मंत्री होकर भी शास्त्रीजी ने सुविधा लेने से किया इनकार
bhaskar news | Sep 11, 2012, 22:22PM IST
गृहमंत्री बनने के बाद एक दिन जब वे कार्यालय में थे, तो उनके घर पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी आए। शास्त्रीजी की पत्नी ललिताजी को उन लोगों ने बताया कि वे कूलर लगाने आए हैं। यह सुनकर शास्त्रीजी के बच्चे ऐसा सोचकर बड़े प्रसन्न हुए कि इस बार गर्मी का मौसम बहुत अच्छा कटेगा। जब शाम को शास्त्रीजी घर आए, तो उन्हें यह बात मालूम हुई। उन्होंने तत्काल पीडब्ल्यूडी विभाग में फोन लगाकर कूलर लेने से इनकार कर दिया।
ललिताजी ने कहा कि यदि बिना मांगे कोई सुविधा मिल रही है, तो हम क्यों मना करें? तब शास्त्रीजी ने जवाब दिया कि यह जरूरी नहीं कि मैं हमेशा मंत्री पद पर ही रहूंगा। फिर हमें सुविधाओं में जीने की आदत पड़ जाएगी, तो उस समय परेशानी होगी। यदि लड़कियों को शादी के बाद ये सुविधाएं नहीं मिलीं, तो उन्हें कष्ट होगा। इसलिए सादगी से जीवन जीने में ही हम सबकी भलाई है। कथा का सार यह है कि मोह के नाश से निस्पृहता आती है, जो प्रत्येक परिस्थिति में व्यक्ति को सुखी बनाए रखती है।






