January 7, 11:36
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एक समय की बात है। कानपुर में गंगा के किनारे बैठकर एक भिखारी भीख मांगा करता था। भिक्षा में उसे जो कुछ भी मिलता, उससे ही वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके हाथ में एक कटोरा होता था, जिसे वह हर आने-जाने वाले के सामने बढ़ा देता।
जिसे जो डालना होता, वह डाल देता,...