Home >> Abhivyakti >> Editorial
  • सहारनपुर में सांप्रदायिक दंगे से फिर सारे देश के कान खड़े हुए हैं, मगर यह अफसोसनाक है कि उत्तरप्रदेश के राजनेताओं की नजर इस घटना पर सियासी रोटियां सेंकने से आगे नहीं जा सकी है। जिस घटना में तीन लोगों की जान गई और दर्जनों दुकान-मकान जला दिए गए, उसके तुरंत बाद राज्य में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के विवादास्पद नेता आजम खान ने आरोप लगा दिया कि उत्तरप्रदेश में शांति भंग करने की साजिश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर स्थित कार्यालय में रची गई। खान मंत्री हैं और अगर उनके पास इतनी आधिकारिक जानकारी...
    07:55 AM
  • अमेरिका ने निराशा जताकर, यूरोपीय संघ ने दबाव बनाकर और ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी के लहजे में बात करते हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की वार्ता में भारत को प्रभावित करने की कोशिश की है। इसके बावजूद भारत अपनी चिर-परिचित नीति पर अडिग है कि वह ट्रेड फैलिसिटेशन एग्रीमेंट (टीएफए) पर तभी राजी होगा, जब पश्चिमी देश खाद्य सब्सिडी संबंधी करार को अंतिम रूप देने पर सहमत हों। इस मुद्दे पर गतिरोध गहरा है। इसका परिणाम यह होगा कि 31 जुलाई की तय समय-सीमा तक टीएफए पर सभी देशों की मुहर लगने की संभावना घट गई है। धनी...
    July 28, 06:55 AM
  • क्या आपने बारिश को कभी इस तरह देखा है?
    कुछ ही लोग बारिश में चल पाते हैं। बाकी सब तो केवल गीले होते हैं। -रोजर मिलर तूफान गुजरने की प्रतीक्षा करना जीवन नहीं है। बारिश में नाच उठें, यह कला सीखना ही जीवन है। -अज्ञात बारिश बचपन है। बच्चे जैसी अबोध। नवजात सी निश्चल। मृग-छाैने सी चंचल। सिंह-शावक सी निर्भीक। वर्षा युवावस्था है। नवयुवकों जैसी पराक्रमी। नवयुवतियों सी निपुण। कैशोर्य सी गतिशील। षोड्षी सी निरन्तर। रमणी सी रहस्यमय। शेर सी दहाड़ती। हिरणी सी निर्दोष। बरसता पानी प्रौढ़ है। पिता जैसा गांभीर्य। मां सा विदुषी। बड़े भाई...
    July 26, 04:56 AM
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्द्धन ने एक ऐसी समस्या पर दो-टूक बयान दिया है, जिससे लगभग हर आम आदमी को कभी न कभी पीड़ित होना पड़ता है। डॉक्टरों और पैथोलॉजी जांच सेंटरों के बीच मिलीभगत की शिकायत इतनी गहरी हो चुकी है कि उससे न सिर्फ आम मरीज, बल्कि ईमानदार डॉक्टर भी परेशान हैं। हर्ष वर्द्धन खुद मेडिकल डॉक्टर हैं। अतः उन्हें मालूम है कि मरीजों को कैसे ठगा जा रहा है। लोकसभा में उन्होंने कहा कि बीमार लोगों की गैर-जरूरी जांच लिखी जाती है, क्योंकि जांच सेंटर डॉक्टरों को कमीशन देते हैं। स्वास्थ्य...
    July 25, 04:58 AM
  • पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या में तेजी से आती गिरावट भारत में आपातकालीन स्थिति में पहुंच गई है। इस संकट के उन्मूलन के लिए अविलंब कदम उठाने की जरूरत है। यह चेतावनी संयुक्त राष्ट्र ने दी है। कहा जा सकता है कि यह कोई नई जानकारी नहीं है। बहरहाल, संतान के लिंग चयन की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके परिणामों के बारे में संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट ने हमें फिर आगाह किया है कि बेटी पर बेटे को तरजीह देने की हमारी मानसिकता समाज के लिए कितने बड़े संकट को न्योता दे रही है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है,...
    July 24, 05:10 AM
  • यह सवाल अप्रासंगिक नहीं है कि भ्रष्टाचार के आरोपी एक अतिरिक्त जज को पहले सेवा विस्तार देने और फिर उसे स्थायी न्यायाधीश बनाने के मामले का खुलासा जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इतनी देर से क्यों किया? अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा है कि अगर जस्टिस काटजू को तथ्य मालूम थे और इसको लेकर वे इतने चिंतित थे, तो उन्हें तभी बोलना चाहिए था। यह भी कहा गया है कि काटजू चाहते तो मद्रास हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश होने के नाते आरोपी अतिरिक्त जज से सारे काम वापस ले सकते थे। मगर वे नौ साल चुप रहे। दो प्रधान...
    July 23, 04:05 AM
  • शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से अकाली दल ही क्या पूरे सिख समुदाय- की जुड़ी भावनाओं को समझा जा सकता है। कांग्रेस से अकाली दल का पुराना टकराव भी सर्वज्ञात है। फिर गुरुद्वारों की आमदनी अकूत है, इसलिए कोई पक्ष उन पर से अपना नियंत्रण आसानी से खत्म नहीं होने देगा। अतः जब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने इस राज्य में एसजीपीसी की अलग इकाई बनाने का कानून पारित कराया, तो उसको लेकर तीखा विवाद उठना ही था। अब इसके दो मोर्चें सामने हैं। पंजाब में अकाली दल (बादल) ने इसे...
    July 22, 07:12 AM
  • मलेशियाई विमान एमएच-17 को मिसाइल से मार गिराने की घटना के बाद से पश्चिमी देशों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन को चेतावनी देने के लहजे में बात की है। परंतु वे यह बताने में विफल रहे हैं कि पुतिन ने उनकी मर्जी के मुताबिक व्यवहार नहीं किया तो वे क्या करेंगे? असल मुद्दा यह है कि यह दुखद घटना यूक्रेन में लंबे समय से जारी संकट का परिणाम है। संकट पिछले वर्ष विस्फोटक दौर में पहुंच गया। परिणामस्वरूप यूक्रेन का एक क्षेत्र क्रीमिया रूस में शामिल हो चुका है। रूसी मूल की बहुसंख्या वाले कुछ पूर्वी इलाके...
    July 21, 06:25 AM
  • फिलिस्तीन के गाजा इलाके से जुड़े संकट पर साफ रुख न अपनाकर भारत सरकार ने अपने लिए अनावश्यक समस्या खड़ी की है। दिल्ली स्थित इजरायल और फिलिस्तीन के प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि भारत के दुविधा भरे रुख से दोनों पक्ष असंतुष्ट हैं। दूसरी तरफ इससे संसद में व्यवधान पैदा हुआ। अब स्थिति यह है कि सरकार की अनिच्छा के बावजूद राज्यसभा में इस मसले पर (संभवतः सोमवार को) बहस होगी। असमंजस की वजह शायद यह है कि मौजूदा सरकार अपने वैचारिक रुझान के कारण इजरायल से सहानुभूति रखती है, मगर वह गाजा इलाके में...
    July 19, 08:38 AM
  • कल्‍पेश याग्निक का कॉलम: आतंकी रूसी हों या कोई और; भयंकर शारीरिक यंत्रणा  से ही नष्ट होंगे
    मुझे शेरों की उस सेना का डर नहीं है, जिसका सेनापति एक भेड़ हो। मुझे तो भेड़ों की उस सेना से डर हैं, जिसका सेनापति शेर हो। - अलेक्ज़ेंडर द ग्रेट वह हल्के लाल रंग के बालों वाली युवती थी। घास की हरियाली को ख़त्म करती उसकी रक्तरंजित देह देखकर कोई भी थरथरा जाए। किन्तु सबसे डरावनी बात कुछ और थी। उसका मुंह खुला रह गया था। मानो हमले के ऐन वक्त वह कुछ कहना चाहती थी। जोर से। यूक्रेन के ग्राबेवो इलाके में साक्षात मौत पसरी पड़ी है। कोई पंद्रह किलोमीटर तक बस लाशें ही लाशें। मलेशियाई...
    July 19, 05:53 AM
  • प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का यह आश्वासन स्वागतयोग्य है कि सरकार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षाओं में भाषा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होने देगी। हालांकि मुद्दा सिर्फ भाषा का नहीं है, फिर भी केंद्रीय मंत्री के लोकसभा में दिए बयान से उम्मीद बनी है कि यूपीएससी परीक्षाओं में 2011 से शामिल सिविल एप्टीट्यूड टेस्ट (सी-सैट) पर भारतीय भाषा माध्यम से तथा मानविकी विषयों के साथ पढ़े ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों ने जो एतराज उठाए हैं, उनका संतोषजनक हल निकल सकेगा। सरकार ने...
    July 18, 07:45 AM
  • ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का अपना अंतरराष्ट्रीय बैंक बनाने का सपना आखिरकार हकीकत बन गया है। इससे सत्तर वर्ष पहले अमेरिका में न्यू हैंपशर के ब्रेटन-वुड्स में 44 देशों के प्रतिनिधियों द्वारा विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की स्थापना के बाद उनकी तर्ज पर समानांतर संस्थाएं बनाने की कोशिश पहली बार फलीभूत हुई है। विश्व बैंक और आईएमएफ के जरिये अमेरिका तथा अन्य पश्चिमी देशों द्वारा पूरी दुनिया पर अपना आर्थिक एजेंडा थोपने की शिकायतें गुजरे दशकों में खूब की...
    July 17, 07:27 AM
विज्ञापन
 
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

 

बॉलीवुड

 
 

जीवन मंत्र

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें