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  • क्या मोदी प्रभाव कायम रख पाएंगे?
    नरेंद्र मोदी, भारत के नए प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व से आत्मविश्वास झलकता है। वे 30 वर्षों में पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें आम चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। जनता उनकी सराहना करती है, दुनिया उन्हें लुभाने में लगी है और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लगातार ऊंचा उठ रहा है, किंतु क्या उत्साह के ये पल स्थायी फायदों में बदलेंगे? क्या वे विकास के एजेंडे को पटरी पर रख पाएंगे? क्या भारत दुनिया का अगला इकोनॉमिक पावरहाउस बनेगा? पिछले हफ्ते जब मैं उनसे मिला तो ये सवाल उनसे पूछने का मौका मिला। मोदी...
    07:39 AM
  • इन दो कलंक को मिटाकर पूछें कि कैसे होने चाहिए कुलपति?
    मैं पूर्ण शिक्षक नहीं हूं- चूंकि मुझे गाना गाना नहीं आता -पूर्ण शिक्षक के रूप में प्रशंसा के जवाब में वैष्णव विद्यालय के प्राचार्य (स्व.) बीरेश्वर चक्रवर्ती, अपने विदाई समारोह पर शांति निकेतन में विश्व भारती की स्थापना किसने की? कोई भी बता देगा। और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की? किसी को नहीं पता। इसीलिए पतन होता है। कुछ महान् हस्तियां, महान सपने साकार करती हैं। जैसा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने विश्व भारती के रूप में किया। किन्तु उनके बाद की नेतृत्व पंक्ति इतनी कमज़ोर रही कि उनका सपना तो...
    September 20, 08:16 AM
  • आपदा से कड़े फैसले ही बचाएंगे
    जम्मू कश्मीर की आपदा को एक लेख के दायरे में समेटना किसी त्रासदी से कम नहीं है। माहौल में भावनाएं हावी हैं और तर्कपूर्ण ढंग से सोचना कठिन है। हमने पहले भी प्राकृतिक आपदाएं देखी हैं। वे हमारे लिए नई नहीं हैं, लेकिन इस बार जम्मू-कश्मीर में जो हुआ उसकी भूतकाल में कोई मिसाल नहीं मिलती। 10 लाख की आबादी वाली राजधानी का पानी में डूबना कोई सामान्य घटना नहीं है। फिर जब इसमें मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आधारभूत ढांचे का थोक में विनाश और बड़े पैमाने पर महामारी फैलने का खतरा हो तो लोगों में गुस्सा और...
    September 17, 07:36 AM
  • राय की किताब ने उठाए नए सवाल
    पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) विनोद राय की ताजा किताब नॉट जस्ट एन अकांटेंट : द डायरी ऑफ द नेशन्स कॉन्शन्स कीपर ने जारी होने के पहले ही खासी दिलचस्पी जगाने के साथ तीखी बहस भी छेड़ दी है। किताब की सामग्री का काफी प्रचार हो चुका है। उस पर बहस और टिप्पणियां की जा चुकी हैं। कुछ हलकों से उसका जोरदार समर्थन हुआ है, तो तीखा विरोध भी देखा गया है। पहली नजर में ऐसा लगता है कि इसमें नया कुछ नहीं कहा गया है। उनमें उन्हीं बातों की पुष्टि की गई है जो कैग रिपोर्ट, न्यायालयीन कार्यवाही और अखबारों की खोजी...
    September 16, 07:30 AM
  • क्या समान नागरिक संहिता जरूरी है?
    केंद्र में सत्ता हासिल करने के कुछ ही महीने बाद सत्तारूढ़ दल के गोरखपुर से सासंद योगी आदित्यनाथ ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने पर अपनी सरकार से रुख स्पष्ट करने की मांग की। सांसद के दृष्टिकोण से उनकी मांग सही हो सकती है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के अपने चुनाव घोषणा-पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह समान नागरिक संहिता को लागू करेगी। केंद्रीय कानून मंत्री रवीशंकर प्रसाद ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए यह सही कहा कि नागरिक संहिता की दिशा में ऐसी किसी पहल पर...
    September 15, 07:07 AM
  • कश्मीर में बड़े विनाश की चेतावनी
    कश्मीर विरोधाभासों की भूमि है। मैं और मेरे जैसे हजारों भारतीय इसे सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में जानते हैं, जिसकी बर्फ से ढंकी चोटियों की पृष्ठभूमि में बॉलीवुड की न जाने कितनी फिल्मों की शूटिंग की गई है। यह ऐसी भूमि है, जिसने सुंदर काव्य और दिल को छू लेने वाली कहानियों को जन्म दिया है। एक वक्त था जब इसे धरती का स्वर्ग कहा जाता था। फिर इसे आतंकवाद, गोलियों, बम, आगजनी और लूट की घटनाओं ने छलनी कर दिया। आतंकवादियों और भारतीय सेना के बीच दशकों से युद्ध चल रहा है और स्थानीय लोग अपनी पुरानी खुशनुमा...
