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  • क्या एेसे बनाए जाएंगे स्मार्ट शहर?
    दिल्ली में विधानसभा के चुनाव के ठीक पहले सैकड़ों अनाधिकृत व अवैध कॉलोनियों को नरेंद्र मोदी सरकार ने एक झटके में वैध कर नए विवाद को जन्म दिया है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार देशभर में कई स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा कर सुनहरे सपने बेच रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके विपरीत कदम उठा रही है। स्मार्ट सिटी योजना देशभर में अभी लागू होनी है परंतु जो साधारण शहरवासियों की समझ में आ रहा है वह यह कि भारतीय शहर अधिक रहने लायक हो सकेंगे, सुंदर व नियोजित होंगे, वहां अपराध कम होंगे, पर्यावरण...
    January 20, 06:26 AM
  • दिल्ली में मुकाबला अब भी खुला है
    दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे चाहे जो भी आएं, मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी ने इन चुनावों में प्रतीकात्मक जीत तो दर्ज कर भी दी है। भाजपा को न सिर्फ आप के समर्थन के जवाब में अपने बहुत सारे नेताओं को जुटाना पड़ा बल्कि दिल्ली के मतदाताओं को खुश करने के लिए लोकलुभावन घोषणाएं भी करनी पड़ीं। खासतौर पर उन मतदाताओं के लिए, जो झुग्गी-झोपड़ियों या अवैध कॉलोनियों में रहते हैं। ध्यान में रखने वाली बात है कि यही मतदाता वर्ग आम आदमी पार्टी के समर्थन की रीढ़ है। इसके बाद भी भाजपा को यकीन नहीं है कि ये लोकलुभावन...
    January 19, 07:20 AM
  • मैनेजमेंट पढ़ने वाले युवाओं; उठो और दुनिया को दिखा दो योग्य कौन है, कैसे है
    कूद कर आगे बढ़ो। जो अपने ही उद्धार में लगे हैं - न तो स्वयं का उद्धार कर पाएंगे, न दूसरों का। ऐसा शोर मचाओ कि उसकी आवाज दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच जाए। जो आपकी त्रुटियां निकालने बैठे हैं - काम के समय वे दिखेंगे ही नहीं। जुट जाओ। डर कैसा? नहीं है, नहीं है- कहने से तो सांप का विष भी नहीं रहेगा। बस, उठो। - स्वामी विवेकानंद इन्हें प्रोफेसर कहने से पहले अब एक बार सोचना पड़ेगा। जिनकी बात हो रही है, वे कोई जाधवपुर विश्वविद्यालय और शांति निकेतन के विश्वभारती के कुलपति नहीं हैं। उनका अपराध तो भारतीय...
    January 17, 07:28 AM
  • दुर्घटना हुई तो हेलिकॉप्टर से मदद
    केंद्र सरकार ने सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय चिंता का विषय माना है और इसीलिए दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु और घायलों की संख्या में कमी लाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्घटनाअों का असर लोगों पर तो पड़ता ही है, देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। मैं खुद एक गंभीर सड़क हादसे का शिकार रहा हूं। मैं मानता हूं कि सड़क सुरक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर काम करने वाली कई चरणों वाले नजरिये और जागरूकता की जरूरत है, जिसके लिए सरकार पूरे प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रभावी निगरानी और...
    January 16, 04:31 AM
  • सेना के लिए अच्छे दिनों का आगाज़
    पिछले कुछ वर्षों में भारत की प्रतिरक्षा क्षमता प्रमुख आंतरिक और बाह्य चुनौतियों के कारण दो पहलुओं से गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। दुनियाभर में तेजी से अागे बढ़ती रक्षा प्रौद्योगिकी के साथ रफ्तार बनाए रखने में अक्षमता और युद्ध लड़ने के लिए जरूरी ताम-झाम हासिल करने की व अपनी सशस्त्र सेना को तैयार रखने में विफलता। मनोहर पर्रिकर के रक्षा मंत्री बनने से कुछ सकारात्मक माहौल बना है। इसकी वजह कार्यकुशल होने की उनकी ख्याति और आईआईटी ग्रेजुएट होने से टेक्नोलॉजी की पृष्ठभूमि है। सेना के लिए...
