अन्य

  • देखिये ट्रेनडिंग न्यूज़ अलर्टस

निंदा से नहीं, मिसाल पेश करके बदलाव संभव

निंदा से नहीं, मिसाल पेश करके बदलाव संभव
बचपन में डॉक्टर होने की कभी मेरी इच्छा नहीं थी। मुझे कुश्ती का शौक था। पढ़ने में मेरी कोई रुचि नहीं थी और कुश्ती में ही कॅरिअर बनाना चाहता था। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के करमाल गांव में मेरा बचपन बीता। यह हमेशा सूखे की चपेट में रहने वाला इलाका है। पिताजी हम्माली करते थे, इसलिए मेरे कुश्ती खेलने का मां विरोध करती थी। वह कहती कि कुश्ती खेलने के कारण घर का पूरा खाना तू ही खा जाता है। अभी कुश्ती खेलेगा और आगे जाकर पिता की जगह हम्माली करेगा। बचपन के उन बेफ्रिक दिनों में मां के कहने की गंभीरता मेरे...
April 17, 06:51 AM

टेक्नोलॉजी के इस युग में इतनी ट्रेन दुर्घटनाएं क्यों?

टेक्नोलॉजी के इस युग में इतनी ट्रेन दुर्घटनाएं क्यों?
जबलपुर से नई दिल्ली के निजामुद्दीन जा रही महाकौशल एक्सप्रेस के चार एसी कोच समेत आठ डिब्बे हाल ही में ट्रैक से उतर गए। यह कोई नई बात नहीं है, जिसे सुनकर हम स्तब्ध हो जाएं। पिछले दिनों जब हीराखंड एक्सप्रेस रेल हादसा हुआ तो उसमें करीब चालीस लोगों की जान चलीं गई और उससे पहले इंदौर-पटना एक्सप्रेेस रेल हादसा हुअा तो मृतकों की संख्या डेढ़ सौ तक पहुंच गई थी। घायल भी लगभग इतने ही थे। ऐसी न जाने कितनी मौतें आज तक हो चुकी हंै। इतने बड़े रेल हादसों के पीछे क्या कारण रहे होंगे, यह तो जांच से ही पता चल सकता है।...
April 5, 07:33 AM

आज के मतदाता को चाहिए बेबाक और भरोसेमंद नेता

आज के मतदाता को चाहिए बेबाक और भरोसेमंद नेता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर योगी आदित्यनाथ की नियुक्ति से कई लोग चौंक गए लेकिन, प्रदेश के लोग अपने नए मुख्यमंत्री से खुश हैं। इससे 2014 से जारी ट्रेंड की पुष्टि होती है। ट्रेंड यह कि एक राष्ट्र के रूप में हमने राजनेताओं में ईमानदारी और विश्वसनीयता जैसे मूल्यों को अधिक महत्व देना शुरू कर दिया है। लोगों को अब मुखर, ईमानदार, बेबाक और सीधी बात करने वाले नेता चाहिए। आइए, 2014 के बाद हुए तीन लोकप्रिय चुनाव और उनके दावेदारों की तुलना करें। 1.नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी (2014) : हार में यूपीए सरकार के...
April 4, 06:38 AM

स्टीव बेनन : व्हाइट हाउस में धर्म योद्धा

स्टीव बेनन : व्हाइट हाउस में धर्म योद्धा
ज्यादातर भारतीय इससे वाकिफ नहीं हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुख्य रणनीतिकार और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य स्टीव बेनन व्हाइट हाउस में आज सबसे प्रभावशाली और सबसे खतरनाक व्यक्ति हैं लेकिन, वे भगवद् गीता के बहुत बड़े प्रशंसक भी हैं। बेनन परिवार के सदस्य आमतौर पर सैन्य रुझान रखने वाले और इस्लाम के खिलाफ होली वॉर छेड़ने के पक्षधर रहे हैं ताकि दुनिया में धर्म की स्थापना की जा सके। उनकी लंबे समय की सहयोगी जुलिया जोन्स कहती हैं, वे विश्व में धर्म के बारे में बहुत बात किया...
April 4, 06:35 AM

ट्रम्प को चुना, अब ओबामा से तुलना कर रहा है अमेरिका

ट्रम्प को चुना, अब ओबामा से तुलना कर रहा है अमेरिका
अमेरिका में वह लोग जो सरकार के कामकाज पर नजर रखते हैं, इन दिनों हैरान है। उसे समझ नहीं आ रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प का विरोध किस तरह किया जाए। कॉर्पोरेट जगत असमंजस में है, क्योंकि यह पता नहीं चल रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प वाकई देश को फिर महान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिका ने ट्रम्प को राष्ट्रपति चुना, लेकिन बड़ा वर्ग पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनकी तुलना कर रहा है, जो अपने कार्य के प्रति गंभीर थे। जानिए दोनों के नेतृत्व में अंतर- बहुत ज्यादा पुरानी बात नहीं है। हमारी अपनी ही दुनिया की...
April 3, 06:44 AM

क्राउडफंडिंग ने दिलाई आइस हॉकी में पहली कामयाबी

क्राउडफंडिंग ने दिलाई आइस हॉकी में पहली कामयाबी
चक दे इंडिया फिल्म में कोच शाहरुख खान की भारतीय महिला हॉकी टीम स्पॉन्सरशिप पाने के लिए पुरुषों की टीम के खिलाफ खेलती है। पूरा राष्ट्र इस भावनात्मक संघर्ष से द्रवित हो गया। हम जागे, अपनी लड़कियों पर गौर किया, उनका उत्साह बढ़ाया और उन पर गर्व महसूस किया। एक दशक बाद असली जिंदगी में हमारी महिला आइस हॉकी टीम के लिए परदे की हॉकी टीम के विपरीत कोई स्पॉन्सर नहीं है। बजाय फिल्मी नाटकबाजी करने के उन्होंने इंटरनेट पर डोनेशन के लिए अभियान चलाया। भारतीय महिलाओं की आइस हॉकी टीम को स्पॉन्सरशिप नहीं मिल रही...
April 3, 06:41 AM

खोजें कि किस एक काम को आप बेहतर कर सकते हैं

खोजें कि किस एक काम को आप बेहतर कर सकते हैं
कामयाबी का रहस्य है, हमेशा बेहतर करने के लिए अग्रसर होना। बेहतर होने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। जैसे काम को ज्यादा करना, किताब पढ़ना, वीडियो देखना, ऑडियो सुनना, कोच से सीखना या अपने जैसे लोगों के साथ नेटवर्किंग करना। कामयाब लोग ऐसा करते हैं, क्योंकि वे जानते है कि बेहतर इंसान ही बेहतर काम कर सकता है। दुनिया भर में बहुत सारे लोग कामयाब होना चाहते हैं, पर बहुत कम लोग ही कामयाबी पाते हैं। यहां ये स्पष्ट करना जरूरी है कि कामयाबी से मतलब सिर्फ अमीर होना ही नहीं है, बल्कि किसी भी पैमाने पर कुछ बहुत बड़ा...
April 3, 06:39 AM

अपने अभाव में दूसरों को देने का अनूठा सुख

अपने अभाव में दूसरों को देने का अनूठा सुख
जीवन का यह पड़ाव क्या खोया, क्या पाया की गणना करने के लिए अकसर उकसाता रहता है। पिछले सत्तर वर्षों के कई बड़े-छोटे प्रसंग और ढ़ेर सारी आकृतियां, जिनमें से बहुत चले गए, थोड़े से बचे हैं, मन-मस्तिष्क में छाए रहते हैं। स्वप्नों में भी उन्हीं बीते हुए प्रसंगों की बहुलता रहती है। झोपड़ियों में रहने वाली महिलाएं, हल का मूठ पकड़े हुए घुटने भर कीचड़ में चलते हुए मजदूर, प्रति सुबह इधर-उधर से चुनकर लाई हुईं लकड़ियों से आग जलाकर चुल्हे पर दो रोटी सेंक लेने की जि़द करती ललनाएं स्मृति में उभर आती हैं। खाते-पीते घरों की...
April 3, 06:38 AM

क्या नकलबंदी, रोमियोबंदी व पीकबंदी सांप्रदायिक है?

