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  • देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस
  • अन्य सरकारी संस्थानों की उपलब्धियां इसरो जैसी क्यों नहीं?
    भारतीय अंतरिक्ष शोध संस्थान (इसरो) ने हाल ही में 104 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इसरो की असाधारण उपलब्धियों से एक ही मुख्य प्रश्न सामने आता है : सारे सरकारी संस्थान इसरो जैसे क्यों नहीं हो सकते? अन्य सरकारी संस्थान उससे क्या सीख सकते हैं? विषय के विशेषज्ञ: इसरो को वैज्ञानिक व विशेषज्ञ चलाते हैं, जबकि अन्य सरकारी विभागों को ब्यूरोक्रेट चलाते हैं, जिन्हें उस क्षेत्र में बहुत कम विशेषज्ञता हासिल होती है। इसरो के मौजूदा चेयरमैन, अंतरिक्ष विभाग के सचिव भी हैं और अपने...
    February 18, 04:27 AM
  • देश तो  धर्मनिरपेक्ष चाहिए लेकिन, कानून धार्मिक
    अंडर 30- करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच धर्म सिखाने वाले बस्ते मज़हब के स्कूल गए, इस दुर्घटना में हम अपना देश बनाना भूल गए। हरि ओम पवार की कविता के ये अंश चोट हैं पिछले कुछ माह में हुए दो बड़े आंदोलनों पर। पहले तीन तलाक का मामला सामने आया और फिर जल्लीकट्टू। दोनों ही जगह बहुत बड़े पैमाने पर जनाक्रोश व्यक्त हुआ। या फिर यह कहना गलत नहीं होगा कि धर्म के नाम पर मानवता पर कड़ा प्रहार किया गया। तीन तलाक के मामले में एक तरफ जहां मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी को वाजिब तवज्जों नहीं दी गई तो दूसरी तरफ...
    February 17, 06:50 AM
  • पंजाब चुनाव में कसौटी पर केजरीवाल, जीते तो फिर परीक्षा
    अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना आंदोलन से लेकर आम आदमी पार्टी बनाकर दिल्ली में चुनाव लड़ने और दो बार सरकार बनाने तक लगातार जनता का विश्वास हासिल करने में कामयाब हुए हैं। उसी तर्ज पर उन्होंने पंजाब के चुनाव में तो अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) तक को अपने भरोसे में ले लिया है। ये भारतवंशी सात समुद्र पार से आप के प्रचार के लिए महीनों पंजाब में डेरा डाले रहे। सरकार बनने के बाद जिन कामों को केजरीवाल दिल्ली वालों के लिए करवा पाए और जिनके नाम पर उन्होंने पंजाब में वोट भी खूब मांगे हैं उनमें...
    February 16, 04:08 AM
  • एक फर्क के साथ तमिलनाडु में दोहराता इतिहास
    करीब तीस साल पहले तमिलनाडु की राजनीति ने अपने सबसे लोकप्रिय नेता एमजी रामचंद्रन को खो दिया था। अन्नाद्रमुक को हुई इस क्षति के बाद से ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर सियासत चालू हो गई। जिस तरह आज जयललिता के बाद यह होड़ ओ. पन्नीरसेल्वम और शशिकला के बीच चल रही है, उसी तरह 1987 में यह लड़ाई खुद जयललिता अौर एमजीआर की पत्नी जानकी रामचंद्रन के बीच थी। उस वक्त और आज के दोनों खेमों में भी काफी समानताएं हैं। एक तरफ शशिकला जैसी ही जानकी थीं, जिन्होंने कभी राजनीति में कोई पद नहीं संभाला था। दूसरी तरफ थीं खुद...
    February 15, 05:30 AM
  • मोदी के बयान पर वॉकआउट, नाकामी से बचने का बहाना
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए कहा, देश में आर्थिक क्षेत्र से शायद ही कोई दूसरा व्यक्ति हो, जो आज़ादी के 70 साल में से 30-35 साल देश के आर्थिक नीतिगत फैसलों में सीधे तौर पर सम्मिलित रहा हो। इस दौरान इतने सारे घोटाले हुए लेकिन, उनके दामन पर एक भी दाग नहीं लगा, बाथरूम में रेनकोट पहनकर नहाने की यह कला तो डॉक्टर साहब से ही सीखी जा सकती है। कोई भी समझ सकता है कि यह पूर्व प्रधानमंत्री की तारीफ...
    February 14, 04:47 AM
  • पश्चिम से जीवनशैली नहीं, पर्यावरण रक्षा सीखें
    पिछले हफ्ते लोकसभा में पर्यावरण मंत्री अनिल दवे ने बताया कि इस शीत ऋतु में राजधानी दिल्ली में धुआं मिश्रित कोहरा यानी स्मॉग पिछले 17 वर्षों में सबसे ज्यादा रहा। उधर, पिछड़े पखवाड़े फैक्ट्रियों को बंद रखने के बाद चीन में जब इस हफ्ते कारखाने शुरू हुए हैं तो बीजिंग सहित बीस शहरों में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर तक बढ़ने की चेतावनी दी गई है। जाहिर है देश-दुनिया का पर्यावरण पूरी तरह से खतरे में पड़ चुका है। पर्यावरण के घटकों में हवा का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। पानी, भोजन के बिना कई दिनों तक जिया जा सकता...
    February 14, 04:21 AM
  • ‘नोटा’ के साथ उम्मीदवार को वापस बुलाने का हक भी दें
    उत्तर प्रदेश के बहुकोणीय विधानसभा चुनाव को लेकर नकारात्मक वोट की अभिव्यक्ति के माध्यम नोटा की बड़ी चर्चा है। सोशल मीडिया में भी नोटा प्रयोग पर ट्रेंडिंग देखी गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नोटा का हक तो दिया गया परंतु चुनाव आयोग द्वारा इसे राइट टू रिकॉल की शक्ति न देने से इसका औचित्य संदेह के घेरे में है। गौरतलब है कि नोटा के बहुमत के बाद भी सबसे अधिक वोट प्राप्त करने वाला प्रत्याशी ही विजयी होता है। सही है कि यदि नोटा को बहुमत का आधार बना दिया गया तो भारत जैसे देश में जहां 10-15 फीसदी वोट पाकर...
    February 13, 07:08 AM
  • आप्रवासियों के बिना कुछ भी नहीं है सिलिकॉन वैली
    अमेरिका में दशकों बाद राष्ट्रपति के किसी फैसले का सिलिकॉन वैली ने इतना ज्यादा विरोध किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सभी प्रवासियों को समान मान रहे हैं। सिलिकॉन वैली में आईटी के विशेषज्ञों को अंदेशा है कि आने वाले दिनों में कुछ और गलत होने वाला है। अगर सिलिकॉन वैली से प्रवासियों को हटने पर मजबूर किया, तो सिलिकॉन वैली अपनी वह पहचान खो देगी, जिसके लिए उसे दुनियाभर में जाना जाता है। अमेरिका का आईटी बिज़नेस भी बर्बाद हो जाएगा। इंटेल और एपल उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने...
    February 13, 07:08 AM
  • समस्या का हल खोजते वक्त तर्क में भावनाओं को न मिलाएं
    मामूली बातों से बड़ी समस्याएं पैदा हो सकती है यदि तर्कसंगत समाधान की बजाय उसमें भावनाओं को मिला दें। आमतौर पर भावनाअों के कारण हम समस्याओं को बहुत बड़ा करके देखते हैं। किसी की गलती या दुर्व्यवहार के कारण हमें तकलीफ हो सकती है लेकिन, भावनात्मक विस्फोट से आखिर में हमें ही माफी मांगने की नौबत आ जाती है। वर्कशॉप आयोजित करने और जीवन के हर क्षेत्र के लोगों से इंटरेक्ट करने के मेरे 18 वर्षों के अनुभव में मैंने पाया है कि समस्याएं इसलिए बढ़ती जाती हैं, क्योंकि वे तर्कसंगत समाधान की बजाय भावनात्मक...
    February 13, 07:07 AM
  • प्रोत्साहन से निकलता है रचनात्मक समाधान
    भारत में आम धारणा है कि सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में इनोवेशन नहीं होता। समस्याओं के रचनात्मक समाधान नहीं निकाले जाते लेकिन, उचित नेतृत्व और सही प्रेरणा हो तो वहां भी यह संभव है। रेल मंत्रालय में मेरे लंबे कार्यकाल में ऐसे कई उदाहरण है। मेरा मानना है कि भारत की जितनी समस्याएं हैं, उसके मूल में शिक्षा का अभाव ही है। यदि हम शत-प्रतिशत साक्षरता नहीं, शैक्षिक स्तर हासिल कर लें तो आमूल परिवर्तन लाया जा सकता है। डिजिटल इंडिया के सपने और कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिए यह और भी जरूरी है। इसीलिए मैं रेल...
    February 13, 06:59 AM
  • आरक्षण आंदोलन : जातिगत समरसता से समाधान निकालें
    अंडर 30- करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेजी पकड़ता जा रहा है और इसके साथ राष्ट्रीय दलों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। वे क्षेत्रीय दल जो दशकों पहले मुख्यतः जाट वर्चस्व की भावना से निर्मित हुए थे, इस आंदोलन के जरिये सत्ता में वापसी का रास्ता खोज रहे हैं। राष्ट्रीय दल हालांकि उतने पुरजोर तरीके से जाट आरक्षण का समर्थन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन, कुछ नेता दबे स्वर में समर्थन करते नज़र आ रहे हैं। किंतु क्या सिर्फ राजनीतिक समर्थन से तस्वीर...
    February 11, 03:53 AM
  • रिजर्व बैंक ने ब्याज दर पर अपने फैसले से क्यों चौंकाया?
    भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में 6-0 की सर्वसम्मति से रेपो रेट (जिस दर पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को कर्ज देता है) को 6.25 फीसदी पर कायम रखने का फैसला किया, जो कई अर्थशास्त्रियों की अपेक्षा के विपरीत था। यह इस बात का मजबूत संकेत है कि ब्याज दर में कटौती का चक्र कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। ब्लूमबर्ग ने जो सर्वे किया था उसमें 39 अर्थशास्त्रियों में से सिर्फ पांच ने ऐसे किसी कदम का अनुमान लगाया था। ज्यादातर ने ब्याज दर 6 फीसदी किए जाने का अनुमान लगाया था। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने इसका...
    February 10, 08:07 AM
  • झूठे वादे करके बेचे जा रहे हैं टेलीविज़न सेट
    जर्मन कार निर्माता फॉक्सवैगन को ऐसा चतुर सॉफ्टवेयर डिजाइन करने के लिए नीचा देखना पड़ा, जिसने डीजल कारों से ईंधन उत्सर्जन (एमिशन) कम करके दिखाया था। फॉक्सवैगन मामले जैसा एक अलग तरह का घोटाला अमेरिका के टेलीविजन बाजार में दिख रहा है। दक्षिण कोरिया की सैमसंग, एलजी और कैलिफोर्निया (अमेरिका) की फर्म विजिओ पर बड़े स्क्रीन वाले टीवी सेट के बिजली खर्च के मामले में गलत तथ्य देने के आरोप हैं। ये कंपनियां सब मिलाकर अमेरिका में पांच लाख से अधिक टीवी सेट बेचती हैं। सितंबर, 2016 में पर्यावरण समूह नेचरल...
    February 10, 07:28 AM
  • हमारी विरासत ब्रिटिश राज या स्वतंत्रता संघर्ष?
    कोलकाता स्थित मकराना मार्बल से 1906 और 1921 के बीच बने भव्य और सुंदर विक्टोरिया मेमोरियल के मैदान पर हाल ही में एक साहित्य उत्सव में बोलते हुए मुझे अचानक अपनी स्थिति के विरोधाभास का अहसास हुआ। मैं अपनी नई किताब एन एरा ऑफ डार्कनेस : द ब्रिटिश अम्पायर इन इंडिया (अंधकार का युग : भारत में ब्रिटिश साम्राज्य) पर ऐसी भव्य इमारत के साये में बोल रहा था, जो उसी साम्राज्य की याद को समर्पित किया गया था, जिसकी मैं आलोचना कर रहा था। यह इमारत भारत की पहली ब्रिटिश महारानी (और बाद में साम्राज्ञी) विक्टोरिया (1819-1901) की याद...
    February 10, 07:19 AM
  • अच्छे बुनियादी ढांचे से आर्थिक वृद्धि की गुणवत्ता तय होगी
    इस साल के बजट में किफायती आवास को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने के साथ रियल एस्टेट डेवलपरों को भी कुछ रियायतें दी गई हैं। बुनियादी ढांचे के लिए रिकॉर्ड 3,96,135 करोड़ रुपए निवेश हुआ है। सड़कों व राजमार्गों को पिछले साल के 52,447 करोड़ की तुलना में 64,900 करोड़ रुपए दिए गए हैं। रेलवे को 1,31,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं यानी 8 फीसदी अधिक खर्च। भारत के लिए यह समय निर्णायक है। इसे देखते हुए बुनियादी ढांचा क्षेत्र में रफ्तार बढ़ने से निर्माण, लाने-ले जाने की सेवाओं अौर रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इतना ही नहीं,...
