अन्य
  • कांग्रेस को एेसे नया रूप दें राहुल
    मैंने अंग्रेजी और हिंदी मीडिया के समक्ष चुनाव परिणाम के दिन कांग्रेस की पराजय पर काफी चर्चा की है, लेकिन मैंने आधिकारिक रूप से ऐसा नहीं किया। मैं पार्टी प्रवक्ता नहीं हूं और न पार्टी की किसी निर्णय लेने वाली समिति का सदस्य हूं। किंतु कांग्रेस सांसद के रूप में मेरी पार्टी के लिए लिखी गई इतनी श्रद्धांजलियां पढ़कर मैं निराश हूं। हमारे पतन की रिपोर्टें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं। कांग्रेस अभी भी जीवंत संगठन है और जनता अब भी उसे काफी चाहती है। विधानसभा चुनाव में पांच में से चार में हार होने से हम...
    05:00 AM
  • अब मध्य एशिया तक हमारी पहुंच
    चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए भारत और ईरान के बीच हाल ही में समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे व्यक्तिगत रूप से मुझे सही कदम उठाने का संतोष मिला है। मैं जब 2002 और 2004 के बीच विदेश मंत्री था तो मैंने इस मामले को आगे बढ़ाने में छोटी-सी भूमिका निभाई थी। असाधारण इतिहास बोध रखने वाले तब के प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के मन में यह बात स्पष्ट थी कि भारत को ईरान के साथ श्रेष्ठतम संबंध विकसित करने चाहिए। वे 2001 में ईरान यात्रा पर गए, जिसने हमारे द्विपक्षीय संबंधों को जबर्दस्त बढ़ावा दिया। उन्हीं की यात्रा के...
    May 31, 02:56 AM
  • सोच से तय होती है सफलता और विफलता
    स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम आ रहे हैं। स्टूडेंट्स दबाव में हैं। मेरे बेटे को भी 12वीं के बाद अब अपने कॅरिअर और फ्यूचर के बारे में सोचना है। थ्री इडियट जैसी फिल्म बनाने के बाद क्या मैं किसी को कंट्रोल करूंगा? मैंने कहा- जो तेरा मन करे तू कर। मैंने पढ़ाई को लेकर कभी दबाव नहीं डाला। मैंने उससे कहा तुम एक साल छुट्टी ले लो 12वीं के बाद। स्कूल के बाद अगर आप कॉलेज में भागने लगोगे तो सीखने का कब मौका मिलेगा। मैंने उसे कहा शार्ट फिल्में बना, थिएटर कर, गाना सीख, बिज़नेस समझना है तो उस दिशा में जा।...
    May 30, 02:12 AM
  • साकार कर दिखाई वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी
    भारत में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी तो विकसित होती रही है, लेकिन पहली बार किसी अाविष्कारक ने विश्वस्तरीय हार्डवेयर टेक्नोलॉजी डेवलप की है। ऐसी टेक्नोलॉजी जो रोज की जिंदगी में मददगार हो। धनंजय डेंडुकुरी की जिद कुछ अलग प्रकार की थी। वे थे आईआईटी मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र, लेकिन हमेशा लगता था कि शरीर में रोग पता करने के ढेर सारे टेस्ट करने की बजाय कोई ऐसा आसान तरीका हो, जिससे सारे टेस्ट एक साथ हो जाएं, उसमें वक्त भी ज्यादा न लगे और सबसे बड़ी बात वह बहुत सस्ता हो। ऐसी कोई टेक्नोलॉजी, जो...
    May 27, 05:28 AM
  • रोजगार के लिए पलायन में मौजूद है परिवर्तन का मौका
    साफ -सफेद शर्ट और काली पैंट में संवरी दुबली-छरहरी देह, बाल करीने से संवारे हुए! बात करते हुए बेख्याली में बार-बार वह दाहिने हाथ का अंगूठा कमर की बेल्ट में फंसाता मानो किसी मिशन पर जाने को तैयार हो। भाव-भंगिमा में न तो उस आत्मदया का पुट था, जो अक्सर आपबीती सुनाने वालों को घेर लेती है और न ही वह आत्मसंकोच जो राजस्थान के पहाड़ी जिले उदयपुर के दुर्गम जनजातीय इलाके गोगुन्दा व कोटड़ा के किसी आदिवासी के भीतर बाहर की बड़ी दुनिया को न देखने-जानने के बोध से उपजता है। उदयपुर को अजमेर और जयपुर के साथ-साथ...