क्या नकलबंदी, रोमियोबंदी व पीकबंदी सांप्रदायिक है?
बोर्ड परीक्षाओं में नकल, मनचलों की सरेआम युवतियों से छेड़छाड़ और भद्दी छींटाकशी, सड़कों में गड्ढे, सरकारी कार्यालयों में पान और गुटके की पीक, अवैध मीट की दुकानें, एवं भ्रष्टाचार से जमा की गई काली कमाई- ये समस्याएं ऐसी हैं, जो आम आदमी वर्षों से बर्दाश्त करता आया है। उत्तर प्रदेश में सालो-साल कांग्रेस एवं अन्य क्षेत्रीय दलों की सरकार रही लेकिन, उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में नकल की धांधली को कभी सख्ती से नहीं लिया और यही कारण है की आज मोबाइल से वीडियो बन जाने और फोटो खींच जाने से न घबराते हुए नकल से पास...
April 1, 07:27 AM

अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज, फिर भोजन की बर्बादी क्यों?

अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज, फिर भोजन की बर्बादी क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से देशवासियों से भोजन की बर्बादी रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाना फेंकना समाजद्रोह के समान है। वास्तव में भोजन की बर्बादी को रोकने के लिए किसी कानून की नहीं, बल्कि लोगों में व्यक्तिगत तथा सामाजिक चेतना का विकास होना जरूरी है। हमें यह समझना होगा कि आज भी देश में 19 करोड़ लोगों को दो वक्त की रोटी मयस्सर नहीं होती। यह विडंबना ही है कि विवाह, पूजा जैसे अन्य आयोजनों में प्रतिदिन खाद्यान्न बड़े पैमाने पर बर्बाद कर दिया...
March 29, 07:23 AM

खेती के संकट का कारण गलत कर्ज नीति

खेती के संकट का कारण गलत कर्ज नीति
गुजरात सरकार ने अहमदाबाद के निकट सानंद में नैनो प्लांट लगाने के लिए 558.58 करोड़ रुपए का कर्ज दिया। उसने माना कि इतना बड़ा लोन मात्र 0.1 फीसदी ब्याज पर दिया गया, जो 20 वर्षों में लौटाना है। दूसरे शब्दों में इतना बड़ा कर्ज लगभग ब्याजमुक्त ही कहा जाएगा और चूंकि यह 20 वर्षों में चुकाना है, तो यह ब्याज मुक्त दीर्घावधि लोन ही है। एक और मामला लीजिए। खबरों के मुताबिक स्टील उत्पादक लक्ष्मी नारायण मित्तल को पंजाब सरकार ने बठिंडा रिफाइनरी में निवेश के लिए 1,200 करोड़ रुपए का लोन दिया। उन्हें भी 0.1 फीसदी की ब्याज दर पर ऋण...
March 29, 07:13 AM

नकल माफिया पर शिकंजा कसें, शिक्षा व्यवस्था को सुधारें

नकल माफिया पर शिकंजा कसें, शिक्षा व्यवस्था को सुधारें
देश के सभी राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं का दौर जारी है। परीक्षा का सही मायनों में अर्थ होता है छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता की जांच करना लेकिन, अगर हम देश के उत्तर भारतीय राज्यों की ओर देखें तो उत्तर प्रदेश, बिहार व हरियाणा जैसे बड़े राज्यों में बोर्ड परीक्षाओं के आरंभ के साथ ही नकल माफिया भी सक्रिय हो गया है। वह छात्रों का भविष्य बिगाड़ रहा है। इन राज्यों में खुलेआम स्थानीय परीक्षाओं से लेकर बोर्ड परीक्षाओं तक में छात्रों को सामूहिक नकल करवाई जा रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने भी अपनी रैली...
March 28, 07:28 AM

