संपादकीय
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  • 'साधारण नागरिकों से बुलंद है भारत, वरना लेफ्ट और राइट ने बर्बाद करने में क्या कसर छोड़ी है?'
    कल्पेश याग्निक का कॉलम... वामपंथी : जिनके पास आदर्शों के नाम पर क्रूर तानाशाहों जैसे वो नेता हैं - जिन्हें तानाशाही करने नहीं मिली। तो जुमले, जनवादी चला दिए। कि सर्वहारा की तानाशाही। जबकि इच्छा भीतर यही रही-पावर ग्रोज़ आउट ऑफ द बैरल ऑफ अ गन। दक्षिणपंथी : वो प्रतिक्रियावादी ताकतें जिन्हें लगता है कि संस्कृति का पूरा बोझ उन पर है। इस जिम्मेदारी के नाम पर वे सभी को डरा कर रखना चाहती हैं। - परिभाषाएं, जो अभी तक प्रचलित नहीं हैं। आज का यह कॉलम उन सभी बुद्धिजीवियों को विचलित कर सकता है - जो सभी के...
    February 13, 07:26 AM
  • प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह की चुप्पी की बहुत चर्चा थी। 20 महीने पहले यह पद छोड़ने के बाद भी वे कुल मिलाकर घटनाओं के खामोश पर्यवेक्षक ही बने रहे। मगर अब जब अर्थव्यवस्था फिर मुश्किल में है और कई राजनीतिक मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार सवालों से घिरी है, तो डॉ. सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। इसके लिए माध्यम एक अंग्रेजी मेगजीन को बनाया। उसे इस मौके पर लंबा इंटरव्यू देने का मतलब यही है कि डॉ. सिंह की राय में मोदी सरकार की आलोचना का सही समय आ गया है। सरकार की अर्थनीति और विदेश नीति को निशाने पर लेने...
    February 13, 04:24 AM
  • ट्राई के फैसले से फेसबुक की फ्री बेसिक्स योजना पर पानी फिरने से कंपनी के अमेरिका स्थित बोर्ड डायरेक्टर मार्क एंड्रीसन बौखला गए। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि इंटरनेट टैरिफ को लेकर भारत सरकार का फैसला सही नहीं है और भारत अगर ब्रिटिश शासन के अधीन होता तो इसकी हालत बेहतर होती। इसके पहले फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग ने भी पोस्ट लिख कर येन-केन प्रकारेण भारतीय बाजार पर कब्जे का संकल्प दोहराकर भारत के कानून और सार्वभौमिकता को चुनौती दी थी। अाखिर मुफ्त की सेवा देने के लिए फेसबुक इतना बेचैन...
    February 12, 05:03 AM
  • लेखन: चित्रों से की-बोर्ड तक सफर
    लिफाफे की पीठ पर किराने के सामान की सूची तो आपने पहले कभी बनाई होगी, यदि शिक्षक हैं तो बोर्ड पर लिखने के अलावा बच्चे की कॉपी में रिमार्क भी किए होंगे। दफ्तर की मीटिंग में हम नोट्स बनाते ही हैं। याद कीजिए कि पिछली बार आपने कागज-पेन लेकर लंबा-सा पत्र कब लिखा था? लिखना कब टाइपिंग में बदल गया और टाइपिंग कब स्टाइलस से किसी स्क्रीन पर तब्दील हो गई हमें पता नहीं चला। अब जब लैपटॉप पर नोट्स लिए जा रहे हैं, तो कर्सिव राइटिंग तो कब की विदा हो गई। यह सिर्फ लेखन का इतिहास है, लेकिन इनोवेशन अब भी जारी हैं। चार...
    February 12, 04:54 AM
  • बराक ओबामा जब पिछले वर्ष नई दिल्ली आए थे, तब भारत और अमेरिका ने कहा था कि दक्षिण चीन सागर में नौवहन की स्वतंत्रता का वे समर्थन करते हैं। उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच उन खास क्षेत्रों की पहचान करने पर भी सहमति बनी थी, जिनमें दोनों देश समुद्री सहयोग बढ़ा सकते हैं। अब खबर है कि दक्षिण चीन सागर में साझा गश्त लगाने पर भारत और अमेरिका विचार कर रहे हैं। यह दूरगामी परिणामों वाली पहल है। यह समुद्री इलाका विवादास्पद है। चीन का उस पर दावा है, लेकिन दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई देश...
    February 11, 04:06 AM
  • पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने भारतीय अदालत के सामने 26/11 के षड्यंत्र की वही कहानी दोहराई, जिसका खुलासा काफी पहले हो चुका था। फिर भी उसकी गवाही अहम है, क्योंकि अब उस आतंकवादी हमले के पाकिस्तान में बैठे कर्ता-धर्ताओं के नाम तथा उनकी भूमिका ठोस न्यायिक साक्ष्य के रूप में उपलब्ध हैं। किंतु बड़ा सवाल यह है कि भारत इन सबूतों का क्या करेगा? जब अतीत में ऐसे साक्ष्यों और सुरागों के आधार पर पाकिस्तान ने कार्रवाई नहीं की, तो अब वह ऐसा करेगा- इस उम्मीद का कोई आधार नहीं है। गत 2 जनवरी को हुए...
    February 10, 04:34 AM
  • भारत में इंटरनेट के करोड़ों यूज़र इस खबर से राहत महसूस करेंगे। यह इंटरनेट माध्यम की तटस्थता यानी- नेट न्यूट्रेलिटी- के पक्षधरों के लंबे संघर्ष का परिणाम है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने इंटरनेट सेवा शुल्क में भेदभाव पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान भी उसने किया है। इसके बाद अब फेसबुक की फ्री बेसिक्स तथा एयरटेल जीरो जैसे स्कीम नहीं चलाई जा सकेंगी। फेसबुक ने अपनी योजना के पक्ष में सैकड़ों करोड़ रुपए का धुआंधार विज्ञापन अभियान चलाया।...
    February 9, 03:07 AM
  • समर्पण के साथ धर्म पालन से बनती है बात
    संसार में सब कुछ नश्वर है, क्षणिक है। उत्पन्न होना, पूर्णता पाना, कुछ और उत्पन्न करना, प्रकट करना और अंतत: लुप्त हो जाना। सब देखा-समझा व अनुभव भी किया जा सकता है। इस नश्वर संसार से परे एक और संसार है। जिसका आभास व ज्ञान केवल सनातन धर्म में पूर्णतया स्थित, स्थितप्रज्ञ आत्मवान मानव को होता है। इस ज्ञान का रहस्योद्घाटन और सत्य स्थापन्न सर्वोन्नत आत्मज्ञानी ही कर पाता है। यह पराज्ञान की पूर्णता है। ब्रह्माण्ड प्रकृति व जीव का सनातन वैज्ञानिक सत्य है। श्रीकृष्ण इस अपरा व परा ज्ञान-विज्ञान के पूर्ण...
    February 8, 04:01 AM
  • '' एपल हो या गूगल-अल्फाबेट सबसे मूल्यवान तब होंगे जब हमारे लिए एकदम नया करेंगे ''
    कल्पेश याग्निक का कॉलम नया क्या और कहां से लाएं? हर बात तो कही जा चुकी है। आखिर मानव जाति को देखते हुए, रहते हुए, सोचते हुए सात हजार वर्ष जो हो चुके हैं! - फ्रेंंच कहावत जब कोई काम समय से आगे दिखे तो जान लीजिए कि वास्तव में तो समय उस काम के पीछे रह गया है।- अमेरिकी कहावत जिनकी ताकत पर मैं पत्रकारिता करता जा रहा हूं - उन पत्रकारों-संपादकों की एक बैठक में गंभीर मंथन के दौरान मैंने किसी ख़बर पर कहा -आप ने इसके कई पहलू क्यों नहीं तलाशे? जबकि मैंने एेसी तमाम खोजबीन के लिए दो व्यक्ति विशेष रूप से नियुक्त...
    February 6, 07:23 AM
  • नरेंद्र मोदी ने नाम नहीं लिया है, लेकिन उनका इशारा साफ था कि एक परिवार संसद में व्यवधान के लिए जिम्मेदार है, जिस कारण महत्वपूर्ण विधायी कार्य तथा सुधार रुके पड़े हैं। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या वे 2014 के आम चुनाव में अपनी हार का बदला ले रहे हैं? जिन पर निशाना था, बात वहां तक पहुंची। तुरंत राहुल गांधी ने जवाब दिया कि अपने वादे पूरे न कर पाने के कारण मोदी बहाना बना रहे हैं। आक्रामक मुद्रा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री को ऐसी सरकार नहीं चलाने देगी, जो सिर्फ तीन या चार उद्योगतियों...