    January 15, 05:50 AM
  • कुरान में ईशनिंदा के लिए सजा नहीं
    पेरिस में पिछले हफ्ते चार्ली एब्दो पत्रिका के दफ्तर में कार्टूनिस्ट व पत्रकारों सहित 12 लोगों की हत्या करने के बाद आतंकियों ने चिल्लाकर कहा कि पैगंबर के अपमान का बदला ले लिया गया है। ये उन अन्य आतंकियों के नक्श-ए-कदम पर ही चले, जो अखबार के दफ्तरों में धमाके करते रहे हैं। फिल्मकार को चाकू घोंपने, लेखकों व अनुवादकों की हत्याअों की वारदातें भी हुई हैं। उन्होंने यह सब ईशनिंदा के खिलाफ किया। उन्हें लगता था कि कुरान के मुताबिक ईशनिंदा की यही सजा है। किंतु वास्तविकता तो यह है कि ईशनिंदा के लिए कुरान...
    January 13, 06:23 AM
  • बिरयानी बनाने के शौक़ीन थे विवेकानंद, पेड़ की डाल से बनाए थे सीक कबाब
    भारत के आध्यात्मिक दूत स्वामी विवेकानंद के विचार अपने समय से बहुत आगे थे। वे वैज्ञानिक सोच वाले आधुनिक संन्यासी थे। इसके साथ वे बहुत अच्छे कुक भी थे। स्वामीजी की 152वीं जयंती पर उनके इन्हीं दो रूपों की झलक: एक हाथ में वेदांत, दूसरे में लाजवाब बिरयानी एक क्षण में उपदेश तो दूसरे ही क्षण में कचौरी बनाने की विधि! एक हाथ में वेदांत तो दूसरे में बिरयानी! जी हां, यह स्वामी विवेकानंद ऐसा रूप है, जिससे बहुत कम लोग परिचित हैं। विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाना और दूसरों को खिलाना उन्हें बहुत प्रिय था।...
    January 12, 07:00 AM
  • असंभव के विरुद्ध: कार्टूनिस्ट-जर्नलिस्ट मरे नहीं,   कार्टूनिस्ट-जर्नलिस्ट मरते नहीं
    फ्री एक्सप्रेशन इज़ नथिंग विदआउट द राइट टू ऑफेन्ड-स्टीफन शार्बोनिए, प्रधान संपादक-कार्टूनिस्ट, चार्ली एब्दो चार्ली एब्दो के संपादक-कार्टूनिस्ट-पत्रकारों के आतंकी हमले में अमर हो जाने को समर्पित यह कॉलम आतंक की इतनी तिरस्कार भरी हार पहले कभी नहीं दिखी। आतंक की इससे बड़ी, सम्मानजनक जीत हो जाती, यदि 8 और 9 जनवरी 2015 को कार्टून न बने होते। आतंकियों पर तीक्ष्ण कटाक्ष करने वाले कार्टून। इस्लामिक स्टेट, अल कायदा नामक हत्यारों के पथभ्रष्ट गिरोहों को तरह-तरह से बेनकाब करने वाले कार्टून। कार्टून को...
    January 10, 06:42 AM
  • 40 करोड़ को बेहतर जिंदगी, बशर्ते...
    प्रतिष्ठित अखबार फाइनेंशिल टाइम्स ने हाल ही में दावा किया था कि उसने ऐसे दस्तावेज देखे हैं, जो यह बताते हैं कि भारत केे दो वरिष्ठ सांसद वकीलों को उनके मंत्री बनने के पहले किसी औद्योगिक समूह ने मासिक राशि दी है। एक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मंत्री था तो दूसरा मौजूदा सरकार में मंत्री है। हालांकि, पहले पेज की खबर में अखबार ने यह माना है कि किसी भी पक्ष ने किसी भारतीय कानून का उल्लंघन नहीं किया है। चुकाई गई राशि छोटी नहीं है। एक व्यक्ति को एक साल में 84 लाख रुपए दिए गए और दूसरे को इससे थोड़ी कम राशि...
    January 7, 05:57 AM
  • दलों को पारदर्शिता से परहेज क्यों?
    क्या राजनैतिक दलों की कार्यप्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए? यह सवाल हमारे सामने मई 1999 से मौजूद है जब विधि आयोग ने अपनी 170वीं रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया था। उस रिपोर्ट में कहा गया था, तर्क की कसौटी पर कसें तो यदि लोकतंत्र और जवाबदेही हमारी संवैधानिक प्रणाली के केंद्रीय तत्व हैं तो यही अवधारणा राजनैतिक दलों पर भी लागू होती है और उनके लिए बंधनकारी है। यह संसदीय लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं। राजनैतिक दल ही सरकार बनाते हैं, संसद का गठन करते हैं और देश की सरकार चलाते हैं। इस प्रकार राजनैतिक दलों की...
