December 15, 12:58
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ईश्वर जिन-जिन बातों को लेकर आश्चर्यचकित है, उनमें से एक है आदमी का भीतर और बाहर से अलग-अलग व्यक्तित्व का होना।
परमात्मा यह लगातार सोच रहा है कि मैंने इसे यह नहीं सिखाया था, पर यह इंसान कहां से सीख गया; मन, वचन और कर्म में भेद करना। इंसान सोचता कुछ और है, बोलता कुछ और...