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  • देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस
  • लक्ष्य पाना है तो पहले भीतर के बंधनों से मुक्ति पाएं
    बाहरी बाधाओं की बजाय हमारे भीतरी बंधन ही हमें जीवन के लक्ष्य पाने से रोकते हैं। मनोवैज्ञानिक तरीकों से इनसे मुक्त हो जाइए। आप जहां हैं और आपके पास जो है, उसी से शुरुआत कर दीजिए। सही वक्त का ज्यादा इंतजार मत कीजिए। संभव हो तो धन वरना सेवा का दान कीजिए। मांगने वाले की जगह देने वाला बनने से नज़रिया बदलता है। अक्सर हम अपने आंत्रप्रेन्योरशिप कोचिंग प्रोग्राम में प्रतिभागियों से कहते हैं कि अपनी सारी कमजोरी, हीन भावना, आत्म ग्लानि, बुरे अनुभव, नकारात्मकता और भय को एक कागज पर लिख लें। ये लिखते हुए...
    07:46 AM
  • हमें एक दिन का दुलार नहीं, कामकाज में भागीदारी चाहिए
    हर साल आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा है। मूलत: पश्चिमी अवधारणा होने के बावजूद इसे भारत सहित विश्वभर में तेजी से स्वीकार कर लिया गया है। मैं जान-बूझकर दो हफ्ते बाद इस पर लिख रही हूं, क्योंकि मैं कुछ बिंदु उठाना चाहती हूं। जब बदलाव की बात आती है तो हम भारतीय कठोरता से उसके खिलाफ होते हैं, जबकि कोई पश्चिमी चलन हो तो उसे तेजी से अपना लेते हैं, फिर चाहे भारतीय माहौल में उसका कोई अर्थ न भी हो। यही महिला दिवस के साथ हुआ। पूरा हफ्ता ही महिलाओं को समर्पित कर दिया गया।...
    07:46 AM
  • गुरु से जब ज्ञान उतरता है, तब आता है संगीत
    हमारा परिवार संगीतकारों का परिवार नहीं था लेकिन, पिता संगीतप्रेमी थे और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित शास्त्रीय संगीत सुना करते थे। उन्होंने ही हमें शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि जगाई और इसकी बारीकियां समझाईं। स्कूल के दिनों में मुझे संगीत के साथ भरतनाट्यम, चित्रकला और ललित कला के अन्य रूपों में समान रुचि थी। मैं इनमें से किसी को भी अपने जीवन का लक्ष्य बना सकती थी लेकिन, पिताजी से शुरुआत में मिले संगीत के संस्कारों ने मुझे अंतत: उसी ओर मोड़ दिया और कॉलेज में वह मेरा एक विषय बन गया। मैं अपने...
    07:43 AM
  • भास्कर में लिखेंगे जावेद अख्तर, शुरुआत 'समाज, सिनेमा और सेक्युलरिज़्म' से
    नई दिल्ली. फेमस शायर, गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख़्तर अब दैनिक भास्कर के रीडर्स के लिए लिखेंगे। यह पहली बार है कि वे किसी अखबार में नियमित रूप से लिख रहे हैं। भारतीय समाज व संदर्भों को लेकर उनके अपने विचार हैं। शुरुआत समाज, सिनेमा और सेक्युलरिज़्म लेख से... समाज में दो मुसलमान हो गए। एक वह जो पर्दे पे दिखाई दे रहा है और शेरवानी पहने, गाव-तकिये से टिका, शमा के सामने कोई ख़ूबसूरत सी ग़जल गा रहा है और दूसरा, मोहल्ले की गली में रहने वाला मुसलमान जिसकी साइकिल के पंक्चर जोड़ने की दुकान है और जिसे एक...
    March 26, 08:14 AM
  • कटे पेड़ की पीड़ा और पर्यावरण बाबू...
    पर्यावरण विभाग के बोर्ड के आगे ही एक पेड़ घना हो गया था। बोर्ड पेड़ की आड़ में छिप गया था। विभाग के बाबुओं को गंवारा नहीं था कि उनके काम पर कोई आंच आए, लिहाजा पेड़ काट दिया गया। पेड़ खुद कटने पर रो रहा था, लोग दुखी हो रहे थे कि इतना बड़ा पेड़ काट दिया, लेकिन काटने वाला भी रो रहा था और कटवाने वाले बाबू भी रो रहे थे, इसके पीछे ये है रहस्य समाचार-पत्र में एक पेड़ की फोटो छपी है- एक क्षत विक्षत पेड़ की फोटो। आरी रेतकर काटा गया, पेड़ जमीन पर पड़ा है। उसी आरी से काटी गई शाखाएं पेड़ के इधर-उधर बिखरी हुई हैं। कटी शाखाओं पर...
