विज्ञापन
 
Home >> Abhivyakti >> Editorial >> Language In Any Society

व्यापकता बनाम गुणवत्ता

Bhaskar News | Oct 30, 2012, 00:01AM IST
 
 


किसी समाज में कोई भाषा ज्ञान या संवाद का माध्यम होने के बजाय हैसियत या अभिजात्य होने की प्रतीक बनकर रह जाए, तो क्या परिणाम होता है, इसकी मिसाल अपने देश में अंग्रेजी की स्थिति है।

अंग्रेजी में दक्ष लोगों की सूची में भारत का मध्यम दर्जे पर होना यही बताता है कि भले उच्च एवं मध्यम वर्गों में इस भाषा के प्रति लगभग अंधभक्ति हो और पढ़ाई के माध्यम के रूप में इसे अपनाने का जुनून फैल रहा हो, मगर इसकी पढ़ाई में गुणवत्ता हासिल करने पर हमारा पर्याप्त जोर नहीं है।

54 देशों में व्यापक सर्वेक्षण पर आधारित अंग्रेजी दक्षता सूचकांक में भारत आगे बढ़ता हुआ 14वें स्थान पर पहुंच गया है। इसके बावजूद वह अनेक यूरोपीय एवं पूर्व-एशियाई देशों से पीछे है। तीन साल (2009-2011) के दौरान 17 लाख लोगों को शामिल कर उनके व्याकरण, शब्द ज्ञान, पठन एवं सुनकर समझने की क्षमता के आधार पर यह सूचकांक तैयार किया गया है, लिहाजा इसके निष्कर्ष को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

भारत में अंग्रेजी की कितनी और कैसी भूमिका हो, यह अलग बहस का विषय है, लेकिन जैसाकि आम अनुभव है और इस अध्ययन में भी बताया गया है कि आज की दुनिया में समृद्धि एवं विशेषज्ञता की सीढिय़ां चढऩे और कारोबार एवं अनुसंधान के क्षेत्रों में सफलता का अंग्रेजी ज्ञान से रिश्ता मजबूत होता गया है।

ऐसे में यह तो जरूर एक विचारणीय मुद्दा हो सकता है कि पढ़ाई-लिखाई में अंग्रेजी को किस हद तक अहमियत दी जाए, लेकिन शिक्षा में अंग्रेजी का स्थान रहे या नहीं, संभवत: यह प्रश्न आज प्रासंगिक नहीं है। इसलिए 'एजुकेशन फर्स्ट' नामक संस्था द्वारा कराए गए ताजा सर्वे के निष्कर्ष पर हमें अवश्य चिंता करनी चाहिए।

इस रिपोर्ट में भारत को सुझाव दिया गया है कि यहां शिक्षा में जितना समय अंग्रेजी को दिया जाता है, उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षकों का कौशल बढ़ाना इसमें सबसे प्रमुख मसला है। ब्रिटिश राज की विरासत एवं अंग्रेजी को सरकारी कामकाज की भाषा का दर्जा हासिल होने के कारण भारत में इस भाषा की व्यापक उपस्थिति है। लेकिन व्यापकता को गुणवत्ता में कैसे बदला जाए, यह चुनौती हमारे सामने मौजूद है। 

 

आपके विचार
 
 
कोड:
7 + 8

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment