क्या पानी के बिना संभव है शरीर की सफाई?
Bhaskar News
| Dec 07, 2012, 00:01AM IST
स्पीकर- लुडविक मैरिशेन
प्रोफाइल : ड्राई बाथिंग लोशन बनाने वाले छात्र हैं। 2011 में ग्लोबल स्टूडेंट इंटरप्रेन्योर का खिताब दिया गया।
TED पर अब तक 88,988 लोग सुन चुके हैं।
मैं लिंपोपो में पला-बढ़ा। पानी और बिजली की आपूर्ति यहां उतनी ही अनिश्चित है, जितना मौसम। खैर, सर्दियों के एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ सनबाथ ले रहा था। लिंपोपो में सर्दियों में भी सूरज की तपिश काफी होती है। मेरे करीब बैठे दोस्त ने कहा कि क्या कोई हमारे लिए ऐसी चीज नहीं खोज सकता, जिससे हम बिना पानी के नहा सकें? उसी समय मैंने घर जाकर इस विषय पर रिसर्च की, तो चौंकाने वाले आंकड़े मिले।
दुनिया में 2.5 अरब से अधिक लोगों तक पानी और स्वच्छता की पहुंच नहीं है। कई जगहों पर एक जग पीने का पानी लेने के लिए लोग मीलों दूर जाते हैं, तो नहाने की बात ही छोड़िए। इनमें से 45 करोड़ लोग तो सिर्फ अफ्रीका में ही हैं। इस माहौल में कई रोग पनपते हैं। इसमें से सबसे अधिक घातक बीमारी ट्रेकोमा है। यह बीमारी आंखों में गंदगी के जमा होने पर इंफेक्शन की वजह से फैलती है। ट्रेकोमा इंफेक्शन होने पर व्यक्ति स्थाई रूप से दृष्टिहीन भी हो सकता है। इस बीमारी के कारण 80 लाख से अधिक लोग हर साल दृष्टिहीन हो जाते हैं।
सबसे चौंकाने वाला पक्ष यह है कि ट्रेकोमा से छुटकारा पाने के लिए किसी दवा या इंजेक्शन की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ साफ पानी से आंख धोने से दूर हो सकती है।
मेरे पास लैपटॉप या इंटरनेट नहीं है। इसके चलते मैंने अपने मोबाइल के जरिए इंटरनेट पर लोशन, क्रीम, उनके कंपोजिशन आदि की रिसर्च की। इसका फॉमरूला मैंने कागज पर लिखा। अब मुझे लगा कि इसे क्रियान्वित करने की जरूरत है। चार साल बाद मैंने 40 पेज का बिजनेस प्लान अपने सेल पर लिखा और इसका पेटेंट कराया। मैं अपने देश में सबसे युवा पेटेंट होल्डर हूं। मैंने बाथ सब्स्टीट्यूटिंग लोशन द्वारा दुनिया में पहला ड्राईबाथ का तरीका खोजा है। इसे त्वचा पर लगाने के बाद नहाने की कोई जरूरत नहीं है।
हाईस्कूल में सीमित संसाधनों के साथ इसे तैयार करने के बाद मैं यूनिवर्सिटी में गया। लोगों से मिला और इस उत्पाद को पूरी तरह से तैयार करने के बाद बाजार में पेश किया। हमने महसूस किया कि इस लोशन के प्रयोग से हम आठ करोड़ लीटर पानी बचा सकते हैं। ड्राई बाथ अमीर लोगों के लिए एक सुविधा है और गरीब लोगों की जिंदगी बचा सकता है।