    January 6, 05:36 AM
  • जम्मू-कश्मीर: एक के भीतर दो राज्य
    जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव में विभाजित जनादेश चिंता का विषय नहीं है। ज्यादा चिंता का विषय तो घाटी और जम्मू क्षेत्र के लोगों के बीच विभिन्न मुद्दों पर गहरा विभाजन है। सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) की ओर से हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण में यह बात उजागर हुई है। मुद्दों को देखने के दृष्टिकोण और उनके प्रति रवैये को लेकर गहरा मतभेद ही दोनों क्षेत्रों के भिन्न जनादेश में व्यक्त हुआ है। हालांकि, कोई राजनीतिक दल बहुमत प्राप्त करने में सफल नहीं हुआ और इसलिए विभिन्न दलों व राज्य...
    January 5, 06:03 AM
  • आप वही काटते हैं, जो बोते हैं
    पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में हुए हत्याकांड ने पाकिस्तान को स्तब्ध और दुखी कर दिया है, लेकिन यह घटना पाकिस्तान के भीतर गहरे विभाजन को खत्म कर देगी ऐसा सोचना गलत होगा। कुछ दिनों बाद यह घटना अन्य आतंकी हमलों की घटना जैसी हो जाएगी। सारी त्रासदियां भावुकता को जन्म देती हैं। लक्की मारवात में वॉलीबॉल मैच के 105 दर्शकों के आत्मघाती हमले में मारे जाने से कुछ नहीं बदला और न स्नूकर क्लब में दोहरे आत्मघाती हमले में 96 हाजराओं के मारे जाने से कुछ हुआ। पेशावर के ऑल सेंट्स चर्च पर बम हमले में 127 मारे गए,...
    December 30, 07:00 AM
  • ‘इंटरव्यू’ प्रकरण से मिला सबक
    अब जब अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को यकीन हो गया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट पर हुए साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया की तानाशाही का हाथ है, तो चर्चा एंजेलिना जोली के बारे में ई-मेल से हटकर वास्तविक घटना पर होगी, जो ज्यादा विचलित करने वाली है। दुनिया की सबसे दुष्ट सत्ता ने धमकी दी है कि यदि इंटरव्यू फिल्म का सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया तो अमेरिका पर आतंकी हमले किए जाएंगे। स्तब्ध करने वाली बात तो यह है कि प्रकरण से संबंधित लगभग हर व्यक्ति इस धमकी के आगे झुक गया। अब तक तो उत्तर कोरिया से हुए...
    December 29, 06:10 AM
  • क्या आपका भी 2014 उतना अच्छा नहीं रहा?
    कभी-कभार जीतना, कोई जीतना नहीं है। कभी अच्छा कर दिया। कभी सही कर दिया ऐसा नहीं हो सकता। हमेशा, हर समय आपको जीतना ही है। जीत एक आदत है। दुर्भाग्यवश, हार भी एक आदत है! - विन्स लोम्बार्डी, 60 के दशक के फुटबाॅल खिलाड़ी व कोच खराब रहा यह साल। कई बातें बस रह ही गईं। - ऐसा क्यों कह रहे हैं? कोई सत्ता तो चली नहीं गई है। सोनिया गांधी को देखिए। उन्हें छोड़िए, राहुल गांधी को... मैं राजनीति में नहीं हूं। मैं एक साधारण आदमी हूं। इन्सान। छोटी-छोटी बातों से परेशान हो जाता हूं। इन नेताओं का क्या? जीते-हारें - सत्ता में ही...
    December 27, 03:40 AM
  • चुनाव नतीजे विशेष: घाटी में राष्ट्रीय हित बढ़ेंगे या संकीर्ण मानसिकता?
    विधानसभा चुनाव के परिणाम जम्मू और घाटी में स्पष्ट विभाजन रेखा के साथ राजनीतिक मोर्चे पर अनिश्चितता दिखा रहे हैं। सरकार के गठन में अभी कुछ देर है और वह बताएगा कि राष्ट्रीय हित आगे बढ़ेंगे या संकीर्ण मानसिकता? पहला पहलू यह है कि प्रधानमंत्री ने साफ बता दिया है कि राष्ट्रीय हित सर्वोच्च हैं। उन्होंने प्रभावी गवर्नेंस और अखंड जम्मू-कश्मीर पर भारत का दावा मजबूत रखने वाली सरकार चलाने के संकेत दिए हैं। दूसरा, तर्कवादियों को लगता है कि पेशावर में भयावह नरसंहार के बाद पाक के हृदय परिवर्तन और इसकी...
