संपादकीय
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  • हमने आधे कर दिए हैं किसान; संख्या में भी और वैसे भी
    किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं। हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम अाए थे नहीं।- जयशंकर प्रसाद हमने बचपन में पढ़ा था कि देश की 80 प्रतिशत जनता गांवों में रहती है। इनमें अधिकांश खेती पर जीवन यापन करते हैं। ये किसान हैं। आज 60 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं। आजादी के बाद 1951 में हुई पहली जनगणना में किसानों की संख्या, कुल जनसंख्या का 50% थी। यानी आधा देश किसान था। आज ये घटकर आधे रह गए हैं। 24%, यदि 2011 की जनगणना देखें तो। 40 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि 90 लाख किसान पिछले दस वर्षों...
    April 25, 06:41 AM
  • लोकसभा में विचित्र नज़ारा था। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पेश किया तो अनेक विपक्षी दल अड़ गए कि बिल को संसदीय समिति के पास भेजा जाए। तब जेटली ने कांग्रेस को याद दिलाया कि यह उसके नेतृत्व वाली सरकार का ही बनाया हुआ बिल है। सोनिया गांधी ने इसके जवाब में जेटली को याद दिलाया कि तब भाजपा ने उसका विरोध किया था। इसके बाद कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सदस्य वॉक आउट कर गए। यह घटनाक्रम उल्लेखनीय है क्योंकि जीएसटी को लागू करने के लिए संविधान संशोधन...
    April 25, 05:57 AM
  • केंद्र ने आखिरकार अवयस्क न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह संसद में पारित हुआ तो 16-18 उम्र वर्ग के अपराधियों को भी कठोर सजा हो सकेगी। वर्तमान कानून के तहत ऐसे अभियुक्तों पर आम कोर्ट के बजाय जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में मुकदमा चलता है। दोषी पाए जाने पर उन्हें अधिकतम तीन साल के लिए किशोर सुधार गृह भेजा जा सकता है। मगर गुजरे वर्षों में जिस तेजी से ऐसे अपराधियों की संख्या बढ़ी, उसके मद्देनजर इन प्रावधानों का विरोध बढ़ा। खासकर दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया...
    April 24, 06:32 AM
  • संवेदना की मौत और मंडराते गिद्ध
    यह संवेदना की मौत का दृश्य था। कल तक सूखे, फटे, उजड़े, जकड़े से खेतों के किसी अनजान कोने में वह मर जाता था, राष्ट्र अनजान ही रहता था। उन खाली बर्तनों में अन्न नहीं। कुचले डिब्बों में दाना नहीं, फटे कुर्तों में सिक्के नहीं। तो कोई जंतर-मंतर तो है नहीं। अब मैं कहां जाऊं? यही प्रश्न बचता है। जिसने जहां जाने का तय कर लिया, वह तो वहां चला ही गया। किन्तु जैसे गिद्ध मंडराते हैं, वैसे संवेदना के शव पर चक्कर लगाते सफेदपोश एक और काला अध्याय लिख गए। लिखते चले गए। रचते चले गए। वो संभवत: इतना बड़ा दुर्भाग्य लेकर नहीं...
    April 23, 07:34 AM
  • यह खबर नि:संदेह मायूसी पैदा करने वाली है कि इस साल भी मानसून सामान्य से कम रहेगा। जिस समय अधिकांश ग्रामीण इलाके पिछले साल के खराब मानसून और बाद में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की मार से जूझ रहे हैं, सारी उम्मीदें आगे की संभावनाओं पर टिकी थीं। मगर अब सरकार ने आधिकारिक घोषणा की है कि इस बार सामान्य बारिश होने की स्थितियां बेहद कमजोर हैं। दीर्घकालिक तौर पर महज 93 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है, जो घटकर 88 फीसदी तक भी रह सकती है। पिछले सीजन में भी सामान्य से 12 प्रतिशत कम वर्षा हुई। प्रशांत महासागर में...
