विज्ञापन
 
 
 
 
संपादकीय
 
 
 
 

  • December 23, 12:28
     
    संपादकीय.. अर्थव्यवस्था पर गहराते संकट और लगातार मायूसी भरे संकेतों के बाद अब एक राहत की खबर है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत सरकार के बॉन्ड्स की साख का दर्जा बढ़ा दिया है। भारतीय बॉन्ड्स को वायदा (स्पेक्यूलेटिव) से निवेश ग्रेड में लाने का मतलब यह है कि इनमें निवेश करना अब न सिर्फ सुरक्षित, बल्कि लाभकारी भी माना जाएगा। इसका व्यावहारिक परिणाम यह होने की आशा है कि...
     

  • December 22, 12:06
     
    संपादकीय.. संसद और भारतीय जनमत ने एक स्वर से रूस को यह उचित संदेश भेजा है कि धार्मिक समूह - इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्ण कांशसनेस) के साथ समूचा भारत खड़ा है। इस समूह की बढ़ती लोकप्रियता से रूस का ऑथरेडॉक्स चर्च खफा है और उसके इशारे पर ही पूर्वी साइबेरिया में वो कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, जिसके क्रम में भगवद्गीता पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा उठा है। यह बात किसी को भी हैरत...
     

  • December 21, 12:17
     
    संपादकीय.. भारत की स्कूली शिक्षा की सामने आई ताजा तस्वीर चिंताजनक है। यह साफ है कि अगर हालात नहीं बदले, तो एक संपन्न देश के रूप में उभरने की हमारी उम्मीदें धरी की धरी रह जाएंगी। आखिर आज विकास एवं प्रगति के तमाम रास्ते सूचना और ज्ञान पर निर्भर हैं। भारत की समस्या यह है कि यहां शिक्षा की बुनियाद ही कमजोर है। धनी देशों की संस्था - आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) द्वारा चलाए जाने...
     

  • December 20, 12:35
     
    संपादकीय.. देश में गरीब और कुपोषण के शिकार करोड़ों लोगों को खाद्य सुरक्षा देने का सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद इससे संबंधित विधेयक अब कानून बनने की संसदीय प्रक्रिया में जाएगा और उम्मीद है कि 2013 तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना अमल में आ जाएगी। सरकार ने जिस बिल को मंजूरी दी है, मुमकिन है उससे सभी संबंधित पक्ष संतुष्ट न हों, परंतु...
     

  • December 19, 12:43
     
    परिवहन की अफरातफरी और प्रदूषण से भारतीय शहरों में रहने की स्थितियां बदतर होते जाने की शिकायत आम है। अब योजना आयोग के एक कार्यदल ने इस संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। यह कार्यदल दिल्ली में मेट्रो रेल परियोजना को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए चर्चित ई श्रीधरन की अध्यक्षता में बना था। कार्यदल का सुझाव है कि पेट्रोल पर प्रति लीटर दो रुपए का ग्रीन टैक्स लगाया जाना चाहिए...
     

  • December 17, 12:25
     
    संपादकीय.. इराक के लोगों ने लगभग नौ साल बाद मुक्त हवा में सांस ली है। गुरुवार को अमेरिका ने वहां अपने सैनिक अभियान के खत्म होने की औपचारिक घोषणा की। हालांकि अभी इराक में हजारों की संख्या में अमेरिकी सैन्य सलाहकार और कूटनीतिक बने रहेंगे, लेकिन उसकी फौज की आखिरी टुकड़ी वहां से लौट गई है। मार्च 2003 में व्यापक विनाश के हथियारों को बहाना बनाकर अमेरिका ने इराक पर हमला बोला था, जिनका असल...
     

  • December 16, 12:36
     
    संपादकीय.. काले धन पर श्वेत पत्र लाने का वादा ज्यादा भरोसा बंधाता, अगर सरकार लगे हाथ यह भी बता देती कि वह देश के सामने यह ब्योरा आखिर कब रखेगी। लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्ष द्वारा जो सवाल पूछे गए, वे दरअसल आम जनमानस के मन में भी घुमड़ रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि देश का कितना धन विदेशों में जमा है, यह धन वहां कौन ले गया, काला धन कैसे पैदा होता है और इन सब पर...
     

  • December 15, 12:23
     
    संपादकीय.. सहयोग के लिए सरकार के बढ़े हाथ को थामने में विपक्ष को वैसी ही भावना दिखानी चाहिए, जिसके साथ यह अनुरोध किया गया है। नीति संबंधी फैसलों में गतिरोध के सामने आते दुष्परिणामों के बीच प्रणब मुखर्जी ने संसद में बेलाग ढंग से यह स्वीकार किया कि यूपीए को सरकार चलाने का पूरा जनादेश नहीं है। अत: बिना विपक्ष के सहयोग के वह बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बरक्स एवं अन्य मोर्चो पर सार्थक...
     