    December 26, 10:49 AM
  • सजा के खौफ से आता है सुशासन
    जब आप यूरोप में यात्रा करें तो आमतौर पर आपको ट्रेन या बस में अापके टिकट की जांच करने वाला टिकट इंस्पेक्टर दिखाई नहीं देता। आप ऐसी कई यात्राएं कर सकते हैं, जिसमें आपके टिकट की जांच ही न हो। किंतु काफी समय बाद अचानक न जाने कहां से तीन-चार इंस्पेक्टर प्रकट होंगे। सारे दरवाजों पर खड़े हो जाएंगे और तेजी से टिकटों की जांच कर लेंगे। जिसके पास टिकट नहीं होगा, उसे तत्काल वास्तविक कीमत का 150 गुना दाम चुकाना होता है। कोई बहाना नहीं चलता है। जुर्माना नहीं भरा तो आपको हिरासत में ले लिया जाएगा। हर यात्रा में ऐसी...
    December 23, 06:18 AM
  • जम्मू-कश्मीर में सत्ता का त्रिशंकु
    कल दोपहर बाद तक हमें पता चल जाएगा कि झारखंड अौर जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कौन जीता और कौन-सी पार्टी नाकाम रही, जहां नवंबर और दिसंबर के दौरान पांच चरणों में मतदान हुआ था। दोनों राज्यों में लोगों ने जिस उत्साह से मतदान में भाग लिया, उससे यह तो साफ है कि लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है। मतदाताओं के बड़े तबके ने अपने राज्य में विकास देखने की इच्छा से वोट दिए हैं और यदि यह सही है तो भाजपा इन दोनों राज्यों में भी जीत का सिलसिला कायम रखेगी। हाल के महीनों में भाजपा यह बात लोगों तक पहुंचाने में कामयाब रही...
    December 22, 04:34 AM
  • असंभव के विरुद्ध: या खुदा! पाकिस्तान में इतनी बुजदिली क्यों है?
    पाकिस्तान में कोई हिफाज़त से नहीं रह सकता। ओसामा बिन लादेन भी। - उस समय लिखे हुए से। पाकिस्तान में बुजदिली की इन्तहा हो रही है। कयामत की रात क्या इल्तज़ा करेंगे? क्या फरमाएंगे -कि एक तरफ तो दहशतगर्दों को आखिरी सांस तक तबाह करने की कसम खाई थी- वो 48 घंटों में टूट गई? पेशावर की मासूम चीखें बस चंद अल्फाज़ों के लिए याद रखीं? ज़की उर-रहमान लखवी कैसे जमानत पा गया? वो दहशत के कारखाने चलाता रहा -सबको पता था/है। दहशत पर वो ऐसा पहला ही माकूल मुकदमा होगा किसी पाकिस्तानी अदालत में, जिसमें इतने...
    December 20, 07:49 AM
  • विवादों के नाट्य में सभी शामिल
    यह सही है कि जब भाजपा राज आता है तो संघ परिवार का शुद्धतावाद और आदर्शवाद हिलोर लेने लगता है। संघी नेताओं को कम्बल ओढ़कर घी पीना अच्छा लगता है पर यह भी सही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर सख्ती से अपनी जमात के नेताओं, सांसदों और मंत्रियों को अनुशासन की सीमा में और लाल किले से किए अपने आह्वान के अनुरूप आचरण करने को कहें तो चीजें काफी हद तक संभल सकती हैं। किंतु यह कहना शायद ज्यादा सही होगा कि धर्मांतरण, संस्कृत, गीता को राष्ट्रीय धर्मग्रंथ बनाने, गोडसे की तारीफ, किसी विरोधी को मारीच तो किसी को...
    December 19, 05:01 AM
  • कल्‍पेश याग्निक की टिप्‍पणी: आज हम सब पाकिस्तानी, लेकिन …
    बच्चों के ऐसे रक्तपात ने जिस तरह उन पाकिस्तानी मां के कलेजे को चीर दिया है; ऐसे सदमे, संकट और संदेह के क्षणों में हर हिन्दुस्तानी मां उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है। जैसा कि 9/11 आतंकी हमले पर फ्रांस के सबसे प्रतिष्ठित अखबार ली मोंड ने लिखा था : टुडे वी आर ऑल अमेरिकन्स, जैसा कि 1962 में बर्लिन जाकर अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने कहा था : टुडे वी आर ऑल बर्लिनर्स - वैसा ही दैनिक भास्कर कहना चाहता है : आज हम सब पाकिस्तानी। इस दारुण दु:ख की घड़ी में हमारा हृदय उतना ही क्रंदन कर रहा है। आज उन मासूम चीखों,...
    December 17, 10:20 AM
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