वेद प्रताप वैदिक
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  • अब लोकपालिका को सौंपें उत्तराखंड
    उत्तराखंड में जैसी संवैधानिक नौटंकी आजकल चल रही है, वैसी आज तक किसी भी राज्य में नहीं चली। अब सर्वोच्च न्यायालाय ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। कौन-सी संवैधानिक संस्था है, जिसका मजाक नहीं बन रहा है? क्या तो राज्यपाल, क्या मुख्यमंत्री, क्या विधानसभा अध्यक्ष, क्या उच्च न्यायालय, क्या केंद्र सरकार और क्या राष्ट्रपति- सभी की छवि धूमिल हो रही है। राज्यों में राष्ट्रपति शासन दर्जनों बार थोपा गया है। कई बार शुद्ध संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए थोपा गया, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि...
    April 23, 03:41 AM
  • विचारों का यह खेल खतरनाक
    भारत माता की जय को लेकर छिड़ा विवाद बिल्कुल बेतुका है। अनावश्यक है। न तो इसका इस्लाम से कुछ लेना-देना है और न ही यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बपौती है। क्या भारत माता की जय का नारा संघ का दिया हुआ है? संघ का जन्म 1925 में नागपुर में हुआ। भारत माता की जय का नारा क्या 1925 में ही शुरू हुआ? बाल गंगाधर तिलक, बदरुद्दीन तैयबजी, लाला लाजपतराय, दादाभाई नौरोजी, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद और हकीम अजमल खान कौन-सा नारा लगाते थे? क्या ये सब महान नेता संघ के स्वयंसेवक थे?...
    April 9, 04:18 AM
  • आतंक का इलाज इस्लाम ही करे
    बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हुए आतंकी हमले से सारी दुनिया में कंपकंपी दौड़ गई है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि यूरोप-जैसे सुशिक्षित, मालदार और सुरक्षित राष्ट्रों में ऐसे भयंकर आतंकी हमले क्यों होते रहते हैं? जहां तक बेल्जियम का प्रश्न है, वह देश छोटा जरूर है, लेकिन वह सही अर्थों में यूरोप की राजधानी है। बेल्जियम नाटो और यूरोपीय संघ का मुख्यालय है। इस देश में दुनिया की सबसे ताकतवर फौज और सबसे मालदार देशों का आर्थिक संगठन है। यूरोप या बेल्जियम की तुलना पाकिस्तान या अफगानिस्तान से भी नहीं...
    March 26, 03:05 AM
  • माल्या जैसों पर सख्ती क्यों नहीं?
    किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या को लेकर संसद में पक्ष और विपक्ष के नेता जिस तरह से भिड़े, वह यह बताता है कि माल्या नहीं, हमारी राजनीति कितनी दीवालिया हो गई है। जो विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि सरकार ने माल्या को जान-बूझकर देश से भागने दिया, क्या उससे यह नहीं पूछा जाना चाहिए कि सरकारी बैंकों को अरबों रुपए उसे किसने दिलाए थे? किसके राज में उसने किंगफिशर कंपनी के लिए कर्ज पर कर्ज पटा लिए थे। डूबती हुई किंगफिशर को इतने मोटे-मोटे कर्ज क्या बिना राजनीतिक दबाव के मिल गए होंगे? राज्यसभा की दो बार...
    March 12, 04:15 AM
  • मोदी सरकार का आज पहला दिन शुरू
    भाजपा सरकार के दूसरे बजट में वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बीच तरक्की की राह खोजने की कोशिश की गई हैं। दैनिक भास्कर के प्रखर लेखकों के अलावा पूर्व वित्तमंत्री, उद्योग जगत व शेयर बाजार के लीडर, प्रमुख बैंकर और विश्लेषक बता रहे हैं बजट की खामियां और खूबियां- रेटिंग : 6/10 यह अच्छा किया पूरा बजट भाषण सुनकर मुझे ऐसा लगा कि मोदी सरकार का आज पहला दिन शुरू हुआ है। पिछले पौने दो साल तो उसने सिर्फ प्रचार में खो दिए, अब शायद वह काम करना शुरू कर दे। जो कुछ अरुण जेटली ने कहा है, अगर उसे सरकार लागू कर दे तो...
    March 1, 04:55 AM
  • हेडली की गवाही, अमेरिकी चकमा
    डेविड कोलमेन हेडली की गवाही का कोई ठोस नतीजा निकले या नहीं निकले, लेकिन एक बात तय है कि भारत-पाक संबंधों पर उसका गहरा और लंबा असर पड़ेगा। हेडली कोई जन्मजात अमेरिकी नहीं है। वह मूलतः पाकिस्तानी है। उसका असली नाम दाऊद गिलानी है। पहला सवाल तो यही उठता है कि गिलानी कैसे हेडली बन गया? उसे नाम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? यदि उसे पाक-अफगान सीमांत पर तस्करी ही करनी थी तो गिलानी नाम हेडली से कहीं बेहतर रहता, लेकिन उसने यह अमेरिकी नाम इसलिए रख लिया, क्योंकि उसे भारत में काम करना था। वह तो भारत आया था एक...
    February 13, 04:30 AM
  • हम किसे चुनें चार्वाक या गांधी?
    आजादी के बाद महात्मा गांधी का अपने चेलों से जैसा मोहभंग हुआ, वैसा किसी नेता, किसी गुरु या किसी महात्मा का नहीं हुआ होगा। गांधीजी ने सादगी को अपना आदर्श बनाया और उस पर अमल करके दिखाया। उन्होंने कांग्रेस को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनाया और करोड़ों लोगों को सादगी का पाठ पढ़ाया, लेकिन ज्यों ही देश आजाद हुआ, कांग्रेसी नेताओं की 30 साल से दबी वासनाओं ने जोर मारा और वे सब अंग्रेजों की नकल करने लगे। गोरे अंग्रेज तो चले गए, लेकिन उनकी जगह काले अंग्रेज आ गए। नेता किसी भी पार्टी के हों, सबका...
    January 30, 03:05 AM
  • यह दिखावा है या हृदय परिवर्तन?
    भारत पाक विदेश सचिवों की वार्ता जिस ढंग से टली है, उससे पता चलता है कि दोनों देशों ने अपूर्व कूटनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया है। न तो भारत ने अपना ठीकरा पाकिस्तान के सिर फोड़ा है और न ही पाकिस्तान ने भारत के सिर! दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच निश्चय ही संवाद हुआ है और दोनों ने मिलकर यह संयुक्त फैसला किया है। जरा हम याद करें, पिछले उन दो मौकों को जब वार्ताएं टूटी थीं। एक हुर्रियत के बहाने और दूसरी कश्मीर के बहाने! दोनों सरकारों ने एक-दूसरे के सिर पर छप्पर रखने की कोशिश की थी। दोनों सरकारें...
    January 16, 04:23 AM
  • ये संकल्प करें तो चमत्कार हो जाए
    नए साल पर आमतौर पर लोग एक-दूसरे को बधाइयां, शुभकामनाएं देते हैं। आम और खास सभी लोग अपनी सरकारों से कई अपेक्षाएं करते हैं। किंतु क्या इस मौके पर हर आदमी कोई शुभ-संकल्प करता है? क्या हम 2016 को बेहतर बनाने के लिए कमर कसेंगे? क्या हम प्रतिज्ञा करेंगे कि नए साल में हम ये काम करेंगे, ये नहीं करेंगे? तो आइए, पहले हम वे संकल्प लें, जो खुद कर सकते हैं। सबसे पहला संकल्प यही करें कि न तो हम रिश्वत देंगे और न ही लेंगे। प्रायः रिश्वत तभी दी जाती है, जब हम कोई गलत काम करवाना चाहते हैं। संकल्प यह भी करें कि थोड़ा नुकसान...
    January 2, 05:28 AM