विवाह-योग. सोलह संस्कारों में विवाह प्रमुख संस्कार है, जो सृष्टि सृजन का प्रतीक है। ब्रह्मा द्वारा रचित सृष्टि के पालनकर्ता विष्णु भगवान हैं, तो शिव नवसृजन के लिए संहार करते हैं। इसलिए हिंदू मान्यताएं हैं कि छठी की रात में लेख लिखते समय ही विधाता विवाह के लेख-संजोग भी लिख देता है।जन्म, मरण एवं परण की अनिवार्यता के सामने मनुष्य लाचार हो जाता है, क्योंकि इनकी गति पूर्व निर्धारित...
पर्वतारोहण सामान्यत: पुरुषों का ही वर्चस्व क्षेत्र रहा है, लेकिन अब इसमें भी महिलाएं आगे आ रही हैं। यह बहुत ही सुखद व स्वागतयोग्य है। दरअसल, महिलाओं के लिए आज भी पवर्तारोहण आसान काम नहीं है, क्योंकि उनके ऊपर परिवार की भी जिम्मेदारी होती है। जिन महिलाओं को परिवार से पूरा सहयोग मिलता है, अमूमन वही इस क्षेत्र में सफलता हासिल कर पाती हैं।
जैसे हेमलता अग्रवाल के परिवार ने उनका साथ...
पिछले पांच माह में मैंने अन्ना आंदोलन और लोकपाल पर इतने शो किए हैं कि सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि मैं उसी बारे में कुछ कहना चाहूंगा।
मैं यह भी लगातार कहता आ रहा हूं कि अब इस बहस का निर्णायक क्षण आ गया है। लेकिन आज मैं एक ऐसे विषय पर बात करना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब है। मैं उन तीन किंवदंतियों के प्रति अपनी आदरांजलि अर्पित करना चाहता हूं, जिन्होंने संगीत और संगीत के...
देश की संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका पर हो रहे विलंब पर सर्वत्र चिंताएं व्याप्त हैं। दोषियों के प्रति अनुकंपा या दया के अधिकार पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, खासतौर पर तब, जब हम आतंकवाद से त्रस्त हैं। राष्ट्रीय हितों को ताक पर रखते हुए इस मसले पर पहले ही काफी राजनीति हो चुकी है। भारत को ‘सॉफ्ट स्टेट’ कहा जाता रहा है और अफजल गुरु के मामले से इस धारणा को बल मिला है।...
मैं मायूस हूं। क्यूं न होऊं? खुश-खुश होने के लिए कोई वजह है? एक भी? इन दिनों के अखबारों को ही लीजिए। कितने बढ़िया लोगों के चल बसने की खबर।
असम में जन्मे देश के प्यारे संगीतकार भूपेन हजारिका के निधन से हम सम्हले ही नहीं थे कि असमिया लेखिका इंदिरा गोस्वामी भी जाती रहीं। जगजीत सिंह के चले जाने के सदमे से हम उबरे ही नहीं थे कि सारंगी सम्राट उस्ताद सुल्तान खान भी हमसे छिन गए। और देव आनंद!...
सफल-मंत्र: ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा और चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। जन्म पत्रिका में जिन जातकों का चंद्रमा अच्छा होता है, वे मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, आत्मविश्वासी होते हैं और उनकी सोच सदैव सकारात्मक होती है। अनुकूल और प्रतिकूल दोनों ही परिस्थितियों में वे अपने कार्यो को सुव्यवस्थित तरीके से करते हुए आखिरकार सफलता प्राप्त कर लेते हैं।
इसके विपरीत जिन जातकों का चंद्रमा...
देस राग . समय अब पहले जैसा नहीं रहा है। 60-70 के दशक या उससे पहले जैसी चीजें थीं, अब वे नहीं रहीं। हर क्षेत्र में यह बदलाव आया है। अगर म्यूजिक की बात करें, तो भाषा का स्वभाव बदला है, गीतों के बोल भी बदले हैं। शब्दों के चयन में अंतर है। वैसे बदलाव तो दुनिया का नियम है, यह बिलकुल स्वाभाविक व प्राकृतिक है।
इसे अच्छा या बुरा कहना भी संकीर्णता है। अक्सर लोग पुराने को श्रेष्ठ करार देते हैं और...
जब ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीता तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि यह भारत की शिक्षा प्रणाली को मिला पुरस्कार है। लेकिन ऐसा लगा नहीं कि उस वैज्ञानिक ने प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य पर बहुत ध्यान दिया हो। पिछले हफ्ते जब एक भारतीय ने ऑक्सफोर्ड के एक प्रोग्राम में शीर्ष स्थान प्राप्त किया तो मीडिया ने उसकी खूब जय-जयकार की।...
यूट्यूब की कृपा से इन दिनों एक गाना तमाम लोगों, खासकर युवाओं की जुबां पर चढ़ा हुआ है, ‘व्हाय दिस कोलावेरी डी?’ सुनते हैं टूटी-फूटी तमिल मिश्रित अंग्रेजी का यह गाना प्यार में निराश शराब के नशे में बहकते आम युवा की पुकार है, जो प्रेमिका से पूछ रहा है : इतना गुस्सा क्यों? अभागा नशेड़ी प्रेमी रालेगणसिद्धी जाकर यह गाता तो शायद उसे खंभे से बांधकर पीटा जाता और हरियाणा में प्रेम का सरेआम...