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हर्ष मंदर

इंजीनियर को भारत में समाज सुधारकों की एक लंबी परंपरा विरासत में मिली थी, जिनमें गांधी और मौलाना आजाद भी शामिल थे।...

सांप्रदायिक दंगों के मामलों में राजनेताओं सहित सभी दोषियों को दंड मिलने से हिंसा रुकने का रास्ता खुलेगा। न्याय...

सेवा और दान की जीवंत परंपरा

भारतीय   मध्यम वर्ग और विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग के लोग आज अपने आसपास बढ़ रहे अन्याय और दुख-दर्द से बेपरवाह होते...

बच्चों, बेसहारा लोगों की अनदेखी

  प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा विधेयक लागू होने के बाद देश में सदियों से चली आ रही भुखमरी खत्म होने में मदद मिलेगी।...
 

पंजाब में एक हताश पीढ़ी का भटकाव

वह महज बीस साल की है : पतली-दुबली, पीली, भावशून्य और विचारहीन आंखें, छोटी सी दुखभरी जिंदगी के अंत या उम्मीद की कोई...

गरीबी और भुखमरी का कुटीर उद्योग

भारत   सहित दुनियाभर में गरीबी और भुखमरी पर अर्थशास्त्री, पोषण विशेषज्ञ और जनयोजनाकार अथक मेहनत से लंबी-चौड़ी...
 

और खबरें

 
 
 

  • April 2, 02:18
     
    स्वतंत्रता  के ठीक बाद के दशकों में जबकि आदर्शवादिता का प्रभाव बरकरार था, सिविल सेवा की ईमानदारी और राजनीतिक निष्पक्षता में लोगों का विश्वास भी काफी हद तक बरकरार था। लोक सेवा में उच्च पदों पर आसीन लोगों का सामाजिक चरित्र संभ्रांतवादी था, लेकिन उन्हें...
     

  • March 23, 02:19
     
    मैं देश के हर हिस्से में स्थित गांवों में जाता हूं और पूछता हूं कि सबसे ज्यादा गरीब और असुरक्षित कौन है तो जवाब हर बार एक जैसा ही मिलता है। हर जगह वृद्ध, अकेली महिला और उन पर निर्भर परिवार के सदस्य तथा शारीरिकरूप से अक्षम लोगों का नाम सामने आता है। ये वे समूह हैं जो हर...
     

  • March 16, 01:10
     
    अभी चार साल भी नहीं हुए जब मेरा दोस्त नरेन ब्रेन ट्यूमर के चलते दुनिया को अलविदा कह गया, लेकिन जीते जी ही नहीं, मृत्यु में भी वह मुझे मानवीय अच्छाइयों की शिक्षा देकर गया। करीब पच्चीस साल पहले की बात है जब बैंक की नौकरी से इस्तीफा देकर नरेन अपनी पत्नी उमा शंकरी और दो...
     

  • March 9, 02:35
     
    यह आम लोगों केरोष प्रदर्शन का मौसम है, भारत में यह ठंड प्रतिशोध की है। एक के बाद एक दो लोगों को गंभीर आतंकी वारदातों के चलते फांसी दे दी गई। बाकी जिनमें जंगली डकैत, हत्यारे और सीरियल किलर्स शामिल हैं, अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जहां तक दिल्ली में बस में एक छात्रा...
     

  • February 12, 06:29
     
    नेल्सन   मंडेला ने एक बार कहा था कि किसी समाज की आत्मा की सबसे अच्छी पहचान इसी से होती है कि वह अपने बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करता है। जाड़े की एक रात में दिल्ली में एक बस में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या के बाद लोगों में आक्रोश का जैसा उभार...
     

  • February 1, 12:59
     
    शहरों  में बेघरबार लोगों को किस कदर मुश्किलों से गुजरना पड़ता है, इसका ज्यादातर लोगों को शायद अंदाजा नहीं होगा। एक बार हम देश की राजधानी में यह पड़ताल करने निकले कि रोज वहां कितने बेघर लोग काल के गाल में समा जाते हैं।   हमने पाया कि दिल्ली की सड़कों पर रोज कम से कम...
     

  • January 18, 02:50
     
    अमत्र्य  सेन अपनी किताब ‘द आइडिया ऑफ जस्टिस’ में सवाल उठाते हैं कि इंसानी समुदायों में न्याय की खोज इतनी व्यापक क्यों है? उनके मुताबिक ऐसा मुख्यत: इंसान की इंसान के प्रति हमदर्दी और आजादी की आरजू की वजह से है। हमदर्दी यानी दूसरों के दर्द व अपमान को इस तरह महसूस...
     

  • January 4, 01:20
     
    दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद देशभर में लोग और खासकर युवा सड़कों पर उतरते हुए महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने और दुष्कर्मियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों की मांग है कि दुष्कर्मियों को मौत की सजा हो। हाल ही में आतंकी हिंसा...
     

  • December 22, 12:47
     
    ‘महिलाएं  दुनिया का आखिरी उपनिवेश हैं’, यह कहना है भारत व दक्षिण एशिया में महिला अधिकारों तथा लैंगिक समानता की मुखर प्रवक्ता कमला भसीन का। वह कहती हैं, ‘दूसरे उपनिवेशों ने कम से कम अपनी औपचारिक आजादी तो हासिल कर ली, लेकिन महिलाएं इससे महरूम हैं। उनकी मेहनत करने...
     
 
 
 
 
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