वेद प्रताप वैदिक
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  • एकजुट यूरोप का सपना भंग करता ब्रिटेन
    ब्रिटेन अब यूरोपीय संघ से अलग हो गया है। यह फैसला न तो यूरोपीय संघ के 28 सदस्य-राष्ट्रों ने किया है और न ही ब्रिटेन की सरकार ने। यह फैसला किया है, ब्रिटेन की जनता ने। 48 प्रतिशत मतदाता चाहते थे कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ में बना रहे, लेकिन 52 प्रतिशत मतदाताओं ने उससे बाहर निकलने का समर्थन कर दिया। सिर्फ चार प्रतिशत मतदाताओं ने बाजी पलट दी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड केमरन ने पूरी ताकत झोंक दी, इसके बावजूद जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने का फैसला कर लिया। इसका नतीजा क्या हुआ? जैसे ही जनमत-संग्रह के परिणाम सामने...
    June 25, 03:02 AM
  • राज्यसभा का चुनाव भी जनता करे
    अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने जो बात लोकतंत्र के लिए कही थी, वही बात उलटकर मैं हमारी राज्यसभा के लिए कहना चाहता हूं। हमारी राज्यसभा राज्यों की सभा नहीं रह गई हैं। वह नेताओं के लिए, नेताओं द्वारा, नेताओं की सभा बन गई है। इसका न तो राज्यों से कोई सीधा संबंध रह गया है और न ही जनता से भी। राज्यसभा नेताओं के जेब का खिलौना बन गई है, इसीलिए भ्रष्टाचार की सारी तरकीबें राज्यसभा के चुनाव में अपनाई जाती हैं। अभी-अभी संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों को लेकर कर्नाटक, उत्तरप्रदेश और हरियाणा में जो नौटंकी हुई,...
    June 18, 02:51 AM
  • देश में बढ़ते भीड़तंत्र का नतीजा
    मथुरा में हुआ हत्याकांड और गुलबर्ग सोसायटी का फैसला- क्या ये दोनों हमारे सार्वजनिक जीवन में फैले जहर को उजागर नहीं करते? क्या हमारे लोकतंत्र में यह बढ़ते हुए भीड़तंत्र का प्रमाण नहीं है? अपने आपको सत्याग्रही बताने वाले लगभग तीन हजार लोगों ने मथुरा में वह कर दिखाया, जो अब से लगभग 100 साल पहले चौराचोरी में हुआ था। भीड़ ने पुलिस वालों को जिंदा जला दिया था। महात्मा गांधी ने सत्याग्रह वापस ले लिया था। मथुरा के जवाहर बाग में पुलिस के दो अफसरों की हत्या कर दी गई। ये हत्याएं अचानक नहीं हुईं।...
    June 4, 06:07 AM
  • क्या भाजपा अब बनेगी कांग्रेस?
    पांच राज्यों के चुनाव-परिणाम आ गए हैं। सबसे पहले यह विचार किया जाए कि इनके अखिल भारतीय अर्थ क्या हैं? भाजपा और कांग्रेस के भविष्य पर इनका प्रभाव क्या होगा? देश की भावी राजनीति की दिशा क्या होगी? जिन पांचों राज्यों में अभी चुनाव हुए हैं, वे दिल्ली से काफी दूर हैं। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी! ये पूर्व और दक्षिण के राज्य हैं। इन राज्यों ने कभी कोई प्रधानमंत्री अभी तक देश को नहीं दिया, लेकिन पहली बार शायद ऐसा होगा कि बंगाल और तमिलनाडु की आंखें दिल्ली के सर्वोच्च पद पर गड़ने लगें। ममता...
    May 21, 04:16 AM
  • डॉक्टरी के पेशे में क्रांति की जरूरत
    भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने डाॅक्टरी के धंधे पर जबर्दस्त प्रहार करते हुए अपने फैसले में कहा है कि यह पवित्र कार्य अब धंधा बन गया है, जिसका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना रह गया है। सारे देश में डाॅक्टरी का यह धंधा भारतीय मेडिकल काउंसिल की देख-रेख में चलता है। यह काउंसिल मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देती है, डाॅक्टरी शिक्षा के मानदंड कायम करती है, डाॅक्टरों की डिग्रियां तय करती है और देश की चिकित्सा-व्यवस्था पर नियंत्रण रखती है। इस काउंसिल को 2010 में भंग करना पड़ा था, क्योंकि इसके अध्यक्ष महोदय रिश्वत...
    May 7, 03:20 AM
  • अब लोकपालिका को सौंपें उत्तराखंड
    उत्तराखंड में जैसी संवैधानिक नौटंकी आजकल चल रही है, वैसी आज तक किसी भी राज्य में नहीं चली। अब सर्वोच्च न्यायालाय ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। कौन-सी संवैधानिक संस्था है, जिसका मजाक नहीं बन रहा है? क्या तो राज्यपाल, क्या मुख्यमंत्री, क्या विधानसभा अध्यक्ष, क्या उच्च न्यायालय, क्या केंद्र सरकार और क्या राष्ट्रपति- सभी की छवि धूमिल हो रही है। राज्यों में राष्ट्रपति शासन दर्जनों बार थोपा गया है। कई बार शुद्ध संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए थोपा गया, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि...
    April 23, 03:41 AM
  • विचारों का यह खेल खतरनाक
    भारत माता की जय को लेकर छिड़ा विवाद बिल्कुल बेतुका है। अनावश्यक है। न तो इसका इस्लाम से कुछ लेना-देना है और न ही यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बपौती है। क्या भारत माता की जय का नारा संघ का दिया हुआ है? संघ का जन्म 1925 में नागपुर में हुआ। भारत माता की जय का नारा क्या 1925 में ही शुरू हुआ? बाल गंगाधर तिलक, बदरुद्दीन तैयबजी, लाला लाजपतराय, दादाभाई नौरोजी, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद और हकीम अजमल खान कौन-सा नारा लगाते थे? क्या ये सब महान नेता संघ के स्वयंसेवक थे?...
    April 9, 04:18 AM