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  • असंभव के विरुद्ध: या खुदा! पाकिस्तान में इतनी बुजदिली क्यों है?
    पाकिस्तान में कोई हिफाज़त से नहीं रह सकता। ओसामा बिन लादेन भी। - उस समय लिखे हुए से। पाकिस्तान में बुजदिली की इन्तहा हो रही है। कयामत की रात क्या इल्तज़ा करेंगे? क्या फरमाएंगे -कि एक तरफ तो दहशतगर्दों को आखिरी सांस तक तबाह करने की कसम खाई थी- वो 48 घंटों में टूट गई? पेशावर की मासूम चीखें बस चंद अल्फाज़ों के लिए याद रखीं? ज़की उर-रहमान लखवी कैसे जमानत पा गया? वो दहशत के कारखाने चलाता रहा -सबको पता था/है। दहशत पर वो ऐसा पहला ही माकूल मुकदमा होगा किसी पाकिस्तानी अदालत में, जिसमें इतने...
    07:49 AM
  • विवादों के नाट्य में सभी शामिल
    यह सही है कि जब भाजपा राज आता है तो संघ परिवार का शुद्धतावाद और आदर्शवाद हिलोर लेने लगता है। संघी नेताओं को कम्बल ओढ़कर घी पीना अच्छा लगता है पर यह भी सही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर सख्ती से अपनी जमात के नेताओं, सांसदों और मंत्रियों को अनुशासन की सीमा में और लाल किले से किए अपने आह्वान के अनुरूप आचरण करने को कहें तो चीजें काफी हद तक संभल सकती हैं। किंतु यह कहना शायद ज्यादा सही होगा कि धर्मांतरण, संस्कृत, गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ बनाने, गोडसे की तारीफ, किसी विरोधी को मारीच तो किसी को...
    December 19, 05:01 AM
  • कल्‍पेश याग्निक की टिप्‍पणी: आज हम सब पाकिस्तानी, लेकिन …
    बच्चों के ऐसे रक्तपात ने जिस तरह उन पाकिस्तानी मां के कलेजे को चीर दिया है; ऐसे सदमे, संकट और संदेह के क्षणों में हर हिन्दुस्तानी मां उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है। जैसा कि 9/11 आतंकी हमले पर फ्रांस के सबसे प्रतिष्ठित अखबार ली मोंड ने लिखा था : टुडे वी आर ऑल अमेरिकन्स, जैसा कि 1962 में बर्लिन जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने कहा था : टुडे वी आर ऑल बर्लिनर्स - वैसा ही दैनिक भास्कर कहना चाहता है : आज हम सब पाकिस्तानी। इस दारुण दु:ख की घड़ी में हमारा हृदय उतना ही क्रंदन कर रहा है। आज उन मासूम चीखों,...
    December 17, 10:20 AM
  • पेशावर में दिखा आतंक का वीभत्स चेहरा
    पूरा विजय दिवस (16 दिसंबर) पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमले के बाद की भयावह तस्वीरें देखने में बीत गया। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान को संदेश देने के लिए सबसे सॉफ्ट टार्गेट चुना। संदेश यह कि वह अपनी मर्जी से जहां चाहे हमले करके उत्तरी वजीरिस्तान में पहुंचे नुकसान का बदला ले सकता है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला युसूफजई ने जो सकारात्मक वातावरण पैदा किया था, यह हमला उसके खिलाफ यह याद दिलाने के लिए था कि पाकिस्तान की जड़ें इस्लाम के वैसे आधारभूत तत्वों में ही होनी...
    December 17, 04:22 AM
  • धारावी से प्रेरणा लेकर शहर बनाएं
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही हमारे शहरों को पुनर्जीवित करने वाले महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत स्मार्ट सिटी के बैनर तले करने वाले हैं। हालांकि, भारतीय शहर स्मार्ट तब बनेंगे जब इन्हें उन वास्तविक परिस्थितियों को केंद्र में रखकर बनाया जाएगा, जिनमें भारतीय काम करते हैं और उन्हें लालची राज्य सरकारों के चंगुल से छुड़ाकर स्वायत्तता दी जाएगी। जब तक शहरों में सीधे चुने गए ऐसे मेयर नहीं होंगे, जिन्हें शहर के लिए पैसा जुटाने की आज़ादी हो और म्यूनिसिपल कमिश्नर जिनके मातहत हों, तब तक शहरी...
