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संकटग्रस्त धरती की हालत इन दिनों कैसी है? जाने-माने ग्लोबल इन्वेस्टर जेरेमी ग्रेंथम चेतावनी देते हैं, सभी...

..कक्षाएं छोड़कर क्रिकेट के जुनून में दौड़ते बच्चों को हम क्या बताएंगे?   ‘डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के पहलवानों की इन...

इमरान खान और राजनीति का खेल

पाकिस्तान के चुनाव परिणामों ने व्यक्ति आधारित राजनीति की सीमाओं और खामियों को उजागर किया है। इमरान खान के पास...

किस राह पर चलेगा पाकिस्तान?

सत्ता के लोकतांत्रिक हस्तांतरण के बाद पाकिस्तान को उग्रवाद और उदारवाद में से किसी एक को चुनना होगा। क्या नवाज...
 

त्यागपत्र एक पाखंड, बर्खास्त करने की हिम्मत दिखाइए

‘त्याग के अनुपात में लाभ बंटता है।’   - अर्थशास्त्र   ‘त्यागपत्र के अनुपात में नुकसान बंटता है।’   -...

भारत को मजबूत नेता की तलाश

भारत में जहां सरकार की जरूरत नहीं है, वहां आम आदमी लाल फीताशाही में मीलों तक जकड़ा है लेकिन जहां उसकी बहुत ज्यादा...
 

और खबरें

 
 
 

  • May 8, 08:01
     
    राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय संस्थाओं को मजबूत बनाने के प्रयास करने चाहिए। हमारी उच्चतम न्यायपालिका के विवेक पर जनता को भरोसा है और बहुनिंदित सरकारी तंत्र के ही निगरानी तथा खुफिया दस्ते जोखिम मोल लेकर संगीन गलतियों और अनियमितताओं को बेबाकी से...
     

  • May 7, 07:09
     
    बांग्लादेश की गारमेंट फैक्ट्री की इमारत ढहने और उसमें 500 से अधिक मजदूरों की मौत की त्रासदी ने एक बार फिर देश और दुनिया के राजनीतिक और व्यावसायिक नेताओं के सामने महत्वपूर्ण व्यावसायिक, राजनीतिक और नैतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।   ये इतनी आसान नहीं हैं क्योंकि इनसे...
     

  • May 6, 07:53
     
    गुजरात के मुख्यमंत्री को वर्ष 2002 के दंगों के लिए दोषी न ठहराने के पक्ष में दी जा रही दलीलें विरोधाभासी दंगों के ११ साल बाद मोदी सरकार ने राज्य में मुसलमानों को इतना अलग-थलग कर दिया और हाशिये पर ला दिया है कि मुस्लिम विरोधी दंगे उसी तरह अनावश्यक और विरले हो गए हैं जैसे...
     

  • May 4, 03:50
     
    ‘एक बार एक पागल ने पूछा: सुनो, ये पाकिस्तान क्या है? काफी सोचकर दूजे ने जवाब दिया - पाकिस्तान, दरअसल हिंदुस्तान में एक जगह है, जहां उस्तरे बनते हैं! ’   - सआदत हसन मंटो की कालजयी कहानी टोबा टेक सिंह से     तोशेखाने के घड़ियाल ने रात के बारह बजाए तो उन चारों में सिहरन...
     

  • May 1, 08:40
     
    पश्चिम बंगाल में राजनीति और मीडिया की आड़ लेकर चिट फंड कंपनियों ने गरीबों से हजारों करोड़ रुपए लूट लिए। क्या  यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पश्चिम बंगाल के दो सबसे बड़े उद्योग- चिट फंड और मांस का कारोबार हैं। पहला उद्योग गांव के गरीब लोगों को धोखा देने का है।   वे...
     

  • April 30, 07:54
     
    औद्योगिक,   शैक्षणिक व कृषि क्षेत्र में कभी देश का अग्रणी राज्य रहा महाराष्ट्र (जनसंख्या 11 करोड़), इन दिनों अपने इतिहास के सबसे भीषणतम सूखे से जूझ रहा है, लेकिन राज्य के बड़े नेता एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार करने में व्यस्त हैं। उपमुख्यमंत्री और सिंचाई घोटाले के...
     

  • April 29, 06:00
     
    लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार अपने 25-30 सैनिकों को भेजने और भारतीय सीमा के 19 किलोमीटर भीतर तंबू तानने के पीछे चीनियों का क्या इरादा है? क्या वे किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहे हैं? या केवल जमीन हड़प रहे हैं? या फिर संभवत: यह बातचीत की कोई चाल है?    चीनियों...
     

  • April 27, 07:51
     
    मार्च में मात्र 88,000 नौकरियों की घोषणा के साथ अमेरिका की दयनीय आर्थिक दुर्दशा का खुलासा हुआ। हालांकि कभी-कभी मासिक आंकड़े अनुमान के उलट भी होते हैं, लेकिन जितनी उम्मीद थी, यह संख्या उसके आधे से भी कम है।   अधिक चिंता की बात यह है कि आप अगर ज्यादा कुरेदें तो अमेरिकी...
     

  • April 27, 03:49
     
    कुछ नहीं होगा चिट फंड से लूटने वालों का। पश्चिम बंगाल में लाखों परिवार उजड़ गए। आम इंसान जो थे। भले। भरोसा करने वाले। भविष्य के लिए बचत करने वाले। उनके खून-पसीने की कमाई तो न जाने किन-किन काले कारनामों में लगाई जा रही थी। आम इंसान का कैसा भविष्य? इसलिए कैसी बचत?   कोई...
     
 
 
 
 
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