    February 9, 07:03 AM
  • बाजार भरोसे खेती से आय दोगुनी नहीं होगी
    इस वक्त जब किसान की आय दोगुनी करना आम जुमला बन गया है, तो नीति आयोग, नाबार्ड, कृषि विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां और यहां तक कि कृषि से दूर का संबंध रखने वाला भी इस पर चर्चा कर रहा है। जहां किसान की आय दोगुनी करने पर होने वाले सेमिनार व सम्मेलनों की संख्या पिछले कुछ माह में दोगुनी हो गई है, वहीं किसान उत्तरोत्तर नुकसान के दुश्चक्र में फंसता चला जा रहा है। दो साल पहले आए लगातार दो सूखे, नोटबंदी से घटी आय, अनुमान के मुताबिक आमदनी में खासतौर पर सब्जी उगाने वाले किसानों की आय...
    February 9, 07:01 AM
  • नए जमाने में पुराने अंधकार की ओर लौटती दुनिया
    नया वर्ष शुरू होकर एक माह से ज्यादा वक्त गुजर गया है लेकिन, हमें ऐसा लग रहा है जैसे हम समय में पीछे जा रहे हैं पर यह बीता मधुर समय नहीं है। साल की शुरुआत ही बेंगलुरू की अभद्र घटना से हुई, जिससे देश में महिला सुरक्षा की दयनीय स्थिति का अहसास ताज़ा हो गया कि महिलाओं के बूते 2016 के अोलिंपिक में दो मेडल जीतने वाले देश में एक तबका अब भी महिलाओं को वस्तु समझता है। वैश्विक दृष्टि डालें तो अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के शपथग्रहण के बाद ऐसी बहुत-सी घटनाएं हुई हैं, जो नस्लभेद, लिंगभेद आदि को आम घटना ही नहीं...
    February 8, 06:51 AM
  • क्यों बर्फबारी में सीमा से पीछे हटना संभव नहीं?
    कुछ वर्षों के अंतराल से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात सेना को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण बर्फ का जमाव होता है, हिमस्खलन और अन्य प्रकार की स्थितियां बनती हैं। अत्यधिक ठंड की यह स्थिति आमतौर पर प्रत्येक तीन से चार वर्ष के अंतराल से आती है। तब हताहतों की संख्या ज्यादा होती हैै। इस समय वहां ऐसे ही हालात हैं। सियाचिन से पीर पंजाल और लद्दाख रेंज से शमशाबाड़ी प्रत्येक जोन व सेक्टर की अपनी विशिष्टताएं हैं। किसी जगह ऊंचाई अधिक है लेकिन, बर्फ, ओले या वर्षा कम। इसका उलटा भी...
    February 8, 06:40 AM
  • प्रचार के लिए महिलाएं, पर उन्हें आरक्षण देने से इनकार
    गाहे-बगाहे चुनाव प्रचार में दिखने वाली प्रियंका गांधी अब उत्तर प्रदेश के चुनाव में पूरी सक्रियता दिखा रही हैं। इससे भाजपा और बसपा को कुछ परेशानी हो सकती है। इसके कई पहलू हैं। वे गैर-राजनीतिक होते हुए भी सबसे ज्यादा पाॅलिटिकली एलिजिबल मानी जाती। लोग इंदिरा गांधी जैसी करिश्माई छवि देखते हैं। उनमें लोगों में जल्दी घुलने-मिलने के अलावा हाजिर जवाबी जैसे गुण भी हैं। उनके साथ सपा-कांग्रेस गठबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली डिम्पल यादव चुनाव के समीकरण बदल सकती हैं। दशकों से भारतीय राजनीति...
    February 7, 06:47 AM
  • बदलाव की योजनाओं से ऐसे बदल रहा है देश
    परिवर्तन ही प्रगति और किसी समाज या राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि की कुंजी है। सुधार के कदमों की शृंखला से देश को तरक्की की राह पर तेजी से बढ़ाने के अथक प्रयास ही प्रधानमंत्री मोदी की एनडीए सरकार का 2014 में सत्ता में आने के बाद से मूलमंत्र रहा है। बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली से लेकर पहली बार अज्ञात रहकर काम करने वालों का पद्म पुरस्कारों के लिए चयन या राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने तक प्रधानमंत्री लोगों की मानसिकता और संस्थाओं की कार्यप्रणाली में रूपांतरण लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह कोशिश दशकों...
    February 7, 06:40 AM

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