    December 16, 06:13 AM
  • खुली व्यवस्थाएं ही टिकाऊ होती हैं
    सीनेट इंटेलीजेंस कमेटी द्वारा टार्चर रिपोर्ट जारी करने के समर्थक भी सहमत है कि इससे विदेशों में अमेरिकी हित प्रभावित हो सकते हैं और इसके विरोधियों को तो इसका पक्का यकीन है। सीनेटर टेड क्रूज के शब्दों में, इससे जिंदगियां खतरे में पड़ेंगी, हमारे सहयोगी दूर हो जाएंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा कमजोर होगी। किंतु क्या वाकई ऐसा होगा? क्या ऐसा हुआ है? क्रूज की दलील वैसी ही है, जो हमें तत्कालीन सोवियत संघ के खिलाफ लड़े गए शीत युद्ध के दिनों में सुनाई देती थी। तब कहा जाता था कि सोवियत संघ की तुलना में अमेरिका...
    December 15, 06:13 AM
  • असंभव के विरुद्ध: महिलाओं पर हमले करने वाले कितने हैं, पुलिस वाले कितने हैं और हम कितने हैं?
    जो सब कर रहे हैं, आप भी वही कर रहे हैं तो ये मुख्यधारा में शामिल होना कतई नहीं है। ये तो कायरता का दबा छुपा रूप है- क्योंकि बहते पानी में तो मर चुकी मछली भी बह सकती है। - अज्ञात कुछ नहीं, एक महिला चीख रही थी। महिला स्वयं एक चीत्कार बनकर रह जाएगी? पता नहीं, अरुणा शानबाग की तो चीख भी घुट गई थी। वो कौन थी? निर्भया? नहीं। सब भूल चुके हैं। नर्स, जो भयावह शिकार हुई थी। एक वार्ड बॉय सोहनलाल की दरिंदगी का। मुंबई के केइएम अस्पताल में। कुत्ते को बांधने वाली जंजीर से उसने ऐसा जकड़ा अरुणा को कि शरीर...
    December 13, 07:27 AM
  • महिलाओं की सुरक्षा किसके भरोसे?
    महिला सुरक्षा किसी बाहरी एजेंसी के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती फिर चाहे पुलिस के पास 27 वर्षीय महिला यात्री से दुराचार के मामले में उबर टैक्सी कंपनी के खिलाफ ठोस आरोप ही क्यों न हों। दिल्ली में दुराचार के लिए टैक्सी कंपनी को दोषी ठहराना तो महिला सुरक्षा को आउटसोर्स करने जैसा ही हुआ। कम ही लोग मानेंगे कि यह मामला घोर लापरवाही का नहीं है।उबर को देखें तो वह अपने ड्राइवरों की पृष्ठभूमि जांचने की कड़ी प्रक्रिया के वादे पर खरी नहीं उतरी है। इस मामले में तो लगता है कि कंपनी को ज्यादा से ज्यादा कुछ मालूम था...
    December 10, 05:08 AM
  • मोदी की यात्राओं से हासिल क्या?
    नेपाल दक्षिण एशिया सहयोग संगठन (सार्क) के शिखर सम्मेलन के दौरान नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ ने एक-दूसरे के प्रति ठंडा रुख दर्शाया होगा, लेकिन दोनों प्रधानमंत्रियों का यह रवैया सीमा के दोनों ओर रह रहे आम लोगों की मनोवृत्ति को व्यक्त नहीं करता। भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच रिश्तों में उससे कहीं ज्यादा गर्मजोशी प्रतीत होती हैं, जितनी आमतौर पर अपेक्षा की जाती है। न सिर्फ सीएसडीएस की ओर से कराए सर्वेक्षण के आंकड़े इसका समर्थन करते हैं बल्कि पिछले कुछ महीने में मेरी दो पाकिस्तान यात्राओं में...
    December 9, 05:53 AM
  • ‘सेज’ की विफलता से सीखने का वक्त
    नरेंद्र मोदी की छह माह पुरानी सरकार आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों में विकास को तेज गति देने के लिए हरस्तर पर प्रयास कर रही है। पॉलिसी पैरेलिसिस के नाम पर मनमोहन सरकार को भाजपा ने जी भरके कोसा था और चुनाव जीतकर पहली बार मोदी के बूते सरकार बनाकर भाजपा ने राष्ट्रीय राजनीति को नया मोड़ दिया। मोदी जीते थे तो सर्वथा अक्षम कांग्रेस सरकार का उसमें बड़ा सहयोग रहा था। अब मेक इन इंडिया, समुद्री सीमाओं पर कोस्टल इकोनॉमिक जोन और विदेशी निवेश को बढ़ावा ऐसे कई कार्यक्रम हाथ में लेकर देश को आर्थिक प्रगति की...