    March 25, 07:35 AM
  • किसी तरह के दर्जे से नहीं, हमारे बदलने पर बचेंगी नदियां
    उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा व यमुना पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इन नदियों को जीवित व्यक्तित्व करार दिया हैं तथा कहा है कि उन्हें नागरिकों की तरह ही संवैधानिक अधिकार मिले और उन्हें नुकसान पहुंचाने पर नागरिकों की तरह दंड मिले। इससे पूर्व सिर्फ न्यूजीलैंड की संसद ने वहां की वांगनुई नदी को यह दर्जा दिया हैं। बेशक, यह फैसला इन नदियों को पुनर्जीवित करने का मौका ले आया हैं लेकिन, इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर जन-सहयोग से नदियों का सरंक्षण कर सकती...
    March 25, 07:31 AM
  • फिल्मों के सामाजिक सेंसर को बढ़ावा न दें राज्य सरकारें
    राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने घोषणा की है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती श्री राजपूत करणी सेना की सहमति और उसकी अनुमति के बाद ही राजस्थान में प्रदर्शित की जाएगी। यह पहली बार नहीं है कि जब किसी राज्य सरकार ने इस प्रकार का कदम उठाया हो। इससे पूर्व करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के प्रदर्शन से पूर्व भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे को आमंत्रित किया था, ताकि फिल्म को लेकर विवाद सुलझाया जा सके। फिल्मों की सेंसरशिप को...
    March 24, 07:12 AM
  • ईवीएम से मिली प्रतिष्ठा को ठेस न पहुंचाएं
    वर्ष 1997 की शुरुआत में जब मैं मुख्य चुनाव आयुक्त था तो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की आलोचना की। 1977 के करीब भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को ईवीएम विकिसत करने को कहा था। बाद में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को भी इसमें शामिल किया गया। भारतीय डिज़ाइन पर करीब 75 करोड़ रुपए की मशीनें बनाई गईं। 1982 में उन्हें केरल के 50 मतदान केंद्रों पर आजमाया गया। इसमें कुछ कानूनी चुनौतियां सामने आईं और मशीन को आगे इस्तेमाल करने के प्रयास छोड़ दिए...
    March 24, 07:10 AM
  • अंपायर क्यों देते हैं बल्लेबाजों को संदेह का लाभ?
    क्रिकेट में अंपायरिंग कमजोर दिल शख्स का काम नहीं है। किसी टेस्ट मैच में अंपायर को प्राय: नज़दीकी मामलों में चालीस ऐसे फैसले लेने पड़ जाते हैं, जिस पर मैदान में खड़े 11 खिलाड़ियों ने पुरजोर अपील की हो। इन फैसलों में उस टीम की तकदीर बदलने की संभावना होती है। 2009 में डिसिजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) लागू करने के साथ अंपायर का फैसला अंतिम नहीं रहा। अब हर गेंद पर निगाह रखने व बल्लेबाज के छोर पर हर आवाज दर्ज के लिए चार से छह हॉक आई कैमरे और स्निक-ओ-मीटर का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ समय पूर्व भारत-इंग्लैंड के बीच...
    March 23, 06:56 AM
  • क्यों आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद के लिए ठीक नहीं हैं?
    ऐसा लगता है कि अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को रोका ही नहीं जा सकता। किंतु उनके पुरातन हिंदुत्ववाद के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का चुनाव बहुत ही खराब निर्णय है। पांच बार सांसद चुने जाने के बाद भी इस पद के लिए वे पात्र नहीं हैं। उनके हिंदू राष्ट्रवाद का स्तब्ध करने वाला रिकॉर्ड और इस्लामोफोबिया भारतीय संविधान का अपमान ही है, जिसके वजूद का उन्हें पता होगा, इस पर मुझे संदेह है। भूतकाल में उन्होंने मदर टेरेसा पर ईसाई धर्म का...
