष्ट करना है कि आखिर यौन शिक्षा का मतलब क्या है? गौरतलब है, किशोर-वय शिक्षा कार्यक्रम 2005 में केंद्रीय...
    July 1, 04:14 AM
  • भारत को विभिन्न मोर्चों पर हिंसा और अशांति से नहीं निपटना पड़ता तो 2013 में देश 177 अरब डॉलर की बचत कर सकता था। यह रकम हमारे सकल घरेलू उत्पाद के 3.6 प्रतिशत के बराबर है। वैसे पूरे विश्व को पिछले वर्ष आतंकवाद, गृह युद्ध, हिंसा और अन्य प्रकार की अशांति के कारण अपने जीडीपी के 11.3 फीसदी के बराबर संसाधन खर्च करने पड़े। यह अनुमान अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पीस (आईईपी) ने लगाए हैं। उसके द्वारा तैयार विश्व शांति सूचकांक पर आधारित 162 देशों की ताजा सूची में भारत 2012 की तुलना में दो...
    June 30, 06:20 AM
  • प्रधानमंत्री के रूप में एक महीना पूरा करने पर नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया तो कहा जा सकता है कि उन्होंने दिल से और दिल खोलकर अपनी सोच एवं भावनाएं जनता के सामने रखीं। संभवत: उद्देश्य लोगों के साथ प्रत्यक्ष औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह का संवाद स्थापित करना है। वरना, दिल्ली में नया होने को लेकर जो आशंकाएं उनके मन में थीं, उन्हें वे इतनी साफगोई से सार्वजनिक क्यों करते? बहरहाल, उनकी इस बात पर दो राय हो सकती है कि उनकी सरकार को हनीमून पीरियड नहीं मिला है। दरअसल,...
    June 28, 05:28 AM
  • साई बाबा का तो कोई अपमान नहीं हुआ, किन्तु स्वरूपानंद ने 'शंकराचार्य' को ठेस पहुंचाई
    मैं मृत्यु से नहीं डरता। मुझे तो यही दु:ख है कि मेरी कीर्ति कलंकित हो जाएगी। यदि कीर्ति शुद्ध रहे और मृत्यु आ जाए - तो मैं उसे संतान जन्म के उत्सव जैसा मनाऊंगा। - शूद्रक के नाटक मृच्छकटिकम् से स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को द्वारका-ज्योतिष पीठ से अनेक अधिकार मिले होंगे। कौन से, यह तो पता नहीं। किन्तु निश्चित ही यह अधिकार तो उन्हें नहीं ही है कि वे यह तय करने का प्रयास करें कि कौन किसकी पूजा करे, न करे। उन्हें क्या, संसार में ही किसी को ऐसा अधिकार प्राप्त नहीं है। न किसी मनुष्य को।...
    June 28, 04:45 AM
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