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रांची यूनिवर्सिटी का अभिमन्यु बना 'नेट' का नेशनल टॉपर

राकेश | Sep 13, 2013, 01:13AM IST
रांची यूनिवर्सिटी का अभिमन्यु बना 'नेट' का नेशनल टॉपर

रांची. रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) से मैथ्स से पीजी करने वाले अभिमन्यु कुमार ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में देशभर में टॉप किया है। कुल 200 अंकों की परीक्षा में अभिमन्यु को पहला रैंक मिला। नेट का रिजल्ट गुरुवार को जारी हुआ। इस परीक्षा में अभिमन्यु समेत आरयू पीजी मैथ्स डिपार्टमेंट के सात छात्र सफल रहे।


सिमडेगा के कोलेबिरा निवासी अभिमन्यु ने राज्य संपोषित हाई स्कूल, कोलेबिरा से मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की थी। रांची यूनिवर्सिटी के मारवाड़ी कॉलेज से इंटर और स्नातक (मैथ्स ऑनर्स) की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी से पास की। इसके बाद आरयू से पीजी (मैथ्स) में भी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण रहे। अब नेट की परीक्षा में भी देश में अव्वल स्थान प्राप्त कर झारखंड का नाम रोशन किया।


सीयूजे में हैं असिस्टेंट प्रोफेसर


आठ महीने पहले सेंट्रल यूनिवर्सिटी झारखंड में असिस्टेंट प्रोफसर पद के लिए हुए साक्षात्कार में भी उन्होंने पहला स्थान हासिल किया था। ट्यूशन पढ़ाकर पीजी तक की पढ़ाई पूरी करने वाले अभिमन्यु कहते हैं कि उनमें बचपन से ही पढ़ने-पढ़ाने का जज्बा रहा है। वे आगे और भी पढ़ाई करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने आईएएस और आईपीएस के बजाय टीचिंग लाइन में करियर बनाने की ठानी।


दक्षिणा से चलता है घर


अभिमन्यु ने कहा कि उनके पिता चिंतामणि गांव में घर-घर जाकर पूजा-पाठ कराते हैं। यजमानों से मिली दक्षिणा से ही परिवार का भरण पोषण होता है। ऐसे में वे निजी स्कूलों में महंगी फीस देकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं थे। इसीलिए उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ने के साथ ही घर पर पढ़ाई जारी रखी।


वे अपनी फीस भरने और खर्च चलाने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। सीयूजे में नौकरी मिलने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। अभिमन्यु अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचा शिवपति और पीजी विभाग के शिक्षकों को देते हैं। उनका कहना है कि उनके चाचा लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे। यही कारण है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद वे इस मुकाम तक पहुंचे।


जरूरतमंदों को मुफ्त पढ़ाएंगे


अभिमन्यु ने कहा, ‘मैंने आर्थिक तंगी झेलते हुए पढ़ाई पूरी की है। मुझे पता है कि पैसे की कमी से पढ़ाई में कितनी परेशानी आती है। इसलिए मैंने तय किया है कि गरीब मेधावी छात्रों को वे मुफ्त पढ़ाएंगे और प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएंगे।’


पहले भी मिला था 28वां रैंक


पिछले वर्ष भी नेट परीक्षा में अभिमन्यु ने सफलता हासिल की थी। तब उसे 28वां रैंक मिला था। लेकिन वह शीर्ष पर रहना चाहता था। और आखिरकार उसने यह मुकाम हासिल कर लिया। पिछले 25 सालों में मैथ्स डिपार्टमेंट के केवल एक छात्र ने नेट पास किया था। मगर पिछली दो परीक्षाओं में सात-सात छात्र सफल रहे।


-डॉ एनके अग्रवाल, पूर्व एचओडी,


मैथ्स पीजी डिपार्टमेंट


 

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