Home » Abhivyakti » Editorial » Kroni Capitalism Complaint

पटरी से क्यों उतरा पूंजीवाद?

Bhaskar News | Dec 11, 2012, 05:47AM IST
क्रोनी पूंजीवाद की शिकायत देश के बड़े उद्योगपति ही करने लगें, तो समझा जा सकता है कि समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है।
 
निहितार्थ यह है कि देश में नियम एवं कायदों के मुताबिक कारोबार करना कठिन होता गया है, जबकि जो लोग अपने प्रभाव से कानूनों को धता-बताकर लाभ उठाने की स्थिति में हैं, व्यवस्था उनके हक में हो गई है। रतन टाटा 28 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं। जिस व्यक्ति ने दो दशक तक भारत के सबसे प्रमुख कंपनी समूहों में से एक को संभाला हो, उसके अनुभव की अहमियत खुद जाहिर है।
 
मीडिया के जरिये उनकी जो राय सामने आई है, उससे साफ है कि अपने कंपनी समूह का सफल नेतृत्व करने के बावजूद रतन टाटा आज एक संतुष्ट व्यक्ति नहीं हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत और इसे इस हाल तक पहुंचाने वाली परिस्थितियां उन्हें परेशान कर रही हैं। उनकी राय में समस्याओं की जड़ यह है कि देश में कानूनों का उनकी भावना के मुताबिक पालन नहीं होता।
 
बड़े घोटालों के खुलासे और अतीत प्रभाव से कर लगाने की कोशिशों ने निवेश का वातावरण बिगाड़ दिया, जिसका असर विकास दर पर पड़ा है। लेकिन इससे भी गंभीर मसला क्रोनी पूंजीवाद का है। क्रोनी पूंजीवाद का मतलब उस स्थिति से होता है, जब नीतियों एवं सरकारी फैसलों को गलत ढंग से प्रभावित कर रसूखदार लोग अनुचित लाभ हासिल कर लेते हैं।
 
टाटा ने कहा है- ‘क्रोनी पूंजीवाद ऐसी स्थिति पैदा करता है, जिसमें धनी और धनी तथा गरीब अधिक गरीब होते जाते हैं। यह विषमता एक अस्वस्थ स्थिति की तरफ ले जाती है, जिसमें सत्ता कुछ हाथों में केंद्रित हो जाती है और प्रतिस्पर्धा पटरी से उतर जाती है।’ टाटा ने ध्यान दिलाया है कि अपने यहां कानून अच्छे बनते हैं, लेकिन अमल ठीक नहीं होता।
 
उसके दुष्प्रभावों से निपटने के लिए नया कानून बनाया जाता है। लेकिन कानून तोड़ने वाले पहले की तरह ही अपना धंधा चलाते रहते हैं। टाटा का सुझाव है कि अगर सरकार कानूनों एवं उनकी पवित्रता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता दिखाए, तो इस हाल से उबरा जा सकता है। बात साधारण है, लेकिन आज असाधारण महसूस होती है। क्या कोई सुनने को तैयार है?
आपके विचार
 
अपने विचार पोस्ट करने के लिए लॉग इन करें

लॉग इन करे:
या
अपने बारे में बताएं
 
 

दिखाया जायेगा

 
 

दिखाया जायेगा

 
कोड:
4 + 6

 
विज्ञापन

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

स्पोर्ट्स

जोक्स

पसंदीदा खबरें

फोटो फीचर

 
Email Print Comment