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  • December 18, 12:50
     
    विवाह-योग. सोलह संस्कारों में विवाह प्रमुख संस्कार है, जो सृष्टि सृजन का प्रतीक है। ब्रह्मा द्वारा रचित सृष्टि के पालनकर्ता विष्णु भगवान हैं, तो शिव नवसृजन के लिए संहार करते हैं। इसलिए हिंदू मान्यताएं हैं कि छठी की रात में लेख लिखते समय ही विधाता विवाह के लेख-संजोग भी लिख देता है।जन्म, मरण एवं परण की अनिवार्यता के सामने मनुष्य लाचार हो जाता है, क्योंकि इनकी गति पूर्व निर्धारित...
     

  • December 18, 12:50
     
    पर्वतारोहण सामान्यत: पुरुषों का ही वर्चस्व क्षेत्र रहा है, लेकिन अब इसमें भी महिलाएं आगे आ रही हैं। यह बहुत ही सुखद व स्वागतयोग्य है। दरअसल, महिलाओं के लिए आज भी पवर्तारोहण आसान काम नहीं है, क्योंकि उनके ऊपर परिवार की भी जिम्मेदारी होती है। जिन महिलाओं को परिवार से पूरा सहयोग मिलता है, अमूमन वही इस क्षेत्र में सफलता हासिल कर पाती हैं। जैसे हेमलता अग्रवाल के परिवार ने उनका साथ...
     

  • December 17, 12:26
     
    पिछले पांच माह में मैंने अन्ना आंदोलन और लोकपाल पर इतने शो किए हैं कि सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि मैं उसी बारे में कुछ कहना चाहूंगा। मैं यह भी लगातार कहता आ रहा हूं कि अब इस बहस का निर्णायक क्षण आ गया है। लेकिन आज मैं एक ऐसे विषय पर बात करना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब है। मैं उन तीन किंवदंतियों के प्रति अपनी आदरांजलि अर्पित करना चाहता हूं, जिन्होंने संगीत और संगीत के...
     

  • December 13, 10:04
     
    कोलकाता के निजी अस्पताल एडवांस्ड मेडिकेयर एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (आमरी) में धुएं में घुटकर 93 लोगों की हुई मौत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि हाई-फाई प्राइवेट अस्पताल भी सुरक्षित नहीं हैं। वर्ना पूरी तरह से वातानुकूलित होने के बावजूद आमरी अस्पताल में आपातकाल गेट क्यों नहीं था? धुआं निकलने का इंतजाम क्यों नहीं था? अग्निशमन का माकूल प्रबंध क्यों नहीं था? क्या फायर अलार्म और...
     

  • December 13, 10:00
     
    अन्ना के जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन में आठ दलों के नेता आकर लोकपाल से संबंधित सात मुख्य मांगों पर अपना रुख साफ कर चुके हैं। ये मुद्दे हैं प्रधानमंत्री, संसद के अंदर सांसदों का आचरण, सीबीआई, जज लोकपाल के दायरे में रहें या नहीं। सिटीजन चार्टर अलग बने या लोकपाल के नियंत्रण में रहे तो पर उसका स्वरूप क्या हो। सभी छोटे कर्मचारी लोकपाल के दायरे में कैसे लाए जाएं। सातवीं मांग लोकपाल की...
     

  • December 13, 09:56
     
    तीस सदस्यीय संसदीय समिति की रिपोर्ट में सोलह सदस्यों के असहमति पत्र से जो ध्वनि आती है, उसे लोकपाल विधेयक के मजमून पर राय देने वाली समिति के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी अगर वस्तुस्थिति की जानकारी नहीं देते तो कइयों को अपनी राजनीति चलाने में सुविधा हो जाती। सिंघवी के अनुसार चौबीस में से तेरह मसले तो सर्वसम्मति से निपटे, आठ पर एक-एक सदस्य को आपत्ति थी और गु्रप सी कर्मचारियों को लोकपाल...
     

  • December 13, 09:49
     
    तीस सदस्यीय संसदीय समिति की रिपोर्ट में सोलह सदस्यों के असहमति पत्र से जो ध्वनि आती है, उसे लोकपाल विधेयक के मजमून पर राय देने वाली समिति के प्रमुख अभिषेक मनु सिंघवी अगर वस्तुस्थिति की जानकारी नहीं देते तो कइयों को अपनी राजनीति चलाने में सुविधा हो जाती। सिंघवी के अनुसार चौबीस में से तेरह मसले तो सर्वसम्मति से निपटे, आठ पर एक-एक सदस्य को आपत्ति थी और गु्रप सी कर्मचारियों को लोकपाल...
     

