चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग की भारत यात्रा इस लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाएगी कि इससे दोनों देशों के आपसी संबंधों के बारे में समझ अधिक यथार्थवादी और सकारात्मक हुई है। भारत-चीन के रिश्तों में जटिलताएं हैं, लेकिन वे आपसी लाभ के क्षेत्रों में दोतरफा सहयोग बढ़ाने की राह में बाधक नहीं हैं। ली ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन का सहयोग न सिर्फ दोनों देशों, बल्कि एशिया और पूरे विश्व के फायदे में है।
ली ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने सार्वजनिक बयानों में भारत के प्रति जो आदर और सद्भाव दिखाया है, उससे अतीत एवं हाल की कड़वाहटों से आगे निकलने का रास्ता खुला है। सबसे खास...