जब से क्रेडिट रेटिंग एजेंसी- स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी)ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था में अविश्वास जताया, भारत सरकार ने उसका जोरदार प्रतिवाद किया है। पहले अधिकारियों और फिर वित्त मंत्री ने खुद कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधरे संकेतकों पर गौर करने में एसएंडपी नाकाम रही। एसएंडपी ने चेतावनी दी है कि अगर साल भर में हालात नहीं सुधरे तो वह भारत के दर्जे को घटाकर जंक ग्रेड में डाल देगी। अभी भारत का दर्जा बीबीबी माइनस है, जिसे न्यूनतम निवेश योग्य माना जाता है।
इसके नीचे जंक ग्रेड होता है, जिसका मतलब है कि क्रेडिट एजेंसी संबंधित देश को सुरक्षित निवेश योग्य...