    May 27, 05:26 AM
  • अर्थव्यवस्था के साथ रुतबा भी बढ़ा
    घोटालों से दागदार दशकभर के शासन के बाद भारत अब चहुंमुखी बदलाव देख रहा है। अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में रौनक लौटी है और जैसे-जैसे देश सब के लिए बेहतर जीवन के आश्वासन के साथ सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रधानमंत्री के विज़न और मिशन को अमल में लाने के लिए आगे बढ़ रहा है, इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं। अब जब एनडीए सरकार आज सत्ता में दो साल पूरे कर रही है तो समय आ गया है कि इसके कार्यकाल का आकलन किया जाए। दुर्भाग्य से नीतिगत पंगुता के लिए रेखांकित किए गए यूपीए के कमजोर शासन...
    May 26, 04:01 AM
  • दैनिक भास्कर के विशेषज्ञों की नज़र में मोदी सरकार की खूबियां और खामियां
    दो साल के कार्यकाल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ताकत क्या है और कौन-सी खामियों से यह बेजार है? बहुत से वादे किए गए और उसके साथ कई बड़े कार्यक्रम शुरू किए गए, लेकिन इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है? कार्यक्रमों में कल्पनाशीलता दिखाने वाली इस सरकार का फ्लॉप शो क्या रहा और दस के पैमाने पर यह सरकार कहां ठहरती हैं? इन्हीं मानदंडों पर सरकार को परख रहे हैं हमारे विशेषज्ञ- भ्रष्टाचार रोका पर संवेदनशीलता गायब सरकार ने उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार रोकने, कोयले, स्पेक्ट्रम जैसे संसाधनों की पारदर्शी...
    May 26, 03:46 AM
  • कश्मीर की यह खबर क्यों अहम है?
    इस माह की 10 तारीख को जम्मू-कश्मीर के सारे प्रमुख अखबारों ने 23 वर्षीय अथेर आमिर शफी खान की शानदार सफलता को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अनंतनाग के अाईआईटी मंडी के पासआउट शफी खान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। पिछले कुछ वर्षों में कश्मीर से भारतीय सिविल सेवा और कश्मीर प्रशासनिक सेवा में जाने के इच्छुक छात्रों की संख्या बढ़ती रही है। साथ ही हर साल चुने जाने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। इसने इस उपद्रवग्रस्त राज्य में नई बहस छेड़ दी...
    May 25, 04:46 AM
  • हमारी जिंदगी में रोज घटता ‘उसने कहा था’
    कोई दस साल पहले की बात है। मैं हैदराबाद विश्वविद्यालय के अतिथिगृह में ठहरा था। उस प्रवास का प्रसंग यह था कि सुपरिचित रंगकर्मी रामगोपाल बजाज वहां विश्वविद्यालय के नाट्य विभाग के छात्र-छात्राओं के साथ तेलुगु में धर्मवीर भारती के नाटक अंधायुग की प्रस्तुति करने वाले थे। तब मैं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की पत्रिका रंग प्रसंग का संपादक था और उसी की ओर से प्रस्तुति देखने गया था। एक दिन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग ने मुझे छात्र-छात्राओं को संबोधित करने के लिए बुला लिया। स्वागत के बाद जब मेरे...
    May 23, 04:11 AM
  • सबसे बड़ी ज़िद: चतुर रणनीति और शख्सियत के कमाल से पलटी बाजी
    केरल में 93 वर्षीय अच्युतानंदन ने इतनी उम्र में जमकर पसीना बहाया, तो असम में सोनोवाल ने गहन जनसंपर्क से कमाल दिखाया। जयललिता और ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़कर अपने व्यक्तित्व के करिश्मे को खूब भुनाया। 93 वर्ष की उम्र में तूफानी प्रचार कर एलडीएफ को जीत दिलाई केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को फिर सत्ता में लाने वाले 93 वर्षीय वीएस अच्युतानंदन की संघर्ष क्षमता गजब की है। जिस उम्र में व्यक्ति धूप में पसीना बहाने की बजाय ड्राइंग रूम में टीवी पर चुनाव विश्लेषण देखना पसंद करता है, उस...
    May 20, 06:35 AM
  • कार्यस्थल में महिलाओं को प्रताड़ना और कानून
    दफ्तरों में महिलाओं के साथ प्रताड़ना की कई शिकायतें इन दिनों सामने आ रही हैं। हाल ही में डॉ आर.के. पचौरी के खिलाफ भी इस तरह की शिकायतों के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। इसके लिए लंबे समय से महिला समूह लगे थे, लेकिन 2013 में जाकर इस तरह की प्रताड़ना के खिलाफ कानून बन सका- हाल ही में डॉ. आर. के पचौरी का मामला सामने आया है। उन पर गंभीर आरोप उनके साथ काम करने वाली पूर्व सहयोगियों ने लगाए हैं, जो उत्पीड़न के हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हो चुके पचौरी के खिलाफ इस तरह की शिकायतों का...
    May 19, 05:10 AM
  • पाक के बौखलाने की वजह नहीं
    मानचित्रों का विषय जरा अलग-सा है और सुरक्षा व भू-राजनीति के संबंध में इसका महत्व गहराई से समझना आसान नहीं है। पृष्ठभूमि के लिए इतना जानना काफी है कि आधुनिक टेक्नोलॉजी व आसमान में मौजूद विभिन्न आंखों से धरती के बारीक से बारीक ब्योरे देखे जा सकते हैं। कैटोग्राफी (मानचित्र विज्ञान) की दुनिया में क्रांति हुई है। आबादी, भौगोलिक ब्योरे और अन्य मानव निर्मित चीजों को अचूकता से पेश करना संभव हुआ है। रणनीतिक दृष्टि से ये सब खुफिया जानकारी है। इसके पहले दूसरों के कब्जे के क्षेत्र की ऐसी जानकारी पाने के...
    May 19, 04:53 AM
  • संसदीय लोकतंत्र पर नया खतरा
    उत्तराखंड के ड्रामे का अंतत: पटाक्षेप हो गया। किंतु यह प्रकरण कई महत्वपूर्ण प्रश्न पीछे छोड़ गया है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है- विधायिका और न्यायपालिका के संबंधों का। हमारे संविधान की मौलिक व्यवस्था में शासन के तीनों अंगों यानी विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के कार्य क्षेत्रों का स्पष्ट बंटवारा है। तीनों में संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। धीरे-धीरे कार्यपालिका की अकर्मण्यता और भूल की वजह से उसका दायरा छोटा होता चला गया और न्यायपालिका का दायरा बढ़ता गया। मुझे याद है जब...
    May 17, 03:46 AM
  • गुरु भी अपने शिष्य से सीख सकता है
    अपने लगभग पचास वर्षों के रंगमंचीय जीवन में बहुत से बड़े लोगों से सीखने का मौका मिला है। मेरे पिता बैंक अधिकारी थे। उनका एक कस्बे से दूसरे कस्बे में तबादला होता रहता था। इससे मुझे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से मिलने और साहित्यिक लोगों से इंटरेक्ट करने का मौका मिला। फिर जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में हिंदी में एमए कर रहा था तो मैंने थिएटर को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। फिर तो साहब ऐसा जुनून सवार हुआ कि में कैम्पस थिएटर में पूरी तरह डूब गया। मैं सौभाग्यशाली रहा कि मुझे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में...
    May 16, 03:55 AM
  • कानूनी उपायों से तेज होती परिवर्तन की रफ्तार
    प्राचीन काल से भारतीय समाज स्मृति, श्रुति, धर्म और अन्य परंपरागत नियमों से रूपांतरित होता रहा है। उपनिवेश काल में यह काम पश्चिमी अवधारणा व कानून से हुआ। स्वतंत्र भारत में धार्मिक नियमों को संहिताबद्ध करने और सकारात्मक पहल से समाज में परिवर्तन आया। जैसे हिंदू विवाह अधिनियम 1955 से पति-पत्नी एक ही जाति के होने की पूर्व शर्त खत्म हो गई। सत्तर के दशक में जनहित याचिका की अवधारणा ने भी सामाजिक परिवर्तन की गति को तेज किया। बाल और बंधुआ मजदूरी, कारावास भुगत रहे कैदी व प्रकारांतर से उनके परिजनों और...
