March 15, 04:36

मैंने चार-पांच साल पहले ‘भास्कर’ में एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था, ‘राहुल जैसा कोई और नहीं’ लेकिन इस दौरान मेरी सारी आशाओं पर धीरे-धीरे पानी फिरता गया। उत्तरप्रदेश और बिहार के चुनावों ने कांग्रेस के इस उदीयमान नक्षत्र को प्रभाहीन कर दिया और प्रचंड...