अनेक क्रांतियों का गवाह बना एक प्रमुख चौक
Source: Bhaskar News | Last Updated 00:08(23/11/11)
तहरीर चौक मिस्र की राजधानी काहिरा में स्थित एक प्रमुख चौक है, जो पारंपरिक तौर पर अनेक जनक्रांतियों का केंद्र रहा है। पहले इसका नाम ‘इस्माइलिया चौक’ था, जो १९वीं सदी के दौरान मिस्र के शासक रहे खेदिव इस्माइल के नाम पर रखा गया था। वर्ष 1919 में हुई मिस्र क्रांति के बाद इसे व्यापक तौर पर तहरीर चौक के नाम से जाना जाने लगा।
हालांकि इस नाम पर आधिकारिक मोहर वर्ष 1952 की क्रांति के बाद लगी, जब वहां पर राजशाही का अंत हुआ और गणतंत्र की स्थापना हुई। बाद में यह चौक वर्ष 1977 के ब्रेड दंगों और वर्ष 2003 में अमेरिका की अगुआई में इराक पर हमले के खिलाफ हुए प्रदर्शनों का भी प्रमुख केंद्र रहा।
हाल की बात करें तो इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की अराजक सत्ता के खिलाफ मिस्र के इसी चौक से एक जबरदस्त जनक्रांति की शुरुआत हुई थी, जिसके चलते आखिरकार मुबारक को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी।
इसके बाद वहां सैन्य शासन स्थापित हुआ, लेकिन अब इसके खिलाफ भी विरोध तीव्र हो गया है। पिछले कुछ दिनों से इसी चौक पर जमा होकर प्रदर्शनकारी सैन्य शासकों से जल्द से जल्द लोकतांत्रिक सरकार को शक्तियां देने की मांग कर रहे हैं।