लक्ष्य पाना है तो पहले भीतर के बंधनों से मुक्ति पाएं

लक्ष्य पाना है तो पहले भीतर के बंधनों से मुक्ति पाएं
बाहरी बाधाओं की बजाय हमारे भीतरी बंधन ही हमें जीवन के लक्ष्य पाने से रोकते हैं। मनोवैज्ञानिक तरीकों से इनसे मुक्त हो जाइए। आप जहां हैं और आपके पास जो है, उसी से शुरुआत कर दीजिए। सही वक्त का ज्यादा इंतजार मत कीजिए। संभव हो तो धन वरना सेवा का दान कीजिए। मांगने वाले की जगह देने वाला बनने से नज़रिया बदलता है। अक्सर हम अपने आंत्रप्रेन्योरशिप कोचिंग प्रोग्राम में प्रतिभागियों से कहते हैं कि अपनी सारी कमजोरी, हीन भावना, आत्म ग्लानि, बुरे अनुभव, नकारात्मकता और भय को एक कागज पर लिख लें। ये लिखते हुए...
March 27, 07:46 AM

हमें एक दिन का दुलार नहीं, कामकाज में भागीदारी चाहिए

हमें एक दिन का दुलार नहीं, कामकाज में भागीदारी चाहिए
हर साल आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा है। मूलत: पश्चिमी अवधारणा होने के बावजूद इसे भारत सहित विश्वभर में तेजी से स्वीकार कर लिया गया है। मैं जान-बूझकर दो हफ्ते बाद इस पर लिख रही हूं, क्योंकि मैं कुछ बिंदु उठाना चाहती हूं। जब बदलाव की बात आती है तो हम भारतीय कठोरता से उसके खिलाफ होते हैं, जबकि कोई पश्चिमी चलन हो तो उसे तेजी से अपना लेते हैं, फिर चाहे भारतीय माहौल में उसका कोई अर्थ न भी हो। यही महिला दिवस के साथ हुआ। पूरा हफ्ता ही महिलाओं को समर्पित कर दिया गया।...
March 27, 07:46 AM

गुरु से जब ज्ञान उतरता है, तब आता है संगीत

गुरु से जब ज्ञान उतरता है, तब आता है संगीत
हमारा परिवार संगीतकारों का परिवार नहीं था लेकिन, पिता संगीतप्रेमी थे और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित शास्त्रीय संगीत सुना करते थे। उन्होंने ही हमें शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि जगाई और इसकी बारीकियां समझाईं। स्कूल के दिनों में मुझे संगीत के साथ भरतनाट्यम, चित्रकला और ललित कला के अन्य रूपों में समान रुचि थी। मैं इनमें से किसी को भी अपने जीवन का लक्ष्य बना सकती थी लेकिन, पिताजी से शुरुआत में मिले संगीत के संस्कारों ने मुझे अंतत: उसी ओर मोड़ दिया और कॉलेज में वह मेरा एक विषय बन गया। मैं अपने...
March 27, 07:43 AM

भास्कर में लिखेंगे जावेद अख्तर, शुरुआत 'समाज, सिनेमा और सेक्युलरिज़्म' से

भास्कर में लिखेंगे जावेद अख्तर, शुरुआत 'समाज, सिनेमा और सेक्युलरिज़्म' से
नई दिल्ली. फेमस शायर, गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख़्तर अब दैनिक भास्कर के रीडर्स के लिए लिखेंगे। यह पहली बार है कि वे किसी अखबार में नियमित रूप से लिख रहे हैं। भारतीय समाज व संदर्भों को लेकर उनके अपने विचार हैं। शुरुआत समाज, सिनेमा और सेक्युलरिज़्म लेख से... समाज में दो मुसलमान हो गए। एक वह जो पर्दे पे दिखाई दे रहा है और शेरवानी पहने, गाव-तकिये से टिका, शमा के सामने कोई ख़ूबसूरत सी ग़जल गा रहा है और दूसरा, मोहल्ले की गली में रहने वाला मुसलमान जिसकी साइकिल के पंक्चर जोड़ने की दुकान है और जिसे एक...
March 26, 08:14 AM

कटे पेड़ की पीड़ा और पर्यावरण बाबू...

