संपादकीय
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  • महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव परिणामों ने नरेंद्र मोदी के हाथों को और ताकत दी है। इन नतीजों ने फिर इस बात की पुष्टि की है कि मोदी अपनी रणनीति और नेतृत्व कौशल से अपने नाम पर राजनीतिक पूंजी जुटाने में सक्षम हैं। इसी पूंजी ने देश में, खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर उनकी बेजोड़ हैसियत बना दी है। कहा जा सकता है कि दोनों राज्यों में भाजपा की सफलता ने प्रधानमंत्री की राजनीतिक हैसियत में ऐसी बढ़ोतरी की है, जिससे आने वाले दिनों में उनके लिए कठिन फैसले लेना ज्यादा आसान हो जाएगा। अतः इससे उम्मीद...
    October 20, 06:43 AM
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम सुधारों की शुरुआत के साथ ही अपनी सरकार में दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां करके संभवतः यह संदेश दिया है कि महाराष्ट्र एवं हरियाणा के चुनावों से निपटने के बाद अब आर्थिक मामले उनकी सरकार का केंद्र बिंदु हैं। नि:संदेह इन दोनों नियुक्तियों ने आर्थिक सुधारों की गति तेज होने की अपेक्षाएं बढ़ा दी हैं। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाए गए अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रह्मण्यम उदारवादी अर्थव्यवस्था के पैरोकार हैं। सामाजिक कार्यक्रमों पर सरकारी धन खर्च करने की पिछली...
    October 18, 07:29 AM
  • यह भारत और यहां के उपभोक्ताओं के लिए राहत का वक्त है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता बेचने की मची होड़ ने कच्चे तेल के भाव में ऐसी गिरावट ला दी है, जिसकी कल्पना करना भी कुछ महीने पहले तक मुश्किल था। चार महीने पहले कच्चा तेल लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल के भाव से बिक रहा था। बुधवार को एक मौके पर यह 83.37 डॉलर तक गिर गया। अनुमान है कि यह भाव 80 डॉलर से भी नीचे आ सकता है। इसका कारण यह है कि सऊदी अरब तथा कुछ अन्य तेल उत्पादक देशों का अपना बाजार बचाने का प्रयास। अमेरिका में तेल के नए भंडार मिलने और शेल गैस का...
    October 17, 07:46 AM
  • जब भारतीय बाजार की बात होती है, असल में चर्चा देश के मध्य वर्ग की होती है। छोटे से धनी तबके के अलावा आबादी का यही वो हिस्सा है, जिसके पास आधुनिक उपभोग के लायक क्रय-शक्ति है। अपनी माली हैसियत के कारण आज यह तबका अपनी संख्यात्मक शक्ति की तुलना में कहीं ज्यादा प्रभावशाली हो गया है। इसकी नाराजगी कितनी महंगी पड़ती है, इसका तजुर्बा हाल में कांग्रेस को हुआ, इसीलिए मध्य वर्ग के स्वरूप को समझना भारतीय राजनीति एवं अर्थव्यवस्था को समझने के लिए उत्तरोत्तर अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इस संदर्भ में अहम...
    October 16, 05:55 AM
  • उच्च आर्थिक वृद्धि दर के साथ-साथ सामाजिक विकास के खास कार्यक्रमों को लागू करने का गुजरे दशक में सकारात्मक असर हुआ, इसकी तस्दीक दो ताजा रिपोर्टों ने की है। जाहिर है, इनसे विकास प्रक्रिया को समावेशी बनाने की नीति की प्रासंगिकता सिद्ध हुई है। वैश्विक थिंक टैंक इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार विश्व भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स-जीएचआई)-2014 में भारत 55वें स्थान पर आया है। पिछले वर्ष वह 63वें नंबर पर था। 2006 में जब पहली बार यह इंडेक्स तैयार हुआ, तब 119 देशों की सूची में भारत 96वें...
    October 15, 05:54 AM
  • पहले चौधरी देवीलाल और फिर चौधरी चरण सिंह के नाम पर आयोजित जलसों में जनता परिवार के नेता इकट्ठे हुए। पहले संकेतों में और दूसरी बार खुलकर उन्होंने एक-दूसरे से एकजुट होने की अपील की। सबसे पुरजोर आवाज नीतीश कुमार की थी। अपना उदाहरण दिया कि कैसे जब खतरा आया तो उन्होंने और लालू प्रसाद यादव से हाथ मिला लिया, जिनसे वे बीस साल से लड़ रहे थे, लेकिन यह नीतीश कुमार के भाषण से ही साफ है कि समाजवादी पार्टी पूरे मन से इस प्रयास में शामिल नहीं है। मेरठ में हुए आयोजन में मुलायम सिंह यादव या अखिलेश यादव नहीं आए।...