    March 22, 07:54 AM
  • सिंधु जल संधि की चर्चा में दांव पर पर्यावरण
    जब विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर 20-21 मार्च को भारत और पाकिस्तान का स्थायी सिंधु जल आयोग इस्लामाबाद में अपनी 113वीं बैठक के लिए मिल रहा है तो बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है। फिर तात्कालिक मुद्दे और सिंधु जल संधि तो है ही। दोनों पड़ोसी देशों के बीच सिंधु जल संधि एक उज्ज्वल पहलू रहा है और यह संधि बार-बार उन्हें बातचीत की मेज पर ले आती है। यह साझा नदी का जादू है! दोनों देशों के बीच 1960 की संधि के तहत गठित स्थायी सिंधु आयोग में सूचनाएं साझा करने और सहयोग करने व परस्पर चर्चा की संस्थागत व्यवस्था है। इसके...
    March 22, 07:49 AM
  • चीन की शह पर गिलगित को प्रांत बनाना चाहता है पाक
    पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज की अध्यक्षता में एक समिति ने गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया है। दरअसल, चीन के इशारे पर पाकिस्तान क्षेत्र को पूर्ण राज्य बनाने जा रहा है ताकि चीनी निवेश को वैधता मिल जाए। पीओके के साथ इस इलाके पर भी भारत दावा करता रहा है और सुरक्षा के नज़रिये से भी यह इलाका संवेदनशील है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को पाकिस्तान अपने हर मर्ज की दवा मान रहा है। ग्वादर बंदरगाह पर बलूचिस्तानी विरोध का दमन करने के बाद अब उसकी निगाह...
    March 21, 07:20 AM
  • क्या मोदी के पास इन सवालों के जवाब हैं?
    ऐसा बहुत कम ही होता है कि कोई राजनीतिक दल अपनी सबसे बड़ी जीत के फल को कुछ ही दिनों के भीतर खट्टा कर दे और यही भाजपा ने आश्चर्यजनक रूप से योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का नया मुख्यमंत्री घोषित करके किया है। चवालीस वर्षीय भगवाधारी महंत की नियुक्ति का फैसला कुछ कमजोर आधारों पर निर्भर है : गोरखपुर में उनकी असंदिग्ध लोकप्रियता, जहां की लोकसभा सीट के लिए वे लगातार पांच बार चुने जाते रहे हैं। भाजपा के भीतर से उनके लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का जबर्दस्त समर्थन और हिंदी में दिए उनके तहलका मचाने वाले...
    March 21, 07:02 AM
  • खुश होने की बजाय हम दौड़ते क्यों रहना चाहते हैं?
    हम मनुष्यों की शायद आनुवांशिक समस्या यह है कि हम हमेशा रफ्तार में बने रहना चाहते हैं, खुश होना नहीं चाहते। आप खुद सोचकर देखें कि पिछली बार आपने निखालिस खुशी कब महसूस की थी? आपकी वह खुशी कितनी देर टिकी थी? भाग-दौड़ में लगे रहकर बीस तरह की चीजें सही करने का नाम ज़िंदगी नहीं है। मेरे काम के सिलसिले मुझे अपनी बिरादरी के लोगों से मिलने का मौका मिलता है। मेरे सहयात्रियों के बारे में मेरा अजीब-सा निष्कर्ष है , हम खुश होना ही नहीं चाहते। हम गतिशील रहना चाहते हैं। व्यक्ति कॉर्पोरेट में काम करने वाला...
    March 20, 07:35 AM
  • चुनाव में वोट न देने वाले नागरिकों पर जुर्माना लगाएं
    चुनाव आयोग को गैर-जिम्मेदार राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम को लेकर ऐसी आलोचना सुननी पड़ी, जिसका वह कतई हकदार नहीं था। इसमें तो कोई संदेह ही नहीं है कि भारत के चुनाव आयोग के पास दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मशीनरी है। हर चुनाव में भारत मतदाताओं की भागीदारी की संख्या के आधार पर विश्व रिकॉर्ड बनाता है। दूसरा अच्छा संकेत यह है कि भारत में मतदाताओं की भागीदारी स्वस्थ होती है। 2014 के चुनाव में लगभग 66 फीसदी मतदाताओं ने भाग लिया (यह 2016 के अमेरिकी चुनाव में 58 फीसदी मतदान से आठ फीसदी ज्यादा है)। चुनाव आयोग इसे और भी...
    March 20, 07:35 AM
  • दूसरों की उन्नति के लिए जिया जीवन ही सार्थक
    अपने जीवन के बारे में सोचता हूं तो यहां तक पहुंचने की यात्रा में बहुत से प्रसंग, बहुत से लोग याद आते हैं , जिनके संयोग से मेरा जीवन इस रूप में खड़ा हुआ है कि मैं इसकी कुछ सार्थकता का संतोष लेकर जी सकूं। वैसे भी ऐसा बहुत कम होता है कि कोई एक घटना आपका जीवन बदल दे। दरअसल, जिंदगी एक निरंतरता है, एक विचार यात्रा है, अच्छे-बुरे अनुभवों का समुच्चय है, जिससे व्यक्तित्व रूपाकार लेता है। मैं जिस घर में जन्मा वह मथुरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ दाऊजी जिसे सरकारी दस्तावेजों में बल्देव लिखा जाता है, से लगे एक गांव...
    March 20, 07:30 AM
  • सबसे बड़े दल को मौका देना संवैधानिक बाध्यता हो
    नैतिकता और लोकतंत्र की दुहाई देने वाली भाजपा ने गोवा और मणिपुर में जो सरकारें बनाई हैं वे असंवैधानिक भले न हो, लेकिन अनैतिक जरूर है। मुख्यमंत्री समेत आठ में से छह मंत्रियों को हार का मुंह दिखाने वाला जनादेश साफ बताता है कि गोवा की जनता में सरकार के खिलाफ घोर असंतोष था। वहीं मणिपुर में भी भाजपा दूसरे नंबर की पार्टी थी। यदि राजनीति-शास्त्र की परम्परागत शैली में सोचें, तो खंडित ही सही, जनादेश भाजपा के खिलाफ था। किंतु भाजपा ने विधायकों को जोड़-तोड़ कर आनन फानन में सरकार बना ली। अटल बिहारी वाजपेयी...
    March 18, 06:43 AM
  • कांग्रेस शासित राज्यों के बाहर भी भाजपा का असर
    इस साल के पहले चुनावी मौसम के पूर्व भाजपा पर लगातार आरोप लगता था कि जिन राज्यों में कांग्रेस सरकार है, वहीं भाजपा जीत सकती है। क्षेत्रीय दलों के प्रभुत्व वाले राज्यों में उसकी नहीं चलती। किंतु यह आरोप उत्तर प्रदेश चुनाव नतीजों से व्यर्थ साबित गया। अब मोदी के विकास के आह्वान और भाजपा की चुनावी रणनीति की अनदेखी नहीं की जा सकती। महाराष्ट्र में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव से कांग्रेस व शिवसेना के लिए ये अच्छे दिन नहीं है, यही स्पष्ट होता है। देश की सबसे धनी बृहन्मुंबई महानगरपालिका...
    March 16, 07:05 AM
  • सिर्फ पेंशन योजना नहीं, सामाजिक सुरक्षा देनी होगी
    विकसित देश होने का विचार कई धारणाओं पर आधारित है, जो लोगों की जीवन की गुणवत्ता पर प्रभाव डालती हैं। इनमें से एक है पेंशन व्यवस्था न सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए बल्कि खासतौर पर गरीबों के लिए भी। चूंकि भारत के कुल श्रम बल का 88 फीसदी अनौपचारिक क्षेत्रों में है, यह विचार इस देश में लागू करना सरल नहीं है। इन क्षेत्रों में वर्कर के लिए सेवानिवृत्ति बाद नियमित पेंशन भुगतान का कोई औपचारिक प्रावधान नहीं है और न किसी अन्य तरह की सामाजिक सुरक्षा। अनौपचािरक क्षेत्रों में काम करने वालों को स्वैच्छा...
    March 15, 07:50 AM
  • नस्लीय हमलों के लिए सिर्फ ट्रम्प प्रशासन ही दोषी नहीं
    अंडर 30-करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच जब लोगों के सामने संकट आता है तो वे आमतौर इस दुर्भाग्यपूर्ण मानवीय प्रवृत्ति पर आ जाते हैं कि खुद का बचाव करें और दूसरे वर्ग को संकट या समस्या के लिए दोष देने लगें। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं। कंसास में हुई गोलीबारी घटना के बाद एक और भारतीय की हत्या हुई और एक अन्य भारतीय सिख को जख्मी कर दिया गया। ये बहुत गंभीर घटनाएं हैं लेकिन, नई नहीं हैं। भूतकाल में भी वहां दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ ऐसी...
    March 11, 03:05 AM
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