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संपादकीय
 
 
 
 

  • December 21, 03:24
     
    विजय भाषण के भाव ही अलग होते हैं। विशेषकर तब जब वह नरेंद्र दामोदरदास मोदी का हो। पहली बार उनमें एक बदलाव दिखा। उन्होंने कहा : ‘.एक इंसान के नाते.. कभी मुझमें कोई ग़लती हो गई हो.. कोई कमी रह गई हो.. तो छह करोड़ गुजरातवासियों, मैं आपसे मन से क्षमा चाहता हूं। मोदी और माफी?...
     

  • December 20, 11:11
     
    भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नरेंद्र मोदी उन चंद नेताओं में शुमार हो गए हैं, जिनका अपने गढ़ में कोई मुकाबला नहीं है। गुजरात में उनका ध्रुवीकरण इतना मजबूत है कि भाजपा एवं संघ परिवार के कई बड़े नेताओं के विद्रोह तथा एंटी-इंकम्बेंसी जैसी तमाम बातें उनके सामने...
     

  • December 20, 06:26
     
    महिलाएं हमें और माफ नहीं करेंगी। वे सारे देश का उफान देख रही हैं। संसद की बहस उनके कानों में सीसा भर रही है। महिला आयोगों का सच उनके सामने आ रहा है।  देशवासियों की उनके प्रति चिंता से वे चिंतित भी हो रही हैं। किन्तु भीतर ही भीतर वे कुछ अलग ही तय कर रही हैं। धधक रही हैं।...
     

  • December 20, 12:09
     
    दिल्ली में तेईस वर्षीय युवती से दुष्कर्म की लोमहर्षक एवं बर्बर घटना पर संसद से लेकर सड़क तक दिखी बेचैनी वाजिब है। अपराधियों को फांसी जैसे कठोरतम दंड देने की उठी मांग के पीछे की भावना भी उचित है। गृह मंत्री ने संसद में भरोसा दिया कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक...
     

  • December 19, 01:07
     
    भारतीय क्रिकेट के रुतबे पर यह सचमुच बहुत बड़ी चोट है। उपमहाद्वीप के बाहर की पिचों पर भारतीय टीमों की कमजोरी का इतिहास पुराना है, लेकिन अपने घर में उसकी शेर की छवि काफी मजबूत रही है।   ताकतवर से ताकतवर विदेशी टीम के लिए भी भारत आकर टेस्ट सीरीज जीतना कभी आसान नहीं रहा।...
     

  • December 18, 01:28
     
    कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को भरोसा है कि कैश ट्रांसफर (सब्सिडी के लाभार्थियों को सीधे नकद हस्तांतरण) योजना को लागू करने से कांग्रेस न सिर्फ 2014 बल्कि 2019 का आम चुनाव भी जीत सकती है।   वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इसे गेम चेंजर यानी सब्सिडी देने के तरीके में आमूल...
     

  • December 15, 03:58
     
    ‘वे आपको ग़लत प्रश्न पूछना इसलिए सिखाते हैं कि उन्हें सही उत्तर देने की चिंता न करनी पड़े।’ -अज्ञात     सरकार अचानक दौड़ने लगी है। कल तक बीमार थी। पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार। यानी लकवा मार गया था काम करने की गति को। मीडिया ने, विपक्ष से भी अधिक, कई इलाज सुझाए। कुछ न...
     

  • December 15, 01:00
     
    आर्थिक सुधारों को गति देने की जद्दोजहद में यूपीए सरकार ने निवेश पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीआई) के गठन और नए भूमि अधिग्रहण बिल को मंजूरी देकर अहम कदम बढ़ाए हैं।   इनसे निवेशकों में भरोसा पैदा होने की उम्मीद की जा सकती है। इसके अलावा सरकार बैंकिंग (संशोधन) बिल, बीमा...
     

  • December 14, 12:15
     
    एक दिन पहले उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाने के बाद मायावती ने उनके प्रति सम्मान और उनमें भरोसा जताते हुए बात को संभालने की कोशिश की है।   मायावती की टिप्पणियों से आहत उपराष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री और विपक्ष के...
     

  • December 13, 12:55
     
    अमेरिका में वॉलमार्ट कंपनी की लॉबिंग की रिपोर्ट पर भारतीय संसद में गतिरोध खड़ा करने वाली पार्टियों का मुद्दा क्या है, इसे सहजता से नहीं समझा जा सकता।   अगर वॉलमार्ट या उसकी तरफ से लॉबिंग के लिए नियुक्त कंपनी ‘पैटन बॉग्स’ ने भारत में किसी को रिश्वत दी तो यह...
     

  • December 11, 11:41
     
    मिस्र में राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी नए संविधान के विवादास्पद प्रारूप को जनमतसंग्रह में पास कराने पर अड़े हैं, जिससे देश में टकराव बढ़ने के हालात बन गए हैं।   मोर्सी ने अपने विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेना को पुलिस के अधिकार दे दिए हैं। इसका व्यावहारिक...
     

  • December 11, 05:47
     
    क्रोनी पूंजीवाद की शिकायत देश के बड़े उद्योगपति ही करने लगें, तो समझा जा सकता है कि समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है।   निहितार्थ यह है कि देश में नियम एवं कायदों के मुताबिक कारोबार करना कठिन होता गया है, जबकि जो लोग अपने प्रभाव से कानूनों को धता-बताकर लाभ उठाने की...
     

  • December 10, 04:45
     
    संसदीय  संख्या प्रबंधन में यूपीए के कौशल को जरूर दाद दी जानी चाहिए, वरना जिस सदन (राज्यसभा) में यूपीए का साधारण बहुमत भी नहीं है, वहां खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से संबंधित प्रस्ताव पर बहुमत से विजय पा लेना आसान नहीं था।   खासकर उस हाल में, जब...
     

  • December 8, 12:13
     
    भ्रष्टाचार  विरोधी जोरदार जनभावना के बावजूद वास्तव में ऐसी कोई प्रगति नहीं हुई, जिससे इस बुराई पर काबू पाए जाने का संकेत मिले। उल्टे अन्ना आंदोलन में ठहराव के साथ राजनीतिक व्यवस्था भ्रष्टाचार विरोधी सख्त उपाय करने के अपने वादे से मुकर गई।   लोकपाल उसकी सबसे अहम...
     

  • December 7, 12:10
     
    कहा  जा सकता है कि अगर भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने सरकार की तरफ से पेश चुनाव संहिता को अपने संविधान में समय पर शामिल कर लिया होता, तो उसके अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) से निलंबन की नौबत नहीं आती।   भारत सरकार और आईओए पर ये तोहमत भी लगाई जा सकती है कि उन्होंने...
     
 
 
 
 
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