November 24, 12:34

मैं बुरी खबरें पढ़-सुनकर ऊब गया हूं। पिछले कुछ साल एक दु:स्वप्न की तरह रहे हैं। हर सुबह अखबार पढ़ते हुए मेरे मन में क्रोध, हताशा और भय जैसे भाव आने लगते हैं और आखिरकार मैं इसे पढ़ना बंद कर देता हूं।
आप ही बताएं, आखिर घोटाले, हत्या, डकैती, दंगे, महिलाओं पर तेजाब...