March 22, 01:15
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काशी में ब्रह्मदत्त का राज्य था। उसके राज्य में एक पद ‘अर्धकारक’ का था। ‘अर्धकारक’ विभिन्न वस्तुओं का मूल्य निर्धारण करता था। हाथी, घोड़े, सोना, चांदी, हीरे, मोती, मकान, दुकान आदि सभी का मूल्य निश्चित कर वस्तु के मालिक को उचित मूल्य दिलवाना उसका काम था। उस समय इस...