विज्ञापन
 
 
संपादकीय
 
 
 
 

  • February 18, 12:08
     
    फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने अपनी यात्रा के दौरान यह जताने में कोई कोताही नहीं बरती कि उनके देश की रणनीतिक एवं व्यापारिक गणना में भारत कितना अहम है।   एशिया में अपनी यात्रा के लिए सबसे पहले उन्होंने भारत को चुना, परमाणु शक्ति संपन्न अन्य देशों के नेताओं...
     

  • February 16, 12:31
     
    बोफोर्स  तोप सौदे में दलाली दिए जाने की खबर ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया था। तब से केंद्र की विभिन्न सरकारों द्वारा रक्षा सौदों को पारदर्शी और स्वच्छ बनाने की घोषणाएं बार-बार की गईं। लेकिन ढाई दशक बाद भी हालात नहीं बदले हैं, इसकी मिसाल अति विशिष्ट व्यक्तियों...
     

  • February 15, 06:15
     
    खुफिया  एजेंसियां खुलेआम और पारदर्शी ढंग से काम करें, तो क्या उन्हें खुफिया कहा जाएगा? हर राज्य-व्यवस्था में खुफिया-तंत्र की अपनी अनिवार्यता होती है। मगर मुश्किल यह है कि हमेशा इन एजेंसियों का इस्तेमाल राष्ट्रीय या आंतरिक सुरक्षा के उद्देश्य से ही नहीं होता,...
     

  • February 14, 06:45
     
    कुश्ती  को ओलिंपिक से निकालने का प्रस्ताव भारतीय उम्मीदों पर तगड़ा प्रहार है। इस हाल में सामान्य स्थितियों में यही कहा जाता है कि भारतीय ओलिंपिक संघ(आईओए) और भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति(आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड के इस प्रस्ताव को नाकाम करने के लिए...
     

  • February 13, 05:27
     
    जोसफ  एलोयसियस रेत्जिंगर की विनम्रता चर्चित है। पोप बनने के बाद एक बार उन्होंने कहा था कि उनमें प्रशासन एवं संगठन के लिए आवश्यक प्रतिभा नहीं है। जानकार मानते हैं कि दुर्भाग्यवश पोप बेनेडिक्ट सोलहवें का यह आत्म-मूल्यांकन निराधार साबित नहीं हुआ। नतीजतन वे अपनी...
     

  • February 12, 06:27
     
    वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि रोजगार के मौजूदा स्तर को बचाना है तो सकल घरेलू उत्पाद में 7 प्रतिशत की विकास दर जरूरी है। हर साल बाजार में प्रवेश कर रहे एक करोड़ 20 लाख नए लोगों की रोजगार की तलाश पूरी करनी है, तो 8 प्रतिशत विकास दर की जरूरत होगी। जबकि फिलहाल सरकार भी...
     

  • February 11, 12:42
     
    अफजल गुरु की फांसी के मुद्दे को कानूनी-न्यायिक दायरे में ही निपटा दिया जाता, तो इस पर दुर्भाग्यपूर्ण राजनीतिक प्रतिस्पद्र्धा से बचा जा सकता था, जिसके कारण यह घटना उससे अधिक अहम दिखने लगी, जितना इसे वास्तव में होना चाहिए था। बहरहाल, संसद पर हमले का ये अध्याय समाप्त...
     

  • February 10, 09:45
     
    प्र. अचानक यह क्या हुआ? उ. कुछ भी 'अचानक' नहीं हुआ। हां 'अचानक' लगे, ऐसा सबकुछ किया गया। अफज़ल गुरू को फांसी देनी ही थी। केवल समय को लेकर निर्णय करना था। यह कोई विश्लेषण नहीं है। सच है। अजमल कसाब की फांसी को कवर करने वाला दैनिक भास्कर का अंक ही देखें तो शीर्षक था:...
     

  • February 9, 07:36
     
    क्या  भारतीय अर्थव्यवस्था उसी दौर की तरफ लौट रही है, जब इसकी निम्न एवं धीमी विकास दर के कारण पश्चिमी अर्थशास्त्रियों ने अपमान-भाव के साथ 'हिंदू विकास दर' का जुमला गढ़ा था? केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय का 2012-13 की सालाना विकास दर के बारे में ताजा अनुमान दु:स्वप्न के...
     

  • February 8, 02:10
     
    कभी दुनिया की सबसे बड़ी पर्सनल कंप्यूटर (पीसी) निर्माता कंपनी रही डेल की मुसीबत में दुनियाभर के उद्यमियों के लिए पैगाम छिपा है। पैगाम यह कि तकनीक की तेजी से बदलती दुनिया के बीच कोई उत्पाद या सेवा दीर्घकालिक नहीं है। जो आविष्कारों के साथ आगे बढ़ेगा, वही बाजार में...
     

  • February 7, 04:28
     
    यह  तो निर्विवाद है कि सिनेमा से बड़ा जनसंचार का माध्यम आज कोई और नहीं है। फिल्में आम लोगों से सीधा संवाद करती हैं, इसलिए उसके दृश्य और संवाद समाज पर बड़ा प्रभाव छोड़ जाते हैं।   इसीलिए फिल्म प्रमाणन की व्यवस्था की गई। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के ऊपर यह महती...
     

  • February 6, 12:27
     
    दिल्ली  में सोलह दिसंबर के बर्बर गैंगरेप कांड के बाद महिलाओं को यौन हमलों से बचाने के लिए समाज में आई नई जागृति के कई अच्छे परिणाम सामने हैं।   जस्टिस वर्मा कमेटी ने इसके लिए उपायों की एक विस्तृत कार्यसूची सरकार और समाज के सामने रखी। सरकार ने उनमें से कई सिफारिशों...
     

  • February 4, 01:08
     
    यूपीए सरकार ने दुष्कर्म और महिलाओं पर हिंसा के मामलों में सजा के  प्रावधान को सख्त बनाने के लिए अध्यादेश का सहारा लेकर यह पैगाम देने की कोशिश की है कि वह जस्टिस जेएस वर्मा समिति की सिफारिशों पर अमल को लेकर गंभीर है। लेकिन इससे यह आशंका भी पैदा हुई है कि वह वर्मा समिति...
     

  • February 2, 12:04
     
    लोकपाल  के बारे में संयुक्त संसदीय समिति के दो सुझावों को नामंजूर कर केंद्र ने इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव की नई आशंका पैदा कर दी है।   केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित लोकपाल के लिए जिस विधेयक को मंजूरी दी है, उसमें वो प्रावधान शामिल नहीं है जिससे लोकपाल की...
     

  • February 1, 12:57
     
    केंद्र और राज्यों में विवाद के मुद्दों पर सहमति बन जाने से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने की संभावना बलवती हुई है।   इसका लागू होना रुकावट मुक्त अखिल भारतीय बाजार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसलिए सभी दलों से अपेक्षा है कि संसद के बजट सत्र...
     
 
 
 
 
विज्ञापन
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 

रोचक खबरें

विज्ञापन
 

बॉलीवुड

 

जीवन मंत्र

 

क्रिकेट

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें