Home >> Abhivyakti >> Hamare Columnists >> Others
  • जो स्वच्छ और सुशासित, वही स्मार्ट
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वेयर पर फिर स्वच्छता का मुद्दा उठाया। इसके पहले स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जब उनसे शहरी विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की उम्मीद थी, उन्होंने स्वच्छता और लैंगिक भेदभाव जैसे विषयों पर अपना उद्बोधन केंद्रित रखा। दोनों बार उन्होंने उपहास के साथ यह भी कहा कि ऐसे विषयों को प्रधानमंत्री के गौर करने लायक नहीं माना जाता। स्वतंत्रता दिवस के भाषण में उल्लेख करने लायक तो कतई नहीं! जो लोग स्मार्ट सिटी को लेकर मोदी सरकार की घोषणाओं को नया विचार...
    07:04 AM
  • अमेरिका में रॉक स्टार राजनेता
    नरेंद्र मोदी आज न्यूयॉर्क से वॉशिंगटन की छोटी सी यात्रा करेंगे, लेकिन इसमें उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात के लिए रॉक स्टार जैसे राजनेता से राजनीतिज्ञ में रूपांतरित होना पड़ेगा ताकि वे अमेरिका से रणनीतिक रिश्तों में नया अध्याय शुरू करने का अपना वादा पूरा कर सकें। अब तक मोदी की अमेरिका यात्रा कामयाब रही है। वॉशिंगटन पोस्ट ने उन्हें रॉक स्टार बताया है और यह कहने वाला इसका लेख दिनभर का तीसरा सबसे लोकप्रिय लेख रहा। अखबार का रिपोर्टर इस बात से प्रभावित था कि मोदी किस प्रकार...
    September 29, 06:48 AM
  • क्या आप भी मोदी की अमेरिका यात्रा पर ऐसी बातें कर रहे हैं?
    अमेरिकी कैसे हैं? आधे अमेरिकी अख़बार नहीं पढ़ते। आधे राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने नहीं जाते। उम्मीद है, दोनों आधे एक ही हैं! - अमेरिकी लेखक गोर विडाल अमेरिकी कारोबार कैसे चलता है? एक ही बॉस है : कस्टमर। जो चेयरमैन से लेकर किसी को भी बर्खास्त कर सकता है। सिर्फ अपना पैसा कहीं और लगाकर! - वॉल्मार्ट के सैम वॉल्टन इतने प्रधानमंत्री अमेरिका गए, क्या किसी यात्रा पर इतना माहौल बना? मोदी ने सिद्ध कर दिया है कि उनकी बात ही कुछ अलग है। आप मान क्यों नहीं रहे? समझ क्यों नहीं पा रहे? यही शुरुआत थी। वही कॉफी...
    September 27, 07:42 AM
  • लव जेहाद नहीं, मॉडर्न मिशन जरूरी
    हमारे सामने मजेदार दृश्य है। एक तरफ मॉडर्न प्रधानमंत्री हैं, जो केवल विकास की बात करते हैं जबकि दूसरी ओर उनके सहयोगी वोट हासिल करने के लिए मतदाताओं में अन-मॉडर्न धार्मिक आशंकाओं को हवा देते हैं। आधुनिकता के गुणों में धर्म और राज्य का पृथक अस्तित्व भी एक गुण है, जहां धर्म आधुनिक व्यक्ति के निजी जीवन तक सीमित होता है। नरेंद्र मोदी के आधुनिक विकासवादी एजेंडे को पटरी से कोई चीज उतार सकती है तो वह है आरएसएस जैसे हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों की अन-मॉडर्न मानसिकता, जो अब भी सार्वजनिक जीवन में हिंदुत्व...
    September 24, 06:21 AM
  • सबकी चुनौती, सबके लिए अवसर
    जब सारा देश मोदी सरकार के सौ दिनों का लेखा-जोखा लेने में लगा था और ना-ना करते मोदी के मंत्री भी अपने-अपने विभागों के काम का हिसाब-किताब सार्वजनिक कर रहे थे तब राजनीतिक दलों और जमातों के बीच नई राजनीति की बेचैनी दिख रही थी और इस चीज को वे तरह-तरह से व्यक्त कर रहे थे। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले वक्त में यह बदलाव हमारी राजनीति और शासन को कितना प्रभावित कर पाते हैं। कई बड़े खिलाड़ियों के निष्क्रिय रहने से बहुत उम्मीद तो नहीं करनी चाहिए पर ये बदलाव सिर्फ हवा में रह जाएंगे यह मान लेना भी गलत होगा, पर...
    September 23, 06:15 AM
  • क्या मोदी प्रभाव कायम रख पाएंगे?
    नरेंद्र मोदी, भारत के नए प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व से आत्मविश्वास झलकता है। वे 30 वर्षों में पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें आम चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। जनता उनकी सराहना करती है, दुनिया उन्हें लुभाने में लगी है और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लगातार ऊंचा उठ रहा है, किंतु क्या उत्साह के ये पल स्थायी फायदों में बदलेंगे? क्या वे विकास के एजेंडे को पटरी पर रख पाएंगे? क्या भारत दुनिया का अगला इकोनॉमिक पावरहाउस बनेगा? पिछले हफ्ते जब मैं उनसे मिला तो ये सवाल उनसे पूछने का मौका मिला। मोदी...
    September 22, 07:39 AM
  • इन दो कलंक को मिटाकर पूछें कि कैसे होने चाहिए कुलपति?
