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  • April 24, 06:43
     
    दिसंबर महीने के नृशंस बलात्कार के बाद देश में जनाक्रोशभरे आंदोलनों की बाढ़-सी आई। समितियां बैठीं, कानूनी सुधारों के सुझाव बने, लागू हुए, लेकिन बलात्कारों का सिलसिला जारी है।   पुलिस अभी भी कई बार मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही और कई मकान या बस मालिक अभी भी अनजान...
     

  • April 23, 01:42
     
    कौन कहां से आया है, कहां जाएगा, यह कहा नहीं जा सकता, लेकिन आया है तो उसे जाना होगा, यह निश्चित है। यह सत्य है। पर हम आने की बात से हर्षित होते हैं और आने को महोत्सव के रूप में मनाते हैं। प्रेम के साथ अपनाते हैं। जाने की बात हमें रुचिकर नहीं लगती और जाने की बात हमें उदास कर...
     

  • April 22, 07:01
     
    पिछले सप्ताह विश्व बैंक ने विश्व में गरीबी की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की। मनुष्य होने के नाते इस दस्तावेज को पढ़ना आनंददायी रहा, क्योंकि इससे पता लगता है कि कितनी तेजी से हर जगह भीषण गरीबी कम हो रही है। लेकिन, भारत के नागरिक के रूप में रिपोर्ट को पढ़ना निराशाजनक रहा।...
     

  • April 20, 04:45
     
    भारत  जब स्वतंत्र हुआ तब एशियाटिक सिंहों के एकमात्र पालनहार जूनागढ़ के नवाब पाकिस्तान भाग गए और इस खूबसूरत जानवर की छत्रछाया अचानक छिन गई थी। तब लंदन की एक वन्यजीव संस्था ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को खत लिखकर सिंहों को बचाने की गुहार लगाई थी।  ...
     

  • April 20, 04:31
     
    ‘हमसे बड़ी गलती हो जाएगी, इस भय के साथ जीना ही सबसे बड़ी गलती है।’                                                                                                           - अमेरिकी लेखक अल्बर्ट हबार्ड    यह करोड़ों युवाओं...
     

  • April 16, 06:52
     
    सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्विस फार्मास्युटिकल कंपनी नोवाíटस को कैंसर(ल्यूकेमिया) की दवा ग्लिवेक के सुधरे हुए रूप को नया पेटेंट देने से इंकार करने के लिए विकासशील देशों में भारत की तीखी आलोचना हुई है। लेकिन इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट की प्रशंसा की जानी चाहिए।  ...
     

  • April 15, 12:12
     
    ऐसा क्यों है कि कुछ देश अमीर हैं, जबकि बाकी गरीब हैं? इस सवाल ने सदियों से शिक्षाविदों, राजनेताओं और आम लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और इसके उतने ही जवाब हैं, जितने लेखक हैं।   एमआईटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर डेरन एस मोग्लू और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर...
     

  • April 13, 08:03
     
    केंद्रीय कैबिनेट ने जिस दिन खाद्य सुरक्षा बिल को मंजूरी दी, उसी दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दिलेरी दिखाते हुए विधानसभा में बिजली की बढ़ रही कीमतों का बचाव करने के लिए खड़ी हुईं। बड़े धर्य से अपनी बात रखते हुए उन्होंने विधायकों को समझाया कि मुफ्त में किसी...
     

  • April 13, 02:18
     
    ‘आतंकियों को क्यों नहीं रोक सके? यह तो ऐसा ही प्रश्न है कि सचिन से पूछा जाए कि शतक क्यों नहीं बना सके..?’ - दिसंबर 1999 में अमृतसर हवाई अड्डे के निदेशक वीएस मुलेकर का कथन। पूछा गया था कि अलर्ट के बावजूद कंधार विमान अपहर्ता अमृतसर से लाहौर कैसे उड़ गए?   इस बार यह कॉलम एक...
     

  • April 10, 11:47
     
    जिस विकास में विवेक न हो, उसे व्यर्थ कहा जा सकता है। गीता में अव्यभिचारिणी भक्ति की महिमा है। इक्कीसवीं सदी में अव्यभिचारिणी बुद्धि की महिमा न हो, तो ड्रग कल्चर मुंह खोलकर बैठा है। आप किसी ऐसी कार की कल्पना करें, जिसमें एक्सीलेटर तो हो, पर ब्रेक न हो। ऐसी कार की नियति...
     

  • April 9, 08:05
     
    जब से 2014 के आम चुनावों की आहटें तेज हुई हैं, लगता है तमाम राजनीतिक पार्टियों के भीतर जमीनी कार्यकर्ताओं के महत्व का ही नहीं, बल्कि उन स्पष्ट विचारधाराओं का भी अंत हो गया है, जिनके आधार पर जागरूक मतदाता दल विशेष का समर्थन या विरोध करते आए थे।   सारी लड़ाई अब तक महज...
     

  • April 8, 05:32
     
    भारत की समस्याओं के दो कारण अब हमारे सामने हैं। इन्हें सुलझाने के दो वैकल्पिक समाधान भी पेश किए गए हैं। एक राहुल गांधी ने सुझाया है और दूसरा नरेंद्र मोदी ने।   दोनों प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, लेकिन गंभीर खामियों से भरे हैं- एक के शासनकाल में हुए दंगों में एक...
     

  • April 6, 11:43
     
    ‘यदि मुझे एक दिन का तानाशाह बनने का मौका मिले तो मैं सबसे पहले शराब पर रोक लगा दूं और ताड़ के सारे पेड़ काट दूं’- - महात्मा गांधी गुजरात में नशाबंदी विफल हो रही है। शराब बह रही है। कायदे-कानून बहाए जा रहे हैं। कहने को गांधी की भूमि पर शराब बनाने-बेचने-पीने पर पूरी तरह...
     

  • April 6, 01:47
     
    ‘यदि मुझे एक दिन का तानाशाह बनने का मौका मिले तो मैं सबसे पहले शराब पर रोक लगा दूं और ताड़ के सारे पेड़ काट दूं’   - महात्मा गांधी    गुजरात में नशाबंदी विफल हो रही है। शराब बह रही है। कायदे-कानून बहाए जा रहे हैं। कहने को गांधी की भूमि पर शराब बनाने-बेचने-पीने पर...
     

  • April 3, 11:56
     
    देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई सुखिर्यों में है। समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव द्वारा केंद्र की यूपीए सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग के आरोपों ने राजनीति को गरमा रखा है। इसके अलावा एक अन्य घटना ने इस जांच एजेंसी को शक के दायरे में लाकर खड़ा किया है। अगर...
     
 
 
 
 
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