कटे पेड़ की पीड़ा और पर्यावरण बाबू...
पर्यावरण विभाग के बोर्ड के आगे ही एक पेड़ घना हो गया था। बोर्ड पेड़ की आड़ में छिप गया था। विभाग के बाबुओं को गंवारा नहीं था कि उनके काम पर कोई आंच आए, लिहाजा पेड़ काट दिया गया। पेड़ खुद कटने पर रो रहा था, लोग दुखी हो रहे थे कि इतना बड़ा पेड़ काट दिया, लेकिन काटने वाला भी रो रहा था और कटवाने वाले बाबू भी रो रहे थे, इसके पीछे ये है रहस्य समाचार-पत्र में एक पेड़ की फोटो छपी है- एक क्षत विक्षत पेड़ की फोटो। आरी रेतकर काटा गया, पेड़ जमीन पर पड़ा है। उसी आरी से काटी गई शाखाएं पेड़ के इधर-उधर बिखरी हुई हैं। कटी शाखाओं पर...
March 25, 07:35 AM

किसी तरह के दर्जे से नहीं, हमारे बदलने पर बचेंगी नदियां

किसी तरह के दर्जे से नहीं, हमारे बदलने पर बचेंगी नदियां
उत्तराखंड के नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा व यमुना पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इन नदियों को जीवित व्यक्तित्व करार दिया हैं तथा कहा है कि उन्हें नागरिकों की तरह ही संवैधानिक अधिकार मिले और उन्हें नुकसान पहुंचाने पर नागरिकों की तरह दंड मिले। इससे पूर्व सिर्फ न्यूजीलैंड की संसद ने वहां की वांगनुई नदी को यह दर्जा दिया हैं। बेशक, यह फैसला इन नदियों को पुनर्जीवित करने का मौका ले आया हैं लेकिन, इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकारें मिलकर जन-सहयोग से नदियों का सरंक्षण कर सकती...
March 25, 07:31 AM

फिल्मों के सामाजिक सेंसर को बढ़ावा न दें राज्य सरकारें

फिल्मों के सामाजिक सेंसर को बढ़ावा न दें राज्य सरकारें
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने घोषणा की है कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती श्री राजपूत करणी सेना की सहमति और उसकी अनुमति के बाद ही राजस्थान में प्रदर्शित की जाएगी। यह पहली बार नहीं है कि जब किसी राज्य सरकार ने इस प्रकार का कदम उठाया हो। इससे पूर्व करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के प्रदर्शन से पूर्व भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे को आमंत्रित किया था, ताकि फिल्म को लेकर विवाद सुलझाया जा सके। फिल्मों की सेंसरशिप को...
March 24, 07:12 AM

ईवीएम से मिली प्रतिष्ठा को ठेस न पहुंचाएं

ईवीएम से मिली प्रतिष्ठा को ठेस न पहुंचाएं
वर्ष 1997 की शुरुआत में जब मैं मुख्य चुनाव आयुक्त था तो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की आलोचना की। 1977 के करीब भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को ईवीएम विकिसत करने को कहा था। बाद में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को भी इसमें शामिल किया गया। भारतीय डिज़ाइन पर करीब 75 करोड़ रुपए की मशीनें बनाई गईं। 1982 में उन्हें केरल के 50 मतदान केंद्रों पर आजमाया गया। इसमें कुछ कानूनी चुनौतियां सामने आईं और मशीन को आगे इस्तेमाल करने के प्रयास छोड़ दिए...
March 24, 07:10 AM
पाएं लेटेस्ट न्यूज़ एंड अपडेट्स

दैनिक भास्कर के ट्रेंडिंग खबरों के नोटिफिकेशन रखेंगे आपको अपडेट..

* किसी भी समय ब्राउजर सेटिंग्स बदलकर नोटिफिकेशंस ऑफ कर सकते हैं.