    मैं पूर्ण शिक्षक नहीं हूं- चूंकि मुझे गाना गाना नहीं आता -पूर्ण शिक्षक के रूप में प्रशंसा के जवाब में वैष्णव विद्यालय के प्राचार्य (स्व.) बीरेश्वर चक्रवर्ती, अपने विदाई समारोह पर शांति निकेतन में विश्व भारती की स्थापना किसने की? कोई भी बता देगा। और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की? किसी को नहीं पता। इसीलिए पतन होता है। कुछ महान् हस्तियां, महान सपने साकार करती हैं। जैसा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने विश्व भारती के रूप में किया। किन्तु उनके बाद की नेतृत्व पंक्ति इतनी कमज़ोर रही कि उनका सपना तो...
    September 20, 08:16 AM
  • आपदा से कड़े फैसले ही बचाएंगे
    जम्मू कश्मीर की आपदा को एक लेख के दायरे में समेटना किसी त्रासदी से कम नहीं है। माहौल में भावनाएं हावी हैं और तर्कपूर्ण ढंग से सोचना कठिन है। हमने पहले भी प्राकृतिक आपदाएं देखी हैं। वे हमारे लिए नई नहीं हैं, लेकिन इस बार जम्मू-कश्मीर में जो हुआ उसकी भूतकाल में कोई मिसाल नहीं मिलती। 10 लाख की आबादी वाली राजधानी का पानी में डूबना कोई सामान्य घटना नहीं है। फिर जब इसमें मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आधारभूत ढांचे का थोक में विनाश और बड़े पैमाने पर महामारी फैलने का खतरा हो तो लोगों में गुस्सा और...
    September 17, 07:36 AM
  • राय की किताब ने उठाए नए सवाल
    पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) विनोद राय की ताजा किताब नॉट जस्ट एन अकांटेंट : द डायरी ऑफ द नेशन्स कॉन्शन्स कीपर ने जारी होने के पहले ही खासी दिलचस्पी जगाने के साथ तीखी बहस भी छेड़ दी है। किताब की सामग्री का काफी प्रचार हो चुका है। उस पर बहस और टिप्पणियां की जा चुकी हैं। कुछ हलकों से उसका जोरदार समर्थन हुआ है, तो तीखा विरोध भी देखा गया है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि इसमें नया कुछ नहीं कहा गया है। उनमें उन्हीं बातों की पुष्टि की गई है जो कैग रिपोर्ट, न्यायालयीन कार्यवाही और अखबारों की खोजी...
    September 16, 07:30 AM
  • क्या समान नागरिक संहिता जरूरी है?
    केंद्र में सत्ता हासिल करने के कुछ ही महीने बाद सत्तारूढ़ दल के गोरखपुर से सासंद योगी आदित्यनाथ ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने पर अपनी सरकार से रुख स्पष्ट करने की मांग की। सांसद के दृष्टिकोण से उनकी मांग सही हो सकती है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के अपने चुनाव घोषणा-पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह समान नागरिक संहिता को लागू करेगी। केंद्रीय कानून मंत्री रवीशंकर प्रसाद ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए यह सही कहा कि नागरिक संहिता की दिशा में ऐसी किसी पहल पर...
    September 15, 07:07 AM
  • कश्मीर में बड़े विनाश की चेतावनी
    कश्मीर विरोधाभासों की भूमि है। मैं और मेरे जैसे हजारों भारतीय इसे सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में जानते हैं, जिसकी बर्फ से ढंकी चोटियों की पृष्ठभूमि में बॉलीवुड की न जाने कितनी फिल्मों की शूटिंग की गई है। यह ऐसी भूमि है, जिसने सुंदर काव्य और दिल को छू लेने वाली कहानियों को जन्म दिया है। एक वक्त था जब इसे धरती का स्वर्ग कहा जाता था। फिर इसे आतंकवाद, गोलियों, बम, आगजनी और लूट की घटनाओं ने छलनी कर दिया। आतंकवादियों और भारतीय सेना के बीच दशकों से युद्ध चल रहा है और स्थानीय लोग अपनी पुरानी खुशनुमा...
    September 12, 07:36 AM
  • बिहार का प्रयोग देश में संभव नहीं
    हाल में चार राज्यों (बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और पंजाब) में 18 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की जा रही है। कुछ (मुख्यत: भाजपा के आलोचक) जनादेश को भाजपा की लोकप्रियता में कमी के रूप में देख रहे हैं। अन्य इसे मोदी मैजिक के फीके पड़ने का नतीजा बता रहे हैं। फिर ऐसे भी लोग हैं, जो इन नतीजों को खासतौर पर बिहार विधानसभा की छह सीटों पर गठबंधन (नीतीश कुमार, लालू यादव व कांग्रेस) की जीत को बिहार में मंडल-2 की शुरुआत मान रहे हैं। ये नतीजे बिहार में भाजपा के प्रतिनिधित्व...
    September 9, 07:36 AM
विज्ञापन
 
 

बड़ी खबरें

 
 

रोचक खबरें

 

बॉलीवुड

 
 

जीवन मंत्र

 
 

स्पोर्ट्स

 

बिज़नेस

 

जोक्स

 

पसंदीदा खबरें