    February 6, 04:04 AM
  • पंजाब दुनिया की उन जगहों में से है, जहां महिला-पुरुष अनुपात सबसे कम है। 2001 की जनगणना में वहां प्रति हजार पुरुषों पर सिर्फ 846 महिलाएं थीं। दस साल बाद 2011 की जनगणना में यह अनुपात कुछ बढ़ा और प्रति 1000 पुरुषों पर 893 महिलाएं हो गईं, लेकिन चिंताजनक पक्ष तो यह था कि बच्चों में लिंगानुपात घट रहा था। पहले यह प्रति हजार बालकों पर 961 बालिकाओं का था, जो बाद में घटकर 846 बालिकाओं का रहा। 2015 मंे राज्य में महिलाओं की संख्या प्रति हजार पुरुषों पर 903 महिलाएं हैं, जो उल्लेखनीय प्रगति कही जा सकती है। यह बड़े सामाजिक बदलाव का...
    February 5, 06:04 AM
  • वैक्सीन: जिनसे बची लाखों ज़िंदगियां
    आपने आधुनिक सर्जरी और पैनिसिलीन जैसी चमत्कारिक दवाओं के बारे में पढ़ा होगा, लेकिन वैक्सीन यानी टीकाकरण ने जितनी ज़िंदगियां बचाईं, उसकी कोई मिसाल नहीं है। जानिए- वैक्सीनेशन टीकाकरण अाधुनिक चमत्कार है, जिसने चिकित्सा जगत की अन्य किसी खोज की तुलना में कहीं ज्यादा जिंदगियां बचाई हैं पर वैक्सीन बनाने वालों ने भी अपनी जिंदगियां दांव पर लगाई और ये सभी मेडिकल पेशे के लोग नहीं थे। ईसा से हजार साल पहले आयुर्वेद के शाक्तेय ग्रंथम में चेचक रोगी के घाव की पपड़ी (स्कैब) से बने चूर्ण का वैक्सीन की तरह...
    February 5, 05:57 AM
  • जीका वायरस का आतंक जिस तेजी से दुनिया में फैला है, उसके मद्देनजर उचित होगा कि भारत में भी इससे बचाव की एहतियाती तैयारियां शुरू की जाएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) इस इन्फेक्शन के प्रभाव से उत्पन्न स्थिति को सार्वजनिक स्वास्थ्य इमरजेंसी घोषित कर चुका है। 22 देशों में इस रोग के लक्षण मिलने के बाद डब्ल्यूएचओ ने यह चेतावनी जारी की। पहले माना गया कि ये संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलता है। बाद में पता चला कि यौन संबंधों के जरिये भी इसका प्रसार होता है। अमेरिका के टेक्सास में यौन संबंध से...
    February 4, 05:33 AM
  • ऐसा कम ही होता है जब सुप्रीम कोर्ट किसी मामले में क्यूरेटिव पिटीशन स्वीकार कर ले, लेकिन अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध घोषित करने वाली भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के मामले में उसने यह असाधारण निर्णय लिया है। यह धारा 1862 में अस्तित्व में आई थी। जाहिर है, उसके बाद नैतिकता संबंधी मानदंडों में भारी बदलाव आ चुके हैं। वह दौर अंग्रेजों की गुलामी का था, जबकि आजादी के बाद भारत में लागू हुए संविधान में व्यक्ति की मूलभूत स्वतंत्रताओं की रक्षा पर खास जोर है। इन्हीं परिवर्तनों का परिणाम था कि 2009 में दिल्ली...
    February 3, 03:58 AM
  • कमजोर तबकों की भलाई के लिए बने कानूनों को लागू करने में लापरवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नाराजगी सख्त लहजे में जताई है। सूखाग्रस्त राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम), मिड-डे मील आदि जैसी योजनाओं पर अमल में ढिलाई से खफा जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस आरके अग्रवाल की खंडपीठ ने सवाल उठाया कि क्या कोई राज्य सरकार संसद से पारित कानून को लागू करने से इनकार कर सकती है? हालांकि, समाज कल्याण से संबंधित कानूनों पर अमल का कई प्रदेशों का...
