

पाक में पहले तख्ता पलट का नेतृत्व एक असैन्य व्यक्ति ने किया था। जब नौकरशाह से गवर्नर जनरल बने गुलाम मोहम्मद ने 17...
एक मजबूत और वफादार प्रधानमंत्री को हटा देना आसान नहीं होता और डॉ. मनमोहन सिंह अपने पहले कार्यकाल में ऐसे ही थे।...
अन्ना हजारे का आंदोलन 1970 के बाद के बरसों में जयप्रकाश नारायण के भावोत्तेजक नेतृत्व के बाद की सबसे महत्वपूर्ण...
बायलाइन . प्रवक्ता खुद की जबान नहीं बोलते। वे अपने स्वामी की आवाज होते हैं या फिर लंबे समय तक आवाज नहीं रह पाते।...
आर्थिक सुधारों के जनक के लिए यह राजनीतिक सुधार की पहल करने का वक्त है। पहली प्राथमिकता: सरकार के सर्वोच्च स्तर पर अभिषेक के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह को बड़ी दृढ़ता के साथ, कैबिनेट मंत्रियों द्वारा ली जाने वाली गोपनीयता की शपथ का परित्याग कर देना चाहिए।
दूसरा कदम : कैबिनेट की बैठकों के दौरान मोबाइल फोन पर प्रतिबंध। इन दोनों में से कौन-सा ज्यादा कठिन है? अपनी आत्मछवि के प्रति...
यदि यह जारी आर्थिक सुधारों की ही एक और कड़ी होती, तो खुदरा व्यवसाय में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति का निर्णय कम से कम दो साल पहले ले लिया गया होता। डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार साढ़े सात साल पहले अपनी ताजपोशी के क्षण से ही इसके पक्ष में रही है, पर खटका था तो सिर्फ वामपंथियों का, जिनके समर्थन के बगैर वह अपने पहले कार्यकाल में लोकसभा में बहुमत नहीं जुटा सकती थी।
सो, इसे आसानी से समझा...
बायलाइन . उत्तरप्रदेश की जटिल पहेली के बीच एक सवाल है, जिसने मुझे बुरी तरह हैरान कर रखा है। आखिर क्यों राहुल गांधी ने अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है - वह भी पार्टी की नहीं, निजी प्रतिष्ठा का? आखिर क्यों उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को यूपी में दांव पर लगा दिया और ऊंची बाजी खेल दी, जबकि अवध की अनिश्चितता में अपने भविष्य का जुआ...
नीतिकथाएं लिखने वाले, जिनमें प्राचीन यूनानी ईसप सबसे बेहतर थे, जानते थे कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं। सदियों पहले ईसप ने सुनने वालों को बताया कि अपने मुख्य हिस्से को संवाद के रूप में धमकी देना खतरनाक होता है।
जब आप डराएं-धमकाएं और घर को ढहा देने का इरादा जताएं, तो आपको एक साधारण-से सवाल पर विचार करना चाहिए : क्या यह आपका अपना घर है? यह किराए पर लिया गया अस्थायी आवास हो सकता है,...