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  • हमने आधे कर दिए हैं किसान; संख्या में भी और वैसे भी
    किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं। हमारी जन्मभूमि थी यहीं, कहीं से हम अाए थे नहीं।- जयशंकर प्रसाद हमने बचपन में पढ़ा था कि देश की 80 प्रतिशत जनता गांवों में रहती है। इनमें अधिकांश खेती पर जीवन यापन करते हैं। ये किसान हैं। आज 60 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं। आजादी के बाद 1951 में हुई पहली जनगणना में किसानों की संख्या, कुल जनसंख्या का 50% थी। यानी आधा देश किसान था। आज ये घटकर आधे रह गए हैं। 24%, यदि 2011 की जनगणना देखें तो। 40 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि 90 लाख किसान पिछले दस वर्षों...
    April 25, 06:41 AM
  • आमदनी बढ़े तो बेहतर होंगे किसान
    दिल्ली सदमे में है। राजस्थान में दौसा के 41 वर्षीय किसान गजेंद्र सिंह ने किसानों की आत्महत्या के मुद्दे को इसकी दहलीज पर ला खड़ा किया है। यह पहले भी गंभीर समस्या थी, लेकिन आत्महत्या की घटनाएं सत्ता केंद्र से दूर होती थीं, लेकिन अब यह सत्ता के मठाधीशों के नजदीक पहुंचकर उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक ट्वीट के जरिए यह बताना पड़ा कि हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले किसान खुद को कभी अकेला न समझें। देश के किसानों के लिए बेहतर कल बनाने में हम सब साथ हैं। बेमौसम...
    April 24, 06:32 AM
  • संवेदना की मौत और मंडराते गिद्ध
    यह संवेदना की मौत का दृश्य था। कल तक सूखे, फटे, उजड़े, जकड़े से खेतों के किसी अनजान कोने में वह मर जाता था, राष्ट्र अनजान ही रहता था। उन खाली बर्तनों में अन्न नहीं। कुचले डिब्बों में दाना नहीं, फटे कुर्तों में सिक्के नहीं। तो कोई जंतर-मंतर तो है नहीं। अब मैं कहां जाऊं? यही प्रश्न बचता है। जिसने जहां जाने का तय कर लिया, वह तो वहां चला ही गया। किन्तु जैसे गिद्ध मंडराते हैं, वैसे संवेदना के शव पर चक्कर लगाते सफेदपोश एक और काला अध्याय लिख गए। लिखते चले गए। रचते चले गए। वो संभवत: इतना बड़ा दुर्भाग्य लेकर नहीं...
    April 23, 07:34 AM
  • ये दस कदम उठाकर दिखाएं प्रभु
    गर्मी की छुटि्टयां और भारतीय रेल का अटूट संबंध रहा है। हर भारतीय मन में रेलवे को लेकर छुटि्टयों में की गई यात्रा की कोई न कोई रूमानी याद जरूर होती है। आज ये रूमानी यादें धुंधला गई हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ नेताओं ने इसके साथ निजी जागीर जैसा व्यवहार कर इसे कुचल डाला है। रेलवे भारतीय व्यवस्था का लघु रूप है- अक्षम, भ्रष्ट, राजनीतिकरण से बेजार, गैर-जरूरी स्टाफ के बोझ से चरमराती असुरक्षित सेवा।सरकारी एकाधिकार और धन-आवंटन में राजनीति के कारण निवेश व टेक्नोलॉजी के लिए पैसे की तंगी इसकी मूल समस्या है। इस...
    April 23, 06:31 AM
  • नई राजनीति के सुंदर सपने की मौत
    बयान तो पहले का था पर सामने और चर्चा में तब आया जब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी आप ने योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण समेत अपने चार बागी नेताओं को पार्टी से निकालने का फरमान जारी कर दिया था। बयान में आप नेता ने कहा था कि हम अपने 40-50 फीसदी चुनावी वायदों को पांच साल के शासन में पूरा कर लें तो बहुत बड़ी बात होगी। हम जानते हैं कि दिल्ली विधानसभा में आप के 70 में से 67 सदस्य हैं। ऐसे में खुद उसके मुखिया को ऐसा बयान देने की जरूरत क्या पड़ गई। स्पष्ट जनादेश और मजबूत समर्थन के बावजूद सरकार को यही करना था...
    April 22, 06:06 AM
  • ईरान को प्रोत्साहन की जरूरत
    ईरान के साथ चल रही सौदेबाजी के केंद्र में सीधा-सा सवाल है : क्या ईरान तर्कपूर्ण ढंग से बातचीत करेगा? परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान से समझौते के आलोचकों का उत्तर क्या होगा, यह कहने की जरूरत नहीं है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू प्राय: कहते रहे हैं कि ईरानी तेवर तो सर्वनाश लाने वाले ही हैं। उन्होंने कई बार चेतावनी दी है कि आप ईरानियों की तर्कसंगतता पर कोई बाजी नहीं लगा सकते। सीनेटर लिंडसे ग्राहम कहते हैं, मुझे तो वे सनकी लगते हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री मोशे यालोन ने हाल ही में अपने...
    April 21, 07:44 AM
  • फ्लैश बिना खींचे फोटो में अजंता
    हर सांस हमें जीने का नया अवसर देती है और बाहर निकलने वाला उच्छवास हमारी जिंदगी का मूल्यांकन करता है। इस मूल्यांकन से ही जीने की प्रेरणा मिलती है। आनंद क्षणिक होता है, जबकि निराशा लंबे समय तक बनी रहती है, लेकिन जब इसी निराशा का रूपांतरण आशा में होता है तो फिर सिर्फ खुद का अस्तित्व होने का, जीने का आनंद ही शेष रहता है। मेरी अब तक की जीवन-यात्रा का यह निचोड़ है। अब यात्रा ही आनंद है।दुनिया बदल रही है। फोटोग्राफर को पहले निगेटिव शूट करनी पड़ती थी, लेकिन निगेटिव के बिना पॉजीटिव मिलना संभव नहीं होता था।...
    April 20, 06:01 AM
  • असंभव के विरुद्ध: क्या आपने नो-निगेटिव न्यूज़ को  ऐसे ज़िंदगी से जोड़कर देखा है?
    एक निगेटिव सोच, सिर्फ एक निगेटिव सोच सारी ज़िंदगी नष्ट कर सकती है।- प्राचीन कहावत उस गांव में सरकारी स्कूल का रिज़ल्ट 100% पहुंच गया। गांव वालों ने कहा, प्रिंसिपल ने बच्चों के लिए कई नए प्रयोग किए। इसलिए इतनी सफलता मिली। समारोह हुआ। ऐसा तो सैकड़ों जगह हुआ होगा। राजस्थान के सीकर क्षेत्र में फतेहपुर के इस छोटे से गांव ढांढण का उदाहरण आज इस कॉलम की शुरुआत क्यों बन गया? आपका प्रश्न सही है। कारण है। शॉल, श्रीफल से आगे जाकर ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को एक कार भेंट की। पंचायत तीन साल का ईंधन भी देगी।...
    April 18, 05:52 AM
  • शिक्षा नहीं तो बोझ बन जाएंगे युवा
    कुछ सप्ताह पहले बिहार में दसवीं की परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नकल की खबरें मीडिया में आईं। टीवी चैनलाें पर एक छह मंजिला भवन पर बेतरतीब ढंग से लटकते लोग, जो अपने पुत्र, पुत्री, भाई या मित्र की मदद के लिए आए थे, की तस्वीर काफी चर्चित रही। ये लोग बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को नकल की पर्ची भवन के अंदर पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। हैरत की बात तो यह है कि प्रशासनिक और परीक्षा संचालन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ी, जबकि पूरे राज्य में यही आलम था। ऐसा कैसे हो सकता है कि...
    April 14, 06:10 AM
  • असंभव के विरुद्ध: हर ट्रायल रूम के बाहर से भीतर  झांकता है कानूनी कैमरा
    सफेद झूठ, पीले कागज़, खाकी वर्दी, काले कोट और भूरे रंग का ऑर्डर-ऑर्डर वाला हथौड़ा कानून की चमक तो पैदा करता है किन्तु इतने रंगों में न्याय का उजला रंग धुंधला सकता है।-अज्ञात हम संवेदनशील नहीं हैं। होते तो देशभर में ट्रायल रूम के बाहर लगे कैमरे अब तक हट चुके होते। स्मृति ईरानी ने फैब इंडिया स्टोर में कैमरा नहीं, एक पाप पकड़ा। किन्तु उससे भी अधिक शर्मसार करने वाली हैं कानून की धाराएं। वे कहीं न कहीं महिलाओं की गरिमा पर हमला करने वालों को बचाती दिखलाई पड़ती हैं। सिलसिलेवार विश्लेषण किया जाए...
    April 11, 06:55 AM
  • कश्मीर में संघर्ष का बदलता चरित्र
    जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद अभी सत्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने में ही लगे हैं कि राज्य के निहत्थे पुलिसकर्मियों पर आतंकी हमलों का सिलसिल चल पड़ा है। सईद सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (आफ्स्पा) कानून की समीक्षा कर रहे हैं। जिन जिलों में आतंकवादी घटनाएं बहुत कम या पूरी तरह नदारद हैं, उन पर से अशांत होने का लेबल हटाकर यह कानून हटाना चाहते हैं। ऐसे में ये घटनाएं हुई हैं। कश्मीर के मीडिया ने इस बारे में कोई दृष्टिकोण पेश नहीं किया है कि उन हमलों के पीछे कौन है या इसका इरादा क्या...
    April 10, 06:30 AM
  • गांव बचेंगे तो ही शहर बनेंगे स्मार्ट
    मुंबई और दिल्ली, दो महानगर जिनकी अपनी समानताएं हैं और विषमताएं भी। दोनों ऐतिहासिक शहर अपने खास तरह के चरित्र के कारण समान रूप से लोकप्रिय भी हैं और समस्याग्रस्त भी। मुंबई को इन दिनों अपने नए मास्टर प्लान-2034 को लेकर विरोध झेलना पड़ रहा है तो दिल्ली 400 करोड़ रुपए के बीआरटीएस के झमेले से निकलने की कोशिश कर रही है। दोनों शहरों में विरोध के स्वर बुलंद हैं। देश की आर्थिक राजधानी की अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान है और विश्व में एक साख, वैसी ही जैसे देश की राजनीतिक राजधानी के अपने गुण-अवगुण हैं। दोनों शहरों...
    April 9, 05:39 AM
  • ईरान से समझौता श्रेष्ठ विकल्प
    ईरान के साथ परमाणु समझौते पर मन बनाते समय अमेरिकी नीति-निर्धारक और जनता इसके ब्योरों पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं। किंतु ऐसा कोई समझौता, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को सीमित कर दें और इसके निरीक्षण को अनिवार्य बना दें तो क्या वह उसे सच में स्वीकार्य होगा? इसी आशंका के मद्देनजर इसके विकल्पों पर भी अमेरिका को गंभीरता से विचार करना चाहिए, जो वास्तव में दो ही हैं। पहला, प्रतिबंधों की ओर लौटना। चलिए मान लेते हैं कि अमेरिकी कांग्रेस जून में होने वाले अंतिम समझौते को खारिज कर देती है। उस स्थिति में...
    April 8, 05:27 AM
  • साल में दो हफ्ते का मौन बढ़ा देता है क्रिएटीविटी
    अच्छी सेहत के लिए मौन बहुत महत्वपूर्ण है। मैं तो कहूंगा कि जिंदगी के लिए ही अहम है। यही वजह है कि मैं प्रतिदिन दो घंटे मेडिटेशन करता हूं। सुबह 4 से 6 बजे तक। मेडिटेशन मतलब है, खुद के साथ होना। रोज मेडिटेशन करने के अलावा मैं साल में दो बार एक-एक हफ्ते के लिए मौन धारण करता हूं। तब मैं निर्जन स्थानों पर चला जाता हूं। यह कोई भी जगह हो सकती है। उटाह जैसी कोई पहाड़ी जगह या कोस्टारिका के वर्षा वन। ऐसी जगह जहां न तो लोग हों और न कोई टेक्नोलॉजी। यह मेरी ओर से खुद के लिए ट्रीट होती है, खुद को दिया तोहफा होता है।...
    April 7, 04:50 AM
  • रात में 3 बजे सलमान करते हैं वर्कआउट, जिम के लिए बना रखा है अलग घर
    मुंबई. आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। हर वर्ष हम हैल्थ एक्सपर्ट्स की बातों को आप तक पहुंचाते हैं, लेकिन इस बार हैल्थ प्रैक्टिशनरों को ले रहे हैं। रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी, जो मैराथन धावक हैं, जबकि बाबा रामदेव ने योग को जन-जन तक पहुंचाया और वर्कआउट तो अभिनेता सलमान खान की पहचान है। तो जानिए इन तीनों से सेहत के तीन स्तंभों के राज - हर रोज तीन घंटे जमकर व्यायाम, किसी भी वक्त मैं पारंपरिक स्टाइल के वर्कआउट में यकीन रखता हूं और खान-पान से कोई समझौता नहीं करता। भरपूर पानी, पौष्टिक भोजन और...
    April 7, 01:38 AM
  • उम्मीद और समृद्धि का सांवला रंग
    जब हम कहते हैं कि काले बादल मंडरा रहे हैं तो हमारी सोच कुछ इस तरह ढल चुकी है कि हम यही सोचते हैं कि कुछ नकारात्मक होने वाला है। काले बादल तब घिर आते हैं, जब वह राजनीतिक दल चुनाव जीत जाता है, जिसे हम पसंद नहीं करते। काले बादल तब मंडराने लगते हैं जब हम जिसे पसंद नहीं करते, वह हमारा सहयोगी या वरिष्ठ बन जाता है। काले बादल तब नजर आते हैं जब अनचाहा अतिथि घर आ जाता है। और इसके विपरीत भारतीय साहित्य में काले बादलों का घिर आना खुशी प्रकट करने वाला रूपक रहा है। इसकी वजह यह है कि ये लंबी गर्मियों और सूखे के बाद...
    April 6, 06:47 AM
  • असंभव के विरुद्ध: नारी की इच्छा हम समझ  क्यों नहीं पाते?
    तुम तो नदी की धारा के साथ दौड़ रहे हो। उस सुख को कैसे समझोगे, जो हमें नदी को देखकर मिलता है।- रामधारी सिंह दिनकर आज का कॉलम सप्ताहभर से चल रही देश को उद्वेलित करने वाली नारी की इच्छा पर समर्पित। मैं जब बच्ची थी। पेड़ पर चढ़ने को मचलती, मां डांटती कहती ये लड़कों जैसी गलत मस्तियां हैं। उछलना, कूदना, दौड़ना, चढ़ना, गिरना, उड़ना पिता हंसते, शाम को कंधे पर बिठाकर ले जाते अमरूद के पेड़ पर चढ़ना सिखाते, समझाते - शरीर सब कुछ कर सकता है अगर तुम्हारी इच्छा हो मैं जब कुछ बड़ी हुई दादी को जैसे बस एक ही काम था,...
    April 4, 06:52 AM
  • जमीन के अलावा भी हैं चिंताएं
    लोकसभा में हाल ही में पास हुए भूमि अधिग्रहण बिल के प्रावधानों का विपक्षी पार्टियां अभी भी विरोध कर रही हैं। सरकार भी इसमें संशोधन के लिए इच्छुक दिख रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री राव वीरेंद्र सिंह के हालिया बयान से तो यही महसूस होता है। उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि सरकार राज्यों से परामर्श लेगी और अधिग्रहण में गैर-कृषि या बंजर भूमि को वरीयता देगी। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार केवल सार्वजनिक हित के कामों के लिए ही जमीन लेगी और अधिग्रहीत जमीन निजी कंपनियों और उद्योगपतियों को नहीं...
    March 31, 04:23 AM
  • राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भारत लेकर उसके रत्नों के घर क्यों नहीं जाते?
    ऐसा क्यों है कि दादा साहब फाल्के अवाॅर्ड लेने के लिए तब तक इंतज़ार करना होता है जब तक आप व्हीलचेयर पर न आ जाएं।- न्यू मीडिया से। बहुत अच्छा है कि राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर जाकर उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया। विश्व मंच पर मानवता की शक्ति पर सर्वमान्य भारतीय राजनेता के रूप में स्थापित अतुल्य अटल बिहारी वाजपेयी को सम्मानित कर हमने अपना ही सम्मान किया है। किन्तु बहुत बुरा है कि पं. मदनमोहन मालवीय के परिजन को उनका भारत रत्न प्राप्त करने राष्ट्रपति भवन जाना पड़ेगा। प्रश्न...
    March 28, 05:52 AM
  • मेक इन रूरल का अभियान भी चले
    प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया की पहल काफी अच्छी है। देश-दुनिया के निवेशकों को भारतीय उद्योगों में भागीदारी बढ़ाने की यह मंशा अच्छी कही जानी चाहिए। फिर आखिर ऐसा क्या है, जिसे हम अपने देश में निर्मित नहीं कर सकते। हर क्षेत्र में हमारे देश ने दुनिया में झंडे गाड़े ही हैं। अब मंगल ग्रह पर जाने की ही बात लीजिए। इस पहल ने दुनिया को भारत के विज्ञान-कुशल होने के दर्शन तो करा ही दिए हैं। देश को आत्मनिर्भर बनाने के अलावा इसकी अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए मेक इन इंडिया आंदोलन जोरदार पहल है। किंतु नारे...
    March 27, 05:41 AM
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