जटिलता से ही सहज जवाब मिल सकते हैं
भास्कर न्यूज
| Nov 29, 2012, 00:18AM IST
प्रोफाइल : एरिक इकोलॉजिस्ट और नेटवर्क साइंटिस्ट हैं।
TED पर अब तक 6,67,010 लोग सुन चुके हैं।
क्या जब कभी कोई पेचीदा समस्या आती है तो आप बिल्कुल घबरा जाते हैं? मैं कोशिश करूंगा कि करीब तीन मिनट में इसे बदल सकूं। तो, मैं आशा करता हूं कि आपको विश्वास दिला पाऊंगा कि जटिल का मतलब हमेशा उलझाऊ नहीं होता।
मैं परिस्थिति-विज्ञानी हूं और इस नाते मैं पेचीदगी का अध्ययन करता हूं। ये मुझे अच्छा लगता है। मैं प्राकृतिक दुनिया में, प्रजातियों के आपसी रिश्तों की पेचीदगी का ही अध्ययन करता हूं।
मैं जटिलता के बारे में आपके साथ कुछ खास सूत्र बांटना चाहता हूं। ये हमने प्रकृति का अध्ययन करके सीखा है। जो शायद कुछ और भी समस्याओं पर लागू हो सकता है।
पहला, गुड विजुएलाजेशन टूल है। यानी समस्या को साधारण मानिए। इससे आपको सवाल पूछने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे आप सवाल पूछने के लिए आगे बढ़ने लगेंगे। हो सकता है ये काम आपने पहले कभी न किया हो।
दूसरा, यदि आप किसी समस्या के एक पहलू पर दूसरे पहलू के प्रभाव का अनुमान लगाना चाहते हैं। और ऐसे में आप सिर्फ एक ही पहलू पर ध्यान दे रहे हैं तो आपकी सफलता की संभावना कम हो जाएगी। पूरे सिस्टम पर ध्यान देना जरूरी है। सभी पहलुओं, जगहों, तथ्यों पर ध्यान दीजिए, जो उस समस्या से जुड़े हैं। हम अपने शोध से पता चला है कि अक्सर आप अपनी समस्या की ओर बस एक दो कदम ही उठाते हैं। तो जितना आप जटिलता को स्वीकार करेंगे, उतनी ही सीधे-सादे उत्तर पाने में सफलता की संभावना बढ़ेगी। कई बार ये उन सीधे जवाबों से अलग होंगे, जिनसे आपने शुरुआत की थी।
जब भी आप किसी जटिल समस्या में हों तो मैं चाहूंगा कि आप डरें नहीं। इसकी बजाय आप उत्साहित हों। मैं चाहूंगा कि आप राहत महसूस करें क्योंकि शायद आपको साधारण उत्तर मिलने वाले हैं। प्रकृति के अध्ययन से हमें पता चलता है कि सहजता अक्सर जटिलता के उस पार ही मिलती है। तो किसी भी समस्या के लिए यदि आप संपूर्ण जटिलता को स्वीकार करेंगे, तो आप उन तहों तक गहरे उतर सकेंगे, जिनका महत्व सबसे ज्यादा होगा।








