और पति-पत्नी के शरीर पर पैदा हो गईं ढेर सारी नाक
Source: Bhaskar News | Last Updated 00:39(04/02/12)
जीवन दर्शन.. एक गरीब आदमी अपनी पत्नी के साथ एक झोपड़ी में रहता था। मजदूरी कर जैसे-तैसे दोनों अपना घर चलाते थे। उनकी दयनीय दशा देखकर भगवान को उन पर दया आ गई। उन्होंने उस आदमी के सामने प्रकट होकर उसे एक पासा दिया और कहा - यह पासा किन्हीं तीन इच्छाओं को स्मरण कर फेंकोगे तो वे पूरी हो जाएंगी।
आदमी खुश होकर घर गया और अपनी पत्नी को सारी बात बताकर परामर्श करने लगा कि क्या वर मांगना चाहिए। पत्नी ने कहा - खूब धन-दौलत मांगते हैं। पति बोला - नहीं, हम दोनों की नाक चपटी है, जिसे देखकर लोग हमारी बड़ी हंसी उड़ाते हैं।
इसलिए पहले हमें सुंदर नाक मांगनी चाहिए। इस प्रकार दोनों में खूब विवाद हुआ। आखिर पत्नी ने क्रोध में यह कहकर पासा फेंक दिया कि हम लोगों को केवल सुंदर नाक मिले और कुछ नहीं चाहिए। पासा फेंकते ही दोनों के शरीर में ढेरों नाक पैदा हो गइ। साथ ही उनकी अपनी नाक भी चली गई। अब एक ही इच्छा का वर बाकी था। दोनों ने सोचा कि यदि इस बार अच्छी नाक मांगेंगे तो लोग उसके विषय में पूछेंगे, तब हमें सारी बात बतानी पड़ेगी।
यह सब सुनकर लोग हमारी हंसी उड़ाएंगे कि तीन वर पाकर भी हम अपनी दशा नहीं सुधार सके। यह सोचकर दोनों ने अपनी पुरानी चपटी नाक ही पुन: मांग ली। कथा का सार यह है कि लोभ की कोई सीमा नहीं होती, बल्कि वह प्राप्त होने के साथ और बढ़ता जाता है। इसलिए बेहतर यही है कि जो हमारे पास है, उसी में संतुष्ट रहा जाए।