    May 13, 07:15 AM
  • बीफ पर कोर्ट ने मानी हमारी ये बातें
    मैं उस शाकाहारी से तर्कसंगत बहस के लिए तैयार हूं, जो बीफ खाने की मेरी इच्छा पर सवाल उठाता है। यदि वह साबित कर दे तो मैं इस पर भी यकीन कर लूंगा कि सिंगल माल्ट, नारियल से बने शाकाहारी हैम या ढोकला के साथ स्वाद में बेहतर लगता है। किंतु यदि ऐसा कानून बनाया जाता है, जो मेरे ही घर में बीफ खाने पर पाबंदी लगाता है और वह भी सिर्फ इसलिए कि सरकार मानती है कि मैं क्या खाऊंगा, उसे यह तय करने का अधिकार है, तो मैं इसे चुनौती दूंगा। ऐसा कानून महाराष्ट्र सरकार ने बनाया, जिसे महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 1995...
    May 12, 03:38 AM
  • कोई सांसद आखिर करता क्या है?
    बूढ़ा आदमी रो रहा था। मैं पार्टी के कार्यक्रमों में बरसों से उन्हें देख रहा था। अलग ही नज़र आने वाली कद-काठी, सत्तर के उत्तरार्द्ध या अस्सी की शुरुआत की उम्र के बावजदू तनकर चलते थे। हमेशा सफेद रंग का कम लंबाई वाला कुर्ता पहनते और साथ में हमेशा बंद छाता होता। आमतौर पर उनके चेहरे पर मित्रतापूर्ण मुस्कान होती, लेकिन उस दिन उनका चेहरा गंभीर, दुखी था। मैंने पूछा, क्या हुआ? और वे रो पड़े। कहने लगे, मैं चार साल से आपके स्टाफ से कह रहा हूं कि मेरे पोते को टेक्नोपार्क में कोई काम दिला दें, लेकिन उन्होंने कुछ...
    May 11, 05:47 AM
  • बदलाव से लाई जा सकती है समृद्धि
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का विचार दिया है, जिस पर सरकारें कागजी कसरत में लगी हैं। ज्यादातर परंपरागत खेती में गरीबी व कर्ज के चक्रव्यूह में फंसे किसानों के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है। सरकारी नीतियों, मौसम की मार, सूखा, कर्ज और भ्रष्टाचार के भयावह नकारात्मक माहौल में मैं कुछ ऐसे प्रयोगों की शुरुआत और सफलता के अपने बीस साल के अनुभव बांटना चाहंूगा, जिसके कामयाब मॉडल कुछ काम आ सकते हैं। खेती में कुछ नया करने की सोच के साथ हमने यह शुरुआत जमीनी स्तर पर तब की थी, जब...
    May 9, 03:02 AM
  • शासन में भागीदारी से ही आ रही है सच्ची समानता
    दलितों में चेतना पैदा कर समाज में बदलाव लाने की कई धाराएं रही हैं, लेकिन यदि दिशा सही न हो तो कई कोस चलकर भी मंजिल प्राप्ति की गारंटी नहीं होती। मध्यकालीन भारत में तमाम सूफी-संतों व भक्त कवियों ने बिगुल बजाया कि सभी प्रभु के बंदे है तो भेदभाव क्यों? इस धारा के तुकाराम, कबीरदास, रहीम, रामानंद, गुरु घासीदास, रविदास आदि महापुरुषों ने प्यार-मोहब्बत का संदेश देने की कोशिश की। इससे दबे-कुचले वर्ग में विश्वास पैदा हुआ। जो गैर-दलित थे, चेतना उनमें पैदा करनी थी कि जात-पात एवं छुआछूत मानव निर्मित है। जो...
    May 6, 06:16 AM
  • एक ने जिंदगी बचाई, दूसरे ने उसे रोशन किया
    बिच्छू की एक प्राणघातक प्रजाति से रोज मौतें हो रही थीं, लेकिन इलाज नहीं था। डॉक्टर की जि़द ने दिलाई इस अभिशाप से मुक्ति। जि़द ने ही इंग्लैंड के जेनकिन्स को भारत आकर ग्रीन स्कूल खोलने की प्रेरणा दी। कड़े परिश्रम से दवा खोजी, रोकीबिच्छू दंश से रोज हो रही मौतें महाराष्ट्र के पश्चिमी तटीय इलाके में लाल बिच्छू (मिजोबुथस टैम्युलस) की तादाद बहुत बढ़ गई थी। मई से नवंबर के माह में रोज बिच्छू से जहर का गंभीर मामला या डेड बॉडी बिरवाड़ी (रायगढ़ जिला) के स्वास्थ्य केंद्र पर मेरे पास लाई जाती। इलाके में 23 से 30...
    May 6, 06:12 AM