Home » Union Territory » New Delhi » News »

Arun Binjola | Sep 13, 2013, 12:07PM IST

नई दिल्ली। भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्‍मीदवार घोषित किए जाने का असर दिखने लगा है। भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ डूसू के चुनाव में शीर्ष चार में तीन पदों पर विजय हासिल कर कांग्रेस के भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के हाथों से डूसू का नियंत्रण छीन लिया है।


एवीबीपी के उम्मीदवार अमन अवाना और उत्कर्ष चौधरी क्रमश अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए जबकि राजू रावत एवीबीपी संयुक्त सचिव चुने गए। केवल सचिव पद ही एनएसयूआई को संतोष करना पड़ा है। इस पद पर एनएसयूआई की करिश्मा ठाकुर सचिव चुनी गई हैं। डूसू के लिए कल चुनाव हुए थे, जिसमें करीब 40 फीसदी मतदान हुआ था।


एनएसयूआई को ऐसे समय झटका लगा है जब सालभर पहले ही उसने शीर्ष तीन पद जीतकर डूसू चुनाव में अपना परचम लहराया था। इस बार चुनाव अभियान महिला सुरक्षा एवं चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पर केंद्रित रहा। इस बार चुनाव में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए 12-12, सचिव के लिए 17, और संयुक्त सचिव के लिए 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। नवंबर में होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डूसू चुनाव के नतीजे को काफी अहम माना जा रहा है।


फोटो कैप्‍शन: डूसू अध्‍यक्ष पद पर निर्वाचित हुए एबीवीपी के अमन अवाना, उपाध्‍यक्ष उत्‍कर्ष चौधरी और संयुक्‍त सचिव पद पर राजू रावत चुने गए।

  
KHUL KE BOL(Share your Views)
 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

Email Print
0
Comment