वेद प्रताप वैदिक

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  • भारत ईंट का जवाब पत्थर से क्यों न दे?
    उड़ी में हुए आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब चाहे भारत सरकार न दे सकी हो, लेकिन कूटनीतिक दृष्टि से पाकिस्तान सारी दुनिया में बदनाम हो गया है। पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस बार संयुक्त राष्ट्र यह सोचकर गए थे कि कश्मीर में चल रहे कोहराम को जमकर भुनाएंगे। भारत को बदनाम करेंगे और कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना देंगे, लेकिन लेने के देने पड़ गए। उड़ी ने पाकिस्तान की सारी चौपड़ को हवा में उड़ा दिया। मियां नवाज़ के हर तर्क का जवाब भारतीय प्रवक्ताओं ने जमकर तो दिया ही, सबसे मजेदार बात यह हुई कि जिस भी विदेशी...
    September 24, 04:53 AM
  • कश्मीर पर अब खुलेगा शिवजी का त्रिनेत्र
    कश्मीर के घायल नौजवानों के प्रति हमदर्दी जताने के लिए केंद्र सरकार ने क्या-क्या नहीं किया? प्रधानमंत्री अौर गृह मंत्री ने उन्हें हमारे बच्चे तक कहा। उनके कंधों पर मधुर बयानों का मरहम भी लगाया। खुद गृहमंत्री कश्मीर भी गए। बाद में सभी राजनीतिक दलों का प्रतिनिधिमंडल भी गया। घायल नौजवानों के इलाज का भी इंतजाम किया। प्रदर्शनकारियों पर छर्रों का इस्तेमाल भी बंद किया गया। गृहमंत्री पहले हुर्रियत से बात करने को राजी नहीं थे। फिर राजी भी हो गए, लेकिन दो माह से चल रही मशक्कत का नतीजा क्या निकला? सिर्फ...
    September 10, 03:25 AM
  • अब भारत-पाक का प्रचार दंगल बंद हो
    पिछले पंद्रह दिनों से कश्मीर और बलूचिस्तान पर जैसी राजनीितक उठापटक चल रही है, वैसी पहले कम ही चली है। कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच नोंक-झोंक तो हो ही रही है, भारत के अंदर भी नए-नए रुझान सामने आ रहे हैं। हमारी विदेश नीति और गृह नीति में काफी उथल-पुथल नज़र आ रही है। यदि हम प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री के बयानों पर ध्यान दें तो लगता है कि जैसे कोई शिशु-दौड़ चल रही है। लड़खड़ाहट बनी हुई है। कभी गिर रहे हैं, कभी उठ रहे हैं। फिर संभल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर पर अटलबिहारी...
    August 27, 04:08 AM
  • दोनों कश्मीर पुल बनें, बात हो तो सबसे हो
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 32 दिन बाद अपना मौन तोड़ा और अटलजी के पुराने नारे की शरण ली। कहा कि कश्मीर का मामला हल जरूर होगा, इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत के दायरे में रहकर, लेकिन आज कोई नहीं जानता कि कश्मीर की जनता को संतुष्ट करने का गुरुमंत्र क्या है? भारत की संसद में कश्मीर पर जो बहस हुई, उससे साफ जाहिर होता है कि भारत के लोग कश्मीरियों को विदेशी, अजनबी या देशद्रोही नहीं समझते। वे कश्मीरियों के दुख में दुखी हैं। पाकिस्तान के लिए कश्मीर की खूंरेजी राजनीतिक मुद्दा, कूटनीतिक मौका तथा...
    August 13, 04:31 AM
  • महाशक्ति बनना है तो शिक्षा में लाएं क्रांति
    जब तक शिक्षा में क्रांति नहीं होती, भारत महाशक्ति नहीं बन सकता, लेकिन दुर्भाग्य है कि हमारे नेताओं ने इस रहस्य को अभी तक समझा ही नहीं। 1968 में छपी ज्यां जेक्स सरवन श्राइबर की किताब, द अमेरिकन चैलेंज ने जब इस रहस्य को खोला तो दुनिया में तहलका मच गया। श्राइबर ने सिद्ध किया कि जो अमेरिका दूसरे महायुद्ध के पहले तक यूरोप के छोटे-छोटे राष्ट्रों से कर्ज लेता था और अपने बच्चों को वहां पढ़ने भेजता था, वह दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश इसीलिए बन गया, क्योंकि उसने शिक्षा पर जबर्दस्त ध्यान दिया। किंतु भारत में तो...
