इलाज में लापरवाही, अस्पताल पर केस
गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन में रहने वाले सिद्धार्थ पूनिया की अपील पर स्थानीय कोर्ट ने सुशांत लोक थाना पुलिस को फोर्टिस अस्पताल के हॉस्पिटल के कार्यकारी निदेशक मलविंद्र सिंह, चार डॉक्टर समेत तीन अन्य नामजद लोगों के खिलाफ लारपरवाही बरतने को लेकर मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद देर रात पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
पीडि़त बच्ची के पिता ने कोर्ट को दिए बयान में बताया कि उनकी चार साल की बेटी रित्वी के जोड़ों में दर्द की शिकायत थी। इसे लेकर गुडग़ांव स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था। नवंबर में डॉक्टरों ने उस दर्द से संबंधित कुछ टेस्ट कराए। पिता का आरोप है कि पहले टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दूसरा और फिर तीसरा टेस्ट करवाया। इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंप दी गई। जिसमें उन्हें रिपोर्ट में रोग को पॉजीटिव बताया।
पिता का आरोप है कि रिपोर्ट में पहले और तीसरे टेस्ट में रेफरेंस रेंज में भारी अंतर देखने के बाद उन्होंने दोबारा टेस्ट कराए तो उसमें रिपोर्ट सामान्य बताई गई। ऐसे में काफी समय बीत गया। पिता का आरोप है कि इसके कारण बच्ची की तकलीफ कम होने की बजाय और भी अधिक बढ़ गई।
इसके बाद उन्होंने स्थानीय कोर्ट में अपील करने के बाद सुशांतलोक थाना पुलिस ने शनिवार रात मामला दर्ज कर लिया। इस बारे में फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट की प्रवक्ता का कहना है कि हमारी तरफ से जो भी रिपोर्ट दी गई है वो पूरी तरह है सही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।



