वेद प्रताप वैदिक
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  • ‘आप’ में सिर्फ अहंकारों का द्वंद्
    स्वतंत्र भारत में कई राजनीतिक पार्टियां पैदा हुईं और उनमें टूट भी हुई, लेकिन आम आदमी पार्टी इस कगार पर इतनी जल्दी पहुंच जाएगी इसकी आशंका किसी को भी नहीं थी। उनको भी नहीं, जो इस पार्टी को सिर्फ नौसिखियों की नौटंकी समझ रहे थे। दिल्ली की प्रचंड विजय के बाद तो ऐसा लगने लगा था कि यदि आप ठीक से काम करती रही तो वह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का विकल्प बनकर उभर सकती है और अरविंद केजरीवाल तो नरेंद्र मोदी के विकल्प दिखने लग ही गए थे। किंतु सिर मुंडाते ही ओले पड़ने लगे। अभी दिल्ली राज्य में सरकार बने दो माह भी...
    March 28, 05:33 AM
  • हिंद महासागर में फहरे हिंद का झंडा
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हिंद महासागर-यात्रा काफी सार्थक रही। उन्होंने सेशल्स, मॉरीशस और श्रीलंका की यात्रा की। वे मालदीव भी जाने वाले थे, लेकिन वहां चल रही आंतरिक उथल-पुथल के कारण उन्होंने वहां जाना स्थगित किया। खुशी की बात है कि मालदीव में की गई हमारी गलतियों से उन्होंने सबक सीखा, जिसका लाभ उन्हें श्रीलंका में मिल रहा है। मालदीव के सत्तारूढ़ नेता नाराज न हो जाएं, इस आशंका के कारण हमारी सरकार ने वहां के विपक्ष की तरफ से अपना मुंह फेर लिया। विपक्ष के नेता और पूर्व राष्ट्रपति नशीद भारत के...
    March 14, 06:40 AM
  • पीडीपी को मर्यादा के भीतर छूट दें
    मुफ्ती ने कहा क्या है? मुफ्ती ने जो कुछ कहा है, उसके भी को टीवी एंकरों ने ही बना दिया है। इसी ही और भी के झगड़े ने सारा भ्रम पैदा कर दिया है। मुफ्ती ने कह दिया कि कश्मीर के चुनावों को सफल बनाने में पाकिस्तान और हुर्रियत का भी हाथ है। भारत की कोई भी केंद्रीय सरकार क्या यह नहीं चाहेगी कि कश्मीर का मसला हल हो और पाकिस्तान से संबंध सहज हों? केंद्र सरकार को एक सबल मध्यस्थ अपने आप मिल गया है। मुफ्ती से ज्यादा मोदी चाहते हैं कि पाकिस्तान से बातचीत शुरू हो, इसीलिए उन्होंने दक्षेस के बहाने विदेश सचिव जयशंकर को...
    March 4, 06:36 AM
  • जो कहा उसी पर डटे रहें मोदी
    ऐसा नहीं है कि भारत का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री कुछ बोले तो वह राष्ट्र के लिए वेदवाक्य बन जाता है। ऐसा भी नहीं है कि उनकी वाणी को संतवाणी की तरह पवित्र माना जाता है, लेकिन उनके राज में किसी मुद्दे पर गहरी हलचल मची हो और वे चुप रहें तो देश अपने आप से यह पूछने लगता है कि हमारे ये नेता मौनी बाबा कैसे बन गए हैं? क्यों बन गए हैं? जो नेता हर किसी मसले पर टांग अड़ाने में नहीं चूकते, वे फलां-फलां नाजुक मुद्दे पर चुप क्यों हैं? ऐसी ही चुप्पी पिछले कई माह से हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर काफी भारी पड़...
    February 21, 07:01 AM
  • आम आदमी पार्टी से देश क्या आशा करे?
    दिल्ली में आम आदमी पार्टी की विजय अरविंद केजरीवाल का दिमाग वैसे ही फुला सकती है, जैसा कि 1984 में राजीव गांधी का फूल गया था और आठ माह पहले नरेंद्र मोदी का। राजीव गांधी, नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल को हम नेता न कहें, यह तो शुद्ध ज्यादती ही होगी, लेकिन आज के दिन यह सोचना जरूरी है कि तीनों में क्या समानताएं हैं और कहीं अरविंद भी उसी तरह नीचे नहीं लुढ़कने लगें, जैसे कि राजीव लुढ़के थे और मोदी का लुढ़कना शुरू हो गया है। राजीव को ढाई साल लगे। गली-गली में शोर मचने लगा। मोदी को नौ महीने भी नहीं लगे। दिल्ली ने...
    February 13, 07:30 AM
  • वरदान है यह हार भाजपा के लिए
    दिल्ली की जनता ने केंद्र सरकार को गाढ़ी नींद से जगा दिया है। इस धक्के से नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे प्रांतीय नेताओं को समझ में आ गया होगा कि पार्टी के राष्ट्रीय व स्थानीय नेताओं की उपेक्षा का क्या नतीजा होता है। दिल्ली में भाजपा को ऐसी हार मिली है, जैसी इस शहर में पहले किसी प्रमुख पार्टी को नहीं मिली। कांग्रेस के सफाए पर किसी को भी आश्चर्य या दुख नहीं है। उसके बारे में चर्चा करना भी जरूरी नहीं है, लेकिन भाजपा के लिए तो यह हार वरदान की तरह उतरी है। यदि इस चुनाव में भाजपा की करारी हार नहीं होती और...
    February 12, 05:53 AM
  • ‘आप’ दे सकती है विपक्ष को नेतृत्व
    दिल्ली का चुनाव नगर निगम के चुनाव से थोड़ा बड़ा है और प्रांतीय चुनावों से काफी छोटा है। फिर भी सारे देश का ध्यान इस स्थानीय चुनाव पर लगा हुआ है। इस चुनाव में कांग्रेस की तो गिनती ही नहीं है, जो दशकों तक इस राज्य की राजनीति पर हावी रही है। कांटे की लड़ाई अगर है तो भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी में है। दोनों पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी है। एक बिल्कुल नई और स्थानीय पार्टी है और दूसरी पुरानी और अखिल भारतीय पार्टी है, लेकिन ऐसा लग रहा है, जैसे कि दोनों बराबर की पार्टियां हैं।...
    February 7, 05:52 AM
  • वाग्जाल में लिपटी ओबामा की यात्रा
    सड़क चलते लोग ओबामा की भारत-यात्रा पर फिदा हो जाएं तो ओबामा को भी आश्चर्य नहीं होगा जबकि इस यात्रा के असली सत्य को उनसे ज्यादा कौन जानता है? दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के नायक को किसी देश का नेता उसके पहले नाम से पुकारे, इससे अधिक खुलापन और अनौपचारिकता आप कहां देखते हैं? यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति के इतिहास की अपूर्व-सी घटना लगती है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि सोवियत नेता ब्रेझनेव अपने पर निर्भर देश अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री को बबरक या करमाल कहकर बुला सकते थे? या भारत का कोई...
    January 31, 06:29 AM
  • ओबामा बदलें एशिया की तस्वीर
    अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा चार साल में दूसरी बार भारत आ रहे हैं। यूं तो आइजनहाॅवर, निक्सन, कार्टर, क्लिंटन और बुश आदि कई अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आ चुके हैं, लेकिन अपने कार्यकाल में दुबारा भारत आने वाले बराक ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। यूं भी अमेरिकी नेता भारत के साथ-साथ प्रायः पाकिस्तान भी जाते हैं या इसे उलटकर भी कह सकते हैं। वे पाकिस्तान जाते-जाते भारत पर भी मेहरबानी कर देते हैं। ओबामा इस बार सिर्फ भारत और भारत आ रहे हैं। इससे भी बड़ी बात यह कि वे गणतंत्र दिवस के मेहमान होंगे। वे...
    January 24, 01:33 PM
  • अदालतों से अंग्रेजी कब विदा होगी?
    भारत के उच्च न्यायालयों में भारतीय भाषाएं आखिर कब चलेंगी? उनसे अंग्रेजी कब विदा होगी? देश को आजाद हुए 67 साल से भी ज्यादा हो गए, लेकिन हमारी ऊंची अदालतों में अंग्रेजों की गुलामी ज्यों की त्यों बरकरार है। हमारे सारे कानून और अध्यादेश आदि भी अंग्रेजी में ही बनते हैं। हमारी अदालतों और संसद में गुलामी का यह दौर अभी तक क्यों जारी है? इसलिए जारी है कि संविधान की धारा 348 कहती है कि सर्वोच्च न्यायालय और सभी उच्च न्यायालयों की भाषा अंग्रेजी ही रहेगी। न तो न्यायाधीश अपने निर्णय हिंदी में या किसी भारतीय भाषा...
    January 17, 07:24 AM
  • पेरिस में पैगंबर के पैगाम की हत्या
    फ्रांस की व्यंग्य पत्रिका चार्ली एब्दॉ के पत्रकारों की हत्या विश्व-पत्रकारिता के इतिहास में सबसे काले दिन की तौर पर जानी जाएगी। हर वर्ष साहसी पत्रकारों की हत्या की खबरें हम सुनते ही रहते हैं, लेकिन पेरिस के इस हत्याकांड ने सारी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस हत्या के विरोध में सिर्फ यूरोप के ही लाखों लोग सड़कों पर नहीं उतर आए हैं, दुनिया के ईसाई, हिंदू, बौद्ध और यहां तक कि मुसलमानों ने भी इसकी कड़ी भर्त्सना की है। जो लोग चार्ली एब्दॉ पत्रिका की निर्मम टीका-टिप्पणी और कार्टूनों को पसंद नहीं करते,...
    January 10, 06:47 AM
  • सच्चे हिंदुत्व को दिखाती है ‘पीके’
    हमारे देश में आजकल हंसी-मजाक का दोहरा नाटक चल रहा है। एक नाटक सिनेमाघरों के अंदर चल रहा है और दूसरा उनके बाहर! सिनेमाघरों में फिल्म पीके चल रही है और सिनेमाघरों के बाहर फिल्म बिना देखे चल रही है। जो लोग इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं, उनसे पूछिए कि आपने वह फिल्म देखी है? तो मालूम पड़ा कि वे उसका विरोध उसे देखे बिना ही कर रहे हैं? क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उनके एक साथी ने उन्हें कहा है कि उसमें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है। यह बात मुझे भी चुभी। जब चार-पांच दिन पहले कुछ टीवी रिपोर्टरों ने मुझे...
    January 3, 04:11 AM
  • भारत रत्न स्वयं हुआ सम्मानित
    आज भारत रत्न के लिए अटलबिहारी वाजपेयी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था? उन्हें यह सम्मान कांग्रेस सरकार देती तो उससे बेहतर क्या होता, लेकिन यह श्रेय मोदी सरकार को ही मिलना था। अब तक कांग्रेसी अटलजी को गलत पार्टी में सही आदमी कहते रहे। अटलजी अभी भाजपा में हैं या नहीं, इसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है और अब वे सक्रिय राजनीति करेंगे, इसकी भी कोई संभावना नहीं रह गई है। ऐसे में कांग्रेस पुराने व्यंग्य को उलट सकती थी। वह कह सकती थी कि सही आदमी सही जगह पर है यानी अटलजी भारत रत्न हैं। वैसे भी आज देश में...
    December 27, 01:46 AM
  • पेशावर से शुरू हो सकता है नया दौर
    पेशावर में हुए हत्याकांड ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। अब तक वहां हजारों लोग आतंकवाद के शिकार हुए हैं, लेकिन डेढ़ सौ बच्चों और अध्यापकों की निर्मम हत्या ने पाकिस्तान के हुक्मरानों को भी जगा दिया है। पाकिस्तान के किसी प्रधानमंत्री ने पहली बार कहा है कि आतंकवादी अच्छे और बुरे नहीं होते। वे सब बुरे ही होते हैं। सभी प्रकार के आतंकवादियों का जब तक उन्मूलन नहीं हो जाएगा, हम चैन से नहीं बैठेंगे। पेशावर में मासूम बच्चों की हत्या के पहले तक पाकिस्तान की फौज और नेता भी यह मानते थे कि कुछ तालिबान...
    December 20, 01:06 AM
  • थोक धर्म परिवर्तन पर लगे रोक
    नरेंद्र मोदी सरकार की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। संसद का यह सत्र भी फिजूल की बहसों पर बलि चढ़ रहा है। पहले रामजादा और इस शब्द में ह उपसर्ग जोड़कर बने शब्द की बहस चली, फिर घर वापसी का तूफान उठा और फिर नाथूराम गोडसे गूंजने लगा। संसद का काम क्या इन्हीं मुद्दों पर मुठभेड़ करते रहना है? या फिर देश के महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर नीति निर्धारण करना व कानून बनाना है? जाहिर है कि ये मुद्दे मोदी की सरकार ने नहीं उठाए और न ही उसने इनका समर्थन किया है, लेकिन क्योंकि ये मुद्दे भाजपा के सांसदों व...
    December 13, 06:33 AM
  • एक तुकबंदी जो संसदबंदी बन गई
    मोदी सरकार की एक महिला राज्य मंत्री अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। उनके रामजादा वाले बयान को यह कहकर टाला जा सकता था कि यह तो महज तुकबंदी है। घटिया तुकबंदी। गनीमत है कि इस शब्द को हथियार बनाकर, जिन लोगों पर हमला किया गया है, वे गजब की परिपक्वता और संयम का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने अपना कद ऊंचा कर लिया है, लेकिन जो लोग संसद में शोर मचा रहे हैं, वे साध्वी निरंजन ज्योति का इस्तीफा मांगकर अपना ही नुकसान कर रहे हैं। यदि प्रधानमंत्री अपनी महिला राज्य मंत्री को बर्खास्त कर देते तो इससे प्रतिपक्ष का क्या...
    December 6, 07:50 AM
  • दक्षेस देशों पर भारत भय भारी
    दक्षेस का 18वां सम्मेलन काठमांडू में हुआ, लेकिन यह सवाल दक्षेस-नेताओं से पूछा जाना चाहिए कि यह क्षेत्रीय संगठन क्या 18 कदम भी आगे बढ़ पाया है? यह ठीक है कि सदस्य राष्ट्रों के बीच तू-तू मैं-मैं नहीं हुई, लेकिन औपचारिक प्रस्तावों के अलावा क्या हुआ? इस संगठन को 30 साल हो रहे हैं, लेकिन इतने वर्षों में वह अपना नाम भी नहीं ढूंढ़ पाया। अभी भी उसे सार्क कहा जाता है। क्या दक्षिण एशिया की सारी भाषाएं इतनी निर्बल हैं कि वे उसे आम आदमी के समझने लायक नाम भी न दे सकें? दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) नाम अब...
    November 29, 06:33 AM
  • ढोंगी साधुओं के खिलाफ शंखनाद हो
    हरियाणा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय बधाई के पात्र हैं। यदि उन्होंने धीरज और संयम से काम नहीं लिया होता तो बरवाला के सतलोक आश्रम की मुठभेड़ में सैकड़ों लोग मारे जाते। रामपाल के आश्रम में तैयारी उतनी घातक तो नहीं पर उसी तर्ज पर थी, जो 1984 में भिंडरावाला ने स्वर्ण मंदिर में कर रखी थी। महीनों तक चलने वाली रसद, रिवाॅल्वर, बंदूकें, बम-गोले और तेजाब की बोतलें क्या-क्या नहीं मिला है, रामपाल के आश्रम से! रामपाल ने पुलिस पर हमला बोलने के लिए सेवानिवृत्त फौजियों की सेना भी खड़ी कर रखी थी। घायलों के इलाज के लिए...
    November 22, 07:22 AM
  • पाक से रिश्तों पर जेटली की लक्ष्मण रेखा
    नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की शपथ ली थी, उस दिन ऐसा लग रहा था कि दक्षिण एशिया में नए सूर्य का उदय हो रहा है। पिछले 67 साल से दक्षिण एशिया के पैरों में बंधी बेड़ियां अब टूटने ही वाली हैं। दक्षिण एशिया की एकता और समृद्धि के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा है- भारत-पाक संबंध! यों तो अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध नरम-गरम होते रहते हैं, लेकिन उनके साथ दुश्मनी या युद्ध की नौबत कभी नहीं आती। इस बार सारे विरोधों के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का हमारे प्रधानमंत्री के शपथ-समारोह में आना इस...
    November 8, 03:04 AM
  • बाबुओं को शाह से सेवक कैसे बनाएं?
    केंद्र सरकार ने अपने खर्च में से 10 प्रतिशत की कटौती करने की जो घोषणा की है, उसका तो खुले दिल से स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन हम लगे हाथ यह प्रश्न भी पूछ लें तो किसी को बुरा नहीं लगना चाहिए कि सरकार में फिजूलखर्ची क्या सिर्फ 10 प्रतिशत ही होती है? अधिकाधिक सुशासन और न्यूनतम शासन का नारा लगाने वाली मोदी सरकार से ही यह सवाल पूछा जा सकता है। पिछली सरकारें तो वोट की खातिर नोट और नौकरियां झोलों में भर-भरकर बांट रही थीं। उस बंदरबांट का सुशासन से कोई लेना-देना नहीं था, इसीलिए भारत की सरकार बेहद वजनदार हो...
    November 1, 06:13 AM
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