

जिस तरह कुछ फूल एक खास मौसम में ही खिलते हैं, उसी तरह भारत की राजनीति भी चुनाव के मौसम में ही अपना असली रंग दिखाती...
यह अच्छी बात है कि लोकपाल बिल एक हकीकत बनने के करीब है और आशा करें कि राज्यसभा भी उसे मंजूरी दे देगी। बहरहाल, यूपीए...
विज्ञान या तकनीकी पृष्ठभूमि वाले कुछ खास किस्म के लोगों के लिए आमतौर पर एक किंचित निंदात्मक शब्द का उपयोग किया...
रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर संसद में जो कोहराम मचा है, उससे मुझे अपने बचपन की एक घटना याद हो आई।...
यह विडंबना ही है कि मैं यह कॉलम किंगफिशर की दिल्ली-बेंगलुरू फ्लाइट से लिख रहा हूं। एक खूबसूरत फ्लाइट अटेंडेंट ने मुझे सफेद कटलरी पर टोमैटो-मोज्जारेला सैंडविच सर्व की है। उसकी मुस्कराहट देखकर यह अनुमान लगा पाना कठिन है कि उसकी एयरलाइन इन दिनों एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। पता नहीं वह यह जानती है या नहीं कि उसकी कंपनी ने पिछले साल एक हजार करोड़ रुपयों का घाटा उठाया है और उस पर सात...
पिछले हफ्ते मैककिन्से के पूर्व सीईओ और अमेरिका के सबसे हाई प्रोफाइल कापरेरेट व्यक्तित्वों में से एक रजत गुप्ता को इनसाइडर ट्रेडिंग संबंधी आरोपों के चलते गिरफ्तार कर लिया गया था। सात अरब डॉलर का हेज फंड चलाने वाले राजारत्नम् को पहले ही इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए ११ वर्षो की सजा सुनाई जा चुकी है। तेरह अन्य लोग भी दंडित हुए हैं।
यह खबर कई उन लोगों को आश्चर्यजनक लग सकती है, जो अमेरिका...
पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी अपने तीनों उपचुनाव हार गई। कांग्रेस के मुखर प्रवक्तागण अपेक्षा के अनुरूप छद्म साहस का प्रदर्शन करते हुए और अन्ना फैक्टर को ज्यादा तूल नहीं देने की कोशिश करते रहे। कुछ कांग्रेस प्रवक्ताओं का अति आत्मविश्वास तो लगभग मुग्ध कर देने वाला था।
जी करता रहा कि इतनी मुश्किल परिस्थितियों में भी निष्ठापूर्वक अपना दायित्व निभाने के लिए उन्हें भरपूर शाबाशी...
पिछले हफ्ते आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर ने अपने एक लेख में आईआईटी में प्रवेश की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत पर जोर दिया था। अब नारायण मूर्ति ने भी आईआईटीयंस की घटती गुणवत्ता पर टिप्पणी की है। लगता है हमारा ध्यान आईआईटी पर कुछ ज्यादा ही केंद्रित है, लेकिन हमें उच्च शिक्षा के अन्य आयामों की भी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
यदि कुछ एलीट कॉलेजों को छोड़ दें तो हमारे यहां उच्च शिक्षा का...
अक्सर मेरे मन में यह ख्याल आता है कि किसी वंचित या अल्पसंख्यक तबके का सदस्य होने पर कैसा लगता होगा। मैं न तो मुस्लिम हूं और न ही दलित। मैं महिला भी नहीं हूं। मैं पूर्वोत्तर राज्यों से भी नहीं हूं, जहां के लोग अक्सर भारत के अन्य क्षेत्रों में स्वयं को उपेक्षित अनुभव करते हैं।
मैं एक अल्पसंख्यक होने के अहसास के सबसे करीब तब पहुंचा था, जब मैं विदेश में एक बैंक में काम कर रहा था और वहां...
अन्ना हजारे की उपलब्धियां बहुत बड़ी हैं। उन्होंने दुनिया की सबसे दुर्गम और अभेद्य सरकारों में से एक में सकारात्मक रूप से सेंध लगाने में कामयाबी पाई। उन्होंने युवाओं के दिल में बदलाव की आकांक्षा की एक चिंगारी पैदा की।
उन्होंने भारत की जनता में मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ की, जिसकी सख्त जरूरत थी। हां, हममें से अधिकांश अब भी भ्रष्ट हैं, लेकिन हममें कुछ...
हम सभी का सामना किसी ऐसे ‘अंकल’ से हुआ होगा, जो समय-समय पर हमें याद दिलाते रहते हैं कि इस देश का भगवान ही मालिक है। उनकी हर बात का लब्बोलुआब यह रहता है कि भारत एक भ्रष्ट और नाकारा देश है, जहां जिंदगी गुजारना मुश्किल है। वे हमें बताते हैं कि आरटीओ से लेकर राशन की दुकान और नगर पालिका तक हर सरकारी अधिकारी घूस खाता है। वे हमें यह भी बताते हैं कि कोई भी सरकारी महकमा ठीक से अपना काम नहीं करता।...
एकतरफा मुकाबले उबाऊ होते हैं, फिर चाहे वे कुश्ती के हों या क्रिकेट के। भारतीय राजनीति भी इन दिनों ऐसे ही दौर से गुजर रही है। भाजपा एक बहुत कमजोर विपक्ष साबित हो रही है। यह देश के लिए भी बुरा है कि उसके पास अच्छे विकल्प नहीं हैं।
यह स्थिति तब है, जब कांग्रेस ने पिछले दो सालों में कई ‘आत्मघाती गोल’ किए हैं। घोटाले, महंगाई, सीमा पर असैनिक उथलपुथल, आत्मतुष्ट नेतृत्व और एक सियासी...
यकीनन, यह कतई ‘कूल’ नहीं है। नीलसेन के हाल ही के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि दुनिया में भारतीय महिलाएं सबसे ज्यादा टेंशन में रहती हैं। भारत की 87 फीसदी महिलाएं अधिकांश समय तनावग्रस्त रहती हैं, जबकि अमेरिका जैसे देश में महज 53 फीसदी महिलाएं ही तनावग्रस्त रहती हैं।
इस आंकड़े ने ही मुझे टेंशन में डाल दिया है। हम अपनी महिलाओं के साथ आखिर क्या कर रहे हैं? हो सकता है मेरी यह बात...