संपादकीय
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  • जगदीश भगवती और अरविंद पनागरिया अंतरराष्ट्रीय ख्याति के ऐसे अर्थशास्त्री हैं, जो नरेंद्र मोदी सरकार के बारे में कुछ कहें, तो उस पर अवश्य ध्यान दिया जाना चाहिए। ये दोनों विकास के गुजरात मॉडल के न सिर्फ समर्थक रहे हैं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक नजरिये को लोकप्रिय बनाने में इन दोनों के वैचारिक हस्तक्षेप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब पनागरिया ने सार्वजनिक रूप से निराशा जताई है कि एनडीए सरकार ने कर आतंकवाद खत्म करने के प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं और इसका शिकार प्रधानमंत्री का मेक इन...
    47 mins ago
  • असंभव के विरुद्ध: रामदेव को ज़ेड सुरक्षा,  उन्हें किससे खतरा है?
    यदि आपके इर्दगिर्द हथियारबंद सुरक्षाकर्मी हैं तो एक ही बात तय है-आप भयभीत हैं- -अज्ञात आप एक बार फिर ठगे गए हैं। बाबा रामदेव को सर्वोच्च श्रेणी की ज़ेड सुरक्षा देना साधारण और असुरक्षित भारतीय नागरिक को ठगने जैसा ही तो है। प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति सहित शीर्षस्थ 17 अति महत्वपूर्ण पदों या व्यक्तियों को मिलने वाली ज़ेड प्लस के ठीक बाद वाली श्रेणी। क्यों? क्या इसलिए कि वे आरंभ से ही नरेंद्र मोदी के पक्ष में प्रचार करने निकल गए थे? वैसे पिछली बार आप ठगे नहीं गए थे। अपमानित किए गए थे।...
    November 22, 07:28 AM
  • धनी देश व्यापार शर्तों को आसान बनाने के समझौते ट्रेड फेसीलिटेशन एग्रीमेंट (टीएफए) को फौरन अमली जामा पहनाना चाहते हैं और उनकी इस मंशा को पूरा करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का विशेष सत्र 26 नवंबर को बुलाया गया है। स्पष्टतः इस सत्र का रास्ता खाद्य सब्सिडी मुद्दे पर भारत और अमेरिका में सहमति बनने से खुला, लेकिन क्या अब सचमुच भारत की तमाम चिंताएं दूर हो गई हैं? भारत-अमेरिका में रजामंदी हुई कि जब तक खाद्य सब्सिडी की गणना के अंतिम फॉर्मूले पर सर्व-सहमति नहीं बनती, तब तक इससे संबंधित...
    November 22, 07:25 AM
  • क्या नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अगले हफ्ते शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में अपना आर्थिक एजेंडा पूरा कर पाएगी? अर्थव्यवस्था और प्रकारांतर में सबकी खुशहाली इस सवाल से जुड़ी हुई है। मगर ये प्रश्न इसलिए उठा है, क्योंकि सरकार और विपक्ष में तनातनी बढ़ने के संकेत हैं, जबकि उन दोनों के सहयोग के बिना महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सकते। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा के मुताबिक बीमा बिल पर बनी प्रवर समिति अपना काम अपेक्षित ढंग से आगे नहीं बढ़ा सकी है, इससे ऐसा लगता है...
    November 21, 04:24 AM
  • नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं जैसा माहौल बना रही हैं, वैसा तो हाल के दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान नहीं हुआ। अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया में भी आधिकारिक वार्ताओं और कार्यक्रमों से अलग मोदी का जादू नजर आया। वहां भी इसमें बड़ा योगदान भारतीय मूल के लोगों का रहा। लगभग हर देश में ये समूह मोदी के प्रधानमंत्री बनने से उत्साहित हैं और उनके नेतृत्व में भारत का उत्थान होने की संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं। मोदी ने भी इन लोगों से तार जोड़ने की सुविचारित रणनीति के तहत...
    November 20, 06:35 AM
  • जस्टिस मुकुल मुद्गल समिति ने यह अवश्य कहा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सट्टेबाजी/स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं थे, लेकिन इससे इस प्रकरण में श्रीनिवासन दोषमुक्त नहीं हो जाते। उनके दावे के विपरीत मुद्गल समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन आईपीएल की टीम चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारी थे। फिर इस समिति ने यह भी कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष श्रीनिवासन इस टूर्नामेंट में एक...
    November 19, 06:51 AM
  • भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर महीनों से उम्मीदें उछाल मार रही हैं। खासकर शेयर बाजार जैसी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा, उससे यह धारणा बनी है कि सब कुछ ठीक होने की राह पर है, लेकिन अधिक ठोस संकेतकों पर गौर करें, तो मालूम पड़ता है कि अभी भी समस्याएं बरकरार हैं। जुलाई-सितंबर की तिमाही में तकरीबन 2000 कंपनियों के प्रदर्शन के बारे में जारी ताजा आंकड़ों से जाहिर हुआ है कि देशी बाजार में सुस्ती बनी हुई है। इस दौरान इन कंपनियों के मुनाफे में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 41.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, लेकिन उनके...
    November 18, 06:31 AM
  • महाराष्ट्र की नई भारतीय जनता पार्टी सरकार की यह घोषणा निराशाजनक है कि वह हर हाल में मराठा समुदाय को आरक्षण दिलवाएगी। इसके लिए देवेंद्र फडणवीस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है, जबकि राज्य सरकार की नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में मराठों को 16 तथा मुसलमानों को 5 प्रतिशत आरक्षण देने के पूर्व कांग्रेस-एनसीपी सरकार के निर्णय पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कई तार्किक प्रश्न खड़े करते हुए रोक लगा दी। (हालांकि कोर्ट ने मुस्लिम युवकों के सामाजिक समावेशन के उद्देश्य को स्वीकार किया और शिक्षण...
    November 17, 06:17 AM
  • असंभव के विरुद्ध: यदि आप इनकम टैक्स और बैंक लोन चुका रहे हैं तो इस गठजोड़ पर जरूर बोलिए
    बच्चा तब बड़ा माना जाता है जब पिता से पैसे नहीं, लोन मांगे। बड़ा तब होशियार माना जाता है जब पिता से नहीं, बैंक से लोन ले। किन्तु वह रसूखदार तब माना जाता है जब न टैक्स दे, न लोन चुकाए। - अज्ञात कानून, ताकतवर हाथों में पिस जाता है। दो शक्तिशाली राज्यसभा सांसदों के दो किस्सों ने यही सिद्ध किया है। पहले हैं : अभिषेक मनु सिंघवी। कांग्रेस से। सुप्रीम कोर्ट के प्रभावी और सफल वकील हैं। सिंघवी पर इनकम टैक्स ने 56 करोड़ रु. का टैक्स-जुर्माना लगाया है। क्या देश का कोई कानून, कानूनविद् सिंघवी...
    November 15, 07:21 AM
  • ब्रिटेन में छाया मंत्रिमंडल (शैडो कैबिनेट) सफल प्रयोग है। इसके तहत विपक्ष में रहने वाली पार्टी भी अपना मंत्रिमंडल बनाती है। उसके सदस्यों में विभागों का बंटवारा किया जाता है। छाया मंत्री का काम अपने विभाग से संबंधित सरकारी मंत्रालय की नीतियों और कामकाज की बारीक निगरानी, उससे अपनी पार्टी के मतभेदों की व्याख्या और वैकल्पिक नीतियों को प्रस्तुत करना होता है। इससे आम मतदाता लगातार सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच समझ और सोच की दिशा को लेकर मौजूद फर्क से परिचित रहते हैं। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष...
    November 15, 06:29 AM
  • उधार की कसौटी पर उच्च शिक्षा
    भारत में उच्च शिक्षा की स्थिति को लेकर विभिन्न हल्कों में अक्सर चिंता प्रकट की जाती है। इस तरह की चर्चाओं में उसके आभिजात्यीकरण या एलीट बायस और व्यापक समाज के लिए प्रयोजनहीनता पर खास तौर पर ध्यान दिया जाता है। पर इससे कहीं अधिक बड़ा सवाल यह है कि समाज के उपेक्षित, वंचित और पिछड़े वर्ग की शिक्षा के क्षेत्र में भागीदारी कमतर होती जा रही है। आज शिक्षा संस्थानों में इनके लिए आरक्षित पद भरे ही नहीं जा रहे हैं क्योंकि वे शिक्षा में टिक नहीं पाते और परिणाम यह है कि उनके लिए आरक्षित पद खाली पड़े हैं, उनके...
    November 15, 06:11 AM
  • नौ बार जेल गए और तीन किताबें लिख डाली, पढ़िए नेहरू से जुड़े ऐसे ही किस्से
    नई दिल्ली. जवाहरलाल नेहरू। बहुमुखी व्यक्तित्व! देशभक्त, दार्शनिक, इतिहासकार, राजनयिक, कानूनविद और आखिर में आधुनिक भारत के शिल्पकार। मगर सबसे बढ़कर एक स्वप्नदृष्टा। उनकी लेखनी में कवियों जैसे रूपक और चित्र दिखाई देते हैं। वहीं उनकी नीतियों में भारत के दूरगामी विकास के बीज हैं। देश के बुनियादी ढांचे ने उसी से आकार लिया है। अवसान की आधी सदी बाद नेहरू की प्रासंगिकता फिर चर्चा में है, क्योंकि उन्हीं की बनाई आर्थिक संस्थाओं ने देश को 2008 में आई वैश्विक मंदी की आंच उस प्रकार महसूस नहीं होने दी, जैसी...
    November 14, 03:37 AM
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