  • December 13, 12:08
     
    देश की संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका पर हो रहे विलंब पर सर्वत्र चिंताएं व्याप्त हैं। दोषियों के प्रति अनुकंपा या दया के अधिकार पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, खासतौर पर तब, जब हम आतंकवाद से त्रस्त हैं। राष्ट्रीय हितों को ताक पर रखते हुए इस मसले पर पहले ही काफी राजनीति हो चुकी है। भारत को ‘सॉफ्ट स्टेट’ कहा जाता रहा है और अफजल गुरु के मामले से इस धारणा को बल मिला है।...
     

  • December 12, 12:19
     
    मैं मायूस हूं। क्यूं न होऊं? खुश-खुश होने के लिए कोई वजह है? एक भी? इन दिनों के अखबारों को ही लीजिए। कितने बढ़िया लोगों के चल बसने की खबर। असम में जन्मे देश के प्यारे संगीतकार भूपेन हजारिका के निधन से हम सम्हले ही नहीं थे कि असमिया लेखिका इंदिरा गोस्वामी भी जाती रहीं। जगजीत सिंह के चले जाने के सदमे से हम उबरे ही नहीं थे कि सारंगी सम्राट उस्ताद सुल्तान खान भी हमसे छिन गए। और देव आनंद!...
     

  • December 11, 12:15
     
    सफल-मंत्र: ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा और चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। जन्म पत्रिका में जिन जातकों का चंद्रमा अच्छा होता है, वे मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, आत्मविश्वासी होते हैं और उनकी सोच सदैव सकारात्मक होती है। अनुकूल और प्रतिकूल दोनों ही परिस्थितियों में वे अपने कार्यो को सुव्यवस्थित तरीके से करते हुए आखिरकार सफलता प्राप्त कर लेते हैं। इसके विपरीत जिन जातकों का चंद्रमा...
     

  • December 11, 12:07
     
    देस राग . समय अब पहले जैसा नहीं रहा है। 60-70 के दशक या उससे पहले जैसी चीजें थीं, अब वे नहीं रहीं। हर क्षेत्र में यह बदलाव आया है। अगर म्यूजिक की बात करें, तो भाषा का स्वभाव बदला है, गीतों के बोल भी बदले हैं। शब्दों के चयन में अंतर है। वैसे बदलाव तो दुनिया का नियम है, यह बिलकुल स्वाभाविक व प्राकृतिक है। इसे अच्छा या बुरा कहना भी संकीर्णता है। अक्सर लोग पुराने को श्रेष्ठ करार देते हैं और...
     

  • December 10, 12:22
     
    पिछले जनवरी से जून महीने तक भारत ने गूगल से 358 विषय-सामग्रियां हटाने की ‘अपील’ की। इनमें से 255 यानी 75 प्रतिशत ऐसी सामग्री थी, जिनमें सरकार की आलोचना की गई थी। भारत के अलावा दुनिया में सिर्फ तीन अन्य देश हैं, जिन्होंने इस तरह की अपील गूगल से की थी। जरा सोचें, प्रजातांत्रिक व्यवस्था में भी अगर कोई सरकार अपनी आलोचना के प्रति इतनी असहनशील हो तो उस प्रजातंत्र की गुणवत्ता कैसी होगी।...
     

  • December 10, 11:51
     
    जयंतीलाल गढ़ा के दफ्तर में शोले के थ्री-डी संस्करण के दस मिनट देखे और प्रभाव कमाल का लगा। दरअसल विशुद्ध रूप से थ्री-डी में बनाई गई फिल्म के सेट अलग ढंग से बनाए जाते हैं, परंतु सामान्य ढंग से शूट की गई फिल्म को थ्री-डी विधा में बदलना आसान काम नहीं है और रा.वन के परिणाम निराशाजनक थे।  गढ़ा महोदय ने भारतीय तकनीशियनों के साथ ही विदेशी विशेषज्ञ की भी सेवाएं ली हैं और यह कार्य विगत तीन...
     

  • December 9, 12:34
     
    जब ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार जीता तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि यह भारत की शिक्षा प्रणाली को मिला पुरस्कार है। लेकिन ऐसा लगा नहीं कि उस वैज्ञानिक ने प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य पर बहुत ध्यान दिया हो। पिछले हफ्ते जब एक भारतीय ने ऑक्सफोर्ड के एक प्रोग्राम में शीर्ष स्थान प्राप्त किया तो मीडिया ने उसकी खूब जय-जयकार की।...
     

  • December 7, 12:40
     
    यूट्यूब की कृपा से इन दिनों एक गाना तमाम लोगों, खासकर युवाओं की जुबां पर चढ़ा हुआ है, ‘व्हाय दिस कोलावेरी डी?’ सुनते हैं टूटी-फूटी तमिल मिश्रित अंग्रेजी का यह गाना प्यार में निराश शराब के नशे में बहकते आम युवा की पुकार है, जो प्रेमिका से पूछ रहा है : इतना गुस्सा क्यों? अभागा नशेड़ी प्रेमी रालेगणसिद्धी जाकर यह गाता तो शायद उसे खंभे से बांधकर पीटा जाता और हरियाणा में प्रेम का सरेआम...
     
 
 
 
 
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