    April 23, 06:29 AM
  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पाकिस्तान यात्रा ने दुनियाभर का ध्यान खींचा है तो इसकी ठोस वजहें हैं। शी इस दौरे से पाकिस्तान के साथ अपने देश के संबंधों को अभूतपूर्व मुकाम तक ले गए हैं। इस दौरान दोनों देशों में 51 समझौते हुए, जिसके तहत चीन पाकिस्तान में 46 अरब डॉलर का निवेश करेगा। पाकिस्तान के नजरिए से ये रकम कितनी बड़ी है, यह इससे ही जाहिर है कि 2002 से अब तक अमेरिका ने उसे 15 अरब डॉलर की ही सहायता दी है। यानी चीन ने खुद को पाकिस्तान का सबसे बड़ा मददगार बना लिया है। इसके मद्देनजर अगर दोनों देशों ने अपने...
    April 22, 06:17 AM
  • राहुल गांधी लोकसभा में नए कलेवर में नजर आए। जिस आत्मविश्वास के साथ और जुझारू अंदाज में उन्होंने भाषण दिया, वह नया अनुभव था। रविवार को कांग्रेस पार्टी की किसान-खेत मजदूर रैली में उन्होंने एनडीए सरकार के प्रति जो आक्रामकता दिखाई, उसे आगे बढ़ाते हुए सदन में खेती-किसानी के सवालों पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। इस दौरान वे सहज रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किए और सत्ता पक्ष के शोरगुल से बिना विचलित हुए तुरंत सामने आए सवालों तथा तथ्यों पर त्वरित प्रतिक्रिया दी।...
    April 21, 06:31 AM
  • सानिया मिर्जा टेनिस डबल्स की विश्व रैंकिंग में नंबर एक बनने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। कुछ ही हफ्ते पहले यह गौरव बैडमिंटन में साइना नेहवाल ने प्राप्त किया था। भारत की दो युवतियां एक साथ दो अलग-अलग खेलों में शिखर पर बैठी नजर आएंगी, क्या कुछ दशक पहले यह सोचा जा सकता था! आज यह हकीकत है तो इसलिए कि भारत में हाल के वर्षों में एक खामोश क्रांति हुई है। समाज में समृद्धि आई है, खेल सहित तमाम तरह के बुनियादी ढांचे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे हैं, तो देश की नई पीढ़ी में अलग तरह का आत्म-विश्वास पैदा हुआ है।...
    April 20, 06:08 AM
  • मुफ्ती मोहम्मद सईद सरकार मसर्रत आलम को फिर गिरफ्तार करने पर मजबूर हुई। इससे यह साबित हुआ कि पिछले महीने उसकी रिहाई का फैसला किसी ठोस समझ पर आधारित नहीं था। बल्कि यह मानने का आधार पुख्ता हुआ है कि मुख्यमंत्री सईद ने अपनी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश में राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को नजरअंदाज किया। इस हफ्ते मसर्रत ने अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी के साथ मिलकर जैसी भारत विरोधी गतिविधियां कीं, उससे उसकी रिहाई के दुष्परिणाम सामने आ गए। उन दोनों की...
    April 18, 05:59 AM
  • असंभव के विरुद्ध: क्या आपने नो-निगेटिव न्यूज़ को  ऐसे ज़िंदगी से जोड़कर देखा है?
    एक निगेटिव सोच, सिर्फ एक निगेटिव सोच सारी ज़िंदगी नष्ट कर सकती है।- प्राचीन कहावत उस गांव में सरकारी स्कूल का रिज़ल्ट 100% पहुंच गया। गांव वालों ने कहा, प्रिंसिपल ने बच्चों के लिए कई नए प्रयोग किए। इसलिए इतनी सफलता मिली। समारोह हुआ। ऐसा तो सैकड़ों जगह हुआ होगा। राजस्थान के सीकर क्षेत्र में फतेहपुर के इस छोटे से गांव ढांढण का उदाहरण आज इस कॉलम की शुरुआत क्यों बन गया? आपका प्रश्न सही है। कारण है। शॉल, श्रीफल से आगे जाकर ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को एक कार भेंट की। पंचायत तीन साल का ईंधन भी देगी।...
    April 18, 05:52 AM
  • राहुल गांधी 57 दिन के अज्ञातवास से लौट आए हैं, तो देश की यह जानने में दिलचस्पी है कि इस दौरान अपने कथित आत्म-मंथन से गुजरकर वे किस निष्कर्ष पर पहुंचे। उन्हें इसका अहसास जरूर होगा कि उनकी अनुपस्थिति के दौर में उनकी नेतृत्व क्षमता पर खुद उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए। अतः कांग्रेस में उम्मीद का संचार करना है, तो उन्हें यह सिद्ध करना होगा कि ऐसे संदेह निराधार हैं। यह तभी संभव है, अगर वे सचमुच अपनी भूमिका को लेकर संशय मुक्त होकर लौटे हों। मूल मुद्दा यह है कि क्या अब वे आगे बढ़कर पार्टी को...
    April 17, 05:25 AM
  • विधानसभा सीटों के छिटपुट उपचुनाव नतीजों को राजनीति के अध्येता बहुत महत्व नहीं देते। मगर 16 मई को भारतीय राजनीति में जो सुनामी आई, उसके बाद से देश में जनता के मूड की झलक देने वाला हर संकेत गंभीर चर्चा का विषय रहा है। नज़र यह देखने पर रही है कि 2014 में नरेंद्र मोदी की जो आंधी चली, क्या वह अब भी राजनीति का प्रमुख निर्णायक तत्व है, हालांकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद सियासी चर्चाओं का संदर्भ कुछ बदला, लेकिन मोदी लहर के टिकाऊपन को लेकर विश्लेषकों में अभी भी विचार मंथन जारी है। इसीलिए चार...
    April 16, 05:04 AM
  • छुआछूत की अमानवीय प्रथा के भुक्तभोगी डॉ. भीमराव अांबेडकर की चिंताओं में जाति प्रथा का उन्मूलन हमेशा ही महत्वपूर्ण रहा। वे ऐसी आजादी की कल्पना नहीं करते थे, जिसमें विदेशी शासक तो चले जाते, मगर देश की एक बड़ी आबादी अपने ही लोगों के हाथों तिरस्कृत रहती। इसीलिए स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान न सिर्फ महात्मा गांधी और दूसरे कांग्रेस नेताओं, बल्कि साम्यवादी एवं समाजवादी नेताओं के साथ भी उनके गहरे मतभेद रहे। इस क्रम में पारंपरिक भारतीय समाज की जो आलोचना उन्होंने प्रस्तुत की, उससे राष्ट्रीय आंदोलन में...
    April 15, 07:39 AM
  • दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद का यह बयान भरोसा बंधाने वाला था कि इंटरनेट इंसान के दिमाग की बेहतरीन खोज है और एनडीए सरकार चाहती है कि इसका उपयोग आम लोगों के हित में हो। अब चूंकि भारत में भी नेट न्यूट्रिलिटी का मुद्दा प्रमुखता से उभर गया है, अतः अब केंद्र सरकार से अपेक्षा है कि वह इस मामले में दो-टूक रुख अपनाए। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इस विषय को बहस के लिए खोल कर आशंकाएं पैदा कर दी हैं। उसने इस विषय पर लोगों से राय मांगी है कि क्या अलग-अलग एप्लीकेशन्स और वेबसाइटों के इस्तेमाल...
    April 14, 06:19 AM
  • प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने ऐसी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जिसकी तरफ आमतौर पर ध्यान नहीं दिया गया है, मगर इसे यूनेस्को ने दर्ज किया है। संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में स्कूलों में दाखिला करवाने और लड़के-लड़कियों का फासला मिटाने में शानदार प्रगति के लिए जिन देशों की तारीफ की, उनमें भारत भी है। साल 2000 में सबके लिए शिक्षा के लक्ष्य पर 164 देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहमति हुई थी। उस पर अमल में विभिन्न देश कितना आगे बढ़े, यूनेस्को ने इसी की समीक्षा की है। इसके...
    April 13, 05:39 AM
  • असंभव के विरुद्ध: हर ट्रायल रूम के बाहर से भीतर  झांकता है कानूनी कैमरा
    सफेद झूठ, पीले कागज़, खाकी वर्दी, काले कोट और भूरे रंग का ऑर्डर-ऑर्डर वाला हथौड़ा कानून की चमक तो पैदा करता है किन्तु इतने रंगों में न्याय का उजला रंग धुंधला सकता है।-अज्ञात हम संवेदनशील नहीं हैं। होते तो देशभर में ट्रायल रूम के बाहर लगे कैमरे अब तक हट चुके होते। स्मृति ईरानी ने फैब इंडिया स्टोर में कैमरा नहीं, एक पाप पकड़ा। किन्तु उससे भी अधिक शर्मसार करने वाली हैं कानून की धाराएं। वे कहीं न कहीं महिलाओं की गरिमा पर हमला करने वालों को बचाती दिखलाई पड़ती हैं। सिलसिलेवार विश्लेषण किया जाए...
    April 11, 06:55 AM
  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव अनुराग ठाकुर ने खुशी जताई है कि मैच/स्पॉट फिक्सिंग को लेकर क्रिकेटरों को शिक्षित करने की बीसीसीआई की नीति के अच्छे नतीजे निकले हैं। परिणामस्वरूप फिक्सिंग का ऑफर आते ही एक खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स के प्रबंधन को सूचित कर दिया। टीम मैनेजमेंट ने फौरन इसकी जानकारी बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट को दी। बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने पूरी जांच और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया है। क्या सचमुच ऐसा...
    April 11, 06:32 AM
  • अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के बारे में नजरिये को स्थिर (स्टेबल) से सकारात्मक (पॉजिटिव) करने का एलान किया तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे महत्वपूर्ण घटना बताया। मगर साथ ही यह जोड़ा कि अभी काफी कुछ करने की जरूरत पड़ेगी। ये प्रतिक्रिया माकूल है, क्योंकि मूडीज ने ये सुधार मोटेतौर पर संभावनाओं के आधार पर किया है। उसने कहा है कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं में अपेक्षित सुधार हुआ तो 12-18 महीनों में रेटिंग में आगे सुधार की अवस्था आएगी। इसके बावजूद भारत की...
    April 10, 06:34 AM
  • तमाम संकेत यही बताते हैं कि आंध्र प्रदेश के चितूर जिले में पुलिस टास्क फोर्स ने आवश्यकता से अधिक बल का इस्तेमाल किया। खुद पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जो 20 लोग मंगलवार को फायरिंग में मारे गए, उन्होंने पत्थरों और कुल्हाड़ियों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। ऐसे समूह पर इतनी भीषण फायरिंग को किस तर्क से न्यायोचित ठहराया जा सकता है? इसीलिए इस घटना पर देश भर में आक्रोश पैदा हुआ है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सामने अपनी सफाई पेश की है, मगर...
    April 9, 05:10 AM
  • राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम को अधिक बड़ी बेंच के पास भेजने का सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ का फैसला तार्किक है, क्योंकि इस मसले से गंभीर संवैधानिक प्रश्न जुड़े हुए हैं। तीन जजों की पीठ का जो भी फैसला आता, उसे निश्चित रूप से बड़ी बेंच के सामने चुनौती दी जाती, इसलिए उचित ही है कि आरंभ में ही इस पर बड़ी संविधान पीठ सुनवाई करे। सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति के लिए आयोग बनाने का प्रावधान करने वाला यह कानून लंबे विचार-विमर्श के बाद पास हुआ। इसके बावजूद विधि...
    April 8, 05:39 AM
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