आपसी संवाद के लिए वायरलेस का इस्तेमाल कर रहे नक्सली
Matrix News
| Sep 08, 2012, 05:07AM IST
आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल के मामले में नक्सली, केंद्र सरकार पर भारी पड़ रहे हैं। जहां सरकार नक्सली इलाकों में संवाद मजबूत करने के लिए मोबाइल टॉवर लगाने को लेकर दो साल से एक ही जगह स्थिर है, वहीं नक्सलियों ने इस मामले में अपनी स्थिति मजबूत करनी शुरू कर दी है। उन्होंने आपसी संवाद के लिए वायरलेस सेट का उपयोग शुरू कर दिया है।
सुरक्षा एंजेसियों ने हाल ही में नक्सलियों के ठिकानों पर दबिश देकर जब कुछ बड़े नक्सली नेताओं को गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो वायरलेस सेटों की बरामदगी ने उनके होश उड़ा दिए। इस खुलासे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी नक्सलियों के संवाद तंत्र को भेदने के लिए नए सिरे से रणनीति बनानी शुरू की है। हालांकि मंत्रालय के अधिकारी मानते हैं कि नक्सलियों के इस कदम से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में संवाद तंत्र बेहतर करना होगा। अगर इन इलाकों में जल्द मोबाइल टॉवर नहीं लगाए जाते हैं तो सुरक्षा बलों को संवाद के मोर्चे पर समस्या हो सकती है।
ओडीशा, झारखंड में मिले 20 वायरलेस सेट
सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों के पास चीन निर्मित एक कंपनी के वायरलेस सेट मिले हैं। ओडीशा और झारखंड में करीब 20 वायरलेस सेट जब्त किए गए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में भी नक्सलियों की ओर से आपसी संवाद में वायरलेस सेट के उपयोग करने की बात सामने आई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ‘नक्सली वायरलेस सेट का उपयोग एक खास रणनीति से कर रहे हैं। उन्हें पता है कि मोबाइल की तुलना में इसकी फ्रिक्वेंसी के आधार पर असल लोकेशन मालूम करना थोड़ा मुश्किल होता है।’ इस अधिकारी ने कहा, ‘इसके अलावा नक्सलियों ने संवाद के लिए कूट भाषा का उपयोग भी शुरू कर दिया है। इसे डी-कोड करने या कोड तोडऩे के लिए समय की जरूरत है। ऐसे में सुरक्षा बलों के सामने कुछ समस्या आना तय है।’