    September 12, 07:36 AM
  • बिहार का प्रयोग देश में संभव नहीं
    हाल में चार राज्यों (बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और पंजाब) में 18 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजों की व्याख्या अलग-अलग तरीके से की जा रही है। कुछ (मुख्यत: भाजपा के आलोचक) जनादेश को भाजपा की लोकप्रियता में कमी के रूप में देख रहे हैं। अन्य इसे मोदी मैजिक के फीके पड़ने का नतीजा बता रहे हैं। फिर ऐसे भी लोग हैं, जो इन नतीजों को खासतौर पर बिहार विधानसभा की छह सीटों पर गठबंधन (नीतीश कुमार, लालू यादव व कांग्रेस) की जीत को बिहार में मंडल-2 की शुरुआत मान रहे हैं। ये नतीजे बिहार में भाजपा के प्रतिनिधित्व...
    September 9, 07:36 AM
  • राजनीतिक ठहराव से अरब में हिंसा
    दो अमेरिकियों की जघन्य हत्या के वीडियो देखते हुए मुझे वैसा ही महसूस हुआ, मेरे भीतर वैसी ही भावनाएं पैदा हुईं जैसी न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रैड सेंटर पर हुए हमले के वीडियो देखने के बाद पैदा हुई थीं। बर्बरता इसीलिए दिखाई जाती है कि उससे गुस्सा भड़के और यह बर्बरता अपने इस मकसद में कामयाब हुई, लेकिन सितंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद मैं एक सवाल पूछने पर भी मजबूर हुआ था, वे अमेरिकियों से नफरत क्यों करते हैं? मैंने खुद से पूछे इस सवाल का जवाब देने में 7000 शब्द लगा दिए थे। यह लेख न्यूज़वीक में प्रकाशित हुआ था। इस...
    September 8, 08:01 AM
  • असंभव के विरुद्ध: देश के मुख्य न्यायाधीश आखिर राज्यपाल बने ही क्यों?
    बस, एक ग़लती कर दीजिए- आपको हर कोई, आजीवन जज करता रहेगा। - प्राचीन कहावत जस्टिस पलानीसामी सत्शिवम् (सदाशिवम् भी लिखा जाता है) पूछ रहे हैं कि उनके राज्यपाल बनने में ग़लत क्या है? बिल्कुल सही है। यानी उनका प्रश्न सही है। उनका बनना ग़लत है। चूंकि यह भारतीय इतिहास की पहली घटना है, इसलिए इसे प्रश्नवार समझना आवश्यक है। - योर ऑनर, आप केरल के राज्यपाल निश्चित बन सकते हैं - यदि संविधान, विधि, नियम आदि की बात करें तो। किन्तु न्यायाधीशों को न्याय करना ही नहीं, करते हुए दिखना भी चाहिए। देश के मुख्य...
    September 6, 09:19 AM
  • दिन में 18 घंटे काम करते हैं मोदी, इंटरनेट और योग से होती है सुबह की शुरुआत
    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोज 18 घंटे काम कर रहे हैं। अपने मंत्रियों से भी उन्होंने ऐसा ही करने को कहा है। हर काम में सख्ती। हर काम की मॉनिटरिंग। फिर उस पर होने वाली प्रतिक्रिया पर नज़र। राजनीतिक विश्लेषक माेदी के काम करने के तरीके को कॉर्पोरेट स्टाइल वाला कहते हैं। वे भाषणों में सीईओ की तरह टिप्स देते हैं। देश हो या विदेश, उनके अनूठे जुमलों पर काफी प्रतिक्रिया हो रही है । भास्कर के रिसर्च जर्नलिस्ट ने जाना कैसे काम कर रहे हैं मोदी और क्या है उनका विजन... देश के लिए मोदी के 18 घंटे...
    September 3, 07:30 PM
  • मोदी सरकार के 100 दिन: जानिए सरकार क्या कर रही है महंगाई पर
    नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार में यूपीए सरकार पर सबसे ज्यादा हमले महंगाई को लेकर किए। भाजपा के घोषणा-पत्र में भी महंगाई से राहत दिलाने के वादे को सबसे ऊपर रखा। सरकार बनने पर मोदी ने पहली बार रिजर्व बैंक को महंगाई से सीधे जूझने का काम दिया। मोदी की कुछ कोशिशें नाकाफी साबित हुईं तो कुछ का असर बाद में दिखाई देगा। आइए, नज़र डालते हैं महंगाई से जुड़ीं कुछ चुनौतियों, सरकार के प्रयासों और फैसलों पर। देश के ख्यात अर्थशास्त्रियों की मदद से बता रहे हैं भास्कर के रिसर्च जर्नलिस्ट... महंगाई...
    September 2, 12:35 PM
  • पढ़ें मोदी सरकार के 24 नरम-गरम फैसले और क्‍या होगा उनका असर
    नई दिल्ली. सरकार ने पिछले 100 दिनों में एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें से कुछ विवादास्पद रहे तो कुछ की सराहना हुई। कुछ फैसले जो अब तक किसी सरकार ने नहीं लिए थे, वे पहली बार मोदी सरकार ने लिए। वहीं, कुछ फैसले ऐसे रहे जो तुरंत लिए गए। ऐसे ही कुछ फैसलों पर भास्कर के रिसर्च जर्नलिस्ट ने यह जानने की कोशिश की, क्या लोगों को इनसे लाभ मिलेगा, नुकसान होगा या कोई असर नहीं पड़ेगा। नरम-गरम फैसले मोदी ने अपने निर्णयों में अच्छे-बुरे का तालमेल बनाए रखा। पड़ोसियों के साथ दोस्ती का हाथ भी बढ़ाया और उनकी...
    September 1, 03:31 PM