अन्य
Home >> Abhivyakti >> Hamare Columnists >> Others
  • पांच साल में बदलेगी शहरों की सूरत
    अगले पांच वर्ष में देश के शहरों की सूरत एकदम बदली हुई नजर आएगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय शहरों से जुड़े हर मुद्दे पर गंभीरता के साथ काम कर रहा है। स्वच्छता अभियान, 100 स्मार्ट सिटी और 500 शहरों के लिए नए मिशन जैसे बड़े कार्यक्रमों के अलावा नगरीय निकाय वाले कस्बों के विकास के लिए भी काम हो रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय नए अर्बन रिन्यूवल मिशन की रूपरेखा को जल्द ही अंतिम रूप देगा। नया मिशन 500 शहरों के लिए होगा, जिसमें वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले सभी शहरों के...
    06:52 AM
  • स्वच्छता की नींव पर राष्ट्र निर्माण
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक हमें यह याद दिलाने से कभी नहीं चूकता कि भारतीयों में राष्ट्रीय गौरव की भावना थोड़ी और होनी चाहिए। हालांकि, नरेंद्र मोदी ने नागरिक होने के गौरव को अधिक महत्वपूर्ण बताकर आरएसएस को ही नसीहत दे डाली है। सच में यह राष्ट्रवाद की अधिक मजबूत व टिकाऊ नींव है। नागरिकों को नागरिकता के मूल्य सिखाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान देश का सबसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। केजरीवाल के अस्थिर हाथों से झाड़ू छीनकर और कांग्रेस के आलिंगन से गांधी को छुड़ाकर मोदी ने देश के इतिहास में राष्ट्र की...
    October 23, 06:19 AM
  • महिला केंद्रित फिल्में हिट होने का अर्थ
    यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह बॉलीवुड में महिलाओं पर केंद्रित फिल्मों का वर्ष रहा है। सुपर नानी नवीनतम उदाहरण है। एक राष्ट्रीय दैनिक में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के शारीरिक गुणों पर लेख को लेकर उनकी प्रतिक्रिया पर उठी बहस के शोर में नारी प्रधान फिल्मों का तथ्य दबा रह गया। हालांकि, मेरी राय में दोनों बातें आपस में जुड़ी हुई हैं। कैसे, मैं बताऊंगी, पर पहले फिल्मों की बात। बॉलीवुड या हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ऐसा क्षेत्र है, जहां पुरुषों की निगाहों का प्रभुत्व है। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन...
    October 22, 06:57 AM
  • जीत के साथ आत्म परीक्षण का मौका
    भाजपा अंतत: शिवसेना के साथ गठजोड़ करके या अन्य दलों के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बना लेगी, लेकिन निश्चित ही पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का जो जुआ खेला था, वह पूरी तरह कामयाब रहा, एेसा नहीं कहा जा सकता। पार्टी ने हरियाणा में तो अपने बूते अधिकांश सीटें जीत लीं, लेकिन महाराष्ट्र में वह बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। यह सही है कि महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने के फैसले ने पार्टी को अपने आधार का विस्तार करने में मदद की है और यही वजह है कि पार्टी विधानसभा में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।...
    October 20, 06:47 AM
  • सत्ता बदलेगी पर शासन बदलना मुमकिन नहीं
    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर स्थिति अस्पष्ट होने के बावजूद कुछ मुद्दे बिल्कुल स्पष्ट हैं। पहली बात तो यह कि कांग्रेस या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के खुद के बूते या संयुक्तरूप से भी सत्ता में आने की कतई उम्मीद नहीं है। महाराष्ट्र के जनमत को समझने वाला कोई भी समझ सकता है कि लोगों ने ठान लिया है कि इस गठबंधन को अब सत्ता नहीं सौंपनी है। दूसरा मुद्दा पहले और दूसरे स्थान की लड़ाई का है तो वह शिवसेना व भाजपा के बीच ही है। तीसरा मुद्दा है राज्य में त्रिशंकु विधानसभा आने की संभावना।...
    October 15, 05:51 AM
  • अब होगी असली परीक्षा मोदी और भाजपा की
    तीन दौर के उप-चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भाजपा के लिए इन विधानसभा चुनावों में अपनी खींची लकीर भारी पड़ रही है, पर इस लकीर ने; अर्थात आम चुनाव के प्रदर्शन ने उसे इतनी हिम्मत जरूर दे दी कि वह हरियाणा और महाराष्ट्र में मुख्य मुकाबले में आने के साथ सत्ता की दावेदार भी बन गई। जाहिर है अब अगर उसे इसमें लोकसभा से खराब सफलता मिली तो नेतृत्व मंडली पर सवाल उठेंगे और उसकी स्थिति भी कमजोर होगी। कम से कम हरियाणा में पार्टी का प्रदर्शन केंद्रीय नेतृत्व के खाते में जाएगा, इसलिए अचरज नहीं कि...
    October 15, 05:46 AM
  • निर्णायक हो सकते हैं मुस्लिम वोट
    महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में मुख्य राजनीतिक दल इस बार स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं । कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) हर कोई इस बात का दावा कर रहा है कि सरकार बनाने में मात्र उसे ही सफलता मिलेगी, लेकिन पिछले चुनावों का अनुभव बताता है कि कोई भी दल अपने बलबूते पर सरकार नहीं बना सकता है । सभी दल मानते हैं कि राज्य के 16 फीसदी मुस्लिम मतदाता बड़ी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, मुस्लिमों की भी अपनी पार्टियां हैं, लेकिन उनमें इतना दमखम नहीं कि वे अकेले किसी को साथ...
    October 14, 06:09 AM
  • इस्लाम को लेकर सोच कैसी हो?
    जब टेलीविजन एंकर बिल माहर अपने साप्ताहिक शो में घोषणा करते हैं, मुस्लिम विश्व में बहुत कुछ आईएसआईएस जैसा है और शो के मेहमान सैम हैरिस उनसे सहमति जताते हुए कहते हैं, इस्लाम खराब विचारों का उद्गम है तो मैं समझ सकता हूं कि यह सुनकर लोग विचलित क्यों हो गए। उनका विचलित होना स्वाभाविक है। माहर और हैरिस ने बहुत ही भौंड़ा सरलीकरण किया है, बहुत भौंड़ी अतिशयोक्ति की है। और इसके बावजूद मैं कहूंगा कि वे एक हकीकत भी बयान कर रहे थे। मैं इस्लाम को हिंसक और प्रतिक्रियावादी बताने के खिलाफ दी जाने वाली सारी...
    October 13, 07:38 AM
  • कल्पेश याग्निक का कॉलम: नोबेल ने अंतत: खोजा सत्यार्थ किन्तु हिंदू-मुस्लिम कहा, मलाल रहेगा
    मेरी मां हमेशा कहती : सिर-मुंह ढंको। वो लड़का तुम्हें देख रहा है। मैं कहती - तो क्या? मैं भी तो उसे देख रही हूं! - मलाला युसुफज़ई संघर्ष बहुत ही बड़ा है। किन्तु मैंं अपने जीवनकाल में ही बालश्रमिक जैसे पाप नष्ट कर दूंगा। - कैलाश सत्यार्थी आप नहीं, तो कौन? अभी नहीं, तो कब? पूछते रहने वाले कैलाश सत्यार्थी को आज मानो समूचा संसार एक साथ उत्तर दे रहा है : आप ही। हमारे देश के लिए, हमारे बच्चों के लिए यह शक्तिशाली विजय का पल है। हर्ष। गर्व। दायित्व। चुनौती। नोबेल ने दिए हैं ये...
    October 11, 12:10 PM
  • सरहद पर जरूरी फौज की सख्ती
    भारत और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच एक बार फिर नाेक-झोंक का दौर शुरू है। नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के दोनों ओर से गोलीबारी हो रही है। हर साल अक्टूबर में ऐसा होता है ताकि सर्दियों में बर्फबारी शुरू होने से पहले पाकिस्तान ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को भारत में घुसपैठ करा सके। हालांकि, इस वर्ष अक्टूबर से पहले अगस्त में भी सीमा पर ऐसे ही हालात देखने को मिले और दोनों ही मौकों पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास ज्यादा गहमागहमी रही। पाकिस्तान इस समय भारत को उकसाने की कोशिश क्यों कर रहा है और इसके...
    October 10, 07:42 AM
  • नेतृत्व का संकट, भाजपा की मुश्किल
    कुछ माह पहले अपने सहयोगियों के साथ भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की और हरियाणा तथा महाराष्ट्र दोनों राज्यों में बड़ी संख्या में लोकसभा सीटें जीतीं। पिछले कुछ माह में भाजपा की लोकप्रियता में उल्लेखनीय कमी आने के संकेत नहीं मिले हैं। इस हिसाब से तो भाजपा को इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनावों में भारी जीत मिलनी चाहिए, लेकिन जमीनी स्थिति देखते हुए कहा जा सकता है कि पार्टी को इन चुनाव में मुश्किल पेश आ सकती है। लोकसभा चुनाव में बड़ी संख्या में लोगों ने भाजपा को इसलिए वोट...
    October 9, 07:12 AM
  • बड़ी घोषणाएं नहीं, छोटे बदलाव चाहिए
    मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सरकार को विकास की दिशा में छोटे बदलाव लाते रहना चाहिए बजाय ऐसी बड़ी घोषणाएं करने के, जिसे पूरा करना ही चुनौती बन जाए। नई केंद्र सरकार ऐसे ही छोटे और विकास परक बदलावों की राह पर तेजी से चल रही है, जो वर्तमान की आवश्यकता है। इस दिशा में खासतौर से बिजनेस के माहौल को आसान बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया जा सकता है, जिसके अभाव में इंडस्ट्री वर्षों से संघर्ष कर रही थी। इसके अलावा प्राइवेट इक्विटी या कई क्षेत्रों में विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ाना हमेशा ही इंडस्ट्री के लिए...
    October 8, 06:44 AM
विज्ञापन
 
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

 

बॉलीवुड

 
 

जीवन मंत्र

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें