दर्द खुद बीमारी बन जाता है, इसे ऐसे रोकें
इलियट क्रेन
| Dec 06, 2012, 00:19AM IST
स्पीकर- इलियट क्रेन
प्रोफाइल : स्टैनफोर्ड के एक अस्पताल में पेन मैनेजमेंट सर्विस के निदेशक।
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मैं एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और बच्चों का डॉक्टर हूं। आज मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि दर्द एक बीमारी है। कई बार आप इसे बीमारी के एक लक्षण के रूप में समझते हैं और यह सही भी हो सकता है। यह ट्यूमर, संक्रमण या ऑपरेशन का लक्षण हो सकता है। मगर, 10 फीसदी मामलों में जब रोगी इन बीमारियों से उबरने लगता है तो भी दर्द बना रहता है। यह महीनों या सालों तक बना रहता है। जब ऐसा होता है तो यह दर्द खुद बीमारी बन जाता है। तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि असहनीय दर्द का रहस्य क्या है और ऐसा होने पर क्या करें?
इसे घर की वायरिंग की तरह समझ सकते हैं। बिजली के तारों का अंडर ग्राउंड जाल फैला है। स्विच दबाते ही लाइट ऑन या ऑफ हो जाती है। इसी तरह से जब आप अपनी अंगुली में हथौड़ा मारते हैं तो आपके हाथों के ये तार (नर्व) स्पाइनल कॉर्ड में इस सूचना को पहुंचाते हैं। यहां से नए तार, नए नर्व इन सूचनाओं को दिमाग तक पहुंचाते हैं और आपको पता चलता है कि अंगूठे में चोट लगी है।
मगर, शरीर में यह स्थिति काफी जटिल होती है। स्पाइनल कॉर्ड में जहां एक नर्व दूसरी नर्व से जुड़ती है, वहां छोटे-छोटे केमिकल इंफॉर्मेशन के पैकेट छोड़ती है, जिसे न्यूरोट्रांसमीटर्स कहते हैं। ये अगली कोशिकाओं से संवाद करती हैं। इन कोशिकाओं को ग्लिएल सेल कहते हैं। दर्द के मामले में ये ग्लिएल सेल ही उसके अनुभव को बढ़ाती और बदलती हैं। ये कोशिकाएं सक्रिय हो जाती हैं। उनका डीएनए नए प्रोटीन को सिंथेसाइज करना शुरू करता है और वे अपने न्यूरोट्रांसमीटर्स को रिलीज करने लगता है। ये न्यूरोट्रांसमीटर्स दूसरी कोशिकाओं से जुड़ी हुई ग्लिएल कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं और ये प्रक्रिया सकारात्मक फीडबैक का लूप पूरा न होने तक चलती है।
हमारा नर्वस सिस्टम कई बार गलत संदेश ग्रहण करता है। जैसे कोई धीमे से आपको स्पर्श करता है और आपको तेज जलने के साथ दर्द होता है।
इसे ऐसे समझें कि आपके घर की वायरिंग फिर से कर दी जाए। तो बिजली का स्विच दबाने पर कंप्यूटर की स्क्रीन बंद हो। ये अजीब है, लेकिन असहनीय दर्द होने पर यही होता है। और यही कुछ समय बाद खुद बीमारी बन जाता है। इसका इलाज पेनकिलर से किया जा सकता, जो बहुत प्रभावी नहीं है। इसका सबसे अच्छा तरीका दर्द दे रही नर्व को रोजाना लोकल एनेस्थेटिक्स और फिजिकल थैरेपी देकर शांत करना और साइकोथैरेपी प्रोग्राम देना है।