    February 2, 04:03 AM
  • शरीर वाहन और आत्मा है ड्राइवर
    निस्वार्थ रहना या निस्वार्थ कर्म का क्या है? ऐसे कर्म का भाव ऐसी चीज है, जिसे धीरे-धीरे प्राप्त किया जा सकता है। यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे क्षण भर में समझा या प्राप्त किया जा सके। लंबे समय तक इसके साथ सजगता बनी रहनी चाहिए। यह गीता की अवधारणा है। कार्य कौन संपादित करता है? शरीर, मन या आत्मा? गीता में इसका उत्तर दिया गया है। तदनुसार शरीर के अंदर बैठी आत्मा कार्य संपादित कर रही है। इस संदर्भ में कार और चालक की उपमा प्रासंगिक है। कार को कौन चलाता है? एक कार सिर्फ धातुओं से बनी एक संरचना है, जिसमें गियर...
    February 1, 04:46 AM
  • कल्पेश याग्निक का कॉलमः इसे केरल का घोटाला कहकर शर्मिंदा न करें...
    इसे केरल का घोटाला कहकर शर्मिंदा न करें - यह तो नैतिक पतन का क्रूर अट्टहास है कुछ धोखे इतने महीन होते हैं -इतनी खूबसूरती से बुने हुए -कि आकर्षित होकर उनमें न फंसना विशुद्ध मूर्खता होगी। - ब्रिटिश चिंतक चार्ल्स कोल्टन (1780-1832) आज के कॉलम में मौलिक लेखन नहीं है -किन्तु केरल के काले कारनामों की मौलिकता बचाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी था। केरल में अकल्पनीय कलंक लगा। मुख्यमंत्री ओमन चांडी पर एक सत्ता की दलाल ने भयंकर आरोप जड़े -यह बहुत छोटी-सी कहानी है। उस दलाल सरिता एस. नायर के लिव-इन...
    January 30, 08:06 AM
  • केरल हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री ओमन चांडी को फौरी राहत जरूर मिली है, लेकिन इससे उनकी राजनीतिक परेशानियां दूर नहीं होंगी। उलटे शुक्रवार को बहुचर्चित सौर पैनल घोटाले की मुख्य अभियुक्त सरिता एस. नायर ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों पर नए इल्जाम लगा दिए। घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के सामने बुधवार को नायर ने मुख्यमंत्री और राज्य के बिजली मंत्री अरायादान मोहम्मद को रिश्वत देने का आरोप लगाया था। कहा था कि सौर परियोजना का ठेका पाने के लिए उसने एक करोड़ 90 लाख रुपए चांडी के मुख्य सहायक...
    January 30, 03:04 AM
  • इन तीन लोगों ने 'जिद' से बदल दी ऐप की दुनिया, उंगली तले ला दिया नेट
    आपने कम्प्यूटर, इंटरनेट और मोबाइल के आविष्कार के बारे में तो पढ़ा होगा, लेकिन ऐप के आविष्कार का जिक्र कहीं नहीं होता। कई लोगों की इस जिद ने नेट को WWW टाइप करने से आजाद कर दिया। ऐप बनाने में भारत भी प्रमुख... एक समय था, जब मोबाइल का काम केवल बातें करना और मैसेज भेजना होता था। ऐप तैयार करने की संभावनाएं बढ़ीं और फिर क्रांति ही आ गई। आज पूरी दुनिया ऐप बना रही है, लेकिन 10 देशों का कब्जा है। उनमें भारत भी प्रमुख है। हाथ पर चलने वाला कम्प्यूटर​... ऐप ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम जरूरी था। ब्रिटेन...
    January 29, 12:19 PM
  • ज़िद यानी विफलता, कठिनाइयों, बाधाओं और प्रगति में ठहराव के बावजूद लंबे समय तक लक्ष्य की दिशा में प्रयास और रुचि बनाए रखना। वह क्या बात है, जो लोगों को डटे रहकर किसी काम को पूरा करने की ज़िद देती है? विज्ञान कहता है कि हमारे दिमाग के अगले हिस्से से निकलने वाला डोपामाइन वह हार्मोन है, जो ज़िद को भड़काता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि डोपामाइन का स्तर हमेशा अधिक बना रहे तो ज़िद जिंदगी भर की आदत बन जाती है। जॉर्जिया यूनिवर्सिटी के ब्रेन एंड बिहेवियर डिस्कवरी इंस्टीट्यूट के को-डायरेक्टर डॉ. जो जेड त्सीएन...
    January 29, 07:01 AM