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जीवन दर्शन
 
 
 
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  • December 10, 04:53
     
    वाल्मीकि  रामायण में एक बड़ा ही प्रेरक प्रसंग आता है। जब श्रीराम ने रावण का वध करके लंका विजय कर ली, तब उन्हें सर्वप्रथम विभीषण का राजतिलक कर उसे लंका के सिंहासन पर आसीन करना था। इस कार्य के लिए उन्होंने लक्ष्मण को चुना।   लक्ष्मण से श्रीराम ने कहा - 'लक्ष्मण! तुम...
     

  • December 7, 11:07
     
    सिकंदर  की विश्व विजय से सभी परिचित हैं। उसने अपने इस विजय-अभियान से अपार धन-दौलत कमाई। तत्कालीन समय में वह सर्वाधिक अमीर बादशाह था। इस अपार धन-संग्रह से उपजी ताकत ने उसे अहंकारी बना दिया था। उसे लगता था कि उसका मुकाबला कोई नहीं कर सकता और वह सर्वशक्तिमान है।   ...
     

  • December 7, 12:04
     
    एक  विलासी बादशाह था। वह सभी प्रकार के व्यसन और दुराचार करता तथा अपने वजीर से कहता- ‘मनुष्य का जन्म बार-बार नहीं मिलता है, इसलिए खूब भोग करो और आनंद लो।’ वजीर बहुत भला था। उसे बादशाह की आदतों व आचरण से बड़ा कष्ट होता।   कभी-कभी अवसर देखकर वह बादशाह को समझाने का...
     

  • December 6, 12:22
     
    एक दिन गांधीजी सेवाग्राम में घूमने निकले। साथ में उनके कुछ सहयोगी भी थे। स्वराज को लेकर चर्चा हो रही थी और गांधीजी सभी के विचार सुन रहे थे। साथ ही अपनी राय भी व्यक्त कर रहे थे।   इस भ्रमण के दौरान गांधीजी की दृष्टि मार्ग में पड़े पूनी के एक छोटे-से टुकड़े पर गई।...
     

  • December 5, 12:05
     
    चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री चाउ एन लाइ भारत आए हुए थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू खासे उत्साहित थे। चीनी प्रधानमंत्री के सत्कार में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए नेहरूजी स्वयं सभी व्यवस्थाओं पर निगरानी रख रहे थे।   विशिष्ट अधिकारियों की पूरी टीम चाउ एन लाइ के आतिथ्य में...
     

  • December 3, 11:10
     
    एक  विख्यात संत थे। दूर-दूर से शिक्षा प्राप्त करने शिष्यगण उनके पास आते थे। उनके अनेक शिष्यों में दो उन्हें अति प्रिय थे, क्योंकि दोनों बहुत धार्मिक वृत्ति के थे। दोनों नित्य प्रात:काल जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पूजा-पाठ में लग जाते।   चार घंटे की पूजा के बाद वे...
     

  • December 3, 07:56
     
    महारानी  विक्टोरिया की पुत्री थी ऐलिस। ऐलिस को विवाहोपरांत एक पुत्र हुआ। ऐलिस अपने नन्हें पुत्र का हर प्रकार से ख्याल रखतीं और निरंतर उसके साथ ही बनी रहती थीं। हालांकि बच्चे का ध्यान रखने के लिए घर में नौकर-चाकरों की कमी नहीं थी, किंतु ऐलिस अपनी संपूर्णता में बस...
     

  • December 1, 01:07
     
    रामगढ़ रियासत के महाराज हरिसिंह का एकमात्र पुत्र था अभय। उसकी उम्र थी सोलह वर्ष। अचानक उसे किसी ऐसी बीमारी ने आ घेरा कि वह दिनोंदिन दुर्बल होने लगा। राजवैद्य सहित राज्य के सभी वैद्यों ने उसका उपचार किया, किंतु वह स्वस्थ नहीं हुआ।   राजकुमार के ठीक न होने का कारण यह...
     
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