    December 8, 05:55 AM
  • असंभव के विरुद्ध: दो पल, कश्मीर में बलिदान  देने वाले इन योद्धाओं के लिए
    चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनोंं में गूंथा जाऊं चाह नहीं सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊं। चाह नहीं देवों के सिर पर, चढ़ूं, भाग्य पर इठलाऊं। मुझे तोड़ देना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक। मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जाएं वीर अनेक। - माखनलाल चतुर्वेदी शौर्य किसेे कहते हैं? जितनी बर्फ उस 3700 किलोमीटर के तुर्तुक रेंज में बिछी होगी - वह भी जिनके राष्ट्रभक्ति से दहकते रक्त को कभी न ठंडा कर सके। शौर्य, सीने में धड़कते सच्चे हृदय को कहते हैं। इन्हीं स्वार्गिक वादियों को हथियारों से...
    December 6, 08:19 AM
  • संस्कृत हमारी संस्कृति व सभ्यता की अभिव्यक्ति है
    केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा के स्थान पर कथित रूप से संस्कृत पढ़ाने पर पिछले दिनों जो आक्रोश व्यक्त किया गया उसे देखकर मुझे धक्का लगा। मीडिया में इसे देश को काले युग में ले जाने वाला प्रतिगामी फैसला बताया गया। इसकी तुलना ब्रिस्बेन में जी-20 सम्मेलन की घटना से कीजिए, जिसमें जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पर उनके सामने जर्मन भाषा का मुद्दा उठाया। भारत में जर्मन राजदूत ने बयान जारी किया और दूतावास के अधिकारी इस मुद्दे से जुड़े विभिन्न लोगों व संस्थाओं...
    December 5, 07:52 AM
  • वेैश्वीकरण के दौर में विदेशी भाषाएं भी अपनानी होंगी
    केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा के स्थान पर संस्कृत पढ़ाने का विरोध इस आधार पर किया जा रहा है कि जर्मन भाषा इस तरह हटाना न केवल जर्मनी व भारत के सांस्कृतिक संबंधों को नकारात्मक ढंग से प्रभावित करेगा बल्कि विदेशी भाषाओं के पठन-पाठन की उपादेयता पर भी प्रश्न चिह्न खड़े कर देगा। जर्मन पढ़ाने की आलोचना इसलिए भी की जाती है कि विश्व में अंग्रेजी के बाद सबसे अधिक प्रचलित भाषा फ्रेंच है। संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी कामकाज अंग्रेजी या फ्रेंच में ही होते है। हालांकि, सम्मेलनों में चार और भाषाओं का...
    December 5, 07:49 AM
  • वैश्वीकरण के बाद भी छुआछूत मौजूद
    हिंदुस्तानी समाज के बारे में सर्वाधिक अध्ययन जाति को लेकर हुए हैं। सामाजिक कार्यव्यापार में जाति जितनी निर्णायक भूमिका निभाती रही है उस हिसाब से यह ठीक भी है, किंतु यह भी कहना होगा कि आज तक जाति को लेकर जितनी भ्रांतियां हैं या अध्ययनों में जितनी कमियां हैं वह भी किसी और विषय को लेकर नहीं है। जाति को किसने ठीक समझा है? कौन हमारे कम्युनिस्ट भाइयों की तरह विदेशी पैमानों के चक्कर में ही उम्र गंवा चुका है और कौन जाति से ऊपर होने के नकली-असली दावे करता है, इस बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है।...
    December 3, 08:08 AM
  • पुलिस के ‘स्मार्ट’ होने में दिक्कतें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के सम्मेलन में स्मार्ट पुलिस की नई व्याख्या प्रस्तुत की। स्मार्ट शब्द हमारे रोज के जीवन का शब्द है परंतु उन्होंने इस शब्द के हर अक्षर को विस्तार देकर पुलिस के दायित्व की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा पुलिस को स्ट्रिक्ट और सेंसेटिव यानी सख्त व संवेदशील, मॉडर्न व मोबाइल यानी आधुनिक व गतिशील, अलर्ट व अकाउंटेबल यानी चुस्त-दुरुस्त व जिम्मेदार, रिलाएबल व रिस्पॉन्सिव यानी भरोसेमंद व त्वरित कार्रवाई करने वाली हो और आखिर...