  • December 14, 12:09
     
    संपादकीय.. जलवायु परिवर्तन वार्ता में भारत को अपने चिर-परिचित रुख पर समझौता करना पड़ा है। भारत और अन्य विकासशील देशों का रुख था कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती का कानूनी रूप से कोई बाध्यकारी लक्ष्य वे स्वीकार नहीं कर सकते। जलवायु परिवर्तन संबंधी संयुक्त राष्ट्र वार्ता में आरंभ से ही यह सिद्धांत स्वीकार किया गया कि धरती के वातावरण में कार्बन जमा करने के लिए जो देश ऐतिहासिक रूप से...
     

  • December 13, 12:07
     
    संपादकीय.. टीम अन्ना और लगभग समूचे विपक्ष के बीच जंतर-मंतर पर बने संवाद का मूल संदेश यही है कि प्रस्तावित लोकपाल पर संसद ने बीते अगस्त में जो सर्वसम्मत भावना जताई थी, उसका जरूर पालन किया जाना चाहिए। तब संसद ने निम्नतर नौकरशाही और सिटीजंस चार्टर को प्रस्तावित लोकपाल के दायरे में रखने तथा राज्यों में लोकायुक्तों की स्थापना का प्रावधान प्रस्तावित लोकपाल कानून के जरिए ही करने की...
     

  • December 12, 12:19
     
    अस्पताल जीवन देने के बजाय मौत की जगह बन जाएं, यही अपने आपमें एक बड़ी विडंबना है और बात तब कुछ ज्यादा लोमहर्षक हो जाती है, जब ऐसा एक ऊंचे नाम वाले अस्पताल में साधारण लापरवाहियों की वजह से हो। कोलकाता के एडवांस्ड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एएमआरआई) में सुरक्षा उपायों को जिस तरह ताक पर रखा गया था, उसे देखते हुए यह बेहिचक कहा जा सकता है कि किसी बुरे संयोग के हृदयविदारक दुर्घटना में बदल...
     

  • December 10, 12:06
     
    संपादकीय.. आंध्र प्रदेश सरकार ने ऐसा फैसला किया है, जो नागरिक अधिकारों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है। मामला उन 70 लोगों का है, जो मई 2007 में हैदराबाद की मक्का मस्जिद में बम धमाके के बाद पुलिस हिंसा का शिकार हुए थे। उन्हें गलत मामलों में फंसाया गया और हिरासत में यातना दी गई। बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। देश में ऐसी यह कोई पहली या अकेली घटना...
     

  • December 9, 12:34
     
    संपादकीय.. वीरू का यही तो जादू है। जब उनका बल्ला चल जाए, तो उस तूफान के आगे कहीं कोई नहीं ठहरता। टेस्ट मैचों में दो बार तिहरे शतक लगाने वाले इस एकमात्र भारतीय खिलाड़ी के बल्ले के यादगार प्रहार पाकिस्तान से लेकर दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया तक के गेंदबाज झेल चुके हैं। गुरुवार को इस आंधी में उड़ने की बारी वेस्ट इंडीज की थी। उनके इस करिश्मे का गवाह इंदौर का होल्कर स्टेडियम बना।...
     

  • December 8, 12:49
     
    संपादकीय.. सोशल नेटवर्किग वेबसाइटों पर Rनफरत फैलाने वाली सामग्रियोंञ्ज के प्रसार पर सरकार की चिंता को समझा जा सकता है। गूगल, फेसबुक, याहू, यू-ट्यूब जैसी वेबसाइटों पर मौजूद अनेक सामग्रियां कुछ लोगों को विवादास्पद लग सकती हैं। सरकार का तर्क है कि ऐसी बहुत-सी सामग्रियां विदेशों से पोस्ट की जाती हैं और इंटरनेट कंपनियां पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी साझा नहीं करतीं,...
     

  • December 7, 12:39
     
    संपादकीय.. डाउ केमिकल कंपनी को ओलिंपिक खेलों का प्रायोजक बना लिए जाने पर भारत में जनभावनाओं का आहत होना स्वाभाविक ही है। डाउ वो कंपनी है, जो यूनियन कार्बाइड को खरीद चुकी है। कार्बाइड की आपराधिक लापरवाही ने 27 साल पहले भोपाल पर वह कहर ढाया था, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा औद्योगिक हादसा कहा गया, जिसमें हजारों लोग मरे और लाखों वहां रिसी गैस के प्रभाव से वर्षो तक बीमार होते रहे। केंद्र...
     
 
 
 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

Controversies that rocked B-town
Amazing Body Paintings
Just Added

करियर कॉलेज में फेयरवेल पार्टी के दौरान स्टूडेंट्स ने बिखेरे रंग
Bollywood Stars at Cannes
 
 
 
विज्ञापन