    October 14, 06:13 AM
  • सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) अस्तित्व में आने के बाद अपने 10वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। निर्विवाद कहा जा सकता है कि सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिहाज से पिछले 9 वर्ष में यह सबसे महत्वपूर्ण कदम रहा, जिसका प्रभाव दूरगामी है। इसके जरिये कई बड़े घोटालों का खुलासा हुआ, जबकि हजारों लोग जानकारी मांगने के अपने वैधानिक अधिकार का उपयोग कर सरकारी विभागों एवं दफ्तरों में उत्तरदायित्व का भाव पैदा करने में भागीदार बने, जबकि सरकारों- बल्कि कई मौकों पर न्यायपालिका की तरफ से भी इस...
    October 13, 07:42 AM
  • कल्पेश याग्निक का कॉलम: नोबेल ने अंतत: खोजा सत्यार्थ किन्तु हिंदू-मुस्लिम कहा, मलाल रहेगा
    मेरी मां हमेशा कहती : सिर-मुंह ढंको। वो लड़का तुम्हें देख रहा है। मैं कहती - तो क्या? मैं भी तो उसे देख रही हूं! - मलाला युसुफज़ई संघर्ष बहुत ही बड़ा है। किन्तु मैंं अपने जीवनकाल में ही बालश्रमिक जैसे पाप नष्ट कर दूंगा। - कैलाश सत्यार्थी आप नहीं, तो कौन? अभी नहीं, तो कब? पूछते रहने वाले कैलाश सत्यार्थी को आज मानो समूचा संसार एक साथ उत्तर दे रहा है : आप ही। हमारे देश के लिए, हमारे बच्चों के लिए यह शक्तिशाली विजय का पल है। हर्ष। गर्व। दायित्व। चुनौती। नोबेल ने दिए हैं ये...
    October 11, 12:10 PM
  • पढ़ें सत्यार्थी का संघर्ष: पत्थर पर आटा गूंथकर बनाई थी रोटियां
    विदेशी मूल की मदर टेरेसा के बाद भारत की किसी शख्सियत को शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है। कैलाश सत्यार्थी और उनके साथ इसी पुरस्कार से सम्मानित मलाला युसुफजई दोनों को संघर्ष की प्रेरणा बचपन में ही मिली। दोनों शिक्षा को मुक्ति का जरिया मानते हैं। जीवन को अर्थ और प्रेरणा देते उनके जीवन के प्रसंग : मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में जन्मे कैलाश सत्यार्थी बचपन से ही कुरीति विरोधी रहे हैं। उन्होंने सम्राट अशोक अभियांत्रिकी महाविद्यालय से इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की। सत्यार्थी के साथी...
    October 11, 05:05 AM
  • प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा, तो देश को उनकी बात पर अवश्य भरोसा करना चाहिए। रक्षा और वैदेशिक मामलों में गोपनीय और विशिष्ट सूचनाएं सिर्फ प्रधानमंत्री के पास रहती हैं। अनुमान लगाया जा सकता है कि उनके पास आशाजनक संकेत होंगे, तभी उन्होंने देश को आश्वस्त किया है। फिलहाल, भारत सरकार ने सीमा पर की घटनाओं से निपटने में सख्ती के संकेत दिए हैं। खबर है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को हालात से निपटने की पूरी छूट दी गई है। उधर...
    October 10, 07:46 AM
  • सरकारें सियासी मकसद से जनता के धन का दुरुपयोग न करें, इसे सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक मर्यादा और जवाबदेही दोनों ही लिहाज से अनिवार्य है। इसी भावना से प्रेरित होकर गैर-सरकारी संगठन ने विज्ञापन देने में सरकारी मनमानी पर रोक लगाने की गुजारिश सर्वोच्च न्यायालय से की थी। न्यायालय ने भी इस बारे में सुपरिभाषित दिशा-निर्देशों की जरूरत महसूस की। स्वागतयोग्य है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति इस बारे में ठोस सुझाव लेकर सामने आई है। ये सिफारिशें अमल में आईं, तो उन शिकायतों का निवारण हो सकेगा, जो...
    October 9, 07:15 AM
  • भारतीय अर्थव्यवस्था को मोदी डिविडेंड मिला, जिससे बाजार में माहौल बेहतर हुआ। विश्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि इस लाभांश के कारण 2014-15 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि विगत जून में इसके 5.5 फीसदी रहने की आशा जताई गई थी। बैंक की राय में 2015-16 में भारत 6.4 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है, बशर्ते नरेंद्र मोदी सरकार सुधारों के एजेंडे को तत्परता से लागू करे। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक मोदी डिविडेंड के लाभ को जारी रखना है, तो सरकार को ढांचागत सुधार और किफायती...
    October 8, 06:49 AM
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