    December 2, 12:26 AM
  • अमेरिकी सपना देखने वालों के पक्ष में
    आप्रवास और दस्तावेजीकरण से बाहर रहे श्रमिकों को अमेरिका में वैधता देने संबंधी नीति को लेकर राष्ट्रपति बराक ओबामा की कार्रवाई के विरोधी प्राय: यह दलील देते हैं कि यह पहल अमेरिका के वैध आप्रवासियों के साथ न्याय नहीं करती। उनका कहना है कि ये लोग नियमों के अनुसार चले, कानूनों का पालन किया, करों का बराबर भुगतान किया और अब यह देखकर हैरान हैं कि इसके विपरीत व्यवहार करने वालों को पुरस्कृत किया जा रहा है। ओबामा की पहल का कुछ लोग यही अर्थ लगा रहे हैं। मुझे विश्वास है कि वैध रूप से आए कुछ अाप्रवासी इस तरह...
    December 1, 05:29 AM
  • कहीं ऐसी तो नहीं है आरिफ माजीद की दास्तां?
    दहशतगर्द कातिलों को खत्म करना दहशत फैलाना नहीं है। बल्कि उन्हें माफ़ करना दहशत बढ़ाना है। - जाॅर्ज बुश डॉ. माजीद की तो धड़कन रुक गई। फोन हाथों से फिसल गया। उधर शाहीन की आवाज़ जम गई थी। बमुश्किल वाकया बयां किया था। आरिफ (अरीब) नहीं बचा? शहीद हो गया? ये क्या बोल रहे हो? दिमाग़ तो नहीं फिर गया ख़ुदा का ख़ौफ करो। खून जम गया था। सुर्खियां थी अगले दिन। कहीं आरिफ माजीद छपा। कहीं अऱीफ। कुछ ने अरीब लिखा। इस्लामिक स्टेट में भर्ती हिंदुस्तानी की मौत। महाराष्ट्र के कल्याण से गए थे चार इंजीनियर। खुफिया...
    November 29, 10:57 AM
  • जब ज्ञान बदल जाता है बिज़नेस में
    एलन हाफमैन अब स्टैटाटेक के सीईओ हैं। कंपनी त्वचा के बदले इस्तेमाल हो सकने वाला उत्पाद स्ट्रैटाग्राफ्ट स्किन टिश्यू बनाती है। इसके पास 20 से ज्यादा पेटेंट हैं। जलने से जख्मी हुए लोगों के लिए यह वरदान है। एक प्रयोग में 20 में 19 रोगियों को इस इलाज के बाद तकलीफदायक सर्जरी से नहीं गुजरना पड़ा।वैज्ञानिक शोध करते हैं और फिर कंपनी बनाकर इससे जीवन बचाने वाले प्रोडक्ट बनाते हैं, लेकिन हाफमैन की तरह सारी खोजें इतनी आसानी से व्यावसायिक उद्यमों में नहीं बदल पातीं। रॉबर्ट कैर्न्स कारों में इस्तेमाल होने...
    November 26, 06:21 AM
  • आर्थिक सुधार अभी नहीं तो कभी नहीं
    ऐसा भी मौका आता है जब तमाशा बंद करके असली काम शुरू करना पड़ता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुकूल रहे हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनावों के साथ ऐसा लगा कि वह वक्त आ गया है। उन्हें अौर उनके मंत्रियों को अब कठोर तथ्यों का सामना करना पड़ेगा। जन-धन योजना के तहत 7.25 करोड़ बैंक खाते खोलना किसी भी दृष्टि से प्रभावी उपलब्धि है, लेकिन अब तक एक-चौथाई के खातों में ही रकम आई है। खाली खाता तो किसी के लिए भी काम का नहीं हो सकता। इसी तरह मंत्रियों और नौकरशाहों द्वारा समारोहपूर्वक...
    November 25, 07:38 AM
  • रूसी सैन्य तेवर नहीं, चीनी चालें घातक
    मास्को यूक्रेन में सेना भेजता जा रहा है। इससे ऐसा लग रहा है कि व्लादिमीर पुतिन का रूस अमेरिका व पश्चिम को खुली चुनौती दे रहा है, लेकिन लंबे समय में रूस का खुला सैन्य आक्रमण नहीं बल्कि चीन की ओर से धैर्यपूर्वक और नियमित रूप से उठाए जा रहे गैर-सैन्य कदम अधिक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। रूस पतनशील महाशक्ति है। इसकी अर्थव्यवस्था वैश्विक जीडीपी मेंे सिर्फ 3.4 फीसदी का योगदान देती है। चीन की अर्थव्यव्था 16 फीसदी योगदान देती है और यह बढ़ता जा रहा है। विश्व बैंक के अनुसार यह योगदान जापान की तुलना में लगभग...
    November 24, 07:24 AM
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