    July 30, 03:56 AM
  • आज़ादी मांगें पर अलगाव की बातें बंद करें
    जैसा हमेशा होता आया है, वैसा ही अब भी हो रहा है। बुरहान वानी की मौत के बाद हिंसा भड़की। लगभग 40 लोग मारे गए, 1400 घायल हो गए। कर्फ्यू लग गया। हालात काबू में आ गए। अखबारों के मुखपृष्ठों से खिसककर कश्मीर अंदर के पन्नों पर चला गया। टीवी चैनलों के लिए कई ताज़े मुद्दे उभर आए। कश्मीर में चलने वाली दोतरफा हिंसा इतनी लंबी और उबाऊ हो गई है कि लोग अब उसकी खास परवाह भी नहीं करते। न सरकार को कोई रास्ता सूझ रहा है और न कश्मीर के अलगाववादियों को! दोनों ही एक अंधी और अनंत सुरंग में प्रवेश कर गए हैं। मुफ्ती साहब और...
    July 16, 03:50 AM
  • काश! मोदी ने जो कहा, आचरण भी वही रहे
    नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के दो साल बाद इस सप्ताह ऐसा काम किया है, जो किसी भी अच्छे प्रधानमंत्री को हर माह करना चाहिए और हर माह न कर सके तो कम से कम तीन माह में एक बार तो अवश्य करना चाहिए। कौन-सा काम है यह? यह काम है, जनता से सीधे मुखातिब होने का। आम सभाओं और जलसों के द्वारा भी प्रधानमंत्री आम जनता से मुखातिब होते ही रहते हैं और मोदी तो सबसे ज्यादा होते हैं, लेकिन वह एकतरफा संवाद होता है। वे जब पत्रकारों से बात करते हैं तो सीधा जनता से ही दोतरफा संवाद होता है। पत्रकार अक्सर वे ही सवाल नेताओं से...
    July 2, 04:14 AM
  • एकजुट यूरोप का सपना भंग करता ब्रिटेन
    ब्रिटेन अब यूरोपीय संघ से अलग हो गया है। यह फैसला न तो यूरोपीय संघ के 28 सदस्य-राष्ट्रों ने किया है और न ही ब्रिटेन की सरकार ने। यह फैसला किया है, ब्रिटेन की जनता ने। 48 प्रतिशत मतदाता चाहते थे कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ में बना रहे, लेकिन 52 प्रतिशत मतदाताओं ने उससे बाहर निकलने का समर्थन कर दिया। सिर्फ चार प्रतिशत मतदाताओं ने बाजी पलट दी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड केमरन ने पूरी ताकत झोंक दी, इसके बावजूद जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने का फैसला कर लिया। इसका नतीजा क्या हुआ? जैसे ही जनमत-संग्रह के परिणाम सामने...
    June 25, 03:02 AM
  • राज्यसभा का चुनाव भी जनता करे
    अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने जो बात लोकतंत्र के लिए कही थी, वही बात उलटकर मैं हमारी राज्यसभा के लिए कहना चाहता हूं। हमारी राज्यसभा राज्यों की सभा नहीं रह गई हैं। वह नेताओं के लिए, नेताओं द्वारा, नेताओं की सभा बन गई है। इसका न तो राज्यों से कोई सीधा संबंध रह गया है और न ही जनता से भी। राज्यसभा नेताओं के जेब का खिलौना बन गई है, इसीलिए भ्रष्टाचार की सारी तरकीबें राज्यसभा के चुनाव में अपनाई जाती हैं। अभी-अभी संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों को लेकर कर्नाटक, उत्तरप्रदेश और हरियाणा में जो नौटंकी हुई,...
    June 18, 02:51 AM
  • देश में बढ़ते भीड़तंत्र का नतीजा
    मथुरा में हुआ हत्याकांड और गुलबर्ग सोसायटी का फैसला- क्या ये दोनों हमारे सार्वजनिक जीवन में फैले जहर को उजागर नहीं करते? क्या हमारे लोकतंत्र में यह बढ़ते हुए भीड़तंत्र का प्रमाण नहीं है? अपने आपको सत्याग्रही बताने वाले लगभग तीन हजार लोगों ने मथुरा में वह कर दिखाया, जो अब से लगभग 100 साल पहले चौराचोरी में हुआ था। भीड़ ने पुलिस वालों को जिंदा जला दिया था। महात्मा गांधी ने सत्याग्रह वापस ले लिया था। मथुरा के जवाहर बाग में पुलिस के दो अफसरों की हत्या कर दी गई। ये हत्याएं अचानक नहीं हुईं।...
    June 4, 06:07 AM