प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी के खिलाफ हुआ एक विद्रोह
Source: Bhaskar News | Last Updated 00:11(27/12/11)
ग्रेटर पोलैंड विद्रोहः यह वर्ष 1918-1919 के दौरान ग्रेटर पोलैंड इलाके में जर्मनी के खिलाफ हुआ एक पोलिश सैन्य विद्रोह था, जिसका मकसद स्वतंत्र पोलैंड की स्थापना था। इस विद्रोह की योजना प्रथम विश्वयुद्ध के बाद से ही बनने लगी थी, जिसे 9 नवंबर 1918 को जर्मनी में राजशाही के पतन के साथ और बल मिला।
27 दिसंबर 1918 को ग्रेटर पोलैंड के पोजनन इलाके से इस विद्रोह की शुरुआत हुई थी। विद्रोही सेना में पोलिश मिलेट्री ऑर्गनाइजेशन के कई सदस्य शामिल थे। 15 जनवरी 1919 तक विद्रोही पोलिश ताकतों ने पोसेन प्रोविंस के ज्यादातर इलाके पर कब्जा कर लिया था।
16 फरवरी को जर्मनी और एंटेंट ताकतों के मध्य नए सिरे से शांति संधि कायम होने से पहले तक उनकी जर्मन सेनाओं के साथ जबरदस्त मुठभेड़ चलती रही। हालांकि इसके बाद भी छिटपुट संघर्ष चलता रहा, जो 28 जून 1919 को ‘वर्साय संधि’ होने के साथ ही खत्म हुआ।
इस विद्रोह का ‘वर्साय संधि’ के निर्णयों पर जबरदस्त प्रभाव रहा, जिसके जरिए नए सिरे से गठित पोलैंड को न सिर्फ विद्रोहियों द्वारा जीता गया इलाका प्रदान किया गया, बल्कि उसे जर्मन इलाकों की कीमत पर कुछ अतिरिक्त इलाके भी दिए गए।