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  • राजन की विदाई के लिए किसे दोष दिया जाए?
    अंडर -30 :करंट अफेयर्स पर 30 से कम उम्र के युवाओं की सोच डॉ. रघुराम राजन ऐसी शख्यियत हैं, जिन्हें उनके स्वतंत्र दृष्टिकोण, चरित्र और बौद्धिक निष्ठा के लिए बहुत सम्मान हासिल है। वे उस समय प्रकाश में आए जब उन्होंने काफी पहले ही अमेरिका को 2008 के आर्थिक विनाश की चेतावनी दे दी थी। अपने पूर्ववर्तियों के विपरीत डॉ. राजन भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बनने के पहले ही सेलेब्रेटी का दर्जा हासिल कर चुके थे और बाद के वर्षों में तो वे भारतीय अर्थव्यवस्था के रॉकस्टार बन गए। अब जब डॉ. राजन ने सितंबर में मौजूदा...
    June 27, 04:40 AM
  • सड़क के बच्चों को मिला लाहौर में घर
    कानपुर में मेरी पहली चित्र प्रदर्शनी 1974 में लगी थी। उन दिनों मैं नियमित चित्र बनाता था और चाहता था कि चित्रकला को ही अपने जीने का एक मात्र मक़सद बनाकर सुबह से शाम तक बस पेंटिंग ही करता रहूं। किंतु ऐसा संभव नहीं था, क्योंकि चित्र बनाकर चित्रकार तो बना जा सकता था पर दो वक़्त की रोटी का इंतज़ाम करना मुमकिन नहीं था। मैं विज्ञान का स्नातक था, सो मुझे एक दवा कंपनी के विक्रय विभाग में नौकरी मिल कई। 1974 से लेकर 2002 तक मैंने इसी कंपनी में नौकरी की। जब भी वक़्त मिलता, पेंटिंग बनाता रहा। पूर्णकालीन चित्रकार बनने का...
    June 27, 04:31 AM
  • चेतन चौहान के काम करने के पहले यह शोर कैसा?
    पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान को प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) का चेयरमैन नियुक्त करने पर विवाद पैदा हो गया है। सालभर भी नहीं हुआ, जब अभिनेता गजेंद्र चौहान को फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) का मुखिया बनाने पर तीव्र विवाद खड़ा हो गया था। चेतन चौहान की नियुक्ति पर फैशन बिरादरी और आम लोगों में काफी शोर-गुल मचा है। सवाल उठता है कि क्या यह गुस्सा उचित है? या हम सीधे निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं, जबकि विवादित व्यक्ति ने आधिकारिक रूप से अभी पदभार भी संभाला...
    June 24, 07:10 AM
  • क्या इस राहुल को आप जानते हैं?
    राहुल गांधी ने रविवार को पार्टी में फिर उठ खड़े होने के उत्साह के बीच आयु के 46 वर्ष पूरे किए। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी, जिसका शीर्ष से नेतृत्व करने के लिए वे तैयार हैं। अप्रैल में अध्ययन-विश्राम अवकाश से लौटने के बाद से आरजी (जैसा कि प्राय: उनकी पीठ पीछे उन्हें संबोधित किया जाता है) जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गए हैं। उनके लौटने की अगली सुबह दिल्ली में किसान रैली, संसद में बुद्धिमानीपूर्ण और स्वस्फूर्त हस्तक्षेप, किसानों से मिलने के लिए रेलवे के दूसरे दर्जे में किया गया सफर (और यात्रा कर...
    June 21, 03:23 AM
  • रोज बीस मिनट देकर पाएं संपूर्ण स्वास्थ्य
    मुझे क्रिकेट खेलने के दौरान पीठ में चोट लग गई। डॉक्टर ने कहा कि अब शेष जीवन बिस्तर पर बिताना पड़ेगा। किसी ने योग करने की सलाह दी। मेरे दादाजी योगासन करते थे। उनसे मैंने सीखा और बिल्कुल ठीक हो गया। फिर 1985 में धीरेंद्र ब्रह्मचारीजी के आश्रम में योग सीखने गया। वहां 10 हजार युवक आए थे, जिनमें से 50 लोगों का चयन हुआ, उनमें मैं भी था। वहां मैंने प्रशिक्षण के दौरान गोल्ड मेडल हासिल किया। पचासी से शुरू हुई योग यात्रा में मैंने 28 चैनलों पर 4 भाषाओं में योग पर तीन हजार प्रोग्राम किए हैं। दरअसल, चोट लगने के पहले...
    June 20, 04:57 AM
  • इनके लिए शिक्षा जिंदगी को समृद्धि देने वाला पाठ
    पटना के स्टूडेंट ऑक्सीजन मूवमेंट ने नई सोच से एक सकारात्मक मुहिम चलाकर बच्चों की शिक्षा को स्कूलों और पाठशालाओं की चहारदीवारी से बाहर निकालकर उन्हें महत् उद्देश्य से जोड़ने में काफी हद तक सफलता पाई है। पटना के शिक्षा कार्यकर्ता बिनोद सिंह ने 13 साल पहले स्टूडेंट ऑक्सीजन मूवमेंट प्रारंभ किया था, आज अकेले पटना के सौ से अधिक स्कूलों के हजारों विद्यार्थी इस आंदोलन से जुड़ चुके हैं। बच्चे ही इस मुहिम के बैनर तले शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण के साथ ही रचनात्मक कार्यक्रम बनाते हैं और उसे...
    June 17, 05:19 AM
  • ऑर्गेनिक खेती से समृद्धि के दो बदलाव
    सिक्किम सरकार ने एक दशक में पूरे राज्य की खेती को ऑर्गेनिक कर दिया, जबकि बेंगलुरू के पास 1,200 करोड़ रुपए के कर्जदार किसानों को मधुचंद्रन ने पैसा बरसाती कंपनी का मालिक बना दिया। 75 हजार हेक्टेयर पर खेती कोको ऑर्गेनिक में बदल दिया सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने जब 2003 में विधानसभा में राज्य को पूरी तरह ऑर्गेनिक बनाने की घोषणा की थी तो लोगों ने उनके इस विज़न को नामुमकिन बताया था। हालांकि, उन्हें कृषि सचिव खोर्लो भूटिया जैसे ऐसे उत्साही सहयोगी मिले कि राज्य की 75,000 हेक्टेयर कृषि भूमि के...
    June 17, 05:04 AM
  • कड़े कानूनों से ही थमेगी यह क्रूरता
    देश के विभिन्न हिस्सों में नीलगाय, बंदर आदि मारने और इसके पहले भाजपा विधायक की पिटाई से मारे गए घोड़े शक्तिमान की मौत से जन्मे विवादों के कारण भारत में जानवरों से व्यवहार पर नैतिकता का सवाल उठा है। ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं (शक्तिमान की मौत के कुछ दिनों बाद ही दिल्ली में एक युवा पर आवारा कुत्तों को चाकू मारने का आरोप लगा था)। ऐसी घटनाएं जानवरों के खिलाफ क्रूरता रोकने वाले कानूनों की खामियां उजागर होती हैं। मुझे समझ में नहीं आता कि सदियों से प्राणियों की पूजा तक करने वाली भूमि पर ये घटनाएं कैसे हो...
    June 16, 04:11 AM
  • कहां गई ‘आप’ की नैतिक श्रेष्ठता?
    राष्ट्रपति ने दिल्ली सरकार द्वारा पारित संसदीय सचिव विधेयक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जिसमें इसको पुरानी तारीख से लाभ के पद के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान था। लगता है कि आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों ने दिल्ली सरकार ही नहीं वरन् अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक विश्वसनीयता को भी घनघोर संकट में डाल दिया है। दलों द्वारा सरकार बनाने पर मंत्रियों की बड़ी फौज की प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वेंकटचलैया की रिपोर्ट के आधार पर 2003 में बने कानून के अनुसार...
    June 15, 02:40 AM
  • जनता जाने कैसे आएगा उसका राज
    अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र को जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता की सरकार कहा था। प्रारंभ से ही लोकतंत्र का अर्थ यही रहा है कि शासक जनता द्वारा चुने हुए होने चाहिए। उन्हें लोगों को संरक्षण देने और उनके कल्याण के लिए शासन करना चाहिए। लोकतांत्रिक सरकारों की संरचना भिन्न रही है, कुछ देशों में राष्ट्रपति प्रणाली तो कुछ में संसदीय प्रणाली है। कुछ ऐसे देश हैं, जहां दोनों की मिश्रित प्रणाली है। शासक चुनने का तरीका भी भिन्न है। कहीं उन्हें सीधे जनता चुनती है तो कहीं पर उन्हें जनता अप्रत्यक्ष तरीके से...
    June 14, 02:48 AM
  • अवसरों से भरी दुनिया में हर एक को मौका
    मैं हमेशा से डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन युवावस्था में इस पेशे के अच्छे-बुरे पहलुओं पर विचार करने की बजाय मैं ज्यादा वक्त यह सोचने में देती थी कि मेडिकल टीम का वार्डरोब कैसा दिखाई देना चाहिए। मन ही मन डॉक्टर के अोवरकोट का डिज़ाइन बनाती और उनके स्टेथोस्कोप रखने के लिए मजेदार पॉकेट के ब्योरे सोचा करती। मेेरे दिमाग में नर्सों के लिए ढेरों डिज़ाइन आते कि उनके एप्रन में क्या सुधार होना चाहिए। सिर पर लगा हेडगीयर कैसा हो सकता है। मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि डिज़ाइनिंग मुझे पुकार रही है। चूंकि...
    June 13, 04:34 AM
  • लोगों को हुनर सिखाकर बदल सकते हैं समाज
    बरसों से जलसंकट से जूझ रहे महाराष्ट्र के मराठवाड़ा अंचल के उदगीर जिले के रावणकोल में पलते-बढ़ते समय एक अलग ही तरह का सामाजिक बदलाव मेरी नज़र में आया। जल-संकट के कारण उजड़ती खेती के साथ उजड़ते गांव। लोग आजीविका की तलाश में शहर चले जाते। परिवार बिखरते। ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खेती और ग्रामीण व्यवस्था ही नहीं बदल रही है बल्कि सामाजिक मेल-जोल व एकजुटता खत्म हो रही है, क्योंकि घट रहे संसाधनों की स्पर्द्धा है। पानी को लेकर हो रहे झगड़े सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक-दूसरे पर भरोसा कम हुआ...
    June 10, 07:53 AM
  • टेक्नोलॉजी से दूर होंगी बीमारियां और गरीबी
    हेपेटाइटिस पर काबू पाने के लिए डॉ. डिंडा की टीम ने वह काम कर दिखाया, जो दुनिया में कहीं न हो सका। उधर, कल्याण ने गरीबी हटाने की बजाय प्रचुुरता व समृद्धि लाने का कमाल कर दिखाया।जानिए कैसे पाया मुकाम... हेपेटाइटिस बी के ओरल वैक्सीन की दिशा में बड़ी कामयाबी​ दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार डिंडा का छात्र जीवन से एक ही लक्ष्य रहा है, देश के लिए सस्ती चिकित्सा व्यवस्था का विकास। इसीलिए पैथोलॉजी में पीजी करने के बाद शोध के लिए...
    June 10, 07:48 AM
  • मन स्थिर रखना ही सबसे बड़ी उपलब्धि
    जिंदगी में कभी-कभी ऐसे अनुभव मिलते हैं, जो जीवन की दिशा ही बदल देते हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना करने वाली पांच सदस्यीय टीम का हिस्सा होना ऐसा ही अनुभव था। मैं 25 साल का सबसे युवा सदस्य था। टीम में एकमात्र इंजीनियर और एकमात्र गुजराती था। उन दिनों बॉम्बे शेयर बाजार को गुजराती जगह समझा जाता था और ज्यादातर ब्रोकर गुजराती या मारवाड़ी थे। इस तरह मेरा गुजराती होना काम का था। सबसे छोटा होने के कारण मुझे वे काम करने पड़ते थे, जो कोई नहीं करना चाहता था या कर नहीं सकता था। मैंने ऐसे-ऐसे काम किए, जो...
    June 6, 04:05 AM
  • डॉक्टर ने बदली तीन सौ गांवों की तस्वीर
    भारतीय रेलवे के कर्मचारी देवराव कोल्हे के पुत्र रवींद्र नागपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे थे। हर किसी को उनके डॉक्टर बनकर अपने गांव शेगाव लौटने का इंतजार था, लेकिन किसे मालूम था कि शहर में अच्छी प्रैक्टिस शुरू करने की बजाय रवींद्र एकदम उल्टी दिशा ही पकड़ लेंगे। वे महात्मा गांधी और विनोबा भावे की किताबों से बहुत प्रभावित थे। पढ़ाई पूरे होते-होते वे निश्चय कर चुके थे कि पैसा कमाने की बजाय वे अपना हुनर जरूरतमंदों की सेवा में लगाएंगे। सवाल था कि काम कहां से शुरू किया जाए? डेविड वर्नर की किताब व्हेयर...
    June 3, 03:04 AM
  • कांग्रेस को एेसे नया रूप दें राहुल
    मैंने अंग्रेजी और हिंदी मीडिया के समक्ष चुनाव परिणाम के दिन कांग्रेस की पराजय पर काफी चर्चा की है, लेकिन मैंने आधिकारिक रूप से ऐसा नहीं किया। मैं पार्टी प्रवक्ता नहीं हूं और न पार्टी की किसी निर्णय लेने वाली समिति का सदस्य हूं। किंतु कांग्रेस सांसद के रूप में मेरी पार्टी के लिए लिखी गई इतनी श्रद्धांजलियां पढ़कर मैं निराश हूं। हमारे पतन की रिपोर्टें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं। कांग्रेस अभी भी जीवंत संगठन है और जनता अब भी उसे काफी चाहती है। विधानसभा चुनाव में पांच में से चार में हार होने से हम...
    June 1, 05:00 AM
  • अब मध्य एशिया तक हमारी पहुंच
    चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए भारत और ईरान के बीच हाल ही में समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे व्यक्तिगत रूप से मुझे सही कदम उठाने का संतोष मिला है। मैं जब 2002 और 2004 के बीच विदेश मंत्री था तो मैंने इस मामले को आगे बढ़ाने में छोटी-सी भूमिका निभाई थी। असाधारण इतिहास बोध रखने वाले तब के प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के मन में यह बात स्पष्ट थी कि भारत को ईरान के साथ श्रेष्ठतम संबंध विकसित करने चाहिए। वे 2001 में ईरान यात्रा पर गए, जिसने हमारे द्विपक्षीय संबंधों को जबर्दस्त बढ़ावा दिया। उन्हीं की यात्रा के...
    May 31, 02:56 AM
  • सोच से तय होती है सफलता और विफलता
    स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम आ रहे हैं। स्टूडेंट्स दबाव में हैं। मेरे बेटे को भी 12वीं के बाद अब अपने कॅरिअर और फ्यूचर के बारे में सोचना है। थ्री इडियट जैसी फिल्म बनाने के बाद क्या मैं किसी को कंट्रोल करूंगा? मैंने कहा- जो तेरा मन करे तू कर। मैंने पढ़ाई को लेकर कभी दबाव नहीं डाला। मैंने उससे कहा तुम एक साल छुट्टी ले लो 12वीं के बाद। स्कूल के बाद अगर आप कॉलेज में भागने लगोगे तो सीखने का कब मौका मिलेगा। मैंने उसे कहा शार्ट फिल्में बना, थिएटर कर, गाना सीख, बिज़नेस समझना है तो उस दिशा में जा।...
    May 30, 02:12 AM
  • साकार कर दिखाई वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी
    भारत में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी तो विकसित होती रही है, लेकिन पहली बार किसी अाविष्कारक ने विश्वस्तरीय हार्डवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप की है। ऐसी टेक्नोलॉजी जो रोज की जिंदगी में मददगार हो। धनंजय डेंडुकुरी की जिद कुछ अलग प्रकार की थी। वे थे आईआईटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र, लेकिन हमेशा लगता था कि शरीर में रोग पता करने के ढेर सारे टेस्ट करने की बजाय कोई ऐसा आसान तरीका हो, जिससे सारे टेस्ट एक साथ हो जाएं, उसमें वक्त भी ज्यादा न लगे और सबसे बड़ी बात वह बहुत सस्ता हो। ऐसी कोई टेक्नोलॉजी, जो...
    May 27, 05:28 AM
  • रोजगार के लिए पलायन में मौजूद है परिवर्तन का मौका
    साफ -सफेद शर्ट और काली पैंट में संवरी दुबली-छरहरी देह, बाल करीने से संवारे हुए! बात करते हुए बेख्याली में बार-बार वह दाहिने हाथ का अंगूठा कमर की बेल्ट में फंसाता मानो किसी मिशन पर जाने को तैयार हो। भाव-भंगिमा में न तो उस आत्मदया का पुट था, जो अक्सर आपबीती सुनाने वालों को घेर लेती है और न ही वह आत्मसंकोच जो राजस्थान के पहाड़ी जिले उदयपुर के दुर्गम जनजातीय इलाके गोगुन्दा व कोटड़ा के किसी आदिवासी के भीतर बाहर की बड़ी दुनिया को न देखने-जानने के बोध से उपजता है। उदयपुर को अजमेर और जयपुर के साथ-साथ...
    May 27, 05:26 AM