September 7, 12:05
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जब भी किसी पुराने शास्त्र, विचार, सिद्धांत पर बात करनी हो, शब्द नए होने चाहिए, एकदम ताजे। भले ही भाव, अर्थ वही हों, जो हजारों साल पहले रहे होंगे। जैसे रुपए-पैसे भी लगातार चलते हुए घिस जाते हैं, वैसे ही शब्द भी कुट-पिट जाते हैं।
शब्दों को ताजा रखने के लिए कम बोलने का प्रयोग करें। अधिक बोलने से शारीरिक शक्ति का ही नुकसान नहीं होता, बल्कि शब्दों की ताकत भी क्षय होती है। अधिक बोलने का सीधा...