April 16, 06:36
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घर-परिवार में रहते हुए कई बार अपने ही सदस्यों का आचरण हमारे साथ ऐसा हो जाता है जैसे वे आक्रमण कर रहे हों। घरों में किए गए युद्ध, चूंकि नियमित रूप से घोषित नहीं होते, इसलिए भले ही युद्ध जैसे न लगें, पर शीतयुद्ध चलते ही रहते हैं। अपनी विजय की कामना और